en
Feedback

Don't get caught by a cheater! Telemetrio finds and tags such channels 👉 If you want to see the tag, subscribe

MPPSC 2026 PRE + MAINS NOTES #MPPSC MAINS 2025 MP PSC TEST SERIES CURRENT AFFAIRS MP CURRENT AFFAIRS

MPPSC 2026 PRE + MAINS NOTES #MPPSC MAINS 2025 MP PSC TEST SERIES CURRENT AFFAIRS MP CURRENT AFFAIRS

Open in Telegram

👉BEST MPPSC FREE PDF NOTES H+E👌 👉 ONLY #MPPSC NOTES @MP_PSC_Notes 🎯 👉MP current Affairs Static GK JOIN US NOW @MP_PSC_Notes Quiz group @MP_PSC_QUIZ suggestions/feedbacks यदि हमारे किसी कंटेंट से समस्या है तो आप हमें 📞contact करें👉 @MPEXAMGURUJIbot

Show more

📈 Analytical overview of Telegram channel MPPSC 2026 PRE + MAINS NOTES #MPPSC MAINS 2025 MP PSC TEST SERIES CURRENT AFFAIRS MP CURRENT AFFAIRS

Channel MPPSC 2026 PRE + MAINS NOTES #MPPSC MAINS 2025 MP PSC TEST SERIES CURRENT AFFAIRS MP CURRENT AFFAIRS (@mp_psc_notes) in the Hindi language segment is an active participant. Currently, the community unites 13 639 subscribers, ranking 14 960 in the Education category and 28 945 in the India region.

📊 Audience metrics and dynamics

Since its creation on невідомо, the project has demonstrated rapid growth, gathering an audience of 13 639 subscribers.

According to the latest data from 24 October, 2026, the channel demonstrates stable activity. Although there has been a change in the number of participants by -85 over the last 30 days and by -2 over the last 24 hours, overall reach remains high.

  • Verification status: Not verified
  • Engagement rate (ER): The average audience engagement rate is 17.11%. Within the first 24 hours after publication, content typically collects 4.19% reactions from the total number of subscribers.
  • Post reach: On average, each post receives 2 333 views. Within the first day, a publication typically gains 571 views.
  • Reactions and interaction: The audience actively supports content: the average number of reactions per post is 2.
  • Thematic interests: Content is focused on key topics such as 2025, ऑफर, परीक्षा, स्टेशनरी, अमेजॉन.

📝 Description and content policy

The author describes the resource as a platform for expressing subjective opinions:
“👉BEST MPPSC FREE PDF NOTES H+E👌 👉 ONLY #MPPSC NOTES @MP_PSC_Notes 🎯 👉MP current Affairs Static GK JOIN US NOW @MP_PSC_Notes Quiz group @MP_PSC_QUIZ suggestions/feedbacks यदि हमारे किसी कंटेंट से समस्या है तो आप हमें 📞contact करें👉 @MPEXAMGURU...”

Thanks to the high frequency of updates (latest data received on 25 October, 2026), the channel maintains relevance and a high level of publication reach. Analytics show that the audience actively interacts with content, making it an important point of influence in the Education category.

13 639
Subscribers
-224 hours
+37 days
-8530 days
Posts Archive
mp_specific_current_affairs_english_jan_2022_byjus_exam_prep_97.pdf1.05 MB

