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काम संहिता🙏
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सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
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सेक्स करना संसार में रहने वाले जीवित प्राणियों की एक ऐसी क्रिया है, जिसके बिना सब अधूरा है। प्यार भरे रिश्ते में सेक्स एक अहम भूमिका निभाता है। संभोग क्रिया जिंदगी की उन चीजों में शामिल में जिससे कपल के बीच प्रेम प्रगाढ़ होता जाता है। वहीं, इसमें किसी तरह कमी होती तो संबंध विच्छेद होने तक का खतरा बन जाता है। इसलिए अगर आप अपनी सेक्स लाइफ को रोमांच से भरपूर बनाये रखना चाहते हैं, और हर दिन एक ही तरह के सेक्स से तंग आ चुके हैं, तो अपनी सेक्स लाइफ में कुछ नया और रोमांटिक करने के लिए और सेक्स के चर्मोत्कर्ष पर पहुंचने के लिए इन पोज़िशन्स को जरूर आजमाएं...
#गेट_डाउन_पोजीशन_
इस पोजीशन में पुरुष लोटस पोजीशन में बैठता है और स्त्री पुरुष के ऊपर इस तरह बैठती है कि उसके दोनों पैर साथी के कमर से बंध जाए। इस पोजीशन में सेक्स का भरपूर आनंद लेने के लिए एक-दूसरे को किस करके रोमांच की भावना को बढ़ाएं।
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पुरूष-चित वाली स्त्रियाँ अंग प्रदर्शन करती है, अपने प्रेमी को आकर्षित करना चाहती है। बारबार बालों को संवारने का, अन्य तरीकों से ध्यान खींचना चाहती हैं। समझना कि, वह स्त्री प्रेम में पहल करना चाहती हैं। क्योंकि वह पुरुष-प्रवृत्ति की है, स्त्री-शरीर के भीतर पुरुष-चित्त है। लेकिन तब तुम उपद्रव में पड़ सकते हो। अगर तुम सचमुच पुरुष-चित्त हो तो वह स्त्री जल्दी ही तुम्हारे लिए आकर्षक नहीं रह जाएगी..........
लेकिन अगर तुम स्त्रैण हो-तुम्हारा शरीर पुरुष का है, और चित्त स्त्री का-तो तुम स्त्री को पहल करने दोगे.........
स्त्री हमेशा प्रेम में प्रतीक्षा करेगी। वह कभी नहीं कहेगी कि मैं तुम्हें प्रेम करती हूँ जब तक उससे यह निवेदन तुम नहीं कर चुकोगे और प्रतिबद्ध नहीं हो जाओगे। क्योकी प्रतीक्षा, लज्जा और सहनशीलता में ही स्त्री सुलभ स्वभाव है.........
लेकिन इसके विपरीत यदि स्त्री पहल करती है, तब वह पुरुषेयन चित्त की होती है, और पुरुष की भाँति कामुक और संभोग के लिए अति तीव्र होती है। ऐसी स्त्रियों से सामंजस्य जो स्त्रि-चित के पुरुष होते हैं, उनसे ही हो सकता है............
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~ सुंदर स्त्री ~
एक सुंदर स्त्री पास से तुम्हारे गुजरती है, तुम झट से नीचा सिर कर लेते हो।
क्या तुम सोचते हो यह ब्रह्मचर्य है?
सुंदर स्त्री को देखकर ही आंख नीची क्यों हो गई?
तुम जब किसी सुंदर स्त्री को देखकर सिर झुका लेते हो या दूसरी तरफ देखने लगते हो, यह तुम्हारा सिर झुकाना और दूसरी तरफ देखना, सिर्फ तुम्हारे भीतर जलती हुई वासना की खबर देता है और कुछ भी नहीं सिर्फ प्रज्वलित वासना की।
तो जो आदमी संसार छोड़कर भागता है, सिर्फ इतनी ही खबर देता है कि संसार में उसे बड़ी आसक्ति है;
उसको हम विरक्त कहते हैं।
जो आदमी स्त्री बच्चों को छोड़कर चला जाता है, उसको हम ब्रह्मचारी कहते हैं। छोड़कर जाने की जरूरत क्या थी?
छोड़कर जाने का अर्थ है कि डर है, भय है। भोग योग एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जब बोध होता है तो पूरा सिक्का गिर जाता है।
त्यागी में भोग छिपा रहता है, दिखाई नहीं पड़ता।
भोगी में त्याग छिपा रहता है, दिखाई नहीं पड़ता।
मैं तुम्हें एक बड़ी क्रांति की दृष्टि दे रहा हूं यह पूरा सिक्का ही व्यर्थ है।न तो परमात्मा ऊंचा है, न तुम नीचे हो। ऊंच नीच की बात ही व्यर्थ है। मैं तुम्हें कोई गौरीशंकर के शिखर नहीं दिखा रहाहूं
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पुरूष...
