Paperless Study
Open in Telegram
@Paperless_Study 👉 MPPSC | MP Patwari | MPSI 👉 SSC | RRB | VYAPAM & All 1 Day Exam 👉 Download Paperless Study App from Play store 😍
Show more7 471
Subscribers
-324 hours
-267 days
-12530 days
Posts Archive
7 471
MPSI Mains परीक्षा तिथि में संशोधन 🔥
09 अप्रैल की जगह 26 अप्रैल से होगी परीक्षा ✅
7 471
MP वन रक्षक / जेल प्रहरी भर्ती 2026 🚨
📢 फॉर्म शुरू – 28 Feb 2026
⏳ लास्ट डेट – 14 March 2026
📝 एग्जाम – 07 April 2026 से
🔥 सरकारी नौकरी का बड़ा मौका
📥 Notification Download करें अभी!
👉 जल्दी करें, समय सीमित है!
7 471
Mp.Police physical फिजिकल की डेट आ गई है और तुम्हारी मेहनत का समय आ गया है 🚨👮♂️💪
7 471
उस रात, जब पूरा भारत खुशियों में झूम रहा था, मैदान पर एक लड़की की आँखों में आँसू थे — जीत के नहीं, उन सपनों के जो सच हो गए थे।
वो थी क्रांति गौड़ — वही लड़की जिसने नंगे पैर खेलना शुरू किया था, और आज भारत को उसका पहला महिला वर्ल्ड कप दिलाया था।
क्रांति के पापा मुन्ना सिंह पुलिस में थे, पर 2012 में उनकी नौकरी चली गई। घर की हालत बहुत तंग थी। माँ ने अपने गहने बेच दिए, भाई ने पढ़ाई छोड़ दी, लेकिन किसी ने भी क्रांति को उसका सपना छोड़ने नहीं दिया।
12 साल की उस छोटी सी लड़की के पास न जूते थे, न किट — बस एक टेनिस बॉल और बहुत सारा जोश। 14 की उम्र में उसने पहली बार लेदर बॉल उठाई। कोच राजीव बिल्थरे ने उसकी मेहनत देखी और SAI अकैडमी में मुफ्त ट्रेनिंग दी। ₹1600 में उसके पहले क्रिकेट शूज़ खरीदे गए — और वहीं से शुरू हुआ उसका सफर उड़ान की तरफ।
धीरे-धीरे उसने मध्यप्रदेश की टीम से डेब्यू किया, फाइनल्स में पहुंची, और फिर राज्य को उसका पहला डोमेस्टिक टाइटल जिताया। इसके बाद WPL में UP वॉरियर्स ने उसे ₹10 लाख में चुना — पर क्रांति का असली सपना तो नीली जर्सी पहनना था।
जब वो सपना पूरा हुआ, और उसने इंग्लैंड के खिलाफ 6 विकेट (6/52) लेकर सबको हैरान कर दिया, तब दुनिया ने उसका नाम जाना।
और फिर वो पल आया — दक्षिण अफ्रीका पर 52 रनों की जीत, और भारत के सिर पर पहला महिला वर्ल्ड कप का ताज!
उस पल में, क्रांति गौड़ सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं रही — वो बन गई हर उस लड़की की उम्मीद, जो छोटे शहर से बड़े सपने देखने की हिम्मत रखती है।
क्रांति की कहानी सिखाती है — हालात कितने भी मुश्किल हों, अगर हौसला सच्चा हो, तो सपने ज़रूर जीतते हैं!
@paperless Study
Available now! Telegram Research 2025 — the year's key insights 
