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DEEN-E-NABI ﷺ

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Namaz ki zarurat, tarjama ke sath. Khud bhi rakhe, dusro tak bhi share kre, sawab ki niyyat se.... https://t.me/taafseeraequran/1224

*क्या थूक में खून आने से वुज़ू टूट जाता है ?* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ मुह से खून निकला अगर खून ग़ालिब है तो वुज़ु टूट जाएगा वरना नहीं, गलबे की शनाख्त ये है की अगर थूक का रंग सुर्ख हो जाए तो खून ग़ालिब समजा जाएगा और वुज़ु टूट जाएगा, ये सुर्ख थूक नापाक भी है। अगर थूक ज़र्द (यानि पिला) हो तो खून पर थूक ग़ालिब माना जाएगा लेहाज़ा न वुज़ु टूटेगा न ये ज़र्द थूक नापाक है। *✍🏽बहारे शरीअत, जी-1, स. 305* मुह से इतना खून निकला के थूक सुर्ख हो गया और लौटे या ग्लास से मुह लगा कर कुल्ली के लिये पानी लिया तो लोटा, ग्लास और कुल पानी नजिस हो गया, लेहाज़ा ऐसे मोके पर चुल्लू में पानी ले कर एहतियात से कुल्ली कीजिये और ये भी एहतियात फरमाइये की छीटे उड़ कर आप के कपड़ो वगैरा पर न पड़े। *✍🏽नमाज़ के अहकाम, स. 27* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *𝗝𝗢𝗜𝗡 𝗗𝗘𝗘𝗡-𝗘-𝗡𝗔𝗕𝗜 ﷺ* *WHATSAPP Channel* https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l *TELEGRAM :* https://t.me/Deennabi *Tafseer e Quran* https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

*जोहद के हुसूल के अस्बाब* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْـمٰـنِ الرَّحِـيْـمِ اَلصَّــلٰـوةُ وَالسَّــلَامُ عَــلَـيْـكَ يَا رَسُــوْلَ اللّٰه ﷺ ज़ोहद से मक्सूद येह है कि फुज़ूल, ज़ाइद और गैर ज़रूरी चीज़ों से बचा जाए ग़रज़ येह कि सिर्फ इस क़दर ताक़तो कुदरत मौजूद रहे जिस से इबादत और अल्लाह पाक की फ़रमां बरदारी कर सको। महज़ खाना पीना और लज्ज़त हासिल होना मक्सद न हो और अल्लाह पाक को इस पर भी कुदरत है कि तुम्हें बिग़ैर किसी ज़ाहिरी सबब के जैसा कि फ़िरिश्ते इन माद्दी अस्बाबो जराएअ के बिगैर ही ज़िन्दा हैं, अल्लाह पाक को इस की भी ताक़त है कि तुम्हें तुम्हारे पास मौजूद शै के जरीए जिन्दा रखे या ऐसी शै मुहय्या फ़रमा दे जिस का तुम्हें वहमो गुमान तक न हो, इस लिये अगर तुम तक्वे पर क़ाइम रहोगे तो तुम्हें बकाए हयात के लिये तलबे दुन्या वग़ैरा की हाजत नहीं और अगर जोहद का येह दरजा तुम्हें हासिल न हो तो ज़ादे आख़िरत और तक़वे की निय्यत से तलाश करो। शहवत व लज़्ज़त की गरज से तलाश न करो क्यू कि जब तुम्हारी निय्यत नेकी होगी तो ये तलबे आख़िरत में ही शुमार होगी और इस तरह तुम्हारे जोहद में कोई फर्क नहीं आएगा। (1) कभी तो दोज़ख़ का ख़ौफ़ और अज़ाब का अन्देशा जोहद का सबब बन जाता है और इस ज़ोहद को खाइफ़ीन का जोहद कहते हैं। (2) कभी उखरवी नेमतों की लज्ज़त जोहद का बाइस हो जाती है और इस को राजीन का जोहद कहते हैं, येह पहले दरजे वाले से बढ़ा हुवा है। (3) येह सब से आ'ला है मा सिवल्लाह की जानिब से बे तवज्जोही और नफ़्स का अल्लाह के इलावा को हक़ीर समझ कर छोड़ देना जोहद का बाइस हो, इसे हकीकी जोहद कहते हैं। *✍️दुन्या की महब्बत, 17* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *𝗝𝗢𝗜𝗡 𝗗𝗘𝗘𝗡-𝗘-𝗡𝗔𝗕𝗜 ﷺ* *WHATSAPP Channel* https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l *TELEGRAM :* https://t.me/Deennabi *Tafseer e Quran* https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

