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Study RAS™

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"यह चैनल राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए समर्पित है। हमारा उद्देश्य आपको RAS प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की तैयारी में मदद करना है। Owner adv: https://telega.io/c/Study_RAS

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📈 Analytical overview of Telegram channel Study RAS™

Channel Study RAS™ (@study_ras) in the Hindi language segment is an active participant. Currently, the community unites 95 057 subscribers, ranking 1 525 in the Education category and 2 969 in the India region.

📊 Audience metrics and dynamics

Since its creation on невідомо, the project has demonstrated rapid growth, gathering an audience of 95 057 subscribers.

According to the latest data from 30 June, 2026, the channel demonstrates stable activity. Although there has been a change in the number of participants by -2 325 over the last 30 days and by -119 over the last 24 hours, overall reach remains high.

  • Verification status: Not verified
  • Engagement rate (ER): The average audience engagement rate is 15.36%. Within the first 24 hours after publication, content typically collects 9.29% reactions from the total number of subscribers.
  • Post reach: On average, each post receives 14 602 views. Within the first day, a publication typically gains 8 835 views.
  • Reactions and interaction: The audience actively supports content: the average number of reactions per post is 24.
  • Thematic interests: Content is focused on key topics such as राजस्थान, भर्ती, परीक्षा, रिजल्ट, तैयारी.

📝 Description and content policy

The author describes the resource as a platform for expressing subjective opinions:
"यह चैनल राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए समर्पित है। हमारा उद्देश्य आपको RAS प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की तैयारी में मदद करना है। Owner adv: https://telega.io/c/Study_RAS

Thanks to the high frequency of updates (latest data received on 01 July, 2026), the channel maintains relevance and a high level of publication reach. Analytics show that the audience actively interacts with content, making it an important point of influence in the Education category.

95 057
Subscribers
-11924 hours
-6067 days
-2 32530 days
Posts Archive
मार्च 2025 तक सडकों का वर्गीकरण व लम्बाई नए आंकड़े आर्थिक समीक्षा 2025-26
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एसआई भर्ती 2025ः हिंदी व जीके के 16 लाख प्रश्न-पत्र छपेंगे...❤️👆 7.75 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा अजमेर सहित प्रदेश के 25 जिल
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शीर्षक: मर्डर या आत्महत्या? कोटा की एक और मासूम बलि कोटा में नीट की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा झील पटेल ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार रात उसने जहर खाया, उल्टियाँ हुईं, मदद के लिए चिल्लाई, लेकिन अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अभी तक केस दर्ज नहीं किया है। यह कोई इकलौती घटना नहीं है। यह उस व्यवस्था का नतीजा है, जो बच्चों की रुचि को नजरअंदाज कर उन पर अपने सपनों का बोझ लाद देती है। क्यों बार-बार होती हैं ये घटनाएँ? 1. पेरेंट्स का दबाव: 10वीं में 90% से ज्यादा नंबर आते ही बच्चे की रुचि जाने बिना उसे डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लिए मजबूर कर देना। बच्चे से कभी नहीं पूछा जाता कि वह क्या बनना चाहता है।(राजस्थान बोर्ड को RPSC की तरह सुधार करना चाहिए, बोर्ड परीक्षा में 98%..100% मार्क्स नहीं देने चाहिए) 2. गलत मूल्यांकन प्रणाली: राजस्थान बोर्ड हर बच्चे को टॉपर बना देता है। फुल मार्क्स मिलने से बच्चों में यह झूठा विश्वास बन जाता है कि उन्हें सब आता है, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं की वास्तविकता इससे कहीं कठिन होती है। बोर्ड को अपनी मार्किंग में सुधार करना चाहिए। 3. कठिन प्रतियोगिता: NEET, IIT-JEE जैसी परीक्षाओं में लाखों बच्चे आते हैं और सीटें सीमित हैं। यह संघर्ष बहुत कठिन है। 4. कोचिंग संस्थानों के झूठे वादे: "गारंटी सिलेक्शन" और लुभावने ऑफर देकर एडमिशन लेना और बाद में कह देना कि हमारा काम सिर्फ पढ़ाना था, बाकी तुम्हें खुद करना होगा। (बैच शुरू होने पर सलेक्शन की 100% गारंटी, खत्म होते होते 5% पर आ जाता है) 5. दोस्तों का मजाक: टेस्ट में नंबर न आने पर दोस्त ही कमियाँ निकालने और मजाक उड़ाने लगते हैं। कोई सुधार नहीं, सिर्फ ताने मिलते हैं, जिससे बच्चे का मन टूट जाता है। 6. मानसिक अवसाद और अकेलापन: असफलता पर बच्चा डिप्रेशन में चला जाता है। उसे लगता है कि माँ-बाप ने घर गिरवी रखकर पैसे दिए थे, और मैं कुछ नहीं कर सका। उसका दर्द समझने वाला कोई नहीं होता, हर तरफ ताने ही मिलते हैं। प्रशासन/हॉस्टल वालों ने पंखों में अलार्म लगा दिए हैं, लेकिन यह कोई स्थायी समाधान नहीं है7. नाजुक उम्र और समझ की कमी: 16 से 22 साल के ये बच्चे मानसिक रूप से इतने परिपक्व नहीं होते कि इतना बड़ा दबाव झेल सकें। वे सही-गलत नहीं समझ पाते और आत्महत्या को ही आखिरी रास्ता मान लेते हैं। 8. जीवन का असली उद्देश्य भूलना: माता-पिता, शिक्षक और प्रशासन को समझना होगा कि सिर्फ परीक्षा पास करना ही जीवन नहीं है। असफल होने पर भी जीवन में बहुत सारे अच्छे विकल्प मौजूद हैं। हमें बच्चों को यही सिखाना होगा। यह सिर्फ एक आत्महत्या नहीं है, यह हमारी महत्वाकांक्षाओं का क्रूर चेहरा है। सहमत ❤️

