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काम संहिता🙏
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सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
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सेक्स तनाव को कम करता है
आपके पार्टनर के करीब जाने से चिंता और तनाव में कमी आती है। अम्बरदार कहती हैं, गले लगाने या छूने से आपके शरीर से ख़ुशी का अनुभव कराने वाले हार्मोन (feel-good hormone) मुक्त होते हैं। कामोत्तेजना (Sexual arousal) के समय आपके मस्तिष्क से एक रसायन मुक्त होता है जिसके कारण आपके मस्तिष्क का ख़ुशी और प्रतिक्रिया का स्तर बढ़ जाता है। सेक्स और घनिष्ठता (intimacy) आपका आत्म सम्मान और ख़ुशी बढ़ाते हैं। अम्बरदार के अनुसार, यह न केवल स्वस्थ्य बल्कि खुश रहने का भी एक बेहतरीन नुस्खा है।
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डॉगी स्टाइल सेक्स लाइफ को स्पाइस अप करने के लिए शायद सबसे ज्यादा लोकप्रिय पोजीशन है। अधिकांश युगल डॉगी स्टाइल सेक्स को शरारती और हॉट पोजीशन मानते हैं, जबकि कुछ इसे बॉडी के ऐसे एंगल्स में हिट करने का एक शानदार तरीका मानते हैं, जहां वे सामान्य तौर पर आम सेक्स पोजीशन में हिट नहीं कर पाते हैं। यह पोजीशन बहुत सारे तरीकों से की जा सकती है जैसे की आप किसी चीज के सहारे (चेयर/दीवार/बेड आदि) इस पोजीशन में आ सकतें हैं जिसमें एक पार्टनर दूसरे पार्टनर की योनी या वेजाइना में प्रवेश करता है। इसमें एनाल सेक्स भी किया जा सकता है।
यह पोजीशन तब बहुत अच्छी है जब आप अपने मेल पार्टनर को पूरी तरह से सेक्स को कंट्रोल करने का मौका देतीं हैं जिससे वह अच्छे से आपको झटके (thrust) दे पाए। डॉगी स्टाइल में लड़की अपने दोनों हाथों और पेरों को घुटनों के बल टिकाकार बैठती है और लड़का पीछे से इंटरकोर्स करता है। इसमें वह चाहे तो आपके क्लिटोरिस को भी टच या फिंगर कर सकता है ताकि आपको और भी अच्छा लगे। इसमें डीप पेनीट्रेशन और लड़की का जी-स्पॉट उत्तेजित होता है। हालांकि या पोजीशन रिस्की है इसलिए दोनों पार्टनर ध्यान से और सही जगह पर ही इस पोजीशन में सेक्स करें।
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मासिक धर्म में दर्द हो रहा है, तो इसका इलाज क्या है ?
मासिक धर्म में बहुत दर्द हो रहा है तो आपको कुछ इलाज करना चाहिए जैसे कि –
मासिक धर्म में दर्द हो रहा है
महावारी के समय पेट के निचले हिस्से में दर्द हो रहा है तो आपको पीठ और पेट को निचले हिस्सों में अच्छी तरह से मसाज करना चाहिए, हो सके तो आप अपनी किसी नजदीकी व्यक्ति से मसाज करवा सकते हो |
अगर महिलाएं अपनी सेहत की तरफ अच्छी तरह से ध्यान देती है और रोजाना विटामिन b1 और कैल्शियम जैसी गोलियों का डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेती है, तो उन्हे पीरियड्स में ज्यादा दर्द नहीं होता है |
पीरियड्स आने से पहले अगर आप रोजाना कुछ समय तक योग क्रिया और व्यायाम करती है, तो पीरियड्स में आपको दर्द नहीं होता है |
महिलाओं को नहाते समय हल्के गुनगुने पानी से नहाना चाहिए जिससे कि हमारे शरीर का तापमान संतुलित रहता है और हमारा शरीर का फैलाव अच्छी तरह से हो सकता है | इसीलिए महिलाओं को दिन में से दो से तीन बार गुनगुने पानी से नहाना चाहिए |
पीरियड्स के दर्द से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं को अपने शरीर को जैतून का तेल से या नारियल का तेल से मालिश करनी चाहिए, जिससे उन्हें आराम महसूस होता है |
