2 077
Subscribers
-124 hours
-157 days
-5030 days
Posts Archive
2 077
थका हूँ मैं और पलके भी भारी हैं, कैसे मर जाऊँ, मगर घर की ज़िम्मेदारी भी है।
खुदगर्जी में मस्तूर हैं दुनिया वाले, किस पे लुटाएं वफाएं, हर आँखों में होशियारी है।
कहते हैं आज बुरा तो कल शायद अच्छा होगा, बहकाते हैं लोग, लगता है इनकी कोई साझेदारी है।
चमकते कंकड़ों को एहमियत देते हैं लोग, मेरी नज़र में तो ये सब दुनियादारी है।
मोहब्बत ही है सब, बाकी सब कारोबारी है, जिम्मा है मुझपे मेरे घर का क्योंकि, मेरे अंदर थोड़ी वफादारी है।
2 077
SSC CGL 2024 Notification Will be Released Tomorrow🔥
Expected Vacancies - 20K(Approx.)
🔔 Always keep notifications of this Channel ON For Fastest nd Genuine Update.
Available now! Telegram Research 2025 — the year's key insights 
