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वेदों की ओर लौटो

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आर्यसमाज की पुस्तकें अवश्य मिलती हैं किंतु हमारे समूह में सब प्रकार के लोग हैं। Discuss : @aarsharya

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मात्र हँसने के उद्देश्य से (लिखना होता है कुछ लोग सत्य मान लेते हैं)
मात्र हँसने के उद्देश्य से (लिखना होता है कुछ लोग सत्य मान लेते हैं)

प्रश्न :- गृहस्थ को मोक्ष नहीं हो सकता ? " जैसे पति लोग अपनी स्त्री, बहिन तथा भाई, विद्यार्थियों और आचार्यों की सेवा करके सुख
प्रश्न :- गृहस्थ को मोक्ष नहीं हो सकता ? " जैसे पति लोग अपनी स्त्री, बहिन तथा भाई, विद्यार्थियों और आचार्यों की सेवा करके सुख और विद्याएँ प्राप्त करते हैं, वैसे धर्म पर दृढ़ रहने वाले धर्मात्मा विद्वान् स्त्रीपुरुष घर में रहते हुए भी मुक्ति प्राप्त कर लेते हैं। - भावार्थ, महर्षि दयानन्द, ऋग्वेद 1.62.10 गृहस्थ रहते भी मोक्ष ✍️

कौन कहता है- क्षत्रिय को मोक्ष नहीं हो सकता? " जब राजा और राजपुरुष विद्या विनय और नीतियों से अपनी प्रजाओं को प्रसन्न करते और
कौन कहता है- क्षत्रिय को मोक्ष नहीं हो सकता? " जब राजा और राजपुरुष विद्या विनय और नीतियों से अपनी प्रजाओं को प्रसन्न करते और जितेन्द्रिय होकर दुष्ट व्यसनों से रहित होते हैं, वे धर्म, अर्थ, काम और मोक्षों को प्राप्त होते हैं। यहाँ वीर्य और विद्या की उन्नति को उत्तम कारण जानो ॥ - भावार्थ, महर्षि दयानन्द, ऋग्वेद 3.6.3

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वेदों_के_ऋषि_भगवद्दत्त_वेदालंकार.pdf57.27 MB

वेदों के ऋषि भगवद्दत्त वेदालंकार 80 पेज HD हिन्दी
वेदों के ऋषि भगवद्दत्त वेदालंकार 80 पेज HD हिन्दी

उपनिषदों_में_मिश्रण,_मांस_भक्षण_और_अश्लीलता_शिवपूजसिंह_कुशवाहा.pdf5.35 MB

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अथर्ववेदीय अन्त्येष्टि सूक्त आलोचन शिवपूजनसिंह जी पथिक 9 पेज HD हिन्दी सन्यासी को दफनाने के भी अर्थ मिलते वेद में.. आर्य विद्वानों जैसे :- दामोदर जी व जयदेव जी ने अर्थ भी किये मंत्र के.. तो शिवपूजनसिंह जी ने उनके खंडन का प्रयास किया है

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