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ब्रह्मचर्य ही जीवन (हरीॐ)

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ब्रम्हचर्य पालन करने वालो के लिये विश्व का सर्वोत्तम टेलिग्राम चॅनल, यहा पर आपको ब्रम्हचर्य के बारे मैं सटीक और सही जानकारी मिलेगी लेख, pdf और पुस्तके | इस भारतवर्ष मैं फिर से ब्रम्हचर्य की महिमा का परिचय सबको कराये यही हमारा उद्देश है| #hastag

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किसी लक्ष्य तक पहुंचने के लिये सबसे पहले जरूरी है विचार करना और उसके बाद उसको हासिल करने का संकल्प करना,संकल्प के बिना हम निश्चित नहीं हो पाते की हम अपने लक्ष्य तक पहुंचगे या नहीं, अगर हम अपने कर्म को पूर्ण प्रयास लगाकर नहीं करेंगे तो हम किसी भी दौड़ में पीछे रह जायेंगे और अपने अंतिम लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाएंगे।

चरित्रवान व्यक्ति ही समाज, राष्ट्र व विश्वसमुदाय का सही नेतृत्व और मार्गदर्शन कर सकता है। आज जनता को दुनियावी सुख-भोग व सुविधाओं की उतनी आवश्यकता नहीं है, जितनी चरित्र की। अपने सुविधाओं की उतनी आवश्यकता नहीं है, जितनी की चरित्र की। अपने चरित्र व सत्कर्मों से ही मानव चिर आदरणीय और पूजनीय हो जाता है।

चरित्र मानव की श्रेष्ठ संपत्ति है, दुनिया की समस्त संपदाओं में महान संपदा है। पंचभूतों से निर्मित मानव-शरीर की मृत्यु के बाद, पंचमहाभूतों में विलीन होने के बाद भी जिसका अस्तित्व बना रहता है, वह है उसका चरित्र।

सबसे श्रेष्ठ संपत्तिः चरित्र

ब्रह्मचर्य का पालन करने से मनोबल बढ़ता है। ब्रह्मचर्य का पालन करने से रोग प्रतिरोधक शक्ति बढती है। ब्रह्मचर्य मनुष्य की एकाग्रता और ग्रहण करने की क्षमता बढाता है। ब्रह्मचर्य पालन करने वाला व्यक्ति किसी भी कार्य को पूरा कर सकता है।

जो वीर्य निकलता है! वह खोया खोया सा,सोया सोया सा रहता है! और जो वीर्य बचाता है वह हर समय पूर्णजागृत अवस्था में रहता है!

अपनी पीड़ा के लिए  संसार को दोष मत दो बल्कि अपने मन को समझाओ क्योंकि तुम्हारे मन का परिवर्तन ही तुम्हारे दुखों का अंत हैं।