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😥 😰 OM SANTI
“Don't forget who you are and where you came from. Don't get too emotional over little things. Don't. Quit until you win the grand prize.”
Suicide is not an answer, it’s destruction.रावण का बदला लेने,
उसके वंशज आये थे।
मेरे प्रभु के घर पे,
अपना हक जताए थे।
वनवास क्या कम था,
जो तम्बू में रातें बिताई थी।
अपने ही जन्म भूमि में,
अब अस्तित्व की लड़ाई थी।
ना जाने कितने आंदोलन किये,
बच्चे बूढ़े भी जेल गए।
भक्तोने सिनेपे गोली खायी थी,
तब जाके ये सुबह आयी थी।
सीता मैया के लिए,
रामनाम का सेतु जैसे बनाए थे।
भक्तिकी नीव पे आज,
प्रभु राम का मंदिर बनाया है।
भगवे ध्वज और फूलो से,
देश का हर कोना सजाया है।
ये दौर किसी उत्सव से कम नहीं,
मेरे प्रभु का रामराज जो आया है।
जय श्री राम 🚩
The Rama temple today doesn't symbolise the difference of faith that Bharata possess. It symbolises the faith that all of us irrespective of our beliefs, traditions and languages possess. The old Muslims and Christians and other invaders have nothing to do with our current fellow countrymen of those faith. Rama mandir represents them as much as it does to hindus.
Let's celebrate today. The day that reminds us of our sanatan ways of respecting, identifying and ever inspiring way of life.
Let's shout at the top of our voice,not as a warcry but as a song of rebuilding the Country, Jai Shree Ram.
कुछ खो कर कुछ पाया तो क्या पाया..
जो पाया वो भी रास न आया तो क्या पाया... और जो भाया, वो, फिर खो जाने का डर भी साथ लाया तो क्या पाया...
नित नित राम का नाम लिया पर राम नज़र न आये मुझे
कौन हैं वो, वो रहते कहाँ हैं उनका अपना कौन यहाँ ?
शब्दों के वाण सहेज मैंने मर्यादा को लांघ दिया
और बैठे हैं जो मंदिर में मैंने उस राम को जान लिया
बहुचरित्र मायावी है वो
कितने उनके स्वरूप हैं
मन के राम,धन के राम
राजनीति के नेता राम
धर्म युद्ध के मोहरे राम
क्या पता है राम को भी, की प्रभु के इतने रूप हैं?
अहंकार में डूबा नेता खुद को राम समझ बैठा, और जो हैं स्वामी त्रिलोक के वो उनका मालिक बन बैठा
और है अगर भक्ति जरा भी तो नारा लगाना छोड दो
जो सब में रमण करे उस राम से नाता जोड़ लो !
तुम्हें भी नींद सी आने लगी है थक गए हम भी
चलो हम आज ये क़िस्सा अधूरा छोड़ देते हैं।
"देश के जानेमाने शायर मुन्नवर राना जी का निधन अत्यंत हृदय विदारक। दिवंगत आत्मा की शांति की कामना।
भावभीनी श्रद्धांजलि," 🙏HAPPY MAKAR SAKRANTI GUYS ❤️
Makar Sankranti is celebrated with great vigour throughout the nation, and is celebrated on the 14th of January every year.
The festival is famous for flying kites. You will witness the sky painted with beautiful kites on this day. Once every 12 years, Kumbh Mela is organised to celebrate this grand festival
घर को घर बनाने के लिए घर से दूर हो जाते हैं,
कही दूर एक अ़ंंजान शहर में,एक छोटे से कमरे को अपना आशियाना बनाते हैं,
खाने में सौ नखरे करने वाले आज कुछ भी खा लेते हैं,
बना बनाया खाने वाले अब अपना खाना खुद बनाते हैं..,
मां ,बहन ,बीबी के हाथ का खाना अब तो कहां खा पाते हैं,
भाईसाब लडके भी घर छोड़ जाते हैं..।।
अपने कमरे में किसी को न आने देने वाले,
आज सबके साथ adjust करके सो जाते हैं,
जो कभी तकिए के बिना सोने से कतराते थे,
आकर देखिए आज वो कहीं भी सो जाते हैं,
सौ सौ ख्वाहिश रखने वाले अब कहते हैं।
नहीं कुछ नहीं चाहिए..
घर को miss करते हैं पर कहते नही मैं ठीक
हूँ..
कुछ चंद पैसे के चाह में यह घर से अंजाने हो
जाते हैं..
भाईसाब हम लड़के भी घर छोड़ जाते हैं,।।
मेहमानों के घर आने पर मां सबसे लाडले
बेटे को बुलाती थी,
पर अब खुद मेहमान बनकर घर जा पाते हैं..
जो कभी घर से जाने से कतराते थे।
आज देखिए वह हास्टल में अपना जीवन
बिताते हैं,
भाईसाब बेटे भी घर छोड़ जाते हैं..
