STATE PCS PLANNER ( PCS सेवा )
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The last date for submission for CS(P)-2025 & IFOS(P)-2025 has been extended till 18.02.2025 (06:00 PM).
Agnipath prelims UPPCS batch will start from 15th Feb.
A concrete plan will be shared by us within 2/3 days
संघर्ष की शपथ
तुम नोट्स पे नोट्स पढ़ते जाना,
हम सिलेबस, PYQs का विश्लेषण करेंगे।
हर अध्याय की गहराई में उतरकर,
नई रणनीतियों से विजय रचेंगे।
कुछ सामग्री को चुन के,
ज्ञान का दीप जलाएंगे।
सटीक उत्तर, ठोस तर्क संग,
हर सवाल को साध जाएंगे।
पंक्तियाँ नहीं, यह संकल्प हैं,
जो हर चुनौती को हराएंगे।
मेहनत की हर बूँद से मिलकर,
अंतिम मुकाम पा लेंगे।
रातें कटेंगी, सुबह चमकेंगी,
संघर्ष की लौ नहीं बुझेगी।
तैयारी से चयन की राहों तक,
हमारी जीत निश्चित रहेगी!
State PCS Planner
Team
NIRVANA MENTORSHIP PROGRAM – DAILY TARGET (Day 5)
📅 Date: 8th February 2025 | Day 5
📌 Essay Writing
📝 Topic: The Social Responsibilities of Literature (UPPCS 2018) – (700 words)
📌 UP Special (GS 5 – Chapter 6: Political System of Uttar Pradesh)
📝 PYQ:
1️⃣ Examine the role of the Chief Secretary in the administration of Uttar Pradesh. (UPPCS 2023)
व्यापार से हुकूमत तक, सफर ए ईस्ट इंडिया
था सन 1600,
जब समुंदर की लहरों पे, आया इक जालिम ताज,
व्यापार के बहाने, रचा उसने इक राज!
सूरत की गलियों में उतरे थे साहूकार,
हाथ जोड़े बोले, "बस मसाले दो सरकार!"
सोने की चिड़िया थी, ख़ुशबू से महकी,
पर बंदूक की नोक पर, तक़दीर बहकी।
जहांगीर के दर पे किया सलाम,
"हुज़ूर, बस व्यापार का है काम!"
पर धीरे-धीरे खेल वो खेले,
कभी नमक से, कभी गद्दी झेले।
प्लासी की मिट्टी ने देखे थे दिन,
जब विश्वासघात बना अंतिम गिन।
रॉबर्ट क्लाइव ने जंग को बना दिया खेल,
और राजा बने बस प्यादे के मेल।
सोचा था व्यापारी हैं, दोस्त समझे,
पर तलवार की धार पे, नीयत बदलें।
लूट ली दौलत, लूटे एहसास,
और भारत का राग बना विलाप!
गौर से देखो इतिहास की धार,
कैसे सौदागर बन बैठे सरकार!
चाय के प्याले में लहराया वो जाल,
जिसने बदला वक़्त का हाल।
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Hindi schedule and sample notes attached ✅
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ठोर
5. क्रूर
6. गहरा
7. गंभीर
8. गुप्त
9. चमक
10. ज्ञानी
11. दृढ़
12. दुख
13. धैर्य
14. नायक
15. नैतिक
16. पुण्य
17. प्यास
18. बहादुर
19. मौन
20. स्वतंत्र
21. समृद्ध
22. सरल
23. सुगंध
24. समर्थ
25. सुख
26. सुंदर
27. स्थायी
28. शुद्ध
29. शांत
30. सजीव
NIRVANA MENTORSHIP PROGRAM – DAILY TARGET (Day 4)
📅 Date: 7th February 2025 | Day 4
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📌 UP Special (GS 5)
📝 PYQs:
1️⃣ How do caste hierarchies and power structures affect access to resources and opportunities in rural Uttar Pradesh? Discuss. (UPPCS 2023) hierarchies and power structures affec
📌 हिन्दी (गद्यांश आधारित प्रश्न)
गद्यांश 1
भारतीय धर्मनीति के प्रेरणा नैतिक मूल्यों के प्रति अधिक जागरूक थी।
