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बोध कणिका ॥ Bodh Kanika

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इस वीडियो में जिस ध्वजा की बात हो रही है वो पंचरंगी ध्वज असल में बौद्ध ध्वज है जैसा नेपाल में कई जगह होता है। उस ध्वज को लगाने वाले लोगों को इस बात का पता तक नहीं होगा कि कुछ लोग उसे कल्कि भगवान सम्बंधित बता देंगे! हाला की, ना ही वो ध्वज वाला घर बचा है और न ही शायद उसमे रहने वाले लोग! बचने वाले लोगों के घर में ऐसा कोई ध्वज नहीं था। वो बचे है तो उसका कारण कोई ध्वज नहीं, उनके अपने कर्म थे। वे हर रोज़ हनुमान चालीसा पढ़ते थे और बाढ़ के समय भी ॐ नमः शिवाय ही जप रहे थे 🙏और इसके अलावा भी कुछ अच्छे कर्म रहे होंगे जो सिर्फ भगवान ही बता सकते है! तो भ्रामक मान्यताओ में न पड़े की एक विशिष्ट नाम या नियम का अनुसरण करने वाले ही बचे है या बचेंगे! सत्य ज्यादा समय छुप नहीं सकता 🙏 युग कोई भी हो, जीत हमेशा अंत में सत्य की ही हुई है और होती रहेगी। जहां सत्य और धर्म है वही ईश्वर रहेंगे चाहे कोई भी समय और परिस्थिति हो। नेपाल आपदा की viral विडिओ: https://x.com/WokePandemic/status/2093429006981111948 मूल सन्दर्भ: https://youtu.be/1H5MZ58qJAU

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क्यूँ भविष्यवाणियाँ फ़ैल हो जाने पे "भगवान की इच्छा" कह के अपनी ही बातो से मुक़र दिया जाता है? क्या भविष्य मालिका के नाम पर लोगों को धोखा दिया गया? | सच क्या है? 👇 https://youtu.be/R0n21M0Dte4

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एक और सबूत की आपदाकाल में भगवान हर भक्त की रक्षा करेंगे चाहे वो जो नाम या मंत्र जपते हो 🙏 भविष्य मालिका में कही भी ऐसा नहीं लिखा कि सिर्फ एक विशिष्ट नाम या मंत्र जपने वाले बचेंगे। उल्टा अलग अलग मंत्र और अलग अलग नाम जपने वाले भक्तों का स्पष्ट वर्णन है। तो भगवान के विभिन्न नामों और मंत्रों में भेदाभेद मत करिए क्यों कि ये भी नामपराध है। किसी के डर से अपने इष्ट को या गुरु मंत्र को न छोड़के भगवान का जो भी नाम, मंत्र और रूप आप को प्रिय हो उसी की शरण में रहिये। मेरा दृढ़ विश्वास है कि अगर भक्ति सच्ची है तो भगवान हर हाल में आप की रक्षा अवश्य करेंगे 🙏

वैश्विक आँकड़ों के अनुसार, हर साल लगभग 13.2 करोड़ (132 million) बच्चों का जन्म होता है, जबकि पूरे साल में लगभग 6.3 करोड़ (63
वैश्विक आँकड़ों के अनुसार, हर साल लगभग 13.2 करोड़ (132 million) बच्चों का जन्म होता है, जबकि पूरे साल में लगभग 6.3 करोड़ (63 million) लोगों की मृत्यु होती है। आबादी घट नहीं, बढ़ रही है, दुनिया की आबादी हर साल लगभग 6.9 करोड़ (69 million) की रफ़्तार से बढ़ रही है! (हर दिन लगभग 3.6 लाख नए बच्चे पैदा हो रहे हैं)। आज के समय में कामवासना और भौतिक इच्छाओं का जो स्तर है, उसके चलते इंसानी आबादी रुकने वाली नहीं है। अगर मान भी लें कि किसी भयंकर आपदा में 50 करोड़ लोग भी मारे जाते हैं, तो भी यह बढ़ती हुई आबादी महज 7 से 8 सालों में उस कमी को पूरा करके फिर से पुरानी संख्या को पार कर लेगी। प्राकृतिक आपदाएं (जैसे भूकंप या बाढ़) धरती के भौगोलिक चक्र का हिस्सा हैं, वे हमेशा से आती रही हैं। किसी एक जगह की त्रासदी का वीडियो दिखाकर उसे 'युग का अंत' या मालिका का 'महाविनाश' बताना केवल डर का व्यापार है। इन व्यूज़ और लाइक्स के भूखे पाखंडियों से बचें।