अधिक मात्रा में पानी का सेवन करना महिलाओं के लिए लाभदाई होता है, इसीलिए महिलाओं को पीरियड्स आने से पहले गुनगुने पानी का सेवन करना चाहिए |
माहवारी में पेट दर्द का आयुर्वेदिक इलाज
ज्यादातर महिलाएं पीरियड्स में दर्द होने की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आयुर्वेदिक दवा या फिर से छुटकारा पाने के लिए रामबाण दवा के बारे में खोजती रहती है, इसीलिए आपको पीरियड्स में दर्द का इलाज करने के लिए, आप एक चम्मच शहद में एक चम्मच हल्दी पाउडर लेकर उसमें थोड़ा सा जीरा मिला लें और इस मिश्रण में एक गिलास गुनगुना पानी डाल दे और इस मिश्रण को अच्छी तरह से उबालें जब तक यह गाढ़ा होने लगता है, तब गाढ़ा होने के बाद आप इसे एक कप में डालकर इसका सेवन कर ले |
अगर आप इस आयुर्वेदिक मेडिसिन को दिन में से दो से तीन बार पीती है तो आपको पीरियड्स में पेट दर्द की समस्या से आयुर्वेदिक तरीके से छुटकारा मिल जाएगा |
अगर आपको पीरियड के दौरान अधिक मात्रा में दर्द हो रहा है, तो आपको एक चम्मच हल्दी का पाउडर एक गिलास दूध के साथ मिलाकर पीना चाहिए | क्योंकि हल्दी का सेवन करने से हमारे शरीर में गर्मी
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पावरफुल सेक्स लाइफ के लिए जूस Juice for powerful sex life
#गाजर_का_जूस
गाजर का जूस सेक्स से जुड़ी समस्याओं में बहुत कारगर साबित हुआ है। यह बहुत किफायती भी है। बहुत आसानी से बनाया जा सकता है। यह सेक्स से संबंधित समस्याओं के साथ-साथ सेक्स की इच्छा को जगाने में बहुत प्रभावी है।
गाजर बहुत आसानी से उपलब्ध हो जाती है, उसी तरह गर्मियों में तरबूज की उपलब्धता बहुत आसान है। इसमें अमीनो एसिड होता है, जिसे एल-सिट्रीलाइन कहा जाता है। यह तत्व हमारे यौन जीवन (Sex Life) के लिए बहुत उपयोगी है। तरबूज का जूस हमारे शरीर के कमर के हिस्से के नीचे रक्त के प्रवाह को भी बढ़ाता है, जिससे यौन शक्ति बढ़ती है। इसे प्राकृतिक वियाग्रा भी कहा जाता है।
#तरबूज_का_जूस
तरबूज में बीटा कैरोटीन, लाइकोपीन और सिट्रूलिन जैसे तत्व होते हैं जो आपको रिलेक्स महसूस कराएंगे और आप बिस्तर में अपने साथी के साथ अच्छा समय बिता पाएंगे।
#अनार_का_जूस
कई बीमारियों के लिए रामबाण माना जाता है। अनार में एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर में रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाता है और मर्दाना कमजोरी यानि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन में बहुत प्रभावी है। रोजाना एक गिलास अनार का जूस पीने से आप काफी रिफ्रेश महसूस करेंगे। साथ ही आपकी यौन क्षमता (Sexual ability) में भी काफी वृद्धि होगी।
#चुकंदर_का_जूस
मर्दाना कमजोरी को दूर करने या यौन शक्ति को बढ़ाने के लिए चुकंदर का जूस भी बहुत कारगर उपाय है। इसमें अन्य सब्जियों की तुलना में 20 गुना अधिक नाइट्रेट होता है। इसके साथ ही शरीर को एक खास तरह का मिनरल मिलता है, जो सेक्स हार्मोन के लिए बहुत जरूरी है। चकुंदर के जूस के सेवन से शरीर में रक्त का प्रवाह भी सुधरता है।
इन 4 प्रकार के जूस का सेवन कर आप अपनी सेक्स लाइफ को पावरफुल बना सकते हैं लेकिन एक बात का ध्यान रखें जरुरत से ज्यादा इनका सेवन न करें बरना आपको इनके नुकसान भी झेलने पड़ सकते हैं।
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#गर्भवती_होने_के_लिए_कब_करें_सेक्स?