भारतीय धर्मनीति के प्रणेता नैतिक मूल्यों के प्रति अधिक जागरूक थे। उनकी यह धारणा थी कि नैतिक मूल्यों का दृढ़ता से पालन किए बिना किसी भी समाज की आर्थिक व सामाजिक प्रवृत्तियाँ प्रभावी नहीं हो सकतीं। उन्होंने उच्च कोटि के जीवन शैली के निर्माण के लिए वेद की एक ऋचा के आधार पर कहा कि उत्कृष्ट जीवन प्रणाली मनुष्य के विवेक, बुद्धि से संपूर्ण और निर्मित होती है। यह तभी संभव है जब सब लोगों के संकल्प, निष्ठा और अभिप्राय समान हो। सबके हृदय में समानता का भाव जागृत हो, और सब लोग परस्पर सहयोग से संगठित होकर कार्य करें। चरित्र निर्माण की जो ठोस नीतियाँ निर्धारित की गई थीं, वह आज भी अपने मूल रूप में मानव के लिए कल्याणकारी हैं। प्रायः यह देखा जाता है कि चरित्र एवं नैतिक मूल्यों की अपेक्षा वाणी, बाहु एवं उदर के संयम पर नियंत्रण रखने के कारण होती है। जो व्यक्ति इन तीनों पर नियंत्रण रखने में सफल हो जाता है, उसका चरित्र उच्च होता है।
सम्यता का विकास आदर्श चरित्र से ही संभव है। जिस समाज में चरित्रवान व्यक्तियों का बाहुल्य है वह समाज सम्य कहता है और वही उन्नत भी कहलाता है। चरित्र मानव समुदाय की अमूल्य निधि है। इसके अभाव में मनुष्य का व्यवहार पशुवत हो जाता है। आहार, निद्रा, भय आदि के वृत्तियाँ सभी जीवों में विद्यमान होती हैं, यह आधार शरीर की विशेषता है, पर पशुता से मानव वृत्ति को अलग कर मनुष्यता का श्रेष्ठ आवरण प्रदान करती है। सामाजिक अनुशासन बनाए रखने के लिए भी चरित्र निर्माण आवश्यक होता है। सामाजिक अनुशासन की भावना व्यक्ति में तभी जागृत होती है जब वह मनुष्य केवल अपने आस-पास के मनुष्यों से नहीं अपितु प्रत्येक प्राणिमात्र में अपनी आत्मा के दर्शन करता है।
📝 प्रश्न:
(क) उपर्युक्त अवतरण का उपयुक्त शीर्षक लिखिए। (3 अंक)
(ख) अवतरण का एक तिहाई के अनुपात में संक्षेपण कीजिए। (6 अंक)
(ग) रेखांकित अंशों की व्याख्या कीजिए। (7×3 = 21 अंक)
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गद्यांश 2
भारत, प्रकृति की संसार में सबसे बड़ी लीला भूमि है।
भारत, प्रकृति की संसार में सबसे बड़ी लीला भूमि है। यहाँ सभी ऋतुएँ किसी न किसी भाग में एक साथ मौजूद रहती हैं। नदी, पर्वत, वन और अन्नपूर्णा धरती से, भारतीय साहित्य का सदा से गहरा संबंध रहा है। क्योंकि उसने प्रकृति से अपनी सहअस्तित्व और सहअभिव्यक्ति को पहचाना है। भारत की पहली कविता ही पशु-पक्षी की हिंसा के विरुद्ध जन्मी थी। कवियों ने प्रकृति की हल्की से हल्की धड़कन और कंपन को महसूस किया है। आदिवासी वासियों जानते हैं कि कड़कड़ाती ठंड में जलचर हंस कैसे संभल कर, डकर ठंडे पानी में उतर डालते हैं? कालिदास को पता है कि अनुकूल मंद-मंद पवन यात्रा का शुभ शगुन है। प्रेमचंद के बैल अपनी व्यथा-कथा हमारे कानों में कह जाते हैं। प्रसाद की प्रकृति हमें अविवाद के प्रति सावधान करती है। रचनाकार तो मनुष्य की संवेदना का प्रतीक भी है और प्रहरी भी।