*
जिसके लिए बहुत कम लिखा गया है..
सारा प्रेम, सौंदर्य, साहित्य,
आ गया स्त्रियों के हिस्से।
शायद इसलिए ही क्योंकि
पुरूषो ने स्वयं को महत्व नही दिया,
अपने से बहुत ऊपर रखा अपनी प्रेयसी को।
सच भी यही है...
जब पुरूष अथाह प्रेम मे होता है,
वो शब्दों से नही जता पाता प्रेम को अपने,
स्त्रियों के पास प्रेम कहने के लिए
शब्दों के भंडार होते है।
पुरूष शब्दों से परे,
अपनी प्रेयसी के लिए संसार के
तमाम सुख इकट्ठा करने की चाह रखता है
वो सपने देखने लगता है के वो किस तरह
अपनी प्रेयसी को एक सबसे सुखद और
खुशहाल रानी बनाए रखे ताउम्र।
वो नही कह पाता वो सब, जो वो कर देता है..
पुरूष को जताना नही आता,
शायद वो अपने प्रेम के लिए किए गये
प्रयासो को दिमाग मे ही नहीं रखता,
वो उन्हे अपना दायित्व मानकर
बस पूरा करता चला जाता है
अपनी प्रेयसी की एक सुखद मुस्कान पाने के लिए।
पुरूष पूरे संसार के लिए
बहुत ज्यादा मजबूत सख्त बनकर रहेगा..
लेकिन अगर वो एक बच्चे के जैसा बनता है,
तो केवल अपनी प्रेयसी की गोद मे सिर रखकर।
बहुत कोमल ह्रदय होता है पुरूष का ,
जब उसे अथाह प्रेम लुटाने वाली स्त्री मिल जाती है
तब वो शिशु की भाति छुपा लेता है खुद को
उसकी गोद मे और भूल जाना चाहता है सबकुछ,
बहुत भागयशाली होती है हैं वो स्त्रियाँ
जिनके लिए उनका प्रेमी आँखो मे पानी ले आता है।
यहाँ केवल सच्चे ईमानदार पुरुषों की बात हो रही है..
जो नायक है प्रेम ग्रंथो के जिनके लिए
लिखा जाना चाहिए एक अमर साहित्य....🌹🙏
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हा हम विवाहीत महिलाएं सोशल पर ढुँढने आती हैं खुद को ,
जो खो सी गई हैं घर की जिम्मेदारियों मैं ,
वो यहाँ प्यार के चक्करों मैं नही पढना चाहती ,
वो ढुँढती है , बस एक दोस्त , जिसके लिए वो खास हो ,
और उसके लिए वो खास हो ,
कर सके जिससे वो अपने मन की , जो कह नही पाती किसी को ,
जो दबी हैं उसके अंर्तमन मैं कहीं बहोत गहरी ,
वो खोलना चाहती हैं खुद को परत दर परत ,
जहाँ छुपी हैं एक नाजुक सी बच्ची बहोत गहरी ,
कोई हो जो उसे एहसास करा सके की वो आज भी सुंदर हैं और उसका मन निर्मल नदी सा पाक हैं ,
ये महिलाएं use nd throw नही होती , ये स्वाभिमान से भरी ,
अनुभव से भरी , बेजोड़ शख्सियत की मालकिन होती हैं ......
पुरुष इनको कमजोर और असाहय समझने की गल्ती ना करे 🤷🏻♀️
ये महिलाएं आत्म विश्वास से भरी मजबूत होती हैं.....🌹♥️🥰🌹
जय नारीशक्ति....🙏
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एक प्यासा आदमी कुएं के पास गया ,वहां एक औरत पानी भर रही थी।
औरत ने प्यासे आदमी को पानी पिलाया उसके बाद उस आदमी ने औरत से पूछा कि आप मुझे औरतों की चालाकी के बारे में बताओ, इतना कहने पर वह औरत जोर जोर से चिल्लाने लगी बचाओ बचाओ इतना सुनकर गांव के लोग कुए की तरह दौड़ने लगे तो उस आदमी ने कहा कि तुम ऐसा क्यों कर रही हो, तो उस औरत ने कहा ताकि गांव वाले आए और आपको खूब पीटा इतना पीटे की पीट-पीटकर आप को मार डाले तो उस आदमी ने कहा मुझे माफ करें, मैं तो आपको एक भली और नेक इज्ज़तदार औरत समझ रहा था। औरत ने मटके का सारा पानी अपने बदन पर डाल लिया गांव वाले आए तो पूछा की क्या हुआ औरत ने कहा मैं कुएं में गिर गई थी इस भले आदमी ने मुझको बचा लिया गांव वालों ने उस आदमी की तारीफ की और उसको कंधों पर उठा लिया उसको खुश कर दिया और उसको इनाम भी दिया।
जब गांव वाले चले गए तो औरत ने उस मुसाफ़िर से कहा अगर तुम औरत को तकलीफ देंगे तो वो तुम्हारे सुख और चैन छीन लेगी और अगर खुश रखोगे तो तुम्हें मौत के मुंह से भी निकाल लेगी...