ओव्यूलेशन के समय आप सबसे अधिक फर्टाइल (गर्भवती होने योग्य ) होती हैं। ओव्यूलेशन का समय, यानी वह समय जब अंडे आपके अंडाशय से निकलते हैं। आमतौर पर यह अगला पीरियड शुरू होने से 12 से 14 दिन पहले होता है। इस समय, सेक्स करने से प्रेग्नेंट होने की सबसे अधिक संभावना है।
गर्भवती होने के लिए कब करें सेक्स का उदाहरण 1:
आपका पीरियड 10 सितंबर को शुरू हुआ था, और आप जानती हैं कि आपकी एमसी की रेंज लगभग 28 दिन है, तो अब आप
10 तारीख से 28 दिन गिन लीजिये , अर्थात आपकी MC 7 अक्टूबर को समाप्त होगी।
और आपका अगला पीरियड 8 अक्टूबर को आएगा।
इसके मुताबिक, अगर आप 8 अक्टूबर से 12 से 14 दिन पहले यानी 24 से 26 सितंबर के बीच सेक्स करती हैं, तो आपके गर्भवती होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
गर्भवती होने के लिए कब करें सेक्स का उदाहरण 2:
आपका पीरियड 15 जून को शुरू हुआ और आपकी MC की रेंज 30 दिनों की है
15 जून से 30 दिनों को काउंट करिए, इसका मतलब है कि आपका मेंस्ट्रुअल साइकिल (MC) 14 जुलाई को समाप्त हो जाएगा और अब 15 जुलाई को अगला पीरियड (मासिक धर्म) आने की संभावना है।
तो इसका मतलब है कि आपके ओवुलेशन का समय लगभग से 1 से 3 जुलाई (15 15 जुलाई से 12 से 14 दिन पहले) है।
यानि प्रेग्नेंट (Pregnant) होने के लिए इन तीन दिनों के दौरान सेक्स करना बेहतर होगा।
गर्भवती होने के लिए कब करें सेक्स का उदाहरण 3:
आपका पीरियड शुरू हुआ 25 मई को और आपकी मेंस्ट्रुअल साइकिल (MC) की रेंज 23 दिनों की है
25 मई से 23 दिनों को काउंट करें, यानि आपका पीरियड 16 जून को समाप्त होगा और अगला मासिक धर्म 17 जून को शुरू होने की संभावना है।
तो इसका मतलब है कि आपका ओवुलेशन समय 3 जून से 5 जून के आसपास है।
गर्भवती होने के लिए, इन तीन दिनों के दौरान सेक्स करना बेहतर होगा।
पीरियड समाप्त होने के तुरंत बाद गर्भवती होने की बहुत कम संभावना होती है, हालांकि अभी भी कुछ गुंजाइश है की आप प्रेग्नेंट हो जाएँ। ऐसा इसलिए है क्योंकि पुरुष के शुक्राणु (male sperms) सेक्स करने के बाद 5-7 दिनों तक जीवित रह सकते हैं। इसका मतलब है कि यदि आपकी एमसी की रेंज (MC duration) बहुत कम है और आप अपने पीरियड के तुरंत बाद ओव्यूलेट (ovulate) करती हैं तो आप गर्भवती हो सकती हैं। ऐसे में जो कपल प्रेग्नेंट नहीं होना चाहते,
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हर कोई सेक्स करना चाहता है, लेकिन इसके बारे में बात नहीं करना चाहता। देश भर के हजारों पुरुषों और महिलाओं के यौन संबंध को जानें, जैसा कि हमने जाना है, और यह बहुत बड़ी विडंबना है। कि इसमें संचार की कमी शामिल है, रुचि की कमी नहीं, पुरुषों के लिए शीर्ष बेडरूम शिकायत है की उनकी महिला साथी उनके साथ फोरप्ले नहीं करती। महिलाओं के लिए, यह दूसरे स्थान पर है, जो कहतीं है की उनके पति बहुत कम फोरप्ले करते हैं या बिलकुल भी नहीं करते हैं।
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एक बार जब आप अपने गर्लफ्रेंड को छूना और उत्तेजित करना शुरू कर देंगे, तो फिर आपको सही समय पर उसे किस करना होगा। वह आप की ओर मुड़ती और आपकी आँखों में दिखती है, तो, यह चुंबन के लिए सही समय हो सकता है। यदि आप अपनी गर्लफ्रेंड को उत्तेजित करना चाहते हैं, तो आपको अपने चुंबन से उसकी इच्छा में वृद्धि करनी चाहिए। यहाँ जाने कैसे आपको अपनी गर्लफ्रेंड को उत्तेजित करने के लिए किस करना चाहिए:
अपनी जीभ का इस्तेमाल पहले से न करें: यहां तक कि अगर आप कुछ समय के लिए अपni गर्लफ्रेंड को चुंबन देने के बाद, आपको फ्रेंच किस सीधे नहीं लेना चाहिए इसमें आप बहुत ही आक्रामक दिखेगें।
