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नफरत है तो बता कर दिखा
इश्क़ हैं तो जता कर दिखा
अगर मन नहीं तो मुझसे बात
तक मत किया करो
अच्छे से जानते है तम्हे
फिकर करने का नाटक
मत किया करो...
ताल्लुक़ात बढ़ाने हैं तो कुछ बुरी आदतें भी सीख लें,
ऐब न हों तो लोग महफ़िलों में नहीं बुलाते।।
एक झूठ सौ झूठ बुलवाएगा,
परंतु तुम सच बोलना क्योंकि
समझने वाला समझ ही जाएगा...
ज़िन्दगी है चार दिन की कुछ भी न गिला कीजिये!
दवा - ज़हर - जाम - इश्क जो मिले मज़ा लीजिये!!
एक वादा किया था हमने कि चाहे
सब कुछ भूल जाएं
पर हम एक-दूसरे से किए हुए वादे कभी ना भूलेंगे।
और पता है वो वादा क्या था कि चाहे
कुछ भी हो जाए,
पर हम एक दूसरे का साथ कभी ना छोड़ेंगे।
लोग कहते हैं समझो तो खामोशियाँ भी बोलती हैं,
मैं अरसे से खामोश हूं और वो बरसों से बेख़बर हैं..
मुझे भी शामिल करो गुनहगारों की महफ़िल में
मैं भी क़ातिल हूँ अपनी हसरतों का ,
मैंने भी अपनी ख्वाहिशों को मारा है।
यह दुनिया एक लम्हे मे तुम्हे बर्बाद कर देगी
मोहब्बत मिल भी जाए तो उसे मशहूर न करना
तारीफे फिर सुन रहा हूं मै कुछ लोगो से
लगता है फिर किसी को मुझसे काम पड़ने वाला है...
रवैया बहुत खराब है अभी मेरे हालातों का.....
लोग बहुत जल्दी बुरा मान जाते हैं मेरी बातों का...