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पिछले 250 साल में भारत में हुई बड़ी घटनाएं जिसमे भारत में 10 लाख से अधिक लोगो की मृत्यु हुई थी! ये सब तब हुआ था जब भारत की आबा
पिछले 250 साल में भारत में हुई बड़ी घटनाएं जिसमे भारत में 10 लाख से अधिक लोगो की मृत्यु हुई थी!
ये सब तब हुआ था जब भारत की आबादी 35 करोड़ से भी कम थी! क्या आपके जीवन काल में एक भी इतनी भयानक घटना देश में हुई है? कोरोना मे 5.5 लाख से भी कम लोग मरे थे! कहने का मतलब ये है की आज सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनल्स की नेगेटिविटी और प्रचार प्रसार के कारण हमें अधिक लगता है की हम प्रलय काल में है वरना इससे बड़े विनाश और कुदरती आपदाएं तो कई बार भूतकाल में हो चुके है! तो अगर हमारे समय में विनाश होता भी है तो ज़रूरी नहीं की खंड प्रलय ही हो! हो सकता है की विश्व में नियमित रूप से चल रहे विनाश चक्र का हिस्सा हो! कलियुग ख़त्म होने के लिए बहुत सी पूर्व शर्ते है जो हमारे जीवनकाल में पूरी होना संभव नहीं है! तो डरने की ज़रूरत नहीं है | नाम जप करे, शाकाहारी रहे, दान पुन्य करे, व्यसन से दूर रहे और काम क्रोध लोभ मोह छोड़ के सत्य शान्ति दया क्षमा अपनाए! जिनके कर्म सही होंगे और भगवान की भक्ति में रहेंगे उसके लिए न पहले समय बुरा था, न अब है और न आगे भी बुरा होगा! कर्म प्रधान विश्व रचि राखा, जो जस करहि सो तस फल चाखा!

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पिछले 250 साल में भारत में हुई बड़ी घटनाएं जिसमे भारत में 10 लाख से अधिक लोगो की मृत्यु हुई थी! क्या आप को याद है आपके जीवन का
पिछले 250 साल में भारत में हुई बड़ी घटनाएं जिसमे भारत में 10 लाख से अधिक लोगो की मृत्यु हुई थी!
क्या आप को याद है आपके जीवन काल में एक भी इतनी भयानक घटना देश में हुई है? हमारे समय में सब से ज्यादा कुछ हुआ तो वो था कोरोना जिसमे लगभग 5.5 लाख से भी कम लोग मरे थे! कहने का मतलब ये है की आज सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनल्स की नेगेटिविटी और प्रचार प्रसार के कारण हमें अधिक लगता है की हम प्रलय काल में है वरना इससे बड़े विनाश और कुदरती आपदाएं तो कई बार भूतकाल में हो चुके है! तो अगर हमारे समय में विनाश होता भी है तो ज़रूरी नहीं की खंड प्रलय ही हो! हो सकता है की विश्व में नियमित रूप से चल रहे विनाश चक्र का हिस्सा हो! कलियुग ख़त्म होने के लिए बहुत सी पूर्व शर्ते है जो हमारे जीवनकाल में पूरी होना संभव नहीं है! तो डरने की ज़रूरत नहीं है | नाम जप करे, शाकाहारी रहे, दान पुन्य करे, व्यसन से दूर रहे और काम क्रोध लोभ मोह छोड़ के सत्य शान्ति दया क्षमा अपनाए! जिनके कर्म सही होंगे और भगवान की भक्ति में रहेंगे उसके लिए न पहले समय बुरा था, न अब है और न आगे भी बुरा होगा! कर्म प्रधान विश्व रचि राखा, जो जस करहि सो तस फल चाखा!

