es
Feedback
We Support Devendra Fadnavis

We Support Devendra Fadnavis

Ir al canal en Telegram

नमस्कार, राज्याचे मुख्यमंत्री, मा. देवेंद्र फडणवीस साहेबांच्या सर्व कट्टर चाहत्यांचे या ग्रुप मध्ये स्वागत.

Mostrar más
759
Suscriptores
+224 horas
+17 días
-330 días
Archivo de publicaciones
अब डिब्रूगढ़ सिर्फ डिब्रूगढ़ नहीं होगा। आसाम की दूसरी राजधानी हमारा डिब्रूगढ़ होगा

जैसा आपने मेरा स्वागत किया। मुंबई से आपका दोस्त आया है और आपको इतना ही कहने के लिए आया है।

यहां जब नया आदमी आता है तो उसका गला बैठ जाता है। मेरा भी बैठ गया।

महिलांच्या हाती राज्याच्या प्रशासनाची दोरी. महिलासक्षमीकरण केवळ चर्चेत नाही तर देवाभाऊंच्या नेतृत्वात प्रत्यक्ष वास्तव..
महिलांच्या हाती राज्याच्या प्रशासनाची दोरी. महिलासक्षमीकरण केवळ चर्चेत नाही तर देवाभाऊंच्या नेतृत्वात प्रत्यक्ष वास्तव..

मुंबई से आया मेरा दोस्त दोस्त को सलाम करो

असम की जो संस्कृति है वो बहुत ही प्यार देने वाली संस्कृति है। और यहाँ की चाय तो पूरी दुनिया में फेमस है। लेकिन अब चाय के साथ-साथ मोदी जी ने और हेमंत दादा ने असम को दुनिया के मैप पर लाया है।

हेमंता दादा के नेतृत्व में 2021 के चुनाव में हमने वादा किया था 1 लाख युवाओं को नौकरी देने का किया था ना मुझे बताते हुए खुशी होती है 1 लाख नहीं 1 लाख 56000 युवाओं को बीजेपी की हेमंता दादा की सरकार ने नौकरी दी

अब आसाम में हमारे जो चाय बगान वाले हैं उनको भी एक प्रकार से अपनी जमीन देने का काम यह मोदी जी के माध्यम से हो रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह संकल्प लिया कि भारत में भी सेमीकंडक्टर का निर्माण होगा । जहाँ लोगों को लगा था कि यह गुजरात, महाराष्ट्र या दिल्ली में होगा, वहीं मोदी जी ने निर्णय लिया कि देश की पहली सेमीकंडक्टर फैक्ट्री असम में लगेगी

लोग कहते थे आसाम को भारत से तोड़ना आसान है। लेकिन मोदी जी ने ऐसे जोड़ दिया। यह फेविकॉल का जोड़ है। अब इसको कोई तोड़ नहीं सकता।

आज देखिए इस देश का प्रधानमंत्री माननीय मोदी जी 35 बार असम में आए। 35 बार मैं तो दावे के साथ कहता हूं कांग्रेस के जितने प्रधानमंत्री हुए वह सब मिलकर भी 35 बार कभी असम में नहीं आए।

आज हमारे मुख्यमंत्री हेमंता दादा जिस प्रकार से असम में काम कर रहे हैं। मोदी जी के नेतृत्व में एक ऐसा गंभीर, एक ऐसा दबंग, एक ऐसा काम करने वाला मुख्यमंत्री हमको मिला है कि जिसने इस असम को एक नई पहचान दी है।

मोदी जी ने यह कहा भारत का विकास तभी होगा जब पूर्वोत्तर राज्यों का विकास होगा। हमारे आठ राज्य पूर्वोत्तर के राज्य मोदी जी ने कहा यह हमारी अष्टलक्ष्मी है और जब तक अष्टलक्ष्मी का विकास नहीं होगा तब तक भारत का विकास नहीं हो सकता।

जिस प्रकार से मोदी जी ने केवल अपने मुंह से नहीं कहा। ए फॉर एप्पल नहीं ए फॉर असम होगा। ये मोदी जी ने कहा और ये करके दिखाया।

अरे युद्ध के समय तो देश एक होता है। ना कोई सत्ता होती है ना कोई विपक्ष होता है। लेकिन यह लोग सत्ता के इतने लालची हैं कि अपने देश के खिलाफ भी जाने के लिए तैयार होते हैं।

हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत एक ऐसा देश है जिसमें एक दिन भी हमने बंदी नहीं लगाई

अरे विपक्ष में हम भी रहे। कभी कोई सत्ता पक्ष में होता है। कभी कोई विपक्ष में होता है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है हमारा देश। हमारा भारत देश।

महाराष्ट्र और असम ये दोनों राज्य ऐसे हैं जहां अपनी मां को आई कहा जाता है। हम आई कहने वाले लोग हैं। हमारे मन में ममता की भावना है। ममता यानी बंगाल वाली नहीं। ये तो आपको लगेगा वहां की ममता में नाम में ममता है। काम में क्रूरता है।

सह्याद्री की पर्वतमाला से ब्रह्मपुत्र के प्रवाह तक यह जो मेरा प्रवास है एक भारत और श्रेष्ठ भारत की अनुभूति दिलाने वाला इस प्रकार का यह प्रवास है।

मुझे ऐसा लगता है कि छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि से मैं वीरों की भूमि में यहाँ पर आया हूं