mp_specific_current_affairs_hindi_jan_2022_byjus_exam_prep_67.pdf1.08 MB

मध्य प्रदेश बजट विश्लेषण 2022-23 #SUMMARY JOIN NOW @MPEXAMGURUJIOFFICIAL JOIN NOW @MP_PSC_NOTES मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए राज्य का बजट पेश किया। मध्यप्रदेश का वर्ष 2022-23 का कुल बजट 2 लाख 79 हजार 237 करोड़ रुपये है। राज्य के लिए बजट का संवैधानिक प्रावधान भारत के संविधान के अनुच्छेद 202 के अनुसार, एक राज्य के राज्यपाल को राज्य के विधानमंडल के सदन या सदनों के समक्ष एक वित्तीय वर्ष के लिए राज्य की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण रखना होगा। संविधान में "वार्षिक वित्तीय विवरण" के रूप में नामित एक वित्तीय वर्ष के लिए प्राप्ति और व्यय का यह अनुमानित विवरण आमतौर पर "बजट" के रूप में जाना जाता है मध्य प्रदेश के बजट की मुख्य विशेषताएं: मध्य प्रदेश में राजस्व घाटा 18356.22 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट में मध्य प्रदेश में बिजली में 21 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है। मध्य प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में वर्ष 2011-12 से 2021-22 की अवधि में स्थिर भावों पर 7.09 प्रतिशत औसत वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश में 48 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की व्यवस्था की गई। बजट में 4 हजार किमी सड़क बनाने का लक्ष्य है। प्रदेश में राजस्व घाटा 18356.22 करोड़ रुपये रहा। जल-जीवन मिशन के तहत घर-घर पानी पहुंचाया गया है। बुरहानपुर जिले में हर घर को नल से जोड़ा गया। जल जीवन मिशन सरकार की प्राथमिकता है। ग्रामीण अंचलों में विकास की रफ्तार बढ़ी है। गोव संवर्धन के लिए मध्य प्रदेश में नई योजनाए शुरू की जाएगी। उज्जैन में बनेंगे मेडिकल डिवाइस पार्क मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने की घोषणा की। सरकार ने इस बजट में उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क के निर्माण को मंजूरी दी है। साथ ही उद्योग के लिए सस्ती दरों पर जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी। उद्योग लगने से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सिंगरौली में बनेगी नई हवाई पट्टी मध्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ा है। मनरेगा के लिए बजट में 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सिंगरौली में नई हवाई पट्टी का निर्माण हो रहा है। प्रदेश में आईटीआई को अब बेहतर किया जा रहा है। इसके साथ ही एमपी में मछली का भी उत्पादन बढ़ा है। किसानों को 1.72 लाख करोड़ की सहायता मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट में गो-संवर्धन के लिए नई योजना शुरू करने की घोषणा की। मध्य प्रदेश की फसलों को जीआइ टैग दिलाने का प्रयास जारी है। बजट में लक्ष्य 4000 किमी सड़कें बनाना हैं। किसानों को 1 लाख 72 हजार करोड़ की सहायता दी जाएगी। गायों की सेवा के लिए शुरू होगी योजना मध्य प्रदेश में गायों की सेवा के लिए नई योजना शुरू की जाएगी। भोपाल के बगरोद और बैरसिया में उद्योग पार्क बनेंगे। जनजाति विकास निगम बनेगा। यह रोजगार के अवसर तैयार करेगा। बुरहानपुर जिले के हर घर को नल-जल की सुविधा मिल रही है। यह पहला जिला बन गया है। अजा वित्त विकास निगम के लिए 40 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ओबीसी के लिए पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के लिए 50 करोड़ का प्रावधान है। सागर, शाजापुर, उज्जैन में सोलर प्लांट सिंचाई और घरेलू जल के लिए बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार ऊर्जीकरण का महत्वपूण कार्य कर रही है। सागर, शाजापुर, उज्जैन में सोलर प्लांट लगेंगे। उद्यानिकी फसलों के लिए एक लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी। दुग्ध उत्पादन योजना शुरू होगी। इसके लिए 1050 का प्रावधान है। प्रदेश में घर-घर पशु चिकित्सा सेवा शुरू होगी। मछली पालन के क्षेत्र में रोजगार की संभावना है। 13000 टीचरों की भर्ती 13000 टीचर्स की नियुक्ति की जाएगी। 11 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इससे 11 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर विकसित होंगे।अजा-अजजा और ओबीसी की महिलाओं के स्वरोजगार के लिए भी काम किए जा रहे हैं। यह काम स्व-सहायता समूहों के जरिए हो रहा है। इनको 2000 करोड़ रुपए का क्रेडिट दिया जाएगा। विकसित किए जाएंगे नए औद्योगिक क्षेत्र मध्य प्रदेश में 11 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इनमें 11 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री आपके द्वार योजना प्रदेश में लागू होगी। इसके साथ ही प्रदेश में गायों की सेवा के लिए नई योजना शुरू होगी। हमारी सरकार महिलाओं के विकास के लिए भी काम कर रही है। महिलाओं को हम स्वसहायता समूह से जोड़ेंगे। घर-घर अब पशु चिकित्सा की सुविधा मिलेगी। प्रदेश में जैव ईंधन पर जोर रहेगा। मुख्यमंत्री मत्स्य पालन योजना के लिए 50 करोड़ मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मुख्यमंत्री मत्स्य योजना के लिए 50 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। मछली पालन के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं। मुख्यमंत्री मत्स्य पालन योजना शुरू होगी।

MSME इनोवेटिव स्कीम (इन्क्यूबेशन, डिजाइन और IPR)' और ' MSME आइडिया हैकथॉन 2022' चर्चा में क्यों? केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री नारायण राणे ने MSME आइडिया हैकथॉन2022 के साथ MSME इनोवेटिव स्कीम (इनक्यूबेशन, डिजाइन और IPR) का शुभारंभ किया। प्रमुख बिंदु MSME इनोवेशन योजना इस क्षेत्र की उस रचनात्मकता को बढ़ावा देगी जिसका अभी तक इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह इनोवेशन से जुड़ी गतिविधियों के लिए एक हब के रूप में कार्य करेगा और अच्छे बिजनेस आइडिया को हकीकत में बदलने के लिए मार्गदर्शन भी देगा। ऐसे आइडिया आगे चलकर समाज को सीधे लाभ प्रदान करेंगे। MSME इनोवेटिव MSME के लिए एक नई अवधारणा है जहां इन्क्यूबेशन में इनोवेशन, डिजाइन इंटरवेंशन और सिंगल मोड एप्रोच में इंटलैक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (IPR) की रक्षा के लिए काम किया जाएगा। भारत के इनोवेशन के बारे में MSME के बीच जागरूकता पैदा करने और उन्हें MSME चैंपियन बनने के लिए प्रेरित करने पर भी इसका जोर रहेगा। उप-योजनाओं का विवरण इस प्रकार है :- इनक्यूबेशन डिजाइन IPR (बौद्धिक संपदा अधिकार) स्रोत: PIB