अपनी गर्लफ्रेंड के होंठों को हल्के से स्पर्श करें और फिर धीरे से उसकी जीभ की नोक को अपने होंठों से स्पर्श करें। वह इसे पसंद करती है, तो आप एक पूर्ण फ्रेंच किस ले सकते है।
बार-बार ब्रेक लें: एक बार में पांच मिनट के लिए उसे चुंबन न करें – हर एक या दो मिनट के बाद एक ब्रेक लें और उसकी इच्छा को बढ़ाने के लिए उसकी आंखों में देखें।
उसके बालों में ऊँगली करना या उसके शरीर से हाथ फेरना जरी रखें जब आप उसे किस कर रहे होते हैं।
नए प्रयोग करो: आप उसके होंठ से दूर हैं तो उसकी गर्दन, उसके कान को चूमने का प्रयास करें, इससे वह उत्तेजित हो जाएगी।
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यौन स्वास्थ्य के लिए कच्चा प्याज एक आयुर्वेदिक औषधी का काम करता है। कच्ची प्याज में नपुंसकता और स्तंभन दोष जैसी समस्याओं को दूर करने की क्षमता होती है। यदि प्याज के रस में शहद को मिला कर सेवन किया जाए तो यह पुरुषों की प्रजनन क्षमता को बढ़ा सकती है। जो लोग नपुंसकता या यौन कमजोरी से ग्रसित है उनके लिए कच्चा प्याज का उपयोग फायदेमंद हो सकता है।
रजोनिवृत्ति के लक्षणों को कम करे
कच्चा प्याज
कच्चे प्याज का सेवन कैल्शियम की उपस्थिति के कारण पोस्टमेनोपॉज़ल लक्षणों को कम करने में मदद करता है। मासिक धर्म के समय होने वाली परेशानियों से बचने के लिए प्याज का सेवन लाभकारी होता है। मासिक धर्म (Menstrual) के समय कैल्शियम की ज्यादा आवश्यक्ता होती है। प्याज में कैल्शियम अच्छी मात्रा में होता है जो कैल्शियम की कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है।
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शादीशुदा जिंदगी को खुश रखने के लिए पति और पत्नी में ज्यादा से ज्यादा संभोग होना जरूरी होता है, लेकिन जिंदगी में एक पल और एक उम्र ऐसी आ जाती है जिसमें सेक्स करने की बिल्कुल इच्छा नहीं होती है |
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#कामसूत्र #प्राचीन #भारतीय #काम #कला
पति का लिंग खड़ा नहीं हो रहा है तो पति को क्या खिलाएं?
कई सारी महिलाओं को यह समस्या होती है, कि उनके सेक्स करते समय पति का लिंग खड़ा नहीं होता है। शारीरिक संबंध बनाते समय तो आपको अपने पति को ऐसी चीजें खिलाने चाहिए, जिससे कि उनका लिंग खड़ा हो और आप शारीरिक संबंध बनाते समय सेक्स का आनंद उठा पाए।
शरीर में कमज़ोरी आने की वजह से या फिर शरीर में अच्छे से रक्त प्रवाह हो ना होने की वजह से नसे दब जाती है और रक्त प्रवाह अच्छे से नहीं हो पाता है, जिसकी वजह से लिंग में तनाव नहीं आता है। इसके लिए आपको अपने पति के आहार में पोषक तत्वों का समावेश करना चाहिए।
अंजीर खाने से शरीर को पोषक तत्व मिलते हैं। यदि आपको ताजा अंजीर मिले तो वह खाए नहीं तो आप सूखा अंजीर दूध के साथ खा सकते हैं।
रोजाना दो से तीन अंडे खाए। सुबह खाली पेट भीगे हुए चार से पांच बदाम खाए।
लहसुन पुरुषों में यौन शक्ति को तेजी से बढ़ाने का काम करता है। लहसुन के दो से तीन कलियां रोजाना सुबह खाली पेट खाए। यदि आपको लहसुन की कलियां खाने में दिक्कत हो, तो आप उसे शहद के साथ खा सकते हैं।
केला भी बहुत ही फायदेमंद है। केले में ऐसे कई सारे पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को ताकत देने का काम करता है। उसी के साथ अपने खाने पीने का ध्यान रखें और अपने खाने में पोषक तत्वों का समावेश करें।
हरी सब्जियों का सेवन करें और खाना समय से खाएं।
सेक्स करते समय पति का लिंग खड़ा कैसे करें?
