Class-11th&12th all subjects U.P BOARD in Hindi 📚✒️📝📖📙📓 PW(padhane wallah) -- A2 brother️
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𝐒𝐡𝐨𝐫𝐭 𝐧𝐨𝐭𝐞𝐬, 𝐂𝐨𝐦𝐩𝐥𝐞𝐭𝐞 𝐧𝐨𝐭𝐞𝐬,𝐁𝐨𝐨𝐤𝐬,𝐃𝐚𝐢𝐥𝐲 𝐩𝐨𝐥𝐥,𝐃𝐚𝐢𝐥𝐲 𝐐𝐮𝐢𝐳 𝐚𝐧𝐝 𝐚𝐮𝐫 𝐛𝐡𝐢 𝐛𝐚𝐡𝐮𝐭 𝐤𝐮𝐜𝐡𝐡👆 https://t.me/Discussion_group_Padhane_Wallah Padhane Wallah (PW) -- A2 brother ज्ञानेन् कीर्ति सत्येन् धर्म:
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जैविक पेटेंट, कक्षा-12.pdf
जगत प्रोटिस्टा.pdf
Grammar.pdf17.86 MB
Ek baar pura option achhe se read krke poll me ans dena seriously & honestly.
OK
Es channel pr aur kya chahiye
Handwritten_sexual_reproduction_in_plant.pdf61.05 MB
Cell division (कोशिका विभाजन)
A. इंटरफेज....
१. G1phase - आवश्यक एंजाइमों का सश्लेषण
२. S Phase - संश्लेषण.... डीएनए का सश्लेषण
३. G2 Phase ..... आरएनए का संश्लेषण
B. विभाजन प्रावस्था ( Mitotic phase)
केंद्रक विभाजन
१. प्रोफेज... केंद्रक झिल्ली गायब
२. मेटाफेज.... गुणसूत्र मेटा फेजिक प्लेट पर जमा
३. एनाफेज.... गुणसूत्रों का ध्रुव की ओर गमन
४. टीलोफेज.... केंद्रक झिल्ली पुन: प्रकट
केंद्रक विभाजन
C. कोशिका द्रव्य का विभाजन ( Cytokinesis )
कोशिकांग विभाजन
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विलयन शार्ट नोट्स.pdf1.29 MB
Chemistry Notes
...... S- block elements
👉आधुनिक आवर्त सारणी के समूह 1 और समूह 2 के तत्वों को S-ब्लॉक तत्व कहा जाता है।
👉दो प्रकार के S Block Elements संभव हैं यानी एक इलेक्ट्रॉन (S1) वाले तत्व या दो इलेक्ट्रॉनों (S2) वाले तत्व अपने S-उपकोश में।
👉S - ब्लॉक में 14 तत्व शामिल हैं, जैसे हाइड्रोजन (H), लिथियम (Li), हीलियम (He), सोडियम (Na), बेरिलियम (Be), पोटेशियम (K), मैग्नीशियम (Mg), रूबिडियम (Rb), कैल्शियम (Ca) ), सीज़ियम (Cs), स्ट्रोंटियम (Sr), फ़्रांशियम (Fr), बेरियम (Ba), और रेडियम (Ra)।
S Block Elements के गुण
दोनों क्षार और क्षारीय पृथ्वी तत्व अपने-अपने समूह तत्वों के बीच अपने गुणों में एक नियमित उन्नयन दिखाते हैं। लेकिन दोनों एस ब्लॉक तत्वों के पहले सदस्य, अर्थात्, लिथियम और बेरिलियम अपने बाकी सदस्यों से बहुत अलग हैं, लेकिन साथ ही, वे अगले कॉलम में मौजूद विकर्ण तत्व के साथ अधिक मिलते-जुलते हैं।
इन S Block Elements की विसंगति के कारण है;
👉कम परमाणु और आयनिक आकार
👉अधिक आवेश घनत्व (परमाणु का आवेश/आयतन)
👉अधिक ध्रुवीकरण
👉डी-ऑर्बिटल्स की अनुपस्थिति।
👉 S Block Elements का अधिक ध्रुवीकरण पहला तत्व बनाता है
👉अधिक सहसंयोजक और उन्हें बाकी से अलग करता है जो आयनिक है।
👉आकार और आवेश घनत्व में समानता उन्हें अगले समूह (विकर्ण संबंध) में तिरछे रखे गए तत्व के समान बनाती है।
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दो समान संधारित्रों को पहले श्रेणी क्रम में और फिर समान्तर क्रम में संयोजित किया गया है। दोनों प्रकरणों की तुल्य संधारिताओं का अनुपात होगा
[JEE (Main) 2021]
वस्तु का संवेग निर्भर करता है-
जीवाणु में प्लाज्मिड है-
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1.वैद्युत क्षेत्र
2. गास के नियम और इसके अनुप्रयोग
3. विद्युत विभव
4. विद्युत धारिता
5. विद्युत धारा
6. विद्युत परिपथ
7. विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव
8. चुंबकत्व एवं चुंबकीय पदार्थ के गुण
9. विद्युत चुंबकीय प्रेरण
10.
