637
Subscribers
No data24 hours
-47 days
-1330 days
Posts Archive
Back home… but my heart is still lost in the mountains. Missing those peaceful vibes, cool winds, and quiet moments that only the hills can give.
+1
चांद में भी इतने दाग है, चांद को भी चाहिए ग्लो & Lovely (Formerly Fair & Lovely)
कभी सोचा था कि दूसरों की मदद करूँगा, साथ चलूँगा, किसी के काम आ जाऊँ, और यही सबसे बड़ी कमाई होगी। लेकिन अब धीरे-धीरे समझ आ रहा है कि इस समाज को न तुम्हारी अच्छाई दिखती है, न तुम्हारा संघर्ष… बस जेब में कितना पैसा है और तुम्हारी हैसियत क्या है, बस वही मायने रखता है।
तुमने किसके लिए कितना किया, किस वक्त किसका साथ दिया, ये बातें किसी की यादों में टिकती नहीं। इसलिए अब सोचता हूँ कि थोड़ा पैसा ही कमा लिया जाए… ताकि जब लोग पूछें 'तुम क्या करते हो?', तो उनके नज़रिए में कोई पहचान तो बन सके।
She is strength,
She is soul,
She is the silent power behind every role,
She is everything,
She is everywhere,
She is Woman.
वसंत ऋतु जैसे हर बार कुछ कहने आती है, लेकिन उसके कहने में भी एक गहरी खामोशी होती है। चारों ओर सब कुछ शांत लगता है, जैसे कोई ठहराव सा छा गया हो। मौसम बदल रहा होता है, लोग कहते हैं कि ये समय नई उम्मीदों और ताजगी का होता है, लेकिन मेरे अंदर एक अजीब सी खालीपन की लहर उठती है। ऐसा लगता है जैसे मन के किसी कोने में कुछ धीमे-धीमे बिखर रहा है, बिना आवाज़ के, चुपचाप।
इस मौसम में मैं खुद को अक्सर उन पेड़ों जैसा महसूस करता हूँ, जिनकी सारी पत्तियाँ पतझड़ में गिर चुकी हों। वो पेड़ अकेले, सूने खड़े रह जाते हैं, और वसंत में भी वैसा ही अकेलापन मेरे अंदर होता है। सब कुछ होते हुए भी, कुछ नहीं लगता। ये मौसम दूसरों को जीवन देता है, पर मुझे हर बार एक अजीब सी उदासी दे जाता है। जैसे सब कुछ पास है, फिर भी बहुत कुछ खो गया है।
It's 01:01 AM, and I'm feeling hungry again. I keep thinking that if I had eaten an extra roti or two earlier, I wouldn’t be this hungry again so soon at night.
Available now! Telegram Research 2025 — the year's key insights 