सेक्स करते समय अपने पार्टनर से बातें करें। अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक बने और अपने पार्टनर को बाहों में ले। उनको हग करें अपने पार्टनर को किस करें। उनको सहलाऐ और उनसे रोमांटिक बातें करें। उसी के साथ साथ कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे कि अपने खान-पान और कुछ योगासन करने चाहिए, क्योंकि खून की कमी की वजह से भी कुछ नशे दब जाती है और उनमें रक्त प्रभाव तेजी से नहीं हो पाता है। पुरुषों का लिंग रक्त कोशिकाओं से बना हुआ होता है, अगर रक्त प्रवाह ना हो तो लिंग में तनाव की कमी महसूस होती है और उनको सेक्स करते समय परेशानी होती है।
दोस्तों को पोस्ट को शेयर जरूर करें। धन्यवाद।।
#लाइक✓ #शेयर✓ #टैग✓
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शुक्राणु की कमी का ईलाज
#गोक्षुरा
गोक्षुरा प्रजनन, तंत्रिका, श्वसन और मूत्र प्रणाली पर कार्य करती है। इसमें मूत्रवर्द्धक, दर्द-निवारक, ऊर्जादायक और कामोत्तेजक गुण होते हैं। जननमूत्रीय रोगों के लिए इस्तेमाल होने वाली बेहतरीन जड़ी बूटियों में गोक्षुरा का नाम भी शामिल है। ये यौन रोग और नपुंसकता के इलाज में भी उपयोगी है। गोक्षुरा शरीर से अमा को बाहर निकालने में भी मदद करती है। ये ल्यूटीनाइजिंग हार्मोन एवं गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हार्मोन के स्तर को बढ़ाकर टेस्टोस्टेरोन लेवल को बेहतर करती है। इस प्रकार शुक्राणुओं के उत्पादन में मदद मिलती है और पुरुषों की फर्टिलिटी बढ़ती है।
#अश्वगंधा
अश्वगंधा प्रजनन, तंत्रिका और श्वसन प्रणाली पर कार्य करती है। इसमें अनेक जैव सक्रिय तत्व होते हैं जो कि अश्वगंधा को नपुंसकता, त्वचा रोगों, आर्थराइटिस, अनिद्रा और प्रतिरक्षा तंत्र से संबंधित समस्याओं को नियंत्रित करने में उपयोगी बनाते हैं।
अश्वगंधा से शुक्राणु बनने लगते हैं। प्राचीन समय से ही पुरुषों में नपुसंकता को नियंत्रित करने के लिए अश्वगंधा का इस्तेमाल किया जा रहा है। अश्वगंधा तनाव-रोधी जड़ी बूटी के रूप में कार्य करती है और शारीरिक शक्ति में सुधार लाती है।
इस जड़ी बूटी से प्रतिरक्षा तंत्र भी उत्तेजित होता है जिससे संक्रमणों और बीमारियों से बचने में मदद मिलती है।
#कपिकच्छू
कपिकच्छू तंत्रिका और प्रजनन प्रणाली पर कार्य करती है एवं इसमें कामोत्तेजक (कामेच्छा बढ़ाने वाले), कृमिनाशक, ऊतकों को संकुचित करने वाले और ऊर्जादायक गुण होते हैं। ये कामेच्छा बढ़ाने और प्रजनन अंगों के लिए शक्तिवर्द्धक के रूप में कार्य करती है। इस प्रकार कपिकच्छू नपुसंकता के इलाज में उपयोगी है।
कपिकच्छू बदहजमी, कमजोरी और मेनोरेजिया (पीरियड्स ज्यादा आना) के इलाज में भी असरकारी है।
इसका इस्तेमाल पाउडर, काढ़े या अवलेह के रूप में किया जा सकता है।
#शतावरी
शतावरी, शरीर की सभी प्रणालियों पर कार्य करती है जिसमें प्रजनन तंत्र भी शामिल है। इसमें पोषक, कामोत्तेजक, शक्तिवर्द्धक, ऐंठन-रोधी, भूख बढ़ाने वाले और पाचक गुण मौजूद हैं।
इस जड़ी बूटी को इम्युनिटी बढ़ाने वाले गुणों के लिए भी जाना जाता है लेकिन ये नपुसंकता, बांझपन और खासतौर पर महिलाओं में यौन दुर्बलता को नियंत्रित करने में भी मदद करती है।
करती है।
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#कामसूत्र और #सेक्स
#कामसूत्र_प्राचीन_भारतीय_काम_कला
कामसूत्र में मनुष्य के आनंद की अनुभूतियों में यौन क्रियाओं को भी शामिल किया गया है। इसमें सेक्स के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसके साथ ही साथ कामसूत्र महिला व पुरुष द्वारा सेक्स के दौरान की जाने वाली क्रियाओं व आचरण को भी गहराई से बताता है। कामसूत्र व सेक्स का जुड़ाव निम्न तरीके से समझा जा सकता है-
