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रामस्नेही संप्रदाय
शाखा संस्थापक
☄ शाहपुरा ~ रामचरण जी
💎 रेण ~ दरियाव जी
⚡️ सिहथल ~ हरिराम दास जी
🔺खेड़ापा ~ रामदास जी
🧑💻 Share जरूर करें ‼️....
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✅ मारवाड़ के दुर्ग
दुर्ग/किला जिला
1. मैगजीन किला अजमेर
2. तारागढ़ दुर्ग अजमेर
3. बाला किला अलवर
4. कांकणवाडी का दुर्ग अलवर
5. तिमनगढ़ का दुर्ग करौली
6. भैंसरोगढ़ दुर्ग चित्तौड़गढ़
7. चित्तौड़ दुर्ग चित्तौड़गढ़
8. जयगढ़ का दुर्ग जयपुर
9. आमेर दुर्ग जयपुर
10. नहरगढ़ दुर्ग जयपुर
11. सुवर्ण गिरिदुर्ग जालोर
12. सोनारगढ़ दुर्ग जैसलमेर
13. मेहरानगढ़ दुर्ग जोधपुर
14. कोटड़ा का किला :- बाड़मेर
15. भूकरका दुर्ग:- हनुमानगढ़
16. सुजानगढ़ दुर्ग चूरू
17. राजगढ़ दुर्ग चूरू
18. तारानगर दुर्ग चूरू
19. रतनगढ़ दुर्ग चूरू
20. रोहताश/रोहट दुर्ग जोधपुर
21. सोजत दुर्ग पाली
22. जैतारण दुर्ग पाली
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ABCD DK TPK SBBJ उदयपुर BJJJ सिरोही
राजस्थान एकीकरण रियासतों के नाम
Trick ✍
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तीज त्यौहार बावड़ी, ले डुबी गणगौर
हरियाली तीज,छोटी तीज, श्रावण तीज की हार्दिक शुभकामनाए
✨ बूंदी में बड़ी तीज की सवारी प्रसिद्ध है।
छोटी तीज : श्रावण मास की शुक्ल तृतीया
बड़ी तीज : भाद्रपद मास की कृष्ण तृतीया
✨ तीज उत्सव (27-28 जुलाई) ▪️आयोजन - त्रिपोलिया गेट, जयपुर
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भारत में किसी भी स्थल पर तेजाजी के मन्दिर के निर्माण के उपरान्त "जागती जोत" समाधि स्थल (मृत्यु) सुरसुरा तीर्थ स्थल से ले जाई जाती है।
• जागती जोत : 1983 ई. में बीकानेर में स्थापित राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृत अकादमी की मासिक पत्रिका भी है।
Rpsc 26 जून 2025 School Lecturer GK Paper ❤️✨️
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✪ राजस्थान की अंतर्राष्ट्रीय सीमा की कुल लम्बाई- 1070 किमी. & अंतर्राज्यीय सीमा की कुल लम्बाई 4850 किमी. सहित स्थलीय सीमा की कुल लम्बाई - 5920 किमी है।
✪ राजस्थान की उत्तर से दक्षिण कुल लम्बाई- 826 किमी. & पूर्व से पश्चिम में कुल लम्बाई - 869 किमी.
✪ राजस्थान की पूर्व से पश्चिम तथा उत्तर से दक्षिण की लम्बाई में कुल अंतर- 43 किमी.
✪ राजस्थान के दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व तक के विकर्ण की लम्बाई - 784 किमी
✪ राजस्थान देश के कुल क्षेत्रफल का 10.41% भाग है।
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RAS Prelims 2 Feb 2025राजस्थानी लोक साहित्य में पहेलियाँ गद्य और पद्य दोनों में मिलती हैं। इसके लिए आड़ी, पाली, हीयाली आदि शब्द प्रयुक्त किये जाते हैं। पहेलियाँ इतिहास, पुराण, मनुष्य जीवन, प्रकृति, देवी-देवता, व्यवसाय, जाति, समाज जैसे अनेक विषयों से संबद्ध रहती है। सभी पहेलियाँ प्रश्न रूपों में होती हैं और इसका अर्थ बताने वाला बुद्धिमान माना जाता है। पहेलियाँ प्रत्यक्ष में कुछ कहती हैं और इशारा कहीं और होता है।
