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𝗣𝗥𝗘𝗩𝗜𝗢𝗨𝗦 𝗬𝗘𝗔𝗥 𝗚𝗞 𝗠𝗖𝗤

𝗣𝗥𝗘𝗩𝗜𝗢𝗨𝗦 𝗬𝗘𝗔𝗥 𝗚𝗞 𝗠𝗖𝗤

Closed channel

💎 मिशन-ए- सरकारी नौकरी 💎 Daily Current Affairs Quiz ✅ 💎 सभी Exam की PYQ PDF उपलब्ध है..!! ◼️ हमारा प्रबल प्रयास रहेगा कि आपको नवीनतम परीक्षा उपयोगी कंटेंट उपलब्ध कराया जाए! 🥇 सबसे अलग और टेलीग्राम का सबसे अच्छा चैनल! 📎 SEND JOIN REQUEST 👇👇

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📈 Analytical overview of Telegram channel 𝗣𝗥𝗘𝗩𝗜𝗢𝗨𝗦 𝗬𝗘𝗔𝗥 𝗚𝗞 𝗠𝗖𝗤

Channel 𝗣𝗥𝗘𝗩𝗜𝗢𝗨𝗦 𝗬𝗘𝗔𝗥 𝗚𝗞 𝗠𝗖𝗤 in the Hindi language segment is an active participant. Currently, the community unites 19 488 subscribers, ranking 10 350 in the Education category and 20 940 in the India region.

📊 Audience metrics and dynamics

Since its creation on невідомо, the project has demonstrated rapid growth, gathering an audience of 19 488 subscribers.

According to the latest data from 18 October, 2026, the channel demonstrates stable activity. Although there has been a change in the number of participants by -182 over the last 30 days and by 47 over the last 24 hours, overall reach remains high.

  • Verification status: Not verified
  • Engagement rate (ER): The average audience engagement rate is 9.24%. Within the first 24 hours after publication, content typically collects 3.49% reactions from the total number of subscribers.
  • Post reach: On average, each post receives 1 801 views. Within the first day, a publication typically gains 681 views.
  • Reactions and interaction: The audience actively supports content: the average number of reactions per post is 9.
  • Thematic interests: Content is focused on key topics such as नायिका, दिवस, 2025, समुदाय, सेना.

📝 Description and content policy

The author describes the resource as a platform for expressing subjective opinions:
“💎 मिशन-ए- सरकारी नौकरी 💎 Daily Current Affairs Quiz ✅ 💎 सभी Exam की PYQ PDF उपलब्ध है..!! ◼️ हमारा प्रबल प्रयास रहेगा कि आपको नवीनतम परीक्षा उपयोगी कंटेंट उपलब्ध कराया जाए! 🥇 सबसे अलग और टेलीग्राम का सबसे अच्छा चैनल! 📎 SEND JOIN REQUEST 👇...”

Thanks to the high frequency of updates (latest data received on 19 October, 2026), the channel maintains relevance and a high level of publication reach. Analytics show that the audience actively interacts with content, making it an important point of influence in the Education category.

19 488
Subscribers
+4724 hours
+327 days
-18230 days
Posts Archive
https://t.me/Short_Quizbot https://t.me/Short_Quizbot ALL SUBJECT TOPIC WISE QUIZ 4 OPTION HIGH LEVEL QUESTIONS JOIN , FEW MINUTES LEFT

⭐ आज के प्रश्न का Quick Revision 🔹 हड़प्पा – 1921, दयाराम साहनी 🔹 मोहनजोदड़ो – 1922, राखालदास बनर्जी (सिंध, सिंधु नदी का दाहिना तट) 🔹 मोहनजोदड़ो = "मृतकों का टीला", विशाल स्नानागार, वृषभ (बैल) मुद्रा 🔹 बनावली – हरियाणा, घग्गर घाटी 🔹 सबसे पहले प्रयोग हुई धातु – ताम्र (तांबा)