मां बाप के सपने को पूरा करने के लिए एक
अंधेरी कोठरी मे अपना जीवन बिताते हैं,
फिर मां-बाप के सपने को पूरा कर उनका मान बढा़ते हैं,
Motivation का काम करके Motivational बन जाते हैं,
भाईसाब हम भी घर छोड़ जाते हैं।
ऐसा नहीं है कि आप बिन दिन न गुजरे
या रात नहीं होती,
बस अधूरा सा लगता है जब आपसे बात नहीं होती।।
I love you mummy papa & whole family 🫰🏻🥰
Missing My lovely Home 🥺
मैं सागर से भी गहरा हूँ…
तुम कितने कंकड़ फेंकोगे ।
चुन-चुन कर आगे बढूँगा मैं…
तुम मुझको कब तक रोकोगे…
तुम मुझको कब तक रोकोगे ...।।
ठीक हूँ सबसे कहता हूं,
मुस्कुरा के सबको ठगता हूं,
यूँ तो भीड़ से घिरा रहता हूं पर
सब खाली-खाली सा लगता है।।🥺
ऐसा नहीं है कि खून में उबाल नहीं है
पर शायद सही दिशा में उछाल नहीं है,
और कौन नहीं चाहता बेफिक्री से जीना मगर
शायद उनके घरों में अच्छे हाल नहीं हैं।
~ राहगीर
एक कोशिश और कर , बैठ न तू हार कर।
तू है पुजारी कर्म का ,थोड़ा तो इन्तजार कर।।
विश्वास को दृढ बना ,संकल्प को कृत बना।
एक कोशिश और कर, बैठ न तू हार कर ।।
मुझे कंधे पर बैठाकर बचपन में नहर पार कराने वाले मेरे बब्बा,
पापा से डांट पड़ने से बचाने वाले मेरे बब्बा ,
हार जाने पर फिर उठ खड़ा होने को प्रेरित करने वाले मेरे बब्बा ,
अपने उसूलों पर बेधड़क चलने वाले मस्तमौजी मिजाज वाले मेरे बब्बा ,
सबकी उन्नति को अपना समझने वाले मेरे बब्बा ,
मेरे परिवार की ताकत(बैकबोन) मेरे बब्बा ,
गुस्से में भी अपने नाती-नातिन की बातों को मानने वाले मेरे बब्बा ,
अड्डा गुरु जी के भंडार के प्यारे भंडारी मेरे बब्बा ,
हमारे बघउट बाबा के पंडा बाबा मेरे बब्बा ,
प्रयाग के गंगा मइया में आमरण माघ कल्पवास करने वाले मेरे बब्बा ,
अपने नाती के ही नही अपितु पूरे गांव के " बाबा " मेरे बब्बा ,
छोटे-बड़ो में भेद न करने वाले मेरे बब्बा .
आप के बारे में कितना भी कहूं सब कम है बब्बा ।।
आपकी अहमियत और कमी दोनो का आभास आपके जाने के बाद मालूम हुआ है ।
हमने ऐसा कुछ सोचा नहीं था कि आप इतनी जल्दी हमारे बीच से चले जायेंगे ।
मैं निस्तब्ध के साथ साथ नि:शब्द भी हू।
आपकी पहचान से हमारी पहचान थी।
मुझे पता है कि आप हमेशा हमारे साथ रहेंगे।
बस मन मान नहीं रहा कि आप हमारे साथ अब प्रत्यक्ष रूप में नहीं है ।
आज तक मैने कितनी ही बार ट्रेन से सफर करा है , पर आज पता नही क्यूं ये रात भर का ट्रेन का सफर पहाड़ सा क्यूं लग रहा है।
बस इतना ही लिख पा रहा हु बब्बा ।।
वो सच ही कहते है कि " किसी भी व्यक्ति को किसी की अहमियत उसके न होने पर ही पता चलती है।"
© 21/12/23 🥺
मेरे बब्बा, जीवन के सफर में आपका साथ हमारे लिए संगीत बना रहा है,
आपकी मुस्कान ने हमें जीने का सही तरीका सिखाया है।
आपकी आँचल में बसा है वह सुरक्षा का आभास,
जो हमें आता है, जब हम बीच जीवन की हैसियत में हैं।
आपकी बातों में छुपा है वह साहस और संजीवनी,
जो हमें हर कठिनाईयों से निकलने की राह दिखाता है।
आपका अद्भुत संबंध हमारे लिए हैं एक कविता,
जिसमें समाहित है समृद्धि और प्रेम का राजा।
आपके साथ बिताए गए पलों में है वह अनमोल खजाना,
जिसे हम नहीं भूल सकते, चाहे हम कहीं भी हों।
🥰
किसी अपने को खोने का गम सता रहा है,
दिल जोर-जोर से रोने का मन बना रहा है।
दिल में कुछ नदियों का उफान चल पड़ा,
जैसे मन आज हिमालय के शिखर से गिर पड़ा।
थोड़ी बेचैन सी लग रही है ज़िन्दगी,
थोड़ी उड़ने को मचल रही है ज़िन्दगी।
एक सर्द हवा चली मौसम में,
जो दिल को भेद कर गई बंजर सी धड़कन में।
अब तो हो गए है कुछ ऐसे हालात,
मन के अंदर ही हैं अधूरे से कुछ जज़्बात।
नहीं होंगे ये लफ्ज़ों से बायान,
क्योंकि रोने का मन पहले ही बन गया।
अब बात करने में लगेगा थोड़ा वक्त,
क्योंकि दिल बन रहा है धीरे-धीरे सख्त।
Miss you Babbaji 🥺
I love you so much ❤️🫰
कण कण में हैं प्रभु बसे
सब जग उसका धाम
कृष्ण कहो , राम कहो या शिव कहो
सब हैं उसके नाम...
♥️🌸💫🕉
हर हर महादेव 🌺🌺
जाड़े की धूप
टमाटर का सूप
मूंगफली के दाने
छुट्टी के बहाने
तबीयत नरम
पकौड़े गरम
ठंडी हवा
मुँह से धुँआ
फटे हुए गाल
सर्दी से बेहाल
तन पर पड़े
ऊनी कपड़े
दुबले भी लगते
मोटे तगड़े
किटकिटाते दांत
ठिठुरते ये हाथ
जलता अलाव
हाथों का सिकाव
गुदगुदा बिछौना
रजाई में सोना
सुबह का होना
सपनो में खोना.
स्वागत है सर्दियों का आना
सभी दोस्तों को भयंकर सर्दी की शुभकामनाएं😁