आज का चाँद 6 माह 2 सफ़र हिजरी 1446 ( 12 Aug, 24) *उर्स* सैयद हमीदुद्दीन "चाहेल्दाह" सोहरवर्दी (बीरपुर,महीसागर) अब्दुल वह्हाब ज़करिया मुल्तानी (लाठी) सैयद गुलसाब बीबी (पेटलाद) हज़रत हैदर शाह बापू (पालिताना) *संदल* शेख महमूद पीर उर्फ़ शेखापीर (वीरमगाम) *नॉट* एक बार सूरए फातिहा, 3 बार कुल्हुवल्लाह, अव्वल व आखिर दुरुद शरीफ पढ़ के हुज़ूर ﷺ की व इन बुज़ुर्गाने दिन की बारगाह में और हज़रत आदम عَلَيْهِ السَّلاَم ता क़यामत तक के तमाम मोमिनो की रूह को नज़र कर दीजिये। ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *DEEN-E-NABI ﷺ* 🪀JOIN WHATSAPP Channel https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l TELEGRAM : https://t.me/Deennabi 🪀+91 9033503799 🎤Tafseer e Quran https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

*क्या सत्र देखने से वुज़ु टूट जाता है ?* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ अवाम में मश्हूर है की घुटना या सत्र खुलने या अपना या पराया सत्र देखने से वुज़ु टूट जाता है, ये बिलकुल गलत है। हा वुज़ु के बाद के आदाब में से है की नाफ से लेकर दोनों घुटनो समेत सब सत्र छुपा हो बल्कि इस्तिन्जा के बाद फौरन ही छुपा लेना चाहिये, बगैर ज़रूरत सत्र खुला रखना मना और दुसरो के सामने सत्र खोलना हराम है। *✍🏽बहारे शरीअत, जी-1, स. 309* *_गुस्ल का वुज़ु काफी है_* गुस्ल के लिये जो वुज़ु किया था वोही काफी है, ख्वाह बरहना नहाए। अब गुस्ल के बाद दोबारा वुज़ु करना ज़रूरी नहीं बल्कि अगर वुज़ु न भी किया हो तो गुस्ल कर लेने से आ'जाए वुज़ु पर भी पानी बह जाता है, लेहाज़ा वुज़ु भी हो गया। कपडे तब्दील करने से भी वुज़ु नहीं जाता। *✍🏽नमाज़ के अहकाम, स. 26* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *𝗝𝗢𝗜𝗡 𝗗𝗘𝗘𝗡-𝗘-𝗡𝗔𝗕𝗜 ﷺ* *WHATSAPP Channel* https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l *TELEGRAM :* https://t.me/Deennabi *Tafseer e Quran* https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

आज का चाँद 5 माह 2 सफ़र हिजरी 1446 (11 Aug, 2024) *विसाल* हज़रत मौलाना नईमुल्लाह (बहराइच) *उर्स* हज़रत वली मुहम्मद मीर (भालुशना) हज़रत सैयदना सात शहीद पीर (अहमदाबाद) पेश्वा ए औलिया हज़रत मौलाना याक़ूब बिन उस्मान चर्खी नक्शबंदी (दुशांबे, ताजिकिस्तान) *संदल* सैयद मुहम्मद बिन हुसैन (जामनगर) *नॉट* एक बार सूरए फातिहा, 3 बार कुल्हुवल्लाह, अव्वल व आखिर दुरुद शरीफ पढ़ के हुज़ूर ﷺ की व इन बुज़ुर्गाने दिन की बारगाह में और हज़रत आदम عَلَيْهِ السَّلاَم ता क़यामत तक के तमाम मोमिनो की रूह को नज़र कर दीजिये। ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *DEEN-E-NABI ﷺ* 🪀JOIN WHATSAPP Channel https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l TELEGRAM : https://t.me/Deennabi 🪀+91 9033503799 🎤Tafseer e Quran https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