ଏମନ୍ତେ ଚାରିଲକ୍ଷ ପୁଣି ଚାରିସସ୍ର, କ୍ଷୟ ହୋଇବ ବାବୁ ହେତୁ କରି ରଖ । ବାରଙ୍ଗକୁ ଚାହିଁ ଗୁରୁ ଯେ କହନ୍ତି, କଳି କ୍ଷୟକଥା ଶୁଣି ହୋଇଲୁ ଯେ ଶାନ୍ତ । ଭବିଷ୍ୟତ ଘୋର କଳି ବୁଝାଇଣ ଦେଲି, ଆଉ ଯାହାସବୁ ମୁହିଁ ଗୋପନ ରଖିଲି । ଶିବକଳ୍ପ ପଢ଼ିଲେ ସବୁ ତୁ ଜାଣିବୁ, ମିଛ ସତ ସବୁ ପୁଣି ବୁଝି ତୁ ପାରିବୁ । କଳିଯୁଗର ଲୋକ ତୁ ନକହିବୁ କେବେ, କହିଲେତ ପୁଣି ସେହି ବିଶ୍ୱାସ ନ ଯିବେ । ଜ୍ଞାନୀକୁ କହିବୁ ତୁହି ଅଜ୍ଞାନୀକୁ ମିଛ, ଜ୍ଞାନୀହିଁ ଶୁଣିଲେ ୟାକୁ ହୋଇବେ ସେ ସ୍ୱଚ୍ଛ। ପାପୀ ଅଜ୍ଞାନୀମାନେ ଯେ ହସି ଉଡ଼ାଇବେ, ଏହିସବୁ ଜ୍ଞାନ ପଢ଼ି ଅବିଶ୍ୱାସୀ ହେବେ। ଯେଉଁ ଲୋକମାନେ ଏହା ବିଶ୍ୱାସ ନଯିବେ, ଦେବୀଙ୍କ ଖର୍ପରେ ପୁଣି ସଂହାର ହୋଇବେ । ଆୟୁଷଥିଲା ଲୋକେ ଅଚିହ୍ନା ରୋଗରେ, ନାନାରୋଗ ବ୍ୟାଧି ଯିବ ହେଜ ତୁ ମନରେ । ଜ୍ଞାନୀ ଲୋକମାନେ ଶୁଣି ମୁକତ ହୋଇବ, ସ୍ୱଦେହରେ ଯାଇଁ ପୁଣି ବୈକୁଣ୍ଠେ ବସିବେ ।
अर्थात् — महापुरुष शिशु अनंत दास आपने शिष्य बारंग से कहते हैं कि — कलियुग का इस प्रकार चार लाख चार हजार (४,०४,०००) वर्ष क्षय हो जाएंगे, हे बाबू! इस बात को अपने ध्यान में रखना। गुरु अपने शिष्य बारंग की ओर देखकर कहते हैं कि कलियुग के क्षय की कथा सुनकर अब तुम शांत हो गए हो। मैंने तुम्हें भविष्य के घोर कलियुग के बारे में भली-भांति समझा दिया है, और इसके अलावा जो कुछ भी मैंने गुप्त रखा है, वह तुम 'शिवकल्प' पढ़ने पर जान जाओगे, जिससे तुम सच और झूठ का भेद पूरी तरह समझ सकोगे। तुम कलियुग के लोगों को यह बातें मत बताना, क्योंकि बताने पर भी वे इस पर विश्वास नहीं करेंगे। यह ज्ञान केवल ज्ञानियों को ही बताना, क्योंकि अज्ञानियों को यह सब झूठ लगेगा; इसे सुनकर केवल ज्ञानी जन ही स्वच्छ होंगे। पापी और अज्ञानी लोग इसे हँसी में उड़ा देंगे और इस ज्ञान को पढ़कर अविश्वासी बन जाएंगे। जो लोग इन बातों पर विश्वास नहीं करेंगे, उनका देवी के खप्पर (खर्पर) में संहार होगा। जिनकी आयु शेष होगी, वे लोग भी अज्ञात बीमारियों और नाना प्रकार के रोगों से मारे जाएंगे, यह बात तुम अपने मन में अच्छी तरह बिठा लो। वहीं दूसरी ओर, ज्ञानी लोग इसे सुनकर मुक्त हो जाएंगे और सदेह (अपने इसी शरीर के साथ) जाकर सीधे वैकुंठ में स्थान प्राप्त करेंगे।" ~ कलियुग पुराण, महापुरुष शिशु अनंत

