3 477
Suscriptores
-224 horas
-147 días
-3430 días
Carga de datos en curso...
Canales Similares
Nube de Etiquetas
Menciones Entrantes y Salientes
---
---
---
---
---
---
Atraer Suscriptores
julio '26
julio '26
+9
en 0 canales
junio '26
+48
en 1 canales
Get PRO
mayo '26
+7
en 0 canales
Get PRO
abril '26
+9
en 0 canales
Get PRO
marzo '26
+8
en 0 canales
Get PRO
febrero '26
+8
en 0 canales
Get PRO
enero '26
+9
en 0 canales
Get PRO
diciembre '25
+2
en 0 canales
Get PRO
noviembre '25
+7
en 0 canales
Get PRO
octubre '25
+16
en 0 canales
Get PRO
septiembre '25
+13
en 0 canales
Get PRO
agosto '25
+31
en 0 canales
Get PRO
julio '25
+41
en 0 canales
Get PRO
junio '25
+44
en 0 canales
Get PRO
mayo '25
+41
en 1 canales
Get PRO
abril '25
+62
en 1 canales
Get PRO
marzo '25
+161
en 0 canales
Get PRO
febrero '25
+267
en 0 canales
Get PRO
enero '25
+332
en 0 canales
Get PRO
diciembre '24
+21
en 0 canales
Get PRO
noviembre '24
+34
en 0 canales
Get PRO
octubre '24
+26
en 0 canales
Get PRO
septiembre '24
+37
en 0 canales
Get PRO
agosto '24
+39
en 0 canales
Get PRO
julio '24
+48
en 0 canales
Get PRO
junio '24
+49
en 1 canales
Get PRO
mayo '24
+30
en 0 canales
Get PRO
abril '24
+30
en 0 canales
Get PRO
marzo '24
+20
en 0 canales
Get PRO
febrero '24
+15
en 0 canales
Get PRO
enero '24
+19
en 1 canales
Get PRO
diciembre '23
+34
en 0 canales
Get PRO
noviembre '23
+37
en 1 canales
Get PRO
octubre '23
+41
en 0 canales
Get PRO
septiembre '23
+91
en 0 canales
Get PRO
agosto '23
+99
en 0 canales
Get PRO
julio '23
+56
en 0 canales
Get PRO
junio '23
+109
en 0 canales
Get PRO
mayo '23
+78
en 0 canales
Get PRO
abril '23
+168
en 0 canales
Get PRO
marzo '23
+52
en 0 canales
Get PRO
febrero '23
+34
en 0 canales
Get PRO
enero '23
+74
en 0 canales
Get PRO
diciembre '22
+151
en 0 canales
Get PRO
noviembre '22
+25
en 0 canales
Get PRO
octubre '22
+91
en 0 canales
Get PRO
septiembre '22
+219
en 0 canales
Get PRO
agosto '22
+110
en 0 canales
Get PRO
julio '22
+153
en 0 canales
Get PRO
junio '22
+249
en 0 canales
Get PRO
mayo '22
+434
en 0 canales
Get PRO
abril '22
+1 094
en 0 canales
Get PRO
marzo '22
+370
en 0 canales
Get PRO
febrero '22
+44
en 0 canales
Get PRO
enero '22
+55
en 0 canales
Get PRO
diciembre '21
+15
en 0 canales
Get PRO
noviembre '21
+25
en 0 canales
Get PRO
octubre '21
+1 424
en 0 canales
| Fecha | Crecimiento de Suscriptores | Menciones | Canales | |
| 31 julio | 0 | |||
| 30 julio | 0 | |||
| 29 julio | 0 | |||
| 28 julio | +1 | |||
| 27 julio | 0 | |||
| 26 julio | +1 | |||
| 25 julio | 0 | |||
| 24 julio | 0 | |||
| 23 julio | 0 | |||
| 22 julio | 0 | |||
| 21 julio | 0 | |||
| 20 julio | 0 | |||
| 19 julio | 0 | |||
| 18 julio | +1 | |||
| 17 julio | 0 | |||
| 16 julio | 0 | |||
| 15 julio | 0 | |||
| 14 julio | 0 | |||
| 13 julio | +1 | |||
| 12 julio | 0 | |||
| 11 julio | +2 | |||
| 10 julio | +1 | |||
| 09 julio | +1 | |||
| 08 julio | 0 | |||
| 07 julio | 0 | |||
| 06 julio | 0 | |||
| 05 julio | 0 | |||
| 04 julio | 0 | |||
| 03 julio | +1 | |||
| 02 julio | 0 | |||
| 01 julio | 0 |
Publicaciones del Canal
| 2 | KGS बिहार समसमायिकी 2026.pdf | 354 |
| 3 | +1 Perfect_7_Eng-Monthly_Magazine_July_2026.pdf | 352 |
| 4 | आस्था IAS 150 करंट अफेयर्स.pdf | 354 |
| 5 | KGS_जनवरी_से_मई_2026_करंट_अफेयर्स.pdf | 359 |