*ज़ोहद के दरजात* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْـمٰـنِ الرَّحِـيْـمِ اَلصَّــلٰـوةُ وَالسَّــلَامُ عَــلَـيْـكَ يَا رَسُــوْلَ اللّٰه ﷺ इन्सान तकल्लुफ़ के साथ दुन्या से बे रगबती इख़्तियार करे और अपनी ख़्वाहिशात के बा वुजूद उसे छोड़ने की कोशिश करे तो ऐसा शख़्स मुतहिद है और हो सकता है वोह इस पर हमेशगी इख़्तियार कर के जोहद को पा ले। वोह अपनी खुशी से दुन्या से बे रगबती इख़्तियार करे यानी वोह जिस चीज़ की लालच कर रहा है उस की निस्बत से दुन्या को हक़ीर जाने, जैसे कोई शख़्स दो दिरहम के लिये एक दिरहम छोड़ देता है और येह चीज़ उस पर दुश्वार नहीं होती लेकिन उस की तवज्जोह दुन्या और अपने नफ़्स की तरफ़ भी रहती है (या'नी वोह ख़याल करता है कि उस ने बड़ी अहम चीज़ को छोड़ा है) और येह भी ज़ोहद है, लेकिन इस में नुक्सान का अन्देशा है। तीसरा दरजा सब से आ'ला है और वोह येह कि बन्दा खुशी से जोहद इख़्तियार करे और अपने जोहद में मुबालगा इख़्तियार करे और येह ख्याल न करे कि इस ने कोई चीज़ छोड़ी है इस लिये कि वोह जानता है कि दुन्या कोई चीज़ नहीं, आखिरत के मुकाबले में दुन्या की कोई अहम्मिय्यत नहीं। आ'ला दरजा येह है कि तुम रिज़ाए इलाही के लिये इस के सिवा हर चीज़ से बे रगबत हो जाओ और येह चीज़ अल्लाह पाक (के दीदार) की लज्ज़त और इस के सिवा हर नेमत से जोहद इख़्तियार करने की पहचान से हासिल होती है लिहाज़ा तुम्हें चाहिये कि अपनी ज़रूरत के मुताबिक़ खाना, लिबास, निकाह और रिहाइश इख़्तियार करो, जिस से तुम्हारे बदन का गुज़ारा हो और तुम अपना दिफाअ कर सको, येही हक़ीक़ी जोहद है। *✍️दुन्या की महब्बत, 16* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *𝗝𝗢𝗜𝗡 𝗗𝗘𝗘𝗡-𝗘-𝗡𝗔𝗕𝗜 ﷺ* *WHATSAPP Channel* https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l *TELEGRAM :* https://t.me/Deennabi *Tafseer e Quran* https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

*वुज़ू में मेहदी और सुरमे का मसअला* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ औरत के हाथ पाउ पर मेहदी का जिर्म लगा रह गया और खबर न हुई तो वुज़ू व गुस्ल हो जाएगा। हा जब इत्तिलाअ हो छुड़ा कर वहा पानी बहा दे। सुरमा आँख के कोने या पलक में रह गया और इत्तिलाअ न हुई ज़ाहिरन हरज नहीं और बादे नमाज़ कोने में महसूस हुवा तो नमाज़ हो गई। *✍🏽फतावा राज़वीय्या मुखर्रजा, 4/613* *✍🏽नमाज़ के अहकाम, सफा 23* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *𝗝𝗢𝗜𝗡 𝗗𝗘𝗘𝗡-𝗘-𝗡𝗔𝗕𝗜 ﷺ* *WHATSAPP Channel* https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l *TELEGRAM :* https://t.me/Deennabi *Tafseer e Quran* https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

