Devendra Choudhary IAS
Open in Telegram
Welcome, For you guy's here uploading soon all videos Audio or class regarding UPSC examination. Make your own strategy and be succeed. जूनून है तो सब है -🚨 devendrakumarind1@gmail.com
Show more754
Subscribers
No data24 hours
-47 days
-1630 days
Posts Archive
यह घटना बेहद दुःखद है! दिवंगत लोगों को ईश्वर शांति प्रदान करे।
घायलों को जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना करता है।
इस गंभीर घटना से हृदय को गहरा आघात लगा , आज संवेदनाएं चीख रही हैं उन लोगों के लिए जो अपने उद्देश्यों के लिए उड़े थे यात्रा करने।
पुनः प्राण गंवाने वाले मेरे सभी बंधुओं को गहरे दुःख के साथ हृदयविदारक भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं ॐ शांति
घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की मंगल कामना करता हूं।
राज्य एवं एजेंसियों के सिविलियन सुरक्षा में हुई चूक कई परिवारों को अपूर्णीय क्षति से अत्यंत गहरा दुःखो का पहाड़ डाल गई है।
हमें आवश्यकता है इन परिवारों को साथ देने की और उनका दुःख दर्द साझा करने की।
भविष्य में इतनी गहन भीषण आपदा नहीं हो इसके लिए सरकार और विमानन कंपनियों में बेहतर मानकों का निर्धारण और कड़ाई से पालन आवश्यक है।साथ ही नियमित निगरानी और मॉक सुरक्षात्मक उपाय अपनाने आवश्यक हैं।
पुनः श्रद्धांजलि
An Air India flight from Ahmedabad to London has crashed in Ahmadabad Airport during take off..
Unfortunately is bar nhi ho paya , mujhe pahle se pata tha because of csat marks kam the Or overall 23-24 Questions Bach rhe the , COMPREHENSION me mistakes hui thi ) but don't forget your ultimate .... Now we focus on all aspect ov examination requirements , itne din result ka hi chal raha tha ki comprehension me kuch up down ho sakta hai.
but ab ham log sath me taiyar karenge PMI ko. Everything will be integrated and Concise.
Hit your Goal with huge potential and energy.
Your's
Devendra Kumar
_ _ _
June 11 , 2025
राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र कार्रवाई (नमस्ते / NAMASTE)
मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र के लिए राष्ट्रीय कार्रवाई (नमस्ते) –
लॉन्च वर्ष 2023-24
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के साथ मिलकर जुलाई 2023 में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र (नमस्ते) योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य खतरनाक सफाई की रोकथाम और प्रशिक्षित एवं प्रमाणित सफाई कर्मचारियों के माध्यम से सुरक्षित सफाई प्रथाओं को बढ़ावा देना है। इस योजना का उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक सफाई में लगे लोगों को औपचारिक बनाना और उनका पुनर्वास करना है।
नमस्ते योजना का उद्देश्य सफाई कार्य में शून्य मृत्यु दर प्राप्त करना, सफाई कर्मचारियों का मानव मल के साथ सीधे संपर्क को समाप्त करना, सभी सफाई कार्य सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से किया जाना, सभी सफाई कार्य कुशल श्रमिकों द्वारा किया जाना, आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों (ईआरएसयू) को सुदृढ़ बनाना और क्षमता प्रदान करना है, ताकि मशीनीकृत सफाई सेवाओं की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके, तथा स्वयं सहायता समूहों के गठन और उद्यमिता आदि के माध्यम से सफाई कर्मचारियों को सशक्त बनाया जा सके।
घटकों में सीवर और सेप्टिक टैंक श्रमिकों (एसएसडब्ल्यू) की प्रोफाइलिंग; एबी-पीएमजेएवाई के तहत स्वास्थ्य बीमा कवरेज; एसएसडब्ल्यू का व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण; स्वच्छता संबंधी वाहनों/उपकरणों की खरीद के लिए अग्रिम पूंजी सब्सिडी; एसएसडब्ल्यू को पीपीई किट; ईआरएसयू को सुरक्षा उपकरण और एसएसडब्ल्यू की सुरक्षा और सम्मान के बारे में जागरूकता के लिए आईईसी अभियान शामिल हैं।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में लगे कचरा बीनने वालों को 2024 में नमस्ते योजना के तहत एक घटक के रूप में शामिल किया गया है, जिसका उद्देश्य विभिन्न हस्तक्षेपों के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाकर सुरक्षित, सम्मानजनक और टिकाऊ आजीविका प्रदान करना है। कचरा बीनने वालों की गणना की जाएगी और उन्हें व्यावसायिक सुरक्षा और कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिया जाएगा; मौसम और ज़रूरत के हिसाब से पीपीई किट; आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई के तहत स्वास्थ्य बीमा कवरेज और कचरा संग्रह वाहनों आदि के लिए अग्रिम पूंजी सब्सिडी।
आयुष्मान भारत - पीएमजेएवाई के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा; कौशल विकास प्रशिक्षण और स्वरोजगार परियोजनाओं के लिए अग्रिम पूंजी सब्सिडी जैसे पूर्ववर्ती मैनुअल स्कैवेंजर्स के पुनर्वास हेतु स्वरोजगार योजना (एसआरएमएस) के घटकों को नमस्ते योजना में शामिल कर लिया गया है।
राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र कार्य (नमस्ते) {पूर्व में मैनुअल स्कैवेंजर्स के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना (एसआरएमएस)} वर्ष 2023-24 से लागू।
राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र कार्रवाई (नमस्ते)
मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र के लिए राष्ट्रीय कार्रवाई (नमस्ते) –
लॉन्च वर्ष 2023-24
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के साथ मिलकर जुलाई 2023 में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र (नमस्ते) योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य खतरनाक सफाई की रोकथाम और प्रशिक्षित एवं प्रमाणित सफाई कर्मचारियों के माध्यम से सुरक्षित सफाई प्रथाओं को बढ़ावा देना है। इस योजना का उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक सफाई में लगे लोगों को औपचारिक बनाना और उनका पुनर्वास करना है।
नमस्ते योजना का उद्देश्य सफाई कार्य में शून्य मृत्यु दर प्राप्त करना, सफाई कर्मचारियों का मानव मल के साथ सीधे संपर्क को समाप्त करना, सभी सफाई कार्य सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से किया जाना, सभी सफाई कार्य कुशल श्रमिकों द्वारा किया जाना, आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों (ईआरएसयू) को सुदृढ़ बनाना और क्षमता प्रदान करना है, ताकि मशीनीकृत सफाई सेवाओं की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके, तथा स्वयं सहायता समूहों के गठन और उद्यमिता आदि के माध्यम से सफाई कर्मचारियों को सशक्त बनाया जा सके।
घटकों में सीवर और सेप्टिक टैंक श्रमिकों (एसएसडब्ल्यू) की प्रोफाइलिंग; एबी-पीएमजेएवाई के तहत स्वास्थ्य बीमा कवरेज; एसएसडब्ल्यू का व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण; स्वच्छता संबंधी वाहनों/उपकरणों की खरीद के लिए अग्रिम पूंजी सब्सिडी; एसएसडब्ल्यू को पीपीई किट; ईआरएसयू को सुरक्षा उपकरण और एसएसडब्ल्यू की सुरक्षा और सम्मान के बारे में जागरूकता के लिए आईईसी अभियान शामिल हैं।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में लगे कचरा बीनने वालों को 2024 में नमस्ते योजना के तहत एक घटक के रूप में शामिल किया गया है, जिसका उद्देश्य विभिन्न हस्तक्षेपों के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाकर सुरक्षित, सम्मानजनक और टिकाऊ आजीविका प्रदान करना है। कचरा बीनने वालों की गणना की जाएगी और उन्हें व्यावसायिक सुरक्षा और कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिया जाएगा; मौसम और ज़रूरत के हिसाब से पीपीई किट; आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई के तहत स्वास्थ्य बीमा कवरेज और कचरा संग्रह वाहनों आदि के लिए अग्रिम पूंजी सब्सिडी।
आयुष्मान भारत - पीएमजेएवाई के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा; कौशल विकास प्रशिक्षण और स्वरोजगार परियोजनाओं के लिए अग्रिम पूंजी सब्सिडी जैसे पूर्ववर्ती मैनुअल स्कैवेंजर्स के पुनर्वास हेतु स्वरोजगार योजना (एसआरएमएस) के घटकों को नमस्ते योजना में शामिल कर लिया गया है।
राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र कार्य (नमस्ते) {पूर्व में मैनुअल स्कैवेंजर्स के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना (एसआरएमएस)} वर्ष 2023-24 से लागू।
माना कि तुम्हारे पास कुछ नहीं है पर एक अवसर है न तुम्हें कुछ करने का! - The Goal
है बहुत अंधियार अब सूरज निकलना चाहिए
जिस तरह से भी हो ये मौसम बदलना चाहिए
रोज़ जो चेहरे बदलते है लिबासों की तरह
अब जनाज़ा ज़ोर से उन का निकलना चाहिए
अब भी कुछ लोगो ने बेची है न अपनी आत्मा
ये पतन का सिलसिला कुछ और चलना चाहिए
फूल बन कर जो जिया है वो यहां मसला गया
ज़ीस्त को फ़ौलाद के सांचे में ढलना चाहिए
छीनता हो जब तुम्हारा हक़ कोई उस वक़्त तो
आंख से आंसू नहीं शोला निकलना चाहिए
दिल जवां सपने जवां मौसम जवां शब भी जवां
तुझ को मुझ से इस समय सूने में मिलना चाहिए।
©
गोपाल दास नीरजRepost from Sukh Ram IPS '25 Batch
आप विराट कोहली से क्या सीख सकते हो… विराट कोहली का व्यक्तित्व हमें बहुत कुछ सिखाता है-
1. आपके अंदर सफलता की भूख होनी चाहिए वो भूख तब तक शांत नहीं होनी चाहिए जब तक आप अपनी मंजिल को पा न लें ।
2. आप जिस समय में जो चीज कर रहे हैं उसमें अपना 100% दें क्योंकि जब कोहली भारतीय टीम में होते हैं तो रोहित शर्मा के आउट होने पर दुखी होते हैं और रोहित द्वारा छक्का लगाने वे बहुत खुश होते हैं वहीं जब कोहली RCB में होते हैं और उनके सामने मुंबई इंडियंस होती है और रोहित के आउट होने वे बहुत खुश होते हैं और रोहित द्वारा छक्का लगाया जाना उनको अच्छा नहीं लगता… मतलब अपने वर्तमान के काम में जुनून होना बहुत ज़रूरी है । 100% Dedication 🚨😎
3. आप हमेशा natural personality बनाएं रखें अर्थ यह है कि आप जो है वही रहें , कुछ होने का दिखावा न करें । कोहली को जब गुस्सा आता है तो वे जाहिर भी करते हैं और ख़ुशी के पल बहुत अच्छे से एंजॉय करते हैं । वहीं एक सामान्य मनुष्य की तरह जब सफलता बहुत लंबे समय बाद मिलती हैं तो रोना भी आ जाता है जैसे कि आज RCB के जीतने पर उनकी आँखें नम हो गई ।
अंत में RCB को जीत के लिए लाख लाख बधाइयाँ और आपको उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ 😊☺️🙏
Available now! Telegram Research 2025 — the year's key insights 