सेक्स क्या है –
कामसूत्र के अनुसार सेक्स प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें महिला व पुरुष न सिर्फ शारीरिक रूप से एक दूसरे से जुड़ते हैं, बल्कि वह मानसिक और आत्मिक रूप से भी एक दूसरे से संबंध स्थापित करते हैं। सेक्स के दौरान भावनाओं का अहम रोल होता है। इसको केवल शारीरिक क्रिया मान लेना बेहद गलत है। इसमें पुरुष को अपनी संतुष्टि के साथ ही महिला की संतुष्टि का पूरा ध्यान रखना होता है।
सेक्स के लिए क्या जरूरी –
कामसूत्र के मुताबिक सेक्स ऐसे कमरे में करना चाहिए जिसमें चारों ओर हल्की सुगंध व रोशनी हो, यह माहौल आपके निजी पल को और खास बना देता है। दम्पति को सेक्स क्रिया से पूर्व अपनी सभी चिंताओं को भूल जाना चाहिए। इस समय #महिला व #पुरुष को अपने दिमाग व भावनाओं को केवल प्रेम पर एकाग्र करना चाहिए। प्रेम और भावनाओं के साथ किया गया सेक्स दोनों ही साथियों को पूर्ण संतुष्टि प्रदान करता है।
सेक्स करने का तरीका –
इस विषय पर कामसूत्र में विस्तार से समझाया गया है। इसको अध्याय दो में 64 यौन आसनों के माध्यम से बताया गया है। कामसूत्र के कई अनुवादों में केवल सेक्स पोजीशंस पर ही जोर दिया गया है, जबकि कामसूत्र के मूल रूप में इसको करने के तरीके, कई अन्य तरह से भी प्रस्तुत किया गया है।
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साथ अच्छी अंडरस्टैंडिंग होती है और हेल्दी लाइफस्टाइल और फिजिकली फिटनेस के कारण वे उम्र के इस दौर में भी अपनी सेक्स लाइफ को भरपूर एन्जॉय करते हैं।
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किस उम्र की महिलाएं सेक्स को सबसे ज्यादा एंजॉय करती है?
#कामसूत्र_प्राचीन_भारतीय_काम_कला
विवाह के बाद दंपति के जीवन में प्रेम की सबसे बड़ी बुनियाद है सेक्स। सेक्स स्त्री और पुरुष दोनों के लिए ही समान मायने रखता है और यह दोनों पार्टनर को सुख की अनुभूति देता है। ख़ुशहाल जीवन जीने के लिए आनंददायक सेक्स ज़रूरी है, पर हर उम्र के अनुसार सेक्स की चाहत में भी बदलाव आते रहते हैं। कारण चाहे उम्र का तकाज़ा हो, बढ़ती जिम्मेदारियां हों या फिर हार्मोंस में बदलाव। किस उम्र में सेक्स की इच्छा में क्या बदलाव आते हैं,
18 से 35 तक की उम्र में सेक्स की चाहत
इस उम्र में सेक्सुअल संतुष्टि के लिए मन में बहुत ज्यादा उत्साह व उत्तेजना रहती है। एक-दूसरे को स्पर्श करना, सहलाना, चूमना, बाहों में भरना, इस उम्र में एक आम बात है। वे यह मानकर चलते हैं कि सेक्स इसी के आगे का एक ख़ूबसूरत पड़ाव है। युवा लड़के सेक्स को लेकर अक्सर तरह-तरह के ख़्वाब और फैंटेसी की कल्पना करते रहते है। वे अपने दोस्तों के साथ आपस में सेक्स के बारे में भी खूब बातें किया करते हैं। सेक्स को लेकर उनमें कई तरह की जिज्ञासाएं व उत्तेजनाएं रहती हैं। युवतियां भी इसी तरह के मनोभाव से गुज़रती हैं, पर कुछ सेक्सुअल रिलेशन बनाने से पहले वे कुछ चीजों में कंफर्टेबल होने के बाद ही सेक्स में सहज हो पाती हैं।
महिलाओं की चाहत होती है कि वे अपने पार्टनर के साथ कुछ क्वालिटी टाइम बिताएंगी, उनके बीच प्यार भरी बातचीत होगी, दोनों एक दूसरे को समझेंगे, तभी दोनों में एक-दूसरे के प्रति प्यार, चाहत और समर्पण की भावना जागेगी, उसी के बाद सही मायने में वो उस व्यक्ति के साथ सेक्सुअली इन्वॉल्व होंगी। हालांकि इस उम्र में अधिकतर लड़कियां अपनी इच्छाओं को जाहिर करने से कतराती हैं। वे चाहती हैं कि पार्टनर उनकी चाहत को ख़ुद समझ जाएं। यदि प्रेमी या पति ऐसा नहीं कर पाते या वे ज्यादा सेंसिटिव नहीं हैं, तो यह उनके तनाव और डिप्रेशन का कारण बनने लगता है, जो विभिन्न प्रकार के मानसिक-शारीरिक असंतुलन को उत्पन्न करता है।