आज का चाँद 4 माह 2 सफ़र हिजरी 1446 (10/08/24) *उर्स* हज़रत ख्वाजा मीर दर्द (दिल्ही) हज़रत दिवानशाह (कपासन) हज़रत रुस्तम पीर बाबा (पानसर) हज़रत सैयद अब्दुल अज़ीज़ वारसी (इन्दोर) *नॉट* एक बार सूरए फातिहा, 3 बार कुल्हुवल्लाह, अव्वल व आखिर दुरुद शरीफ पढ़ के हुज़ूर ﷺ की व इन बुज़ुर्गाने दिन की बारगाह में और हज़रत आदम عَلَيْهِ السَّلاَم ता क़यामत तक के तमाम मोमिनो की रूह को नज़र कर दीजिये। ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *DEEN-E-NABI ﷺ* 🪀JOIN WHATSAPP Channel https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l TELEGRAM : https://t.me/Deennabi 🪀+91 9033503799 🎤Tafseer e Quran https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

*जोहद की अक्साम* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْـمٰـنِ الرَّحِـيْـمِ اَلصَّــلٰـوةُ وَالسَّــلَامُ عَــلَـيْـكَ يَا رَسُــوْلَ اللّٰه ﷺ ज़ोहद (या'नी दुन्या से बे रगबती) की वजह से इबादत ज़ियादा और बुलन्द मर्तबा हो जाती है लिहाजा इबादत के तलब गार पर लाज़िम है वोह दुन्या से बे रगबत हो जाए और इस से दूर रहे। जोहद की दो किस्में हैं : (1 इख़्तियारी और (2) गैर इख़्तियारी। इख़्तियारी जोहद येह है कि जो पास न हो उस की तलब न करे, जो पास हो उसे तक्सीम कर दे और दुन्या और इस के साजो सामान का इरादा छोड़ दे। जिस शख़्स में येह तीन खूबियां मौजूद हों वोह जाहिद है, तीसरे जुज़ यानी तुलबे दुन्या भी दिल से निकाल देना बहुत मुश्किल है। क्यूं कि बहुत ऐसे हैं जो ऊपर ऊपर से तो तारिके दुन्या (यानी दुन्या को छोड़ने वाले) हैं मगर उन के दिलों में दुन्या की महब्बत चुटकियां लेती रहती है ऐसा शख़्स इसी कश्मकश में मुब्तला रहता है, हालां कि जोहद की अस्ल शान इसी तीसरे जुज़ से ही पैदा होती है। गैर इख़्तियारी जोहद येह है कि दिल दुन्यावी अश्या के शौक व ख्यालात से सर्द पड़ जाए। जब बन्दा इख़्तियारी जोहद अपनाएगा, यूं कि जो पास नहीं उसे तलब न करे, जो पास है उसे दूर कर दे और दिल से दुन्या का इरादा भी निकाल दे तो फिर उस का दिल दुन्या से सर्द पड़ जाएगा, दुन्या उस के नज़दीक हक़ीर हो जाएगी और उसे दुन्या का ख्याल न आएगा और येह गैर इख़्तियारी जोहद है। *✍️दुन्या की महब्बत, 15* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *𝗝𝗢𝗜𝗡 𝗗𝗘𝗘𝗡-𝗘-𝗡𝗔𝗕𝗜 ﷺ* *WHATSAPP Channel* https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l *TELEGRAM :* https://t.me/Deennabi *Tafseer e Quran* https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