| 6 | KGS Physics Book New.pdf | 358 |
| 7 | 72_BPSC_क्रॉनिकल_MCQ_जनवरी_2026_से_जून_2026_तक_Create_BY_PCS_Notes.pdf | 359 |
| 8 | PW UP PCS Paper 5 & 6 Hindi.pdf | 354 |
| 9 | +1 Sanskriti IAS July 2026 H.pdf | 350 |
| 10 | फसल बीमा योजनाओं को प्रभावी बनाना, किसानों को सस्ती ऋण सुविधा उपलब्ध कराना और कृषि अनुसंधान को मजबूत करना आवश्यक है। इससे जलवायु जोखिमों के प्रति किसानों की क्षमता बढ़ेगी।
इस प्रकार एलनीनो और जलवायु परिवर्तन के दौर में भारतीय कृषि के सामने सबसे बड़ी चुनौती मानसून की अनिश्चितता है। भविष्य की कृषि नीति को केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित न रखकर सतत, संसाधन-कुशल और जलवायु-अनुकूल कृषि व्यवस्था विकसित करने पर केंद्रित करना होगा। बेहतर सिंचाई, वैज्ञानिक तकनीक, फसल विविधीकरण और मजबूत संस्थागत समर्थन के माध्यम से भारत मानसून की अनिश्चितताओं का प्रभावी सामना कर सकता है।
प्रशांत कुमार | 684 |
| 11 | मेंस प्रश्न : एलनीनो जैसी वैश्विक जलवायु घटनाओं के बीच भारतीय मानसून की बदलती प्रकृति कृषि क्षेत्र के लिए नई चुनौतियाँ उत्पन्न कर रही है। वर्षा की अनिश्चितता के कारणों एवं इसके प्रभावों का विश्लेषण करते हुए जलवायु-अनुकूल कृषि रणनीतियों पर चर्चा कीजिए।
उत्तर- भारत की कृषि व्यवस्था मुख्य रूप से मानसून पर निर्भर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून देश की लगभग 75% वार्षिक वर्षा का स्रोत है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माना जाता है। किंतु हाल के वर्षों में एलनीनो, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापमान वृद्धि के कारण मानसून के स्वरूप में परिवर्तन देखने को मिल रहा है। वर्षा की मात्रा के साथ-साथ उसके समय और क्षेत्रीय वितरण में बढ़ती अनिश्चितता कृषि क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौती बन रही है।
वर्षा की अनिश्चितता के प्रमुख कारण
1. एलनीनो एवं महासागरीय प्रभाव
एलनीनो प्रशांत महासागर के मध्य एवं पूर्वी भाग में समुद्री सतह के तापमान में असामान्य वृद्धि से संबंधित घटना है। इसके कारण वैश्विक वायुमंडलीय परिसंचरण प्रभावित होता है, जिससे भारतीय मानसून कमजोर होने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि प्रत्येक एलनीनो वर्ष में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो, यह आवश्यक नहीं है, लेकिन यह मानसून की अनिश्चितता को बढ़ाने वाला प्रमुख कारक है।
2. जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
वैश्विक तापमान में वृद्धि के कारण मानसूनी प्रणाली में बदलाव आ रहा है। इसके परिणामस्वरूप कम समय में अत्यधिक वर्षा, लंबे शुष्क काल और मानसून के आगमन एवं वापसी में अनियमितता जैसी घटनाएँ बढ़ रही हैं। इससे कृषि नियोजन और फसल चक्र प्रभावित हो रहे हैं।
3. वर्षा का असमान स्थानिक एवं कालिक वितरण
भारतीय मानसून की सबसे बड़ी चुनौती केवल कम वर्षा नहीं, बल्कि वर्षा का असमान वितरण है। कई बार देश में कुल वर्षा सामान्य रहती है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा और कुछ क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बनी रहती है। इससे किसानों की बुवाई और उत्पादन क्षमता प्रभावित होती है।
4. मानवजनित कारण
वनों की कटाई, तेजी से बढ़ता शहरीकरण, भूमि उपयोग में परिवर्तन और जल स्रोतों का क्षरण स्थानीय जल चक्र को प्रभावित करते हैं। इससे वर्षा की प्राकृतिक प्रक्रिया और जल उपलब्धता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
कृषि क्षेत्र पर प्रभाव
1. फसल उत्पादन में अनिश्चितता
अनियमित वर्षा का सबसे अधिक प्रभाव वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों पर पड़ता है। कम वर्षा से बुवाई में देरी होती है और अत्यधिक वर्षा से फसलें नष्ट हो सकती हैं। विशेष रूप से दलहन, तिलहन और अन्य संवेदनशील फसलें अधिक प्रभावित होती हैं।
2. किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
भारत में बड़ी संख्या में छोटे और सीमांत किसान मानसून पर निर्भर हैं। वर्षा में अनिश्चितता के कारण उत्पादन लागत बढ़ती है, आय घटती है और किसानों पर ऋण का दबाव बढ़ सकता है। इसका प्रभाव ग्रामीण मांग और रोजगार पर भी पड़ता है।
3. खाद्य सुरक्षा पर चुनौती
कृषि उत्पादन में गिरावट से खाद्यान्न कीमतों में वृद्धि हो सकती है। विशेष रूप से दालों और खाद्य तेलों जैसी वस्तुओं में आयात निर्भरता बढ़ सकती है, जिससे खाद्य सुरक्षा प्रभावित होती है।
4. जल संसाधनों पर दबाव
कम वर्षा की स्थिति में भूजल का अत्यधिक दोहन बढ़ता है, जबकि अत्यधिक वर्षा से बाढ़, मिट्टी का कटाव और जल संसाधनों का नुकसान होता है। इससे दीर्घकालीन जल सुरक्षा प्रभावित होती है।
जलवायु-अनुकूल कृषि रणनीतियाँ
1. फसल विविधीकरण को बढ़ावा
कृषि को कुछ सीमित फसलों पर निर्भर रखने के बजाय मोटे अनाज, दलहन, तिलहन और कम पानी वाली फसलों को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। इससे जलवायु जोखिम कम होगा और किसानों की आय में स्थिरता आएगी।
2. सिंचाई व्यवस्था का आधुनिकीकरण
ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर प्रणाली और वर्षा जल संचयन जैसी तकनीकों के माध्यम से जल उपयोग दक्षता बढ़ाई जा सकती है। विशेष रूप से वर्षा आधारित क्षेत्रों में छोटे जल संरक्षण ढाँचों का विकास आवश्यक है।
3. जलवायु-स्मार्ट कृषि तकनीक
सूखा एवं बाढ़ सहनशील बीजों का विकास, सटीक कृषि (Precision Farming), मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन और मौसम आधारित कृषि सलाह किसानों को बदलती जलवायु के अनुरूप तैयार कर सकती है।
4. तकनीक और डिजिटल सेवाओं का उपयोग
उपग्रह आधारित निगरानी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मौसम पूर्वानुमान और मोबाइल आधारित कृषि सेवाओं से किसानों को सही समय पर निर्णय लेने में सहायता मिल सकती है।
5. संस्थागत सुधार और जोखिम प्रबंधन | 617 |
| 12 | वर्ष 2026 में एल नीनो का प्रभाव भारतीय मानसून पर अपेक्षा से कम रहा है, यह लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।
भारत की कृषि अर्थव्यवस्था आज भी वर्षा के सही समय, समान वितरण और निरंतरता पर अत्यधिक निर्भर है। एक अच्छा मानसून केवल कुल वर्षा से नहीं, बल्कि कहाँ, कब और कितनी वर्षा हुई, इससे तय होता है।
असमान वर्षा, सिंचाई सुविधाओं की कमी तथा दलहन एवं तिलहन फसलों पर बढ़ते जोखिम यह संकेत देते हैं कि जलवायु लचीली (Climate Resilient) कृषि और बेहतर जल प्रबंधन को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है।
मानसून आज भी भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है।
प्रशांत कुमार | 463 |
| 13 | चर्चा में : अस्त्र (Astra) मिसाइल | 553 |
| 14 | अर्जेंटीना ने फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में स्विट्ज़रलैंड को अतिरिक्त समय (Extra Time) में 3-1 से हराकर छठी बार विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना का लगातार दूसरा विश्व कप सेमीफाइनल भी सुनिश्चित हुआ। | 579 |
| 15 | अर्जेंटीना ने *फीफा विश्व कप 2026* के क्वार्टर फाइनल में *स्विट्ज़रलैंड* को अतिरिक्त समय (Extra Time) में 3-1 से हराकर छठी बार विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना का *लगातार दूसरा* विश्व कप सेमीफाइनल भी सुनिश्चित हुआ। | 1 |
| 16 | भारत को यूरेनियम देगा ऑस्ट्रेलिया | 611 |
| 17 | IAS/PCS : India & Australia | 626 |
| 18 | इन्हें याद कर लें। | 772 |
| 19 | 72nd BPSC PRELIMS : महत्वपूर्ण तथ्य | 774 |
| 20 | 72nd BPSC PRELIMS : Important Facts | 611 |