आमतौर पर इस उम्र की युवतियों में कई बार सेक्स की तीव्र इच्छा होती है, पर वे पार्टनर से अपने मन की बात कहने से हिचकिचाती हैं और चाहती हैं पार्टनर उनकी इच्छा को ख़ुद ही समझ जाए। शादी के बाद युवतियां प्रेग्नेंट होने के लिए भी बहुत एक्साइटेड रहती हैं और जैसे ही वे गर्भवती होती हैं, उनकी सेक्सुअल डिज़ायर में कमी आने लगती है।
35 से 50 तक कीउम्र में सेक्स के प्रति लोगों की चाहत
बहुत से पुरुष और महिला जब 35 की उम्र तक पहुंचते हैं, तो उनका सेक्स के प्रति झुकाव कम होने लगता है। ऐसा नहीं है कि उनकी इच्छाओं में कमी होती है, बल्कि ये परिवर्तन फीजिकली लेवल से उठकर भावनात्मक व समझदारी की ओर टर्न हो जाता है। दोनों की ही पहली ज़रूरत होती है कि वे एक-दूसरे से भावनात्मक और बौद्धिक स्तर पर जुड़ें, तभी वे एक-दूसरे की सेक्सुअल डिजायर को महसूस कर सकते हैं।
यह बात भी है कि 35 की उम्र में सेक्स की फ्रीक्वेंसी 20 की उम्र के मुक़ाबले कम हो जाती है, पर सेक्स की क्वॉलिटी में इज़ाफ़ा ज़रूर हो जाता है, क्योंकि दोनों पार्टनर काफ़ी मैच्योर हो चुके होते हैं। दोनों एक-दूसरे को समझ चुके होते हैं। साथ ही दोनों पार्टनर जान चुके होते हैं कि सेक्स के दौरान एक-दूसरे को किस तरह से आनंद व रिलैैक्सेशन देना है और किसे क्या पसंद हैैं। जिसके कारण इस उम्र में सेक्स बेहतर व संतुष्टि देनेवाला होता है। चूंकि यही यह उम्र होती है, जब महिला (यदि वर्किंग है) और पुरुष अपने करियर को संवारने में अधिक गंभीरता से जुट जाते हैं, जिससे फिजिकली और मेंटल एनर्जी ज्यादा ख़र्च होने लगती है।
इस दौरान समय की कमी, ऑफिस का वर्क प्रेशर, घर परिवार की जिम्मेदारियों के चलते सेक्स लाइफ भी काफ़ी हद तक प्रभावित होती है। हालांकि सेक्स पर किए गए स्टडी के अनुसार, 35 से 45 के उम्र की महिलाएं सेक्स मेें एक्टिव रूप से हिस्सा लेती हैं और सेक्स को सबसे ज़्यादा एन्जॉय करती हैं। चूंकि 45 के बाद कि उम्र तक आते-आते महिलाओं में हार्मोनल बदलाव आने लगते हैं। मेनोपॉज़ के क़रीब होने की वजह से भी महिलाओं के मूड में बदलाव, सेहत संबंधी परेशानियां सेक्स लाइफ को प्रभावित करती हैं।
50 के बाद की उम्र में सेक्स की चाहत
50 के बाद की उम्र का पड़ाव पार करने के बाद ज्यादातर स्त्री-पुरुष सेक्स के बारे में बात करने से कतराने लगते हैं। उन्हें लगता है कि चूंकि अब वे सास-ससुर और दादा-दादी बन गए हैं, तो अब उनकी उम्र सेक्स एन्जॉय करने या इस बारे में सोचने की नहीं रही। फिर उम्र के इस दौर में पहले जैसी एनर्जी, एक्टिवनेस न रहने, ठीक तरह से सेक्स न कर पाने और ऑर्गेज्म न मिलने के कारण भी वे सेक्स से दूर रहना ही बेहतर समझते हैं। लेकिन यह भी देखा गया है कि ऐसे लोगों की संख्या भी कम नहीं हैं, जिनकी 50 की उम्र के बाद भी सेक्स को लेकर अपने लाइफ पार्टनर के
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कामोत्तेजना बढ़ाने के लिए आहार, घरेलू उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे
#कामसूत्र_प्राचीन_भारतीय_काम_कला
पुरुषों में कामेच्छा बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय
गोखरू गोखरू पुरुषों में जीवन शक्ति और धीरज बढ़ाने में बहुत उपयोगी है। इससे ताकत और प्रदर्शन की क्षमता बढ़ती है। यह मूड बनाने में और कामेच्छा की कमी से उभरने में मदद कर सकती है।