मर्डर कहूं या आत्महत्या ? (आज के न्यूजपेपर में )
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अर्थव्यवस्था एक नजर में (राजस्थान आर्थिक समीक्षा)...❤️👆 नए आंकड़े (अति महत्वपूर्ण)
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पैसे लेकर सेमिनार में आए toppers ऐसी ही दुःख भरी कहानी सुनाते हैं... सहमत ❤️ असहमत 😢
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क्या हाल है दोस्तो कैसी चल रही है पढ़ाई अभी आपके पास सिर्फ 50 दिन है, (SI एग्जाम) मुझे भूल तो नहीं गए आप ?
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राजस्थान बजट 2026-27 ( सरल भाषा में ).pdf

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मिडिल क्लास और सरकारी नौकरी: एक कड़वा सच...🔥 मिडिल क्लास के लिए सरकारी नौकरी आज भी सपनों का एकमात्र दरवाजा है। न पूंजी, न बिजनेस एजुकेशन, न किसी बड़े का सपोर्ट - बस यही एक सहारा है। • जब चतुर्थ श्रेणी में 54,000 पद आए तो लगा बेरोजगारी का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। लेकिन रिजल्ट ने बता दिया—22 लाख में से 54,000 को ही मौका मिलेगा, बाकी 21.5 लाख वहीं के वहीं। आज बजट में कहा गया—"नौकरी लेने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनो।" • पर सरकार भी जानती है, 1000 पद पर 10 लाख फॉर्म, चयन सिर्फ 1000 का। बाकी का क्या? • 1 हजार में भी आधे तो बिक जाते है या नेता, अधिकारी अपने रिश्तेदारों के लिए रिजर्व रख लेते है। • मिडिल क्लास के लिए अब सरकार को कोई ठोस नीति लानी होगी। तभी युवा विकास करेगा, प्रदेश आगे बढ़ेगा। • बजट में करोड़ों-अरबों की संख्याएं सिर्फ दिखावा हैं। वे आप तक पहुंचती ही नहीं, बीच में ही निगल ली जाती हैं। • देश गरीब नहीं है। धरती हीरे-मोती उगलती है, राजस्थान में खनिज, देश में सबसे उपजाऊ जमीन। फिर भी गरीब वहीं का वहीं। भ्रष्टाचार हर जगह—हाल ही में कोई विधायक 40% कमीशन मांग रहा था। • नेताओं के पास इतना पैसा कि रखने को जगह नहीं, और मिडिल क्लास या गरीब दो वक्त के भोजन लिए तरसता है। • उदाहरण के लिए 1000 करोड़ की योजना में 900 करोड़ नेता खा जाए, बाकी अफसरों ने संभाल लिया, जनता तक पहुंचा कुछ नहीं। • गरीबों के विकास के नाम पर पैसा इकट्ठा किया, और खुद का विकास कर लिया। अमीर और अमीर, गरीब और गरीब। • अब समय आ गया है—युवाओं को एक होना होगा। जाति, धर्म, क्षेत्र में न बंटें। शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार—ये हमारे असली मुद्दे हैं। • सरकार से उम्मीदें अब कम ही बची हैं। अब खुद का छोटा स्टार्टअप हो या कोई छोटी पहल- युवाओं को खड़ा होना होगा, अपनी तैयारी को और ज्यादा समय देना होगा (आर या पार) • वरना सिर्फ भरोसे के सहारे जिंदगी गुजरेगी, और दुखों के पहाड़ बनते रहेंगे। नोट:- इस पोस्ट को स्टूडेंट के नजरिए से पढ़े, किसी भी पार्टी के कार्यकता के हिसाब से नहीं। मैने किसी भी राजनीतिक पार्टी का नाम नहीं लिया है। विचार अच्छे लगे हो तो ❤️

RPSC टेलीकॉम SI 2024 रिजल्ट - • कुल 98 पदों • लगभग 70 हजार आवेदन • लगभग 41000 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल • परीक्षा में न्यूनतम अंक ( प्रत्येक पेपर में 36% और दोनों पेपर में मिला के 40%)   ✓ लगभग 2000 (20 गुना) अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु उत्तीर्ण किये जाने थे (परंतु केवल 671 अभ्यर्थी ही सफल रहे) आगामी SI भर्ती परीक्षा वाले सचेत रहें

RPSC : सब-इंस्पेक्टर (SI) टेलीकॉम भर्ती परीक्षा 2024 का रिजल्ट जारी

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HindiPress Note (Budget 2026-27) 10-02-2026 (Final).pdf Important ❤️

बजट समाप्त ...
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