🇮🇳 6 राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त 📌 महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स 1️⃣ केरलम — ओम प्रकाश माथुर 2️⃣ तमिलनाडु — राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर 3️⃣ ओडिशा — ब्रज मोहन राम 4️⃣ कर्नाटक — डॉ. सुधा यादव 5️⃣ उत्तराखंड — डॉ. ढाल सिंह बिसेन 6️⃣ सिक्किम — दुष्यंत गौतम 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 6 राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति की। 🔹ओम प्रकाश माथुर = केरलम् 🔹राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर = तमिलनाडु 🔹ब्रज मोहन राम = ओडिशा 🔹 डॉ. सुधा यादव = कर्नाटक 🔹डॉ. ढाल सिंह बिसेन = उत्तराखंड 🔹 दुष्यंत गौतम = सिक्किम

*🌍 विश्व का सबसे तेज़ सुपरकंप्यूटर (World’s Fastest Supercomputer)* 🔹 1. नाम (Name): LineShine (China ) 🔹 2. देश (Country): चीन (China) 🔹 3. दूसरा स्थान (2nd Rank): El Capitan — USA 🇺🇸 🔹 4. तीसरा स्थान (3rd Rank): Frontier — USA 🇺🇸 🔹 5. रैंकिंग जारी करने वाली संस्था (Ranking Organization): TOP500 🔹 6. Exaflop: सुपरकंप्यूटर की गणना क्षमता (Computing Performance) मापने की इकाई। 🔹 7. 1 Exaflop = 10¹⁸ Floating-Point Operations Per Second (FLOPS)