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ठंड में
हसीना के
अंग अंग से
पानी नहीं टपका
और मैं पुरुष उसकी
गर्म तवा से जलती
जिस्म को अपनी जीभ
और वीर्य के पानी
से शांत नहीं किया
तो फिर संभोग क्या ?
गर्मी में तो पसीना सबके टपकते हैं
सर्दी में हसीना के जिस्म का पसीना
और पुरुष के लिंग का पानी
टपकना ही परम सुख है।
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~ सुंदर स्त्री ~
एक सुंदर स्त्री पास से तुम्हारे गुजरती है, तुम झट से नीचा सिर कर लेते हो।
क्या तुम सोचते हो यह ब्रह्मचर्य है?
सुंदर स्त्री को देखकर ही आंख नीची क्यों हो गई?
तुम जब किसी सुंदर स्त्री को देखकर सिर झुका लेते हो या दूसरी तरफ देखने लगते हो, यह तुम्हारा सिर झुकाना और दूसरी तरफ देखना, सिर्फ तुम्हारे भीतर जलती हुई वासना की खबर देता है और कुछ भी नहीं सिर्फ प्रज्वलित वासना की।
तो जो आदमी संसार छोड़कर भागता है, सिर्फ इतनी ही खबर देता है कि संसार में उसे बड़ी आसक्ति है;
उसको हम विरक्त कहते हैं।
जो आदमी स्त्री बच्चों को छोड़कर चला जाता है, उसको हम ब्रह्मचारी कहते हैं। छोड़कर जाने की जरूरत क्या थी?
छोड़कर जाने का अर्थ है कि डर है, भय है। भोग योग एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जब बोध होता है तो पूरा सिक्का गिर जाता है।
त्यागी में भोग छिपा रहता है, दिखाई नहीं पड़ता।
भोगी में त्याग छिपा रहता है, दिखाई नहीं पड़ता।
मैं तुम्हें एक बड़ी क्रांति की दृष्टि दे रहा हूं यह पूरा सिक्का ही व्यर्थ है। न तो परमात्मा ऊंचा है, न तुम नीचे हो। ऊंच नीच की बात ही व्यर्थ है। मैं तुम्हें कोई गौरीशंकर के शिखर नहीं दिखा रहा हूं....
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💝यदि पुरुष स्त्री को अपनी
बाहों में लेना चाहता है तो ,
उसका तात्पर्य केवल वासना
मात्र ही नहीं हो सकता है ....❤️
कई दफा इसका अर्थ होता है ,
वह स्त्री को उसकी आत्मा तक
स्पर्श करना चाहता है ...❤️
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बिना कहे जो अपने प्रिय की मुश्किल और उसकी परेशानी एवम उसका गुस्सा भाप ले वही तो मित्र होता है
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🔴स्त्रीत्व को छूना भी एक कला है।
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तुम नंगे हो जाओ, कपडे उतारने की बात नहीं कह रहा हूँ; मन के आवरणों को हटाने की बात कह रहा हूँ। लेकिन जब भी ऐसी कोई बात होती है तो तुम्हारे ख्यालो में स्त्री ही आती है! क्योकि ये बात जानकर तुम हैरान होगे कि तुम्हारी पत्नी भी स्त्री ही है!
तुम रोज उसे बिस्तर पर साथ पाते हो पर फिर भी उसे समझने की, जानने की चाह कभी नही की! अभी तुम्हे स्त्रीत्व तक पहुँचने में देर है; स्त्री को समझने का, उसके तन को जानने का दम चाहिए। अदभुत साहस चाहिए, प्रेम की अनुभूति चाहिए। परम की आकांक्षा चाहिए।
जबकि लोग उसके उभारो की ऊँचाई देखकर गिर जाते हैं। उसकी गहराइयो में ऐसे डूबते हैं कि मरकर के वापस आते हैं। इसलिए जब भी तुम्हें स्त्री के नजदीक जाने का अवसर मिले तो चूकना मत! जरुरी नहीं कि हर बार तुम सेक्स में हो जाओ, कुछ समय ऐसा भी गुजारना; जहाँ तुम शरीर के पार देखने की कोशिश करना; शायद तुम उसके दिल की धडकन सुन सको, शायद तुम उसके स्त्रीत्व को छू सको, और जिस पल तुमने उसके स्त्रीत्व को छू लिया!
