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E - समिधा BOOKS

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सभी पीडीएफ इंटरनेट पर उपलब्ध श्रोतों से ली गईं हैं, कॉपीराइट संबंधी दावे के लिए संपर्क करें। For promo and copyright issues, contact - 📞 |➛ @Shivaji_0

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📈 Análisis del canal de Telegram E - समिधा BOOKS

El canal E - समिधा BOOKS (@esamidha) en el segmento lingüístico de Hindú es un actor destacado. Actualmente la comunidad reúne a 13 856 suscriptores, ocupando la posición 2 698 en la categoría Libros y el puesto 30 553 en la región India.

📊 Métricas de audiencia y dinámica

Desde su creación el невідомо, el proyecto ha mostrado un crecimiento acelerado, reuniendo a 13 856 suscriptores.

Según los últimos datos del 22 junio, 2026, el canal mantiene una actividad estable. En los últimos 30 días la variación de miembros fue de -3, y en las últimas 24 horas de 0, conservando un alto alcance.

  • Estado de verificación: No verificado
  • Tasa de interacción (ER): El promedio de interacción de la audiencia es 18.51%. Durante las primeras 24 horas tras publicar, el contenido suele obtener 3.10% de reacciones respecto al total de suscriptores.
  • Alcance de las publicaciones: Cada publicación recibe en promedio 2 565 visualizaciones. En el primer día suele acumular 429 visualizaciones.
  • Reacciones e interacción: La audiencia responde de forma activa: el promedio de reacciones por publicación es 53.
  • Intereses temáticos: El contenido se centra en temas clave como राम, नाम, हिन्दी, अगस्त, भाषा.

📝 Descripción y política de contenido

El autor describe el recurso como un espacio para expresar opiniones subjetivas:
सभी पीडीएफ इंटरनेट पर उपलब्ध श्रोतों से ली गईं हैं, कॉपीराइट संबंधी दावे के लिए संपर्क करें। For promo and copyright issues, contact - 📞 |➛ @Shivaji_0

Gracias a la alta frecuencia de actualizaciones (últimos datos recibidos el 23 junio, 2026), el canal mantiene la vigencia y un amplio alcance. La analítica demuestra que la audiencia interactúa activamente con el contenido, lo que lo convierte en un punto de referencia dentro de la categoría Libros.

13 856
Suscriptores
Sin datos24 horas
-47 días
-330 días
Archivo de publicaciones
जय श्री राम Telegram फिर से शुरू हो गया है।

सभी को जय श्री राम जय माँ कुछ दिन के लिए टेलीग्राम बंद हो सकता है। 22 जून बाद से टेलीग्राम वापस चलने लगेगा। हर हर महादेव

🌼 देहं नाहम् ! = मैं देह नहीं हूं ! 🌼 कोऽहम् ? = मैं कौन हूं ? 🌼 सोऽहम् ! = मैं वह (ब्रह्म) हूं ! देह से परे, मन से परे, व
🌼 देहं नाहम् ! = मैं देह नहीं हूं ! 🌼 कोऽहम् ? = मैं कौन हूं ? 🌼 सोऽहम् ! = मैं वह (ब्रह्म) हूं ! देह से परे, मन से परे, विचारों से परे— जो शाश्वत साक्षी है, वही मेरा वास्तविक स्वरूप है। सोऽहम्। शिवोऽहम्।

ये कौनसे किस्म के तिलचट्टे है?😂😂 अलग अलग प्रजाति आई है आज तो जंतर मंतर पर।
ये कौनसे किस्म के तिलचट्टे है?😂😂 अलग अलग प्रजाति आई है आज तो जंतर मंतर पर।

पता नहीं कौनसे किस्म के जानवर है ये लोग

जब मिथिला नरेश जनक जी ने प्रथम बार भगवान श्रीराम को देखा, तब वे महर्षि विश्वामित्र जी से बोले — “इन्हहि बिलोकत अति अनुरागा। ब
जब मिथिला नरेश जनक जी ने प्रथम बार भगवान श्रीराम को देखा, तब वे महर्षि विश्वामित्र जी से बोले — “इन्हहि बिलोकत अति अनुरागा। बरबस ब्रह्मसुखहि मन त्यागा॥” अर्थात् — जनक जी कहते हैं कि मेरा मन स्वभाव से ही वैराग्ययुक्त है, जो सदैव ब्रह्मानंद में स्थित रहता है। किंतु श्रीराम और लक्ष्मण के अलौकिक सौंदर्य, तेज और माधुर्य को देखकर वही मन ब्रह्मसुख को भी छोड़कर इन दोनों भाइयों पर ऐसा मोहित हो गया है, जैसे चकोर चंद्रमा को देखकर मुग्ध हो जाता है। हम अपनी कल्पना में कितनी ही सुंदर छवि क्यों न बना लें, परंतु वास्तव में श्रीराम का सौंदर्य उस कल्पना से भी करोड़ों गुना अधिक दिव्य और मनोहर है। उनकी छवि केवल आँखों को नहीं, आत्मा को भी आकर्षित कर लेती है। ✨🌼 E-समिधा @Esamidha

