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सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि। विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥ Jay hind
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राहें जहां तक जायेगी राहगीर वहां तक जायेगा
तुम दरिया से क्या पूछ रहे हो नीर कहा तक जायेगा
अरे खींच धनुष की डोर और निशाना साधो अपनी मंजिल पर
बाद में देखा जायेगा तीर कहा तक जायेगा 🏆💯🔥
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400 के 4 चक्कर मेहनत के पसीने पीते हैं
तूफानों से भी बात करते हैं साहब ये Army वाले चीते हैं 🏋️✊⚡