*वुज़ू के मकरुहात* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ ● वुज़ू के लिए नापाक जगह बेठना। ● नापाक जगह वुज़ू का पानी गिराना। ● आ'जाए वुज़ू से लौटे वग़ैरा में कतरे टपकना। (मुह धोते वक़्त भरे हुए चुल्लू में उमुमन चेहरे से पानी के कतरे गिरते है इसका ख्याल रखिये) ● किब्ले की तरफ थूक या बलगम डालना या कुल्ली करना। ● बे ज़रूरत दुन्या की बीते करना। ● ज्यादा पानी खर्च करना। ● इतना कम पानी खर्च करना की सुन्नत अदा न हो। ● मुह पर पानी मारना। ● मुह पर पानी डालते वक़्त फुकना। ● एक हाथ से मुह धोना, के रिफ़ाज़ व हुनुद का शीआर है। ● गले का मसह करना। ● उल्टे हाथ से कुल्ली करना या नाक में पानी चढ़ाना। ● सीधे हाथ से नाक साफ करना। ● तिन जदीद पानियों से तिन बार सर का मसह करना। ● धूप के गर्म पानी से वुज़ू करना। ● होठ या आँखे ज़ोर से बंद करना और अगर कुछ सुखा रह गया तो वुज़ू ही न होगा। ★ वुज़ु का हर सुन्नत का तर्क मकरूह है इसी तरह हर मकरूह का तर्क सुन्नत। *✍🏽बहारे शरीअत, 1/300-301* *✍🏽नमाज़ के अहकाम, सफा 16-17* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *𝗝𝗢𝗜𝗡 𝗗𝗘𝗘𝗡-𝗘-𝗡𝗔𝗕𝗜 ﷺ* *WHATSAPP Channel* https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l *TELEGRAM :* https://t.me/Deennabi *Tafseer e Quran* https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

*एक हज़ार दीन की नेकियां* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ फरमाने मुस्तफा ﷺ: इसको पढ़ने वाले के लिये सत्तर फ़रिश्ते एक हज़ार दीन तक नेकियां लिखते है। جٙزٙى اللّٰهُ عٙنّٙا مُحٙمّٙدًا مٙاهُوٙاٙهْلُهُ जाज़ल्लाहु अन्ना मुहम्मदन मा-हुव अह-लुहु. *✍🏽مجمع الزوائد* *हर रात इबादत में गुज़ारने का आसान नुस्खा* गराइबुल क़ुरआन पर एक रीवायत नक़्ल की गई है कि जो शख्स रात में इसे 3 मर्तबा पढ़ लेगा तो गोया उसने शबे क़द्र पा लिया। لٙآاِلٰهٙ اِلّٙااللّٰهُ الْحٙلِيْمُ الْكٙرِيْمٙ، سُبٙحٰنٙ اللّٰهِ رٙبِّ السّٙمٰوٰتِ السّٙبْعِ وٙرٙبِّ الْعٙرْشِ الْعٙظِيْم ला-इलाह इल्लल्लाहु अल-हलीमु-ल- करीम सुब्हान-ल्लाहि रब्बी-स्समावाती अस्सब-ई व-रब्बिल अर्शील अज़ीम. *तर्जमा* : खुदाए हलीम व करीम के सिवा कोई इबादत के लाइक नहीं। अल्लाह पाक है जो सातों आसमानों और अर्शे अज़ीम का परवर दगार है। *✍🏽फ़ैज़ाने सुन्नत* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *𝗝𝗢𝗜𝗡 𝗗𝗘𝗘𝗡-𝗘-𝗡𝗔𝗕𝗜 ﷺ* *WHATSAPP Channel* https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l *TELEGRAM :* https://t.me/Deennabi *Tafseer e Quran* https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