11.
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पौधों में जनन की विधियाँ ☘️
पौधों में मुख्य रूप से जनन की निम्नलिखित दो विधियाँ पायी जाती हैं –
1. अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction) – यह जनन का एक सामान्य प्रकार है जिसमें केवल एक ही जीव या जनक (Parents) भाग लेता है। इस विधि में वयस्क बनने के बाद जीव अपनी हूबहू प्रतिलिपियों (identical copies) के रूप में सन्ततियाँ उत्पन्न करता है। अतः जनक तथा सन्ततियों के बीच आनुवंशिक पदार्थ एवं लक्षणों में कोई अन्तर नहीं होता है। इसीलिए अलैंगिक जनन के फलस्वरूप उत्पन्न सन्ततियों को क्लोन (clone) कहते हैं। ऐसा जनन अपेक्षाकृत तीव्र दर से होता है। इसके लिए शरीर में कोई विशिष्ट ऊतक या अंग नहीं होते।
2. लैंगिक जनन (Sexual Reproduction) – लैंगिक जनन की प्रक्रिया जटिल होती है। इसके लिए शरीर में विशेष प्रकार के जननांग (reproductive organs) होते हैं। शरीर की सामान्य दैहिक कोशिकाओं (somatic cells) से भिन्न प्रकार की दो अगुणित (haploid = n) कोशिकाओं का संयुग्मन लैंगिक जनन की आधारभूत प्रक्रिया होती है। इन अगुणित कोशिकाओं को लैंगिक कोशिकाएँ (sex cells) या युग्मक (gamets) कहते हैं। शरीर की दैहिक कोशिकाएँ द्विगुणित (diploid) होती हैं। लैंगिक कोशिकाएँ प्रमुख जननांगों अर्थात् जनदों (gonads) की जनन कोशिकाओं (germ cells) में विशेष प्रकार के अर्धसूत्री या मीयोटिक विभाजन (reductional or meiotic division) से बनती हैं। इनके बनने की इस प्रक्रिया को युग्मकजनन (gametogenesis) कहते हैं।
संयुग्मन में भाग लेने वाली दो लैंगिक कोशिकाएँ भिन्न प्रकार की होती हैं – एक नर युग्मक कोशिका तथा दूसरी मादा युग्मक कोशिका इनके संयुग्मन से बनी द्विगुणित कोशिका को युग्मनज अर्थात् जाइगोट (zygote) कहते हैं। इसी से नई सन्तान का प्रारम्भ होता है। जनन कोशिकाओं के अर्धसूत्री विभाजन द्वारा बनी युग्मक कोशिकाओं में जनन कोशिकाओं के जोड़ीदार अर्थात् समजात गुणसूत्रों (homologous chromosomes) का बँटवारा अनियमित एवं संयोगिक (random) होता है। फिर युग्मनजों (zygotes) के बनने में नर व मादा युग्मक का संयुग्मन भी संयोगिक होता है। इसके कारण युग्मनजों के जीन प्रारूप (genotypes) जनन कोशिकाओं के जीन प्रारूपों से कुछ भिन्न होते हैं। इसी कारण लैंगिक जनन के फलस्वरूप बनी सन्तति माता-पिता से थोड़ी भिन्न दिखाई देती है।
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