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I ♡ Periyar

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There's no god. He who created god was a fool; he who spreads his name is a scoundrel and he who worships him is a barbarian.

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कल एक भाई ने कमेंट में लिखा आप तो धार्मिक लोगों से नफरत करते हैं मुझे पढ़कर बड़ा दुख हुआ मेरी धर्म की परिभाषा यदि अलग है तो इसका अर्थ यह नहीं है कि मैं दूसरे लोगों से नफरत करता हॅू मेरे नजदीक धर्म का मतलब है इंसानी धर्म यानी सब से मिलकर रहो पर्यावरण को बचाओ जैसे खुद से प्यार करते हो वैसे ही सभी जीवो से प्यार करो यह जरूर है कि मैं ईश्वर को इंसानी दिमाग की पैदाइश मानता हूं इसलिए ईश्वर पर आधारित धर्म के विचार को मैं स्वीकार नहीं करता भारत में एक बड़ा प्यारा शब्द है उदासीन वैसे तो भारत में उदासी संप्रदाय भी है लेकिन वह त्रिपुंड धारण करके कमंडल लेने वाले ईश्वर को मानने वाले हो गए हैं इसलिए उस शब्द से भ्रमित ना हों उदासीन का अर्थ अक्सर यह लगाया जाता है की संसार और उससे जुड़े मामलों से जो खुद को अलग कर लेता है वह उदासीन है लेकिन उदासीन शब्द का अर्थ बिल्कुल अलग है उदासीन दो शब्दों से मिलकर बना है एक है उद् दूसरा है आसीन इसका अर्थ होता है ऊँचे आसन पर बैठा हुआ जब आपका दिमाग हिंदू मुसलमान सिख इसाई सभी संप्रदायों को एक जैसा देखने लगता है और आप सबको समान मानने लगते हैं तब आप इन भेदों से ऊपर हो जाते हैं और आप ऊपर बैठकर सभी को एक समान रूप से देख पाते हैं जब आप सबको ऊपर से एक जैसा देखते हैं तो आपको सब की हकीकत समझ में आ जाती है फिर ना आपको किसी संप्रदाय के प्रति मोह बचता है ना नफरत बचती है मुझे सभी संप्रदाय एक जैसी शुरुआत एक जैसे विकास एक जैसी कमजोरियों और एक जैसे लक्षणों वाले दिखाई देते हैं इन संप्रदायों के मोह में फंसे हुए लोग दूसरे संप्रदाय से जब नफरत करते हैं मैं ऊपर बैठकर वह भी हंसते हुए देखता हूं इस स्थिति को ही उदासीन कहा जाता है अर्थात ऊंचाई पर बैठकर नीचे देखना इस स्थिति को हम सब प्राप्त कर सकते हैं इसके लिए सच से प्यार सच के लिए झूठी परंपरा थोपे गए विचारों पर सवाल खड़े करने की हिम्मत और झूठ को समझ कर उसे छोड़ने का साहस जिसमें हो वह इस अवस्था को प्राप्त कर सकता है — हिमांशु कुमार

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