प्रकृति से उसका साहित्य और संवाद मनुष्य से प्रकृति के संवाद और साहचर्य का प्रतीक है। इस तरह अंतः प्रकृति और बाह्य प्रकृति के सहारे निरंतर परिष्कृत, सरल और प्रांजल बनती है। आज प्रकृति के प्रति हिंसक और विस्तारवादी होकर हमने क्या पाया है - तरह-तरह के शारीरिक, मानसिक रोग, एक संकीर्ण और विकृत संस्कार, एक संवेदनहीन आत्मकेंद्रित जगत। और चारों तरफ प्रदूषण का तांडव। जो अंततः हमारा विनाश ही करेगा। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि पहाड़ और समुंद्र को देखने भर से मनुष्य का हृदय विशाल होता है - तो यदि वे हमारे मन में ही बस जाएं तो हम कितने विराट और उदात्त हो सकेंगे? यह जान लेना जरूरी है कि प्रकृति मनुष्य का प्रतिद्वंद्वी नहीं है, वह उसकी सहचर है। वह रहस्य खोजने के लिए है - वे खोजने के लिए ही उसने बचाए हैं, ताकि मनुष्य का कृतित्व अगर न हो, उसका पोषण हीनता - बोध में बदल जाए।
📝 प्रश्न:
(क) प्रस्तुत गद्यांश का भावार्थ अपने शब्दों में लिखिए। (5 अंक)
(ख) मनुष्य और प्रकृति के आपसी रिश्तों को गद्यांश के आधार पर स्पष्ट कीजिए। (5 अंक)
(ग) उपर्युक्त गद्यांश की रेखांकित पंक्तियों की व्याख्या कीजिए। (20 अंक) जब वह मनुष्य केवल अपने आस-पास के मनुष्
📌 विलोम शब्द अभ्यास (30 प्रश्न)
📝 प्रश्न: निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए:
1. आशावान
2. उत्साह
3. उपस्थिति
4. क
ठोर
5. क्रूर
6. गहरा
7. गंभीर
8. गुप्त
9. चमक
10. ज्ञानी
11. दृढ़
12. दुख
13. धैर्य
14. नायक
15. नैतिक
16. पुण्य
17. प्यास
18. बहादुर
19. मौन
20. स्वतंत्र
21. समृद्ध
22. सरल
23. सुगंध
24. समर्थ
25. सुख
26. सुंदर
27. स्थायी
28. शुद्ध
29. शांत
30. सजीव
NIRVANA – UPPCS MAINS DAILY TARGET 🔔🔔
📅 Date: 6th February 2025 | Day 3
📌 Paper 5 – Uttar Pradesh Special
📖 Topic: Contribution of Uttar Pradesh in the 1857 Freedom Struggle & Eminent Freedom Fighters
📝 PYQs:
1️⃣ Throw light on the contribution of the warriors of Uttar Pradesh in the Freedom Struggle of 1857. (UPPCS 2023)
2️⃣ Discuss the role of Baba Ramchandra as a Peasant leader in India’s freedom movement. (UPPCS 2023)
📌 Ethics – Aptitude and Foundational Values for Civil Service
• Integrity, Impartiality & Non-Partisanship
• Objectivity, Dedication to Public Services
• Empathy, Tolerance & Compassion towards Weaker Sections
📝 PYQs:
1️⃣ Define integrity. How does it contribute to good governance? (UPPCS 2021)
2️⃣ Differentiate between impartiality and non-partisanship in the context of civil services. (UPPCS 2022)
3️⃣ Explain how tolerance and compassion are important in public administration. Support your answer with examples. (UPPCS 2021)
मेरा अंत ही आरंभ होगा
मेरा दुःख भी एक आगाज़ होगा।
जहाँ छूटे थे कल मेरे क़दम,
आज वहीं से नया साज़ होगा।
अंधेरों ने चाहा गिरा दें मुझे,
पर उजालों का मुझमें रिवाज़ होगा।
जो टूटा हूँ, वो बिखरना नहीं,
हर इक ज़ख़्म मेरा परवाज़ होगा।
न हारूँगा मैं वक्त की चाल से,
हर गिरावट नया राज़ होगा।
मेरा अंत ही आरंभ होगा,
मेरा दुःख भी एक आगाज़ होगा।
🟢 NIRVANA – UPPCS MAINS DAILY TARGET 🔔🔔
📅 Date: 5th February 2024 | Day 2
📌 Paper 5 – Uttar Pradesh Special
📖 Chapter 2 & 3: Architecture and Medieval History of Uttar Pradesh
📝 PYQs:
1️⃣ Discuss the architectural features of monuments of Agra. (8 marks)
2️⃣ Describe the impact of the Delhi Sultanate on the cultural landscape of Uttar Pradesh. (8 marks)
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