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𝐁𝐢𝐡𝐚𝐫 𝐔𝐩𝐝𝐚𝐭𝐞𝐬

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Concise and Updated Daily Notes on Bihar for BPSC and Other related Exams.

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Important Update: One Liner- 10/06/2023. 44 Cyber Police Station: has been inaugurated in Bihar in different Districts. -These cyber police station will have jurisdiction to the whole district. -An FIR can be registered through post, e-mail or traditional method. It can also be registered any Police station in concerned district. Rising Demand of Electricity in Bihar. The demand for electricity has reached to record as high as 6983 MW i. e only 17 MW less than 7000 MW. India Peak Demad- 207 GW (1 Gw- 1000MW) 7 Sparsh(system for pension administration Raksha) Centre Inaugurated By IDFA in Bihar. It will facilitate the grievances redressal system of Defence Pensioner, which are 133000 in Bihar. Now, They are not required to visit the centres in Gaya and Patna.

``` बिहार में शराबबंदी से राज्य को उत्पाद शुल्क राजस्व का नुकसान हो रहा है जबकि शराबबंदी के कार्यान्वयन पर भारी खर्च हो रहा है राज्य के जरुरत से अधिक संसाधन को शराबबंदी को सफल बनाने में लगाया गया है इससे लगभग 20 -30 हजार करोड़ के राजस्व हानि बताई जाती है बिहार के कोने-कोने, गांव-गांव में शराब बिक रही है- सच है। नतीजा ये है कि 7 साल से लागू शराबबंदी में लाखों लोग जेल जा चुके हैं, कोर्ट पर लाखों केस का बोझ बढ़ गया है। पुलिस से लेकर उत्पाद विभाग तक के भ्रष्टाचार की गंगा में शराब का अवैध धंधा पूरे राज्य में अविरल चल रहा है। लोग मरते हैं, कुछ दिन हंगामा होता है। फिर सब भूल जाते हैं। फिर लोग मरते हैं, फिर हंगामा होता है और फिर लोग सब भूल जाते हैं। नीतीश कुमार मानने को तैयार ही नहीं है कि शराबबंदी फेल है और भ्रष्ट कर्मचारी, अधिकारी और पुलिस के रहते इसके पास होने की रत्ती भर गुंजाइश नहीं है। अभी लोकल स्तर पर चोरी-छिपे कोई भी देसी शराब बनाने का धंधा चला ले रहा है जिसमें बनी शराब कई बार जहरीली बन जाती है। इस तरह की देसी शराब बनाने का धंधा राज्य के हर इलाके में चल रहा है। इसलिए कभी जहरीली शराब से बेतिया में मौत होती है तो कभी भागलपुर में। राज्य का कोई कोना और कोई हिस्सा इस धंधे से अछूता नहीं है। शराबबंदी से बिहार को फायदा 1. बिहार में महिलाओं के खिलाफ पति या ससुराल के लोगों के हाथों घरेलू हिंसा के मामलों में 37 परसेंट की कमी आई है। राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह के मामले 12 परसेंट बढ़े हैं। 2. बिहार में महिलाओं के साथ अपराध की दर में 45 परसेंट की कमी आई है। राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के साथ अपराध की दर में 3 परसेंट की बढ़त दर्ज की गई है। 3. शराब पीने के नुकसान को लेकर जागरूकता बढ़ी है। 4. सार्वजनिक जगहों पर शराब पीकर उत्पात और हुड़दंग के मामले नगण्य हुए हैं। शराबबंदी से बिहार को नुकसान 1. सबसे बड़ा नुकसान राजस्व का हुआ। राज्य को 2015 में लगभग 4000 करोड़ की कमाई हुई थी। अनुमान है कि तब से अब तक 35-40 हजार करोड़ के राजस्व का मौका हाथ से निकला है। 2. मद्य निषेध विभाग पर खर्च बढ़ा- शराबबंदी लागू करने के लिए मद्य निषेध विभाग पर करोड़ों रुपए हर साल खर्च हो रहे हैं। छह साल में मद्य निषेध सिपाही के पदों पर हजारों लोगों की भर्ती हुई है। 3. बिहार में शराब से जुड़ा एक अंडरवर्ल्ड तैयार हो गया है। कानून व्यवस्था के लिए ये भविष्य में हमेशा खतरा बना रहेगा। शराबबंदी हटने की स्थिति में ये सब दूसरे अपराध में शिफ्ट करेंगे। 4. शराबबंदी के बावजूद बिहार में शराब के अवैध धंधे से हर साल अनुमानित तौर पर 10 हजार करोड़ का काला धन पैदा हो रहा है जो राजनेता, माफिया, पुलिस और उत्पाद विभाग के लोगों के बीच बंट रहा है। 5. सड़क दुर्घटना में मौत के मामले बढ़े- सड़क दुर्घटना में मौत को शराब से भी जोड़कर देखा जाता है। घोषित तौर पर शराबबंदी के बावजूद बिहार में 2016 में सड़क दुर्घटना में 10571 लोगों की मौत हुई थी। 2017 में 11797, 2018 में 12717, 2019 में 15211, 2020 में 14474 और 2021 में 8974 लोग रोड एक्सीडेंट में मारे गए। 2021 को छोड़ दें तो मौत की संख्या 2016 से बढ़ती ही रही।

After Remarkable Success of Saat Nischay-1. The government launched Saat Nischay-2 on 15 Dec 2020, a comprehensive plan for ensuring social justice and empowerment for peoples of Bihar. Total 5000 cr. has been allocated for this flagship program. Out of Seven Nishcay, Under Atirikt Swashtha Suvidha-- Baal Hriday Yojna has been implemented for free treatment of child with hole in heart. -Total 794 children have been treated and counting..

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