*जोहद के तीन मर्तबे* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْـمٰـنِ الرَّحِـيْـمِ اَلصَّــلٰـوةُ وَالسَّــلَامُ عَــلَـيْـكَ يَا رَسُــوْلَ اللّٰه ﷺ हज़रते इब्राहीम बिन अदहम फ़रमाते हैं : ज़ोहद के तीन मर्तबे हैं, एक ज़ोहद फ़र्ज़ है और वोह अल्लाह पाक की हराम की हुई चीजों से रुकना है। दूसरा ज़ोहद सलामती के लिये है और वोह शक व शुबहात वाली चीज़ों को छोड़ना है। तीसरा जोहद फ़ज़ीलत हासिल करने के लिये है और वोह अल्लाह पाक की हलाल की हुई चीज़ों को भी छोड़ने में है और येह जोहद का बहुत ही आला मर्तबा है। *जोहद की अलामात* ● जो चीज़ मौजूद हो उस पर खुश न हो और जो चीज़ मौजूद न हो उस पर ग़मगीन भी न हो। ● उस के नज़दीक बुरा कहने वाला और तारीफ करने वाला दोनों बराबर हों। पहली अलामत माल में जोहद की अलामत है और दूसरी जाह में अलामते जोहद है। ● अल्लाह पाक से मानूस और उस के दिल पर इताअते खुदावन्दी की मिठास ग़ालिब हो। *ज़ोहद की अक्साम* की तफ्सील अगली पोस्ट में..أن شاء الله ✍️दुन्या की महब्बत, 14 ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *​DEEN-E-NABI ﷺ* 📲JOIN WHATSAPP Channel https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l TELEGRAM : https://t.me/Deennabi 🎤Tafseer e Quran https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

*वुज़ू के चार फराइज़* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ ★चेहरा धोना ★कहोनियो समेत दोनों हाथ धोना ★चौथाई सर का मसह करना ★तखनो समेत दोनों पाउ धोना *✍🏽बहारे शरीअत, 1/288* *✍🏽आ'लमगिरि, 1/3-5* *_उज़व् धोनी की तारीफ़_* किसी उज़्व धोने के ये माना है की उस उज़्व के हर हिस्से पर कम अज़ कम दो कतरे पानी बाह जाए। सिर्फ भीग जाने या पानी को तेल की तरह चुपड़ लेने या एक कतरा बह जाने को धोना नहीं कहेंगे, न इस तरह वुज़ू या गुस्ल अदा होगा *✍🏽फतावा राज़वीय्या मुखर्रजा, 1/218* *✍🏽बहारे शरीअत, 1/288* *✍🏽नमाज़ के अहकाम, सफा 13* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *𝗝𝗢𝗜𝗡 𝗗𝗘𝗘𝗡-𝗘-𝗡𝗔𝗕𝗜 ﷺ* *WHATSAPP Channel* https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l *TELEGRAM :* https://t.me/Deennabi *Tafseer e Quran* https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

*छट्ठी शरीफ में जाने वालों गौर करो* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْـمٰـنِ الرَّحِـيْـمِ اَلصَّــلٰـوةُ وَالسَّــلَامُ عَــلَـيْـكَ يَا رَسُــوْلَ اللّٰه ﷺ आज कल ये बात बहुत ही आम होती जा रही है कि बन्दे हर माह के 6 चाँद को अजमेर शरीफ पहुँच जाते है, हालांकि ये फ़र्ज़ नही बल्कि मुस्तहब है। और इस मुस्तहब को अदा करने में नमाज़े क़ज़ा हो जाती है। अफसोस, सद अफसोस, आज इस काम से हम ही गैरो को मौका देते है हम पे उंगली उठाने का। *हमारे हिन्द के राजा ख्वाजा महाराजा* की तो ये अज़मत व ताक़त है कि अगर आप अपने घर से भी उन्हें पुकारोगे तो वो सुन लेंगे। फिर वहां हर माह क्यों जाना ? हा अगर आप दरबार मे हाज़री के लिये जाना चाहो तो साल में एक बार चले जाओ। हर माह की छठ्ठी तो आप यहां अपने घर पे भी मना सकते है। 5 चाँद मगरिब से ले कर 6 चाँद असर तक आप कभी उनके नाम का फातिहा दो, साथ अपने बीवी-बच्चों को भी बिठाओ खत्मे ख़्वाजगान का विरद करो, इस से आप की नमाज़ भी क़ज़ा न होंगी और घर मे बरकत भी आएगी और इन्शा अल्लाह की मुराद यही बैठे बैठे पूरी हो जाएगी, और सबसे बड़ी बात आप की नमाज़ भी क़ज़ा न होंगी। अगर किसी भाई को मेरी इस बात से दिल दुखा हो तो माफी चाहता हु। 🙏🏼 खात्मे शरीफ की PDF की लिंक https://t.me/taafseeraequran/1222 ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *𝗝𝗢𝗜𝗡 𝗗𝗘𝗘𝗡-𝗘-𝗡𝗔𝗕𝗜 ﷺ* *WHATSAPP Channel* https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l *TELEGRAM :* https://t.me/Deennabi *Tafseer e Quran* https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

