879
Suscriptores
-124 horas
-47 días
-1730 días
Archivo de publicaciones
" मेरा होना क्या था, ये मैने बता दिया उसे..
अब मेरा ना होना क्या है, ये उसे वक्त वताएगा..!!
" डर लगता है मुझे अब हर शख्स की हमदर्दी से..
एक शक्स ने दिलासे देकर मेरी दुनिया जो उजाड़ दी..!!
“सँवारा वक्त ने उसको की जिसने वक्त को समझा..
नहीं तो वक्त क्या है, वक्त क़ा मारा बताता है..!!
मेरे साथ होने के लिए मेरी कोई शर्त नहीं है ,
तय तो तुम्हे करना हे कि मेरी अहमियत कितनी है ....
जिसकी गाढ़ी कमाई से कभी घर में चिराग रौशन थे,
वो बूढ़ा मकान के कोने में पुराने सामान सा बैठा है
एक दिमाग़ वाला दिल मुझे भी दे दे.....
ऐ खुदा....
...
...
ये दिल वाला दिल बड़ी तकलीफ देता है.. !!
❤
कभी कभी हम दिल के हालात भी लिखते है..
...
...
...
हर वक़्त वाह वाह की ख्वाहिश नहीं होती.. !!
🌹🌹🌹🌹🌹