तब अचानक से वासना तिरोहित होगी, और प्रेम का आगमन होगा, तुम एक परमसुख की अनुभूति करोगे, एक ऐसा आनंद जो तुम्हे जन्मों जन्मों तक गुदगुदाता रहेगा, तुम मुस्करा उठोगे, खिल जाओगे, और यही खिलावट तुम्हे जीवन के परम सत्ता की अनुभूति देगी, जीवन के परमआनंद से तुम्हारा मिलन होगा।
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महिलाओं के लिए विशेष चेतावनी ;
महिलाएं fb , इंस्टाग्राम पर अपनी क्लियर फ़ोटो पोस्ट करने में सावधानी बरतें.......
Bulli bai app और sulli app पर मुस्लिम महिलाओं की फ़ोटो डालकर उनकी नीलामी की जा रही थी,
यह किसी के भी साथ हो सकता है , यहां फ़ोटो पोस्ट करके तारीफ लेने से अच्छा है सिर्फ फैमिली व्हाट्सएप स्टेटस पर पोस्ट करिये,
हिन्दू महिलाओं के लिए भी अब बात आ रही हैं और सारे फोटोज fb, इंस्टा से लिये जा रहें हैं,
यदि महिलाओं को अपनी फोटो डालने का ज्यादा शौक है तो fb पर घर परिवार के व्यक्ति को छोड़कर किसी को भी add न करें अन्यथा किसी गलत साइट पर आपकी फ़ोटो दिखेगी तो फिर आप जाने...,
काफी दिनों से में यह किसी को समझाने की प्रयत्न कर रहा हु पर कोई भी नही मान रहा
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स्त्री
स्त्री कभी यह भी नहीं कहती सीधा कि यह करो, लेकिन वह जो चाहती है करवा लेती है। वह कभी नहीं कहती कि यह ऐसा ही हो, लेकिन वह जैसा चाहती है वैसा करवा लेती है। लाओत्से यह कह रहा है कि उसकी शक्ति यही है कि वह दासी है..कि वह छाया हो गई है। बड़े से बड़े शक्तिशाली पुरुष स्त्री के प्रेम में पड़ जाते हैं, और एकदम अशक्त हो जाते हैं।
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प्रेम खतरनाक है, संभोग नहीं
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जो लोग प्रेम से डरे होते हैं, वे संभोग से भयभीत नहीं होते हैं प्रेम खतरनाक होता है, संभोग नहीं, क्योंकि इसे तो मैनिपुलेट किया जा सकता है। यह एख तकनीक में बदल सकता है। औऱ आजकल बहुत से मैनुअल आ गए हैं कि शारीरिक संबंध कैसे बनाएं लेकिन प्रेम कभी तकनीकी नहीं हो सकता संभोग में भी एक हद तक ही आफ नियंत्रण रख सकते हैं एक समय के बाद अल्टीमेट तक पहुंचने के लिए आपको नियंत्रण छोड़ना ही पड़ता है इसीलिए ऑर्गैजम दिन पर दिन कठिन होता जा रहा है। स्खलन का मतलब ऑर्गैजम नहीं है, बच्चे को जन्म देना ऑर्गैजम नहीं है इस प्रक्रिया में तो मन, शरीर, आत्मा सब एक साथ गतिमान हो जाते हैं। आपका सिर से लेकर पैर के अंगूठे तक आपका रोम-रोम रोमांचित हो उठता है यह वह अवस्था है जब आप खुद के नियंत्रण से बाहर चले जाते हैं जब आपके अस्तित्व ने आप पर अधिकार कर लिया होता है औऱ आपको खुद पता नहीं रहता कि आप कहां है। यह एक पागलपन है, यह एक नींद की तरह है, यह एक ध्यान है, यह एक मृत्य है।
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#______स्त्री ....
कर सकती है प्रेम बिना वासना की माँग किये..
वो अलग आधार ढूँढती है
#____प्रेम का..
यदि हम उसकी सारी संवेदनाएँ
दूर से समझ लें..
तो वो स्वयं को तृप्त महसूस करती है..
और पुरुष द्वारा की गई
हिंसा को भी प्रेम के रुप मे स्वीकारती है..
लेकिन हम जब उसको तोलने लगते हैं..
अपने जज़्बातों से तो वो..
प्रेम की इस काल्पनिक दुनिया से..
निकलकर खुद को एकांत रखना चाहती है..
और अपने प्रेम को कभी मैला नही होने देती ..!!!
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