जब मिथिला नरेश जनक जी ने प्रथम बार भगवान श्रीराम को देखा, तब वे महर्षि विश्वामित्र जी से बोले — “इन्हहि बिलोकत अति अनुरागा। ब
जब मिथिला नरेश जनक जी ने प्रथम बार भगवान श्रीराम को देखा, तब वे महर्षि विश्वामित्र जी से बोले — “इन्हहि बिलोकत अति अनुरागा। बरबस ब्रह्मसुखहि मन त्यागा॥” अर्थात् — जनक जी कहते हैं कि मेरा मन स्वभाव से ही वैराग्ययुक्त है, जो सदैव ब्रह्मानंद में स्थित रहता है। किंतु श्रीराम और लक्ष्मण के अलौकिक सौंदर्य, तेज और माधुर्य को देखकर वही मन ब्रह्मसुख को भी छोड़कर इन दोनों भाइयों पर ऐसा मोहित हो गया है, जैसे चकोर चंद्रमा को देखकर मुग्ध हो जाता है। हम अपनी कल्पना में कितनी ही सुंदर छवि क्यों न बना लें, परंतु वास्तव में श्रीराम का सौंदर्य उस कल्पना से भी करोड़ों गुना अधिक दिव्य और मनोहर है। उनकी छवि केवल आँखों को नहीं, आत्मा को भी आकर्षित कर लेती है। ✨🌼 E-समिधा @Esamidha

Advocate Anmol Vyas

इस धरा पर महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे अनेकों शूरवीर पैदा हुए और उसी धरा पर पैदा होने वाले नमूने कह रहे है हमें गर्व है कॉकरोच होने में।

जिस देश का युवा इतना मूर्ख हो उस देश का पतन तो होगा ही।
जिस देश का युवा इतना मूर्ख हो उस देश का पतन तो होगा ही।

नाम - श्रीमद्देवी भागवत महापुराण लेखक - श्री वेदव्यासजी गीताप्रेस गोरखपुर भाषा - संस्कृत, हिन्दी Source - archive.org ----------»Join«---------- ╚» @Esamidha «╝ ・・・・・・・・・ 📖📚📕 #Esamidha #PDF #Books

Devi Bhagavata with Hindi Translation Volume 1 Gita .pdf47.23 MB

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दिल्ली zoo पार्क में गया था। कोई नीला मनुष्य कह रहा था कि ये ब्राह्मणों की चील है।😐😝
दिल्ली zoo पार्क में गया था। कोई नीला मनुष्य कह रहा था कि ये ब्राह्मणों की चील है।😐😝

नाम - विज्ञान भैरव: लेखक - श्री क्षेमराज आचार्य व्याख्याकार - श्रीबापूलाल भाषा - संस्कृत, हिन्दी पृष्ठ संख्या - 213 Source - archive.org ----------»Join«---------- ╚» @Esamidha «╝ ・・・・・・・・・ 📖📚📕 #Esamidha #PDF #Books

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हिंदुओं को शुगर फ्री पेड़े बनाने नहीं आते क्या? और ये शुगर फ्री पेड़े भगवान के लिए बन रहे है या लोगों के लिए? अगर भगवान् के ल
हिंदुओं को शुगर फ्री पेड़े बनाने नहीं आते क्या? और ये शुगर फ्री पेड़े भगवान के लिए बन रहे है या लोगों के लिए? अगर भगवान् के लिए बने रहे है तो शुगर फ्री क्यों? मंदिर तो बन गया लेकिन.....

नाम -  ब्रह्मचर्य गीता प्रेस गोरखपुर लेखक - श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार पृष्ठ - 32 भाषा - हिंदी ----------»Join«---------- ╚» @Esamidha «╝ ・・・・・・・・・ 📖📚📕 #Esamidha #PDF #Books

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