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𝗩𝗶𝗸𝗿𝗮𝗺 𝗦𝗶𝗹𝗮𝘆𝗰𝗵

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All Rajasthan competition exam

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📈 Analytical overview of Telegram channel 𝗩𝗶𝗸𝗿𝗮𝗺 𝗦𝗶𝗹𝗮𝘆𝗰𝗵

Channel 𝗩𝗶𝗸𝗿𝗮𝗺 𝗦𝗶𝗹𝗮𝘆𝗰𝗵 (@vikramsilaych) in the Hindi language segment is an active participant. Currently, the community unites 17 112 subscribers, ranking 11 729 in the Education category and 24 533 in the India region.

📊 Audience metrics and dynamics

Since its creation on невідомо, the project has demonstrated rapid growth, gathering an audience of 17 112 subscribers.

According to the latest data from 31 July, 2026, the channel demonstrates stable activity. Although there has been a change in the number of participants by -320 over the last 30 days and by -18 over the last 24 hours, overall reach remains high.

  • Verification status: Not verified
  • Engagement rate (ER): The average audience engagement rate is 77.03%. Within the first 24 hours after publication, content typically collects 29.46% reactions from the total number of subscribers.
  • Post reach: On average, each post receives 13 184 views. Within the first day, a publication typically gains 5 042 views.
  • Reactions and interaction: The audience actively supports content: the average number of reactions per post is 12.
  • Thematic interests: Content is focused on key topics such as सेना, सिंह, परीक्षा, युद्ध, आयोग.

📝 Description and content policy

The author describes the resource as a platform for expressing subjective opinions:
All Rajasthan competition exam

Thanks to the high frequency of updates (latest data received on 01 August, 2026), the channel maintains relevance and a high level of publication reach. Analytics show that the audience actively interacts with content, making it an important point of influence in the Education category.

17 112
Subscribers
-1824 hours
-927 days
-32030 days
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इतिहास स्वयं को दोहराता है पहले त्रासदी के रूप में फिर प्रहसन के रूप में आप जितना पीछे की और देख सकते है उतने ही आगे की और देखने की संभावना होती है - कार्ल मार्क्स

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सही कह रहा है छोरा...तेरी छाछ मेरा बैंगण करते डोलने को भी कुछ लोग उपलब्धि के रूप में प्रचारित करते हैं....पढ़ना ऐसी चीज है जो जिंदगी में तनाव को सबसे ज्यादा कम करता है.....जिस किसी को हाइपरटेंशन की समस्या है उसे फिजूल लोगों से मिलना बंद कर किताबें पढ़ना शुरू कर देना चाहिए .....

उत्तर वैदिक काल का विभेदक लक्षण है (1) आर्यों का पूर्व की ओर विस्तार (2) धातु का प्रयोग (3) सभा और समिति जैसी राजनैतिक  संस्थाओं का उदय (4) साम्राज्यों का आविर्भाव उत्तर -1 व्याख्या - आर्यों के पूर्व की और विस्तार को लेकर शतपथ ब्राह्मण में विदेध माधव और उसके पुरोहित गौतम राहु गण की पूर्व की ओर यात्रा का वर्णन मिलता है।   इसमें लिखा है की सरस्वती नदी के तट पर रहने वाले विदेध माधव ने वैश्वानर अग्नि को अपने मुख में धारण किया ।घृत का नाम लेते ही वह अग्नि मुख से निकलकर पृथ्वी पर आ जाती और नदियों को जला देती इस प्रकार वह नदियों को जलाता हुआ पूर्व की ओर बढ़ गया किंतु वह सदा नीरा या गंडक नदी को जला नहीं पाया इस प्रकार उत्तर वैदिक आर्यों का प्रसार सदानीरा या गंडक नदी तक ही था।    

ऋग्वैदिक काल और उत्तर वैदिक काल में अंतर 👆👆