अश्वगंधा - पुरुषों के लिए अश्वगंधा मुख्य रूप से टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने के लिए आवश्यक है, जो कि कामेच्छा के स्तर की वृद्धि का कारण होता है। यह नपुंसकता, बांझपन, यौन कमजोरी, स्तंभन दोष और पुरुष प्रजनन प्रणाली से संबंधित अन्य समस्याओं में भी फायदेमंद है।
मुकुना प्रुरिएंस या कोंच बीज - मुकुना प्रुरिएंस (कपिकच्छु) लिंग के स्तंभन को मजबूत करने में काफी उपयोगी हैं। यह पुरुष हार्मोन को उत्तेजित करता है और कामेच्छा प्रवाह में मदद करता है। कम शुक्राणुओं की संख्या, नपुंसकता, बांझपन और शुरुआती स्खलन में भी यह सहायक है। (और पढ़ें – बांझपन के घरेलू उपचार)
अकरकरा - अकरकरा जड़ी बूटी शीघ्र स्खलन और पुरुष बांझपन को नियंत्रित करने में सहायता करती है। यह पुरुष हार्मोन को उत्तेजित करती है और यौन इच्छा को बढ़ाती है। इसलिए, इसका कामेच्छा की कमी के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है।
कामेच्छा बढ़ाने के लिए कुछ आयुर्वेदिक दवाएं -
अस्वगंधारिष्टम (Aswagandharishtam)
सरस्वथारिष्टम (Saraswatharishtam)
चन्द्रप्रभा वाटिका (Chandraprabha vatika)
ब्राह्मी ग्रिथम (Brahmi gritham)
सरस्वथा ग्रिथम (Saraswatha gritham)
अस्वगंधादि लेह्यं (Aswagandhadi lehyam)
महिलाओं में कामेच्छा बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय
शतावरी (एस्परैगस) - शतावरी महिलाओं में कामेच्छा बढ़ाने के लिए सर्वोत्तम जड़ी बूटियों में से एक है। यह महिला शरीर में यौन हार्मोन को संतुलित करता है और प्रजनन स्वास्थ्य को बढ़ाता है। गर्भाशय के रक्तस्राव, मासिक धर्म की समस्याओं, कमजोरी, बांझपन और अक्सर गर्भपात जैसे विकारों में भी यह फायदेमंद है।
अश्वगंधा (विथानिआ सोम्निफ़ेरा) - अश्वगंधा कामेच्छा बढ़ाने और यौन इच्छाओं को उत्तेजित करने के लिए महिलाओं में भी सहायक है। यह गर्भाशय की कमजोरी, अक्सर गर्भपात और महिलाओं में बांझपन के लिए एक प्रभावी उपाय है।
अशोक वृक्ष की छाल - अशोक वृक्ष की छाल योनि स्राव और गर्भाशय के रक्तस्राव को नियंत्रित कर सकती है। यह हार्मोनिक स्राव को ठीक करती है और संतुलन बनाए रखती है। यह भी कामेच्छा की कमी में सिफारिश की जाती है।
जिन्कगो (गिंकगो) बिलोबा - महिलाओं में कामेच्छा की कमी का एक सामान्य कारण तनाव है। जिन्कगो (गिंकगो) बिलोबा तनाव से राहत देता है और मानसिक विकारों में बहुत मददगार है। यह कामेच्छा को बेहतर बनाने में मदद करता है और यौन प्रदर्शन बढ़ा सकता है। जननांग अंगों के आसपास रक्त के प्रवाह को बढ़ाने में भी यह काफी सहायक है।
महिलाओं में कामेच्छा बढ़ाने के लिए कुछ आयुर्वेदिक दवाएं -
अशोकारिष्टम (Asokarishtam)
कुमार्यासवम (Kumaryasavam)
सरस्वथारिष्टम (Saraswatharishtam)
सुकुमारम कश्यम (Sukumaram Kashayam)
चन्द्रप्रभा वाटिका (Chandraprabha vatika)
सरस्वथा ग्रिथम (Saraswatha gritham)
अस्वगंधादि लेह्यं (Aswagandhadi lehyam)
सौभाग्य सुंडी (Sowbhagya sundi)
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स्त्री के मासिक होने के दिन से सम संख्या के दिन में सहवास करने से पुत्र और विषम दिन सहवास करने से पुत्री की प्राप्ति होती है । शुरू के 4 दिन संभोग नही करना चाहिए । - गरुड़ पुराण
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शरीर में उमड़ती #वासना अक्सर उम्र नहीं देखती
बस संतुष्टि चाहती है तृप्त होना चाहती है।
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