Mazarat pe jane walo...is bat par bhi gaur kare...🙏🏼

*जोहद और फ़क़र में फर्क* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْـمٰـنِ الرَّحِـيْـمِ اَلصَّــلٰـوةُ وَالسَّــلَامُ عَــلَـيْـكَ يَا رَسُــوْلَ اللّٰه ﷺ दुन्या खुद इन्सान से अलग हो, इसे फ़क्र (यानी गुर्बत) कहते हैं और दूसरी सूरत यह है कि बन्दा दुन्या से अलग हो, मतलब यह कि उस के पास माल आए तो वोह नफ़रत की वजह से उसे ना पसन्द करे, माल के आने से इसे तकलीफ़ हो, नीज़ उस के शर और उस में मश्गूलिय्यत से बचने के लिये उस से राहे फ़िरार इख़्तियार करे। इस हालत का नाम "जोहद" है और जिस शख़्स में ये सिफ़त पाई जाए उसे "जाहिद (दुन्या से बे राबती रखने वाला)" कहते हैं। *जोहद की फ़ज़ीलत* सहाबीये रसूल हजरते अबू हुरैरा बयान करते है, दो जहां के ताजवर ﷺ का फ़रमाने जीशान है : (दुन्या के मुआमले में) अपने से नीचे वालों को देखो और अपने से ऊपर वालों को मत देखो येह तुम्हारे लिये बेहतरीन नसीहत है ताकि तुम अल्लाह पाक की नेअमतें न खो बैठो। सहाबिये रसूल हज़रते सलमान फ़ारसी फ़रमाते हैं : बन्दा जब दुन्या से बे रग़बत होता है तो उस का दिल हिक्मत से रोशन हो जाता और आ'ज़ा (जिस्म के हिस्से) इबादत पर मददगार बन जाते हैं। *जोहद के तीन मर्तबे* की तफ्सील अगली पोस्ट में..أن شاء الله ✍️दुन्या की महब्बत, 14 ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *​DEEN-E-NABI ﷺ* 📲JOIN WHATSAPP Channel https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l TELEGRAM : https://t.me/Deennabi 🎤Tafseer e Quran https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

*वुज़ु के बाद 3 बार सूरए क़द्र पढ़ने के फ़ज़ाइल* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ हदिषे मुबारक में है, जो वुज़ु के बाद एक मर्तबा सूरतुल कद्र पढ़े तो वो सिद्दीकीन में से है, जो दो मर्तबा पढ़े तो शु-हदा में शुमार किया जाए, जो तिन मर्तबा पढ़ेगा तो अल्लाह मैदाने महशर में उसे अपने अम्बिया के साथ रखेगा। *_वुज़ु के बाद पढ़ने की दुआ_* (अव्वल आखिर दुरुद शरीफ) तर्जमा : तू पाक है और तेरे लीये ही तमाम खुबिया है में गवाही देता हु के तेरे सिवा कोई माअबूद नहीं, मैं तुज से बख्शीश चाहता हु और तेरी बारगाह में तौबा करता हु। जो वुज़ु करने के बाद ये दुआ पढ़े तो उस पर मोहर लगा कर अर्श के निचे रख दिया जाएगा और कियामत के दिन उस पढ़ने वाले को दे दिया जाएगा। *✍🏽शोएबुल ईमान, जी. 3, स. 21* *_वुज़ु के बाद ये दुआ भी पढ़ लीजिये_* तर्जमा : ऐ अल्लाह मुझे कसरत से तौबा करने वालो में बना दे और मुझे पाकीज़ा रहने वालो में शामिल कर दे। *✍🏽नमाज़ के अहकाम, स. 12* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *𝗝𝗢𝗜𝗡 𝗗𝗘𝗘𝗡-𝗘-𝗡𝗔𝗕𝗜 ﷺ* *WHATSAPP Channel* https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l *TELEGRAM :* https://t.me/Deennabi *Tafseer e Quran* https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