🏆 नोबेल शांति पुरस्कार 2026 की विजेता — नवनेथम (नवी) पल्लई 🌍 कौन हैं नवी पल्लई और क्यों मिला उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान? वर्ष 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार दक्षिण अफ्रीका की प्रसिद्ध न्यायविद् और मानवाधिकार विशेषज्ञ नवनेथम ‘नवी’ पल्लई (Navanethem “Navi” Pillay) को प्रदान किया गया है। नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने उन्हें शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए सम्मानित किया है। 🇮🇳 भारतीय मूल से जुड़ी हैं नवी पल्लई नवी पल्लई का जन्म 23 सितंबर 1941 को दक्षिण अफ्रीका के डरबन में भारतीय तमिल मूल के परिवार में हुआ था। उनका बचपन रंगभेद के दौर में बीता, जब दक्षिण अफ्रीका में नस्ल के आधार पर लोगों के साथ भेदभाव किया जाता था। उन्होंने कानून की पढ़ाई की और अपना जीवन मानवाधिकारों की रक्षा, नस्लीय भेदभाव के विरोध तथा अन्याय के खिलाफ संघर्ष के लिए समर्पित कर दिया। ⚖️ उनके प्रमुख योगदान और उपलब्धियाँ 🔹 1. रंगभेद के विरुद्ध संघर्ष नवी पल्लई ने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद का विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं का कानूनी बचाव किया। उन्होंने ऐसे लोगों के अधिकारों की रक्षा की, जिन्हें नस्लीय भेदभाव और राजनीतिक दमन का सामना करना पड़ता था। 🔹 2. अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था में योगदान उन्होंने रवांडा के लिए गठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण में न्यायाधीश और 1999 से 2003 तक अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। रवांडा नरसंहार से संबंधित ऐतिहासिक मामलों में उनकी भूमिका महत्त्वपूर्ण रही। अकायेसू मामले में न्यायाधिकरण ने स्पष्ट किया कि कुछ परिस्थितियों में यौन हिंसा नरसंहार और मानवता के विरुद्ध अपराध का हिस्सा हो सकती है। इस निर्णय ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक कानून के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। 🔹 3. दक्षिण अफ्रीका की पहली अश्वेत महिला उच्च न्यायालय न्यायाधीश वर्ष 1995 में नवी पल्लई दक्षिण अफ्रीका के उच्च न्यायालय में नियुक्त होने वाली पहली अश्वेत महिला न्यायाधीश बनीं। यह उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ समानता और न्याय की दिशा में भी एक महत्त्वपूर्ण कदम था। 🔹 4. संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकारों की रक्षा उन्होंने 2008 से 2014 तक संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने मानवाधिकारों, महिलाओं की समानता और कमजोर समुदायों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर काम किया। 🔹 5. युद्ध अपराधों और नरसंहार के विरुद्ध आवाज नवी पल्लई ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में भी काम किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने फिलिस्तीनी क्षेत्रों और इजरायल से संबंधित संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र जांच आयोग की अध्यक्षता की। उनका कार्य इस विचार पर आधारित रहा है कि युद्ध अपराधों, मानवता के विरुद्ध अपराधों और नरसंहार जैसे गंभीर अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। 🏅 उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार क्यों दिया गया? 9 अक्टूबर 2026 को नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने नवी पल्लई को नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की। समिति ने उनके लंबे कानूनी करियर, अंतरराष्ट्रीय कानून को मजबूत करने, गंभीर अंतरराष्ट्रीय अपराधों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा शांति और न्याय को बढ़ावा देने के प्रयासों को सम्मानित किया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि स्थायी शांति केवल युद्ध रोकने से नहीं, बल्कि न्याय स्थापित करने, मानवाधिकारों की रक्षा करने और अपराधियों को कानून के दायरे में लाने से भी संभव होती है। 📚 हमारे लिए क्या सीख है? नवी पल्लई की जीवन यात्रा हमें सिखाती है कि शिक्षा, साहस और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उनकी उपलब्धियाँ उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा हैं, जो भेदभाव और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं और एक अधिक न्यायपूर्ण तथा शांतिपूर्ण दुनिया बनाने का प्रयास करते हैं। ✨ न्याय के बिना स्थायी शांति संभव नहीं है। मानवाधिकारों की रक्षा और कानून के प्रति सम्मान ही एक बेहतर दुनिया की मजबूत नींव हैं। 📌 महत्त्वपूर्ण तथ्य • पूरा नाम: नवनेथम (नवी) पल्लई • जन्म: 23 सितंबर 1941 • जन्मस्थान: डरबन, दक्षिण अफ्रीका • मूल: भारतीय तमिल परिवार • प्रमुख पद: संयुक्त राष्ट्र की पूर्व मानवाधिकार उच्चायुक्त • नोबेल शांति पुरस्कार: 2026 • सम्मान का कारण: शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने के प्रयास।

🔹 विश्व डाक दिवस — 9 अक्टूबर 📮 📍 Universal Postal Union (UPU) की स्थापना 9 अक्टूबर 1874 को बर्न, स्विट्जरलैंड में हुई थी।
🔹 विश्व डाक दिवस — 9 अक्टूबर 📮
📍 Universal Postal Union (UPU) की स्थापना 9 अक्टूबर 1874 को बर्न, स्विट्जरलैंड में हुई थी। 📍 थीम: One Postal Network, Infinite Possibilities

भारतीय वायु सेना दिवस — 8 अक्टूबर • स्थापना: 8 अक्टूबर 1932 • मुख्यालय: नई दिल्ली • आदर्श वाक्य: “नभः स्पृशं दीप्तम्”
भारतीय वायु सेना दिवस — 8 अक्टूबर • स्थापना: 8 अक्टूबर 1932 • मुख्यालय: नई दिल्ली • आदर्श वाक्य: “नभः स्पृशं दीप्तम्”