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ना त्रिसंध्या की, ना माधव नाम जाप, और ना ही भागवत पठन; फिर भी बचे रहे भक्त| ॐ नमः शिवाय का जाप और रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ
ना त्रिसंध्या की, ना माधव नाम जाप, और ना ही भागवत पठन; फिर भी बचे रहे भक्त|
ॐ नमः शिवाय का जाप और रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ कर के बचे नेपाल त्रासदी के viral घर के रहिश ! कहने का मतलब ये नहीं है की त्रिसंध्या और माधव नाम में कोई शक्ति नहीं | कहने का मतलब ये है की भगवान की कृपा पाने के लिए कोई एक ही रास्ता नहीं हो सकता | भक्त जिस रूप में भी भगवान को प्रेम करता है उसी रूप में भगवान उनका बचाव अवश्य करेंगे! 🙏 तो कोई अगर ये कहता है की एक विशिष्ट नाम या पद्धति से भक्ति करने वाले ही बचेंगे तो उनसे दूर ही रहे ! अपने गुरु के द्वारा दिया गया शास्त्र सम्मत नाम/मन्त्र या अपने इष्ट का कोई भी नाम और मन्त्र जो आप के हृदय से करीब हो उसका आश्रय ले | भविष्य मालिका में सैंकड़ो मन्त्र और अनेको नाम के बारे में बताया गया है, और मेरा पूर्ण विश्वास है की अगर भक्ति सच्ची है तो आप जो भी नाम/मन्त्र जाप करेंगे वो आप की रक्षा करेगा! आगे में इसपे भी विडिओ बनाऊंगा. https://x.com/CtrlAltLive/status/2094605355997380920,

अष्टमेऽन्तर आयाते सावर्णिर्भविता मनुः । निर्मोकविरजस्काद्याः सावर्णितनया नृप ।।११ तत्र देवाः सुतपसो विरजा अमृतप्रभाः । तेषां विरोचनसुतो बलिरिन्द्रो भविष्यति ।।१२ दत्त्वेमां याचमानाय विष्णवे यः पदत्रयम् । राद्धमिन्द्रपदं हित्वा ततः सिद्धिमवाप्स्यति ।।१३ योऽसौ भगवता बद्धः प्रीतेन सुतले पुनः । निवेशितोऽधिके स्वर्गादधुनाऽऽस्ते स्वराडिव ।।१४
श्रीशुकदेवजी कहते हैं — परीक्षित्! आठवें मन्वन्तरमें सावर्णि मनु होंगे। उनके पुत्र होंगे निर्मोक, विरजस्क आदि ।।११।। परीक्षित् ! उस समय सुतपा, विरजा और अमृतप्रभ नामक देवगण होंगे। उन देवताओंके इन्द्र होंगे विरोचनके पुत्र बलि ।।१२।। विष्णुभगवान्ने वामन अवतार ग्रहण करके इन्हींसे तीन पग पृथ्वी माँगी थी; परन्तु इन्होंने उनको सारी त्रिलोकी दे दी। राजा बलिको एक बार तो भगवान्‌ने बाँध दिया था, परन्तु फिर प्रसन्न होकर उन्होंने इनको स्वर्गसे भी श्रेष्ठ सुतल लोकका राज्य दे दिया। वे इस समय वहीं इन्द्रके समान विरजमान हैं। आगे चलकर ये ही इन्द्र होंगे और समस्त ऐश्वर्योंसे परिपूर्ण इन्द्रपदका भी परित्याग करके परम सिद्धि प्राप्त करेंगे ।।१३-१४।। ~ श्रीमद्भागवतपुराण, स्कन्धः ८, अध्यायः १३

