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𝐓𝐇𝐄 𝐒𝐇𝐀𝐘𝐀𝐑𝐈 𝐇𝐔𝐁 ♡゙ ✨

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यू ही नहीं खड़ी हूँ बेकरार सी दरवाजे पर, वादा किया था उसने इस गली से गुजरने का।।

मुझे मालूम है कि ये ख्वाब झूठे हैं और ख्वाहिशे अधूरी हैं, मगर जिन्दा रहने के लिए कुछ गलतफहमियाँ भी जरूरी हैं ।

मंजर धुंधला हो सकता हैं मंजिल नही दौर बुरा हो सकता हैं जिंदगी नही...!!

बड़े बेताब थे वो मोहब्बत करने को हमसे जब मैने भी कर ली तो उन्होंने शौक बदल दिया

एक हसरत है कि कभी वो भी हमें मनाएं, पर ये कम्बख़्त दिल कभी उनसे रूठता ही नहीं...

काया काशी हो गयी ,मन बद्री केदार... ढाई आखर ने किया,रोम-रोम हरिद्वार।।

जमाना गौर से सुनेगा तुमको , तुम्हारी बातों में गर सादगी है।।

बरबाद कर देती है मोहब्बत हर मोहब्बत करने वाले को, क्यूँकि इश्क़ हार नहीं मानता और दिल बात नहीं मानता।

तलाश सिर्फ सुकून की होती है, नाम रिश्ते का चाहे जो भी हो.....🖤

मेरी खामोशी से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता, और शिकायत के दो लफ्ज़ कहूं तो चुभ जाते हैं।।

अब रिश्ता कुछ ऐसा है....😒 न नफ़रत हैं , न इश्क़ पहले जैसा है!

मिलेंगे एक रोज़ तसल्ली से हम दोनों, दरमियान से बस यह ज़िन्दगी गुज़र जाने दो।

तन को सौ-सौ बंदिशें,मन को लगी न रोक तन की दो गज़ कोठरि, मन के तीनों लोक..

मैं खो भी दूँ सब कुछ और मलाल भी ना करूं, वो कहती जाए बेबाक और मैं सवाल भी ना करूँ....

हमें गुमनामी मंज़ूर है,पहचान आप रख लिजिये। आने दो श्राप हिस्से में,वरदान आप रख लिजिये।। फ़ीता फेंकोगे,कचहरी जाओगे,तारीख़ें पड़ेंगी- हमसे नही होगा सब,ये मकान आप रख लिजिये। वाह-वाही के निवाले तुम्हारी आदत हो गये हैं- भूख लग सकती है,कद्रदान आप रख लीजिये। देनी ही है तो ये धूल चढ़ी पुरानी किताबें दे दो- ये दुर्लभ तलवार,तीर-कमान आप रख लीजिए। यूँ दिखावे की ख़ातिर ओढ़ ये लेना इंसानियत- गर यही ईमान है तो ये ईमान आप रख लीजिये। ══════❥❥══════

टूट गयी सरकारी लाठी या टूटी मर्यादा है मार-पीट पर छुपी साधी या प्रशासन को बांधा है युवाओं बेख़ौफ़ बढ़ो तुमसे ना कोई ज़्यादा है।

आँशु का कोई वजह नही होता , लेकिन निकल जाने पर मन हल्का हो जाता हैं !! 😔

ज़िंदगी भर ग़म बनकर आखों में रहो खुशी का एक आंसू बनकर गिर जाना गवारा नही

यादों के बक्से में बंद हो गया एक और दिन, खाबों के पन्नों को खोलकर बैठी है रात फिर से..

सुकून जिंदगी का अब पाना चाहती हूं, तेरे आगोश में खो जाना चाहती_हूं।। भूल जाना चाहती हूं सब दुनिया को, शर्म हया का हर बंधन तोड़ जाना चाहती हूं।। इश्क़ की रस्में कसमें वादे और जुनून, तुम को पा कर तुम्हारी हो जाना चाहती हूं।।❣️