अलाउद्दीन: राज्यों के प्रति उसकी नीति।
अलाउद्दीन: राज्यों के प्रति उसकी नीति।

❇️कुषाण सिक्कों की मुख्य विशेषताएँ धातु और वजन प्रमुख रूप से सोने के सिक्के (लगभग 7.9 ग्राम) जारी किए जाते थे। ताँबे और कांस्य के सिक्के स्थानीय लेन-देन के लिए प्रचलित थे। चाँदी का प्रयोग बहुत कम हुआ, और बाद के काल में सोने को चाँदी से मिलाकर बनाया गया। ❇️चित्रांकन और शैली सिक्कों पर एक ओर राजा का चित्र और दूसरी ओर देवता या धार्मिक प्रतीक अंकित होते थे। राजा को कभी घोड़े पर सवार, कभी अग्नि वेदी पर बलि देते हुए या खड़े हुए रूप में दिखाया गया है। ❇️यह शैली यूनानी-हेलनिस्टिक परंपरा से प्रभावित थी। धार्मिक विविधता सिक्कों पर 30 से अधिक देवताओं का चित्रण मिलता है — यूनानी , ईरानी , भारतीय (शिव, बुद्ध, विषाखा)। कनिष्क के सिक्कों पर पहली बार बुद्ध का चित्रण मिलता है, जिस पर "बॉडो “लिखा था। स्रोत - प्राचीन भारत का इतिहास- ओमप्रकाश

अकाल संहिताः-
अकाल संहिताः-

सांकेतिक मुद्रा (Token Money
जब किसी सिक्का या मुद्रा का अंकित मूल्य (Face Value) उसके धात्विक मूल्य / वास्तविक मूल्य (Intrinsic Value / Metallic Value) से अधिक होता है, तो उसे सांकेतिक मुद्रा कहते हैं।
उदाहरण
​₹5 या ₹10 का आधुनिक सिक्का: इस सिक्के पर "10 रुपया" अंकित है (यह इसका अंकित मूल्य है), लेकिन यदि इसे पिघलाकर इसमें लगी धातु को बाज़ार में बेचा जाए, तो उस धातु का मूल्य 10 रुपये से बहुत कम होगा (यह इसका वास्तविक/धात्विक मूल्य है)। इसलिए यह एक सांकेतिक मुद्रा है।

वज़ीरों ki दो श्रेणी
अल-मावर्दी ने वज़ीरों को दो श्रेणियों में विभक्त किया- 'वज़ीर तफ़वीद' (असीमित शक्तियों वाला बड़ा वज़ीर) और 'वज़ीर तनफ़ीज़' (सीमित कार्यपालक वज़ीर)। HC VARMA

बंगाल के गवर्नर एवं गवर्नर जनरल बंगाल के गवर्नर ❇️ क्लाइव (प्रथम काल):1757-1760 ई. ❇️हॉलवैल (कार्यवाहक) 1760 ई. ❇️वेन्सिटार्ट 1760-1765 ई. ❇️ कलाइव (द्वितीय काल) 1765-1767 ई. ❇️वेरेल्स्ट 1767-1769 ई. ❇️कार्टियर 1769-1772 ई. ❇️वारेन हेस्टिंग्स 1772-1774 ई. स्रोत - आधुनिक भारत का इतिहास- डॉ एस एल नागौरी

सल्तनकालीन स्थापत्य कला से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य
सल्तनकालीन स्थापत्य कला से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

शुरुआत: 7 अक्टूबर 2019। पहल: ‘कॉटन-फोर’ देश—बेनिन, बुर्किना फासो, चाड और माली। आधिकारिक मान्यता: संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वार
शुरुआत: 7 अक्टूबर 2019। पहल: ‘कॉटन-फोर’ देश—बेनिन, बुर्किना फासो, चाड और माली। आधिकारिक मान्यता: संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अगस्त 2021 में। भारत में महत्त्व: भारत विश्व के प्रमुख कपास उत्पादक देशों में शामिल है। उपनाम: कपास को ‘सफेद सोना’ कहा जाता है। ऐतिहासिक तथ्य: भारत में कपास की खेती के प्रमाण सिंधु घाटी सभ्यता से मिलते हैं।