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𝐓𝐇𝐄 𝐒𝐇𝐀𝐘𝐀𝐑𝐈 𝐇𝐔𝐁 ♡゙ ✨

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बाहों में उनकी मेरे जो सिरहाने बन गए, ख्वाबो को सर उठाने के बहाने बन गए..!!

क्यूँ न तुम ठण्ड बन जाओ, कितना भी बचाऊँ खुद को,तुम लग ही जाओ।।😣

हम इश्क और मोहब्बत के फरिश्ते है ! अनजानों से भी हमारे अच्छे अच्छे रिश्ते है !!🥀🥀

एक तो ये कातिल सर्दी, ऊपर से तेरी यादों की धुंध.. बड़ा बेहाल कर रखा है, इश्क के मौसमों ने मुझे..🥀

आधे से कुछ ज्यादा है - पूरे से कुछ कम , कुछ जिंदगी, कुछ गम, कुछ इश्क़, कुछ हम!

जब मन कमजोर होता है... परिस्थितियां समस्या बन जाती हैं। जब मन स्थिर होता है... परिस्थितियां चुनौती बन जाती हैं। जब मन मजबूत होता है... परिस्थितियां अवसर बन जाती हैं... 🥀🥀

ताज़ीर ए इश्क़ हासिल हमें ही क्यू क्या सारे शहर में कोई गुनहगार नहीं!

कद्रदान तो सारा जमाना था हमारा एक तेरे आगे ही बेहुनर हो गये...!!

तेरा नाराज़ होना भी ठीक ही हैं मैं अब खुद से भी कहा खुश हू "

जहाँ हक ना सही - वहाँ लूट सही जहाँ सच ना सही - वहां झूठ सही !!

होलसेल पे मिलती है वफ़ा यहां, इश्क़ का बिग बाजार है इंटरनेट साला...

अक्सर ही दिल में बसे लोग दिल को तबाह कर जाते है !

अपनी उदासी मुझे दे - दे यार मेरे हिस्से का भी तू मुस्कुराया कर !!

सबसे ज्यादा बुरा तब लगता हैं😔 जब कोई समझ के भी तुम्हे न समझे!

कितना महफूज़ था गुलाब काँटों की गोद में, लोगों की मोहब्बत में पत्ता-पत्ता बिखर गया...

रोज़ खाने बैठता हूं तो मुझे एक बात सताती है, ये चार रोटियां कैसे मुझे दिन रात भगाती हैं।।

न जी-जी के मरते न मर-मर के जीते। वो पहलू में आते तो जी भर के जीते। दिया थे, जिया शान से ज़िंदगी को मुखालिफ हवाओं से क्या डर के जीते। तुम्हे याद रहती न जन्नत तुम्हारी, अगर कुछ दिवस मेरे नैहर के जीते। तुम्हारे पिघलने की मालूम होती तो बूंदों से हम भी यूँ झर-झर के जीते। तुम्हें हो न हो हमको पाकर ख़ुशी तो कहें कैसे हम तुमको खोकर के जीते।

कुछ और कश लगा ले ऐ ज़िन्दगी, बुझ जाऊंगा किसी रोज़...सुलगते-सुलगते।।

ज़िन्दगी ये तेरी खरोचें हैं मुझ पर...या फिर तू मुझे तराशने की कोशिश में है!!