*दुन्या की महब्बत से छुटकारे का बेहतरीन तरीका* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْـمٰـنِ الرَّحِـيْـمِ اَلصَّــلٰـوةُ وَالسَّــلَامُ عَــلَـيْـكَ يَا رَسُــوْلَ اللّٰه ﷺ इमाम गज़ाली फ़रमाते हैं : तुम्हें दुन्या को छोड़ने और माल को तक्सीम करने पर उभारने वाले असबाब येह हैं : दुन्या की आफ़तों और ऐबों को याद करना, इस बात को ज़ेहन में रखना कि दुन्या का नफ़ा बहुत थोड़ा और जल्द ख़त्म होने वाला है और दुन्या तलब करने वाले अच्छे नहीं हैं, फिर इस बात को याद करना कि मुझ पर अल्लाह पाक की बहुत सारी नेअमतें हैं हालांकि मैं उस की राह में इतना खर्च नहीं करता जितना मुझे फ़रमाता है। जब तुम इन बातों में अच्छी तरह गौर करोगे तो तुम पर तर्के दुन्या और तक्सीमे माल का मुआमला आसान हो जाएगा। यूंही येह भी याद करो कि दुन्या अल्लाह पाक की दुश्मन है और तुम अल्लाह पाक से महब्बत करने वाले हो और जो किसी को दोस्त व महबूब रखे उस दुश्मन को दुश्मन रखता है। दुन्या हक़ीक़त में मैल कुचैल और मुर्दार है, तुम देखते नहीं कि इस के लज़ीज़ खाने कुछ ही देर बाद ख़राब और बदबूदार हो जाते हैं। पस दुन्या खुश्बू में बसा ऐसा मुर्दार है जिस के ज़ाहिर को देख कर ग़ाफ़िल लोग धोके में पड़ गए और अक्लमन्दों ने इस से कनारा कशी इख़्तियार कर ली। अज़ीम ताबेई बुजुर्ग हज़रते रबीअ बिन खुसैम फ़रमाते हैं : अपने दिलों से दुन्या की महब्बत निकाल दो, आखिरत की महब्बत इस में दाखिल हो जाएगी। ✍️दुन्या की महब्बत, 12 ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *𝗝𝗢𝗜𝗡 𝗗𝗘𝗘𝗡-𝗘-𝗡𝗔𝗕𝗜 ﷺ* *WHATSAPP Channel* https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l *TELEGRAM :* https://t.me/Deennabi *Tafseer e Quran* https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9

*जन्नत के आठो दरवाज़े खुल जाते है* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ हदीषे पाक में है, जिसने अच्छी तरह वुज़ु किया और फिर आस्मान की तरफ निगाह उठाई और कलीमऐ शहादत पढ़ा उसके लिए जन्नत के आठो दरवाजे खोल दिए जाते है जिस से चाहे अंदर दाखिल हो। *_नज़र कमज़ोर न होगी_* जो वुज़ु के बाद अस्मान् की तरफ देख कर सूरए इन्ना-अन्ज़लना पढ़ लीया करे उसकी नज़र कभी कमज़ोर न होगी। *✍🏽मसाइलुल कुरआन, स. 291* *✍🏽नमाज़ के अहकाम, स. 11* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के..... *अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है...* ●•●┄─┅━━━━━★✰★━━━━━┅─●•● *𝗝𝗢𝗜𝗡 𝗗𝗘𝗘𝗡-𝗘-𝗡𝗔𝗕𝗜 ﷺ* *WHATSAPP Channel* https://whatsapp.com/channel/0029Vafe2T8EwEk4oB2Emi2l *TELEGRAM :* https://t.me/Deennabi *Tafseer e Quran* https://t.me/+8MlnQVda0Kw5Mjg9