कलियुग में बत्तीस सहस्र वर्ष शेष रहने पर कल्कि अवतार होता है। ~ भविष्यपुराणम्-प्रतिसर्गपर्व
कलियुग में बत्तीस सहस्र वर्ष शेष रहने पर कल्कि अवतार होता है। ~ भविष्यपुराणम्-प्रतिसर्गपर्व

तत्र देवाः सुतपसो विरजा अमृतप्रभाः । तेषां विरोचनसुतो बलिरिन्द्रो भविष्यति ।।१२ दत्त्वेमां याचमानाय विष्णवे यः पदत्रयम् । राद्धमिन्द्रपदं हित्वा ततः सिद्धिमवाप्स्यति ।।१३ योऽसौ भगवता बद्धः प्रीतेन सुतले पुनः । निवेशितोऽधिके स्वर्गादधुनाऽऽस्ते स्वराडिव ।।१४
श्रीशुकदेवजी कहते हैं — परीक्षित्! आठवें मन्वन्तरमें सावर्णि मनु होंगे। उनके पुत्र होंगे निर्मोक, विरजस्क आदि ।।११।। परीक्षित् ! उस समय सुतपा, विरजा और अमृतप्रभ नामक देवगण होंगे। उन देवताओंके इन्द्र होंगे विरोचनके पुत्र बलि ।।१२।। विष्णुभगवान्ने वामन अवतार ग्रहण करके इन्हींसे तीन पग पृथ्वी माँगी थी; परन्तु इन्होंने उनको सारी त्रिलोकी दे दी। राजा बलिको एक बार तो भगवान्‌ने बाँध दिया था, परन्तु फिर प्रसन्न होकर उन्होंने इनको स्वर्गसे भी श्रेष्ठ सुतल लोकका राज्य दे दिया। वे इस समय वहीं इन्द्रके समान विरजमान हैं। आगे चलकर ये ही इन्द्र होंगे और समस्त ऐश्वर्योंसे परिपूर्ण इन्द्रपदका भी परित्याग करके परम सिद्धि प्राप्त करेंगे ।।१३-१४।। ~ श्रीमद्भागवतपुराण, स्कन्धः ८, अध्यायः १३

"भविष्य पुराण के अनुसार, जब कलियुग के ठीक 4,00,000 (चार लाख) वर्ष बीत जाएंगे और युग समाप्त होने में केवल अंतिम 32,000 वर्ष बा
"भविष्य पुराण के अनुसार, जब कलियुग के ठीक 4,00,000 (चार लाख) वर्ष बीत जाएंगे और युग समाप्त होने में केवल अंतिम 32,000 वर्ष बाकी रह जाएंगे, तब भगवान कल्कि का अवतार होगा।" ~ भविष्यपुराणम्-प्रतिसर्गपर्व

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🔥🙌 एक फिल्म जो बन गई जीता जागता चमत्कार! हनुमान अंश क्यूँ है इतनी ख़ास? 5 कारण जो आप को चौंका देंगे! 👇 https://www.youtube.com/watch?v=xb9z0IT3_7I

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अगर इन 3 सवालो के जवाब हाँ है तो आप का भविष्य अन्धकारमय है !

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कलयुग का अंत आने पर क्या - क्या होगा | Shrihit Premanand ji Maharaj

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इज्यायज्ञश्रुतिकृतैर्यो मार्गेरबुधोऽधमः । हन्याज्जन्तून् मांसगृध्नुः स वै नरकभाङ्नरः ॥४३‍॥
अर्थात् — जो मांसलोभी मूर्ख एवं अधम मनुष्य यज्ञ-याग आदि वैदिक मार्गोंके नामपर प्राणियोंकी हिंसा करता है, वह नरकगामी होता है ॥४३॥ ~ महाभारत, १३/११५/४३