ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
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🫴
एक उम्र गुज़ारने के बाद अहसास हुआ
इस तरह जीने का तो , इरादा ही नहीं था ... 🫧
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🫴
जब चक्रव्यूह घेर ले विपरीत परिस्थितियों का
तो समय प्रतिभा का प्रमाण मांगता है
लोग कयास लगाएंगे तुम्हारी हार का
मगर माधव के साथ वाला कहां कभी हार मानता है ।। ✨🩷
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🫴
घर की बड़ी बेटी पर जिम्मेदारियां ही बहुत है
इश्क़ , मोहब्बत के लिए उसे वक्त ही कहां है।। 🫠
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🫴
वक्त ने भर दिए कुछ ज़ख्म
और यादें भी अब कम खलती है
मगर किताबों पे धूल जमने से कहानियां कहां बदलती है।। 🌸
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🫴
नज़रें ठहरी , उसके सामने आते ही , होंठ तो कहां कुछ कह पाये
मेरे शीशे के आगे कहे सारे लफ़्ज़
बेफिजूल निकले 🫠
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🫴
ख्वाइश-ए-वफ़ा शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें संग मेरे हर ओर पांव पांव चली
धूप में बिताए को कुछ पल तो समझ आया
वो ज़िन्दगी ही क्या , जो छांव छांव चली ❤️✨
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🫴
किसी का आना और जाना , अब मुझे ज़्यादा हैरान नहीं करता
तेरे जाने कुछ यूं सम्भल चुका है मेरा दिल कि
अब किसी के भी जाने से कोई फ़र्क नहीं पड़ता ।। 🤧🙂
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🫴
ख्वाहिशें त्याग दी सब , निष्काम बनने के लिए
'राम' को बहुत कुछ सहना पड़ा , ' श्री राम ' बनने के लिए ❤️
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🫴
निकले थे घर से ख़ाली दिल लिए
सिखाया कुछ रास्तों ने , कुछ लगी ठोकरें
और हम चलते चले गये
मां के पास खरोंच की भी आदत न थी
वक्त ने दिए ज़ख्म ऐसे ,
और हम दर्द में भी ढलते चले गये
एकदम से आसमां बदला ज़मीं बदली
कुछ गिरे , कुछ उठे , कुछ देखा , कुछ सीखा
नए से ज़माने में , पुराने से हम
बस संभलते चले गये
मंजिलों के इस सफ़र में हम बदलते चले गए
सिखाया कुछ रास्तों ने , कुछ लगी ठोकरें
और हम चलते चले गये 🐣🌸
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🫴
तुम मुझसे मुझसा निभा के तो देखो
यकीं मानो इश्क हो या दोस्ती
मैं जान तक देने वाली लड़की हूं 🫠
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🫴
धड़कन संभालूं या सांसे काबू में करूं
तुम्हे नज़र भर देखने में आफ़त बहुत है 🤧🫠
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🫴
यकीन हो रहा है तुम्हे बातों से इश्क़ होने में
या मैं फ़िर से कुछ बताना शुरू करूं ? 🥲😁