बांग्लादेश-भूटान-भारत-नेपाल (BBIN) मोटर वाहन समझौता (MVA) चर्चा में क्यों? भारत, बांग्लादेश और नेपाल ने लंबे समय से चले आ रहे बांग्लादेश-भूटान-भारत-नेपाल (BBIN) मोटर वाहन समझौता (MVA) को लागू करने के लिए एक सक्षम समझौता ज्ञापन (MoU) को अंतिम रूप दिया, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है। प्रमुख बिंदु दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) द्वारा वर्ष 2014 में नेपाल में आयोजित एक शिखर सम्मेलन में क्षेत्रीय मोटर वाहन समझौते पर सहमत होने में विफल रहने के बाद BBIN कनेक्टिविटी परियोजना की कल्पना की गई थी। BBIN परियोजना को वर्ष 2017 में तब झटका लगा जब MVA के लिये संसदीय अनुमोदन प्राप्त करने में असमर्थ होने के कारण भूटान ने अस्थायी रूप से इससे बाहर निकलने का विकल्प चुना। 3 अन्य देशों ने उस समय समझौते के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया। इसी तरह की कनेक्टिविटी पहल जिसका भारत हिस्सा है: भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट (KMMTT) बांग्लादेश-चीन-भारत-म्यांमार (BCIM) कॉरिडोर स्रोत: HT

चर्चा में क्यों? केंद्रीय पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह विकसित नई कार्यक्षमता का शुभारंभ करेंगे, जिसमें SVAMITVA योजना के तहत सर्वेक्षण के लिए निर्धारित अपने संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में ड्रोन उड़ान शुरू होने के बारे में सूचित करने वाले सांसदों और विधायकों को SMS किया जाएगा। प्रमुख बिंदु मंत्री 11 मार्च 2022 को पंचायती राज मंत्रालय, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST), नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA), भारतीय सर्वेक्षण (SoI), राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में कार्यक्षमता का शुभारंभ करेंगे। यह नई कार्यक्षमता योजना की व्यापक पहुंच और पारदर्शिता में मदद करेगी। SVAMITVA योजना के बारे में: SVAMITVA (स्वामित्व), पंचायती राज मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना, राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस, 24 अप्रैल 2021 को प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर शुरू की गई थी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में गांव के घर के मालिकों को 'अधिकारों का रिकॉर्ड' प्रदान करना और संपत्ति कार्ड जारी करना है। यह योजना पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से पांच वर्षों (2020-2025) की अवधि में लागू की जा रही है और अंततः 2025 तक देश भर के सभी गांवों को कवर कर देगी। योजना देश भर में योजना को पूरा करने की अपनी यात्रा में एक अलग मील का पत्थर हासिल कर रही है, अब तक विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 108 जिलों में ड्रोन उड़ान भरी जा चुकी है और कई और पूरा होने के कगार पर हैं। स्रोत: PIB

National Income National Income National Income is usually defined as the total value of all final goods and services produced in a country in a particular period (Generally one year). Following are the measures of National Income- (A) GDP (Gross Domestic Product) (B) GNP (Gross National Product) (C) NNP (Net National Product) (D) PI (Personal Income) (E) DPI (Disposable Personal Income) (A) GDP (Gross Domestic Product)- GDP is the total value of all final goods and services produced within the geographical boundary of the country during a particular period (Generally one year). In this, we consider all goods/ services, produced by both resident citizens and foreign nationals who reside within the boundary of that country. Example- Suppose there are 100 crore Indians who earn RS. 100 crores in Indian territory and 1 crore foreigners who earn RS. 10 crores in Indian territory and send it to their respective countries. At the same time, 10 crores Indians living in foreign countries earn RS. 40 crores and send it to India. Here, GDP is (100 + 10 = 110 crores). (B) GNP (Gross National Product)- GNP is defined as the total value of the final goods and services produced by Indians in India as well as abroad during a particular period. GNP includes the value of goods produced by resident and non-resident citizens of a country whereas the income of foreigners who reside in India is excluded. Example- Suppose there are 100 crore Indians who earn 100 crores in Indian territory and 1 crore foreigners who earn 10 crores in Indian territory and send it to their respective countries. At the same time, 10 crores Indians living in foreign countries earn 40 crores and send it to India. Here, GNP is (100 + 40 = 140 crore) We can say GNP = GDP + Net Factor Income from Abroad (Export-Import) GNP = 110 + (40 – 10) = Rs. 140 crores (Inward remittances come in export and outward remittances in Import) (C) Net National Product (NNP)- It is calculated by deducting depreciation from Gross National Product (GNP) NNP = GNP – Depreciation Note- Factor Cost- Cost incurred to produce goods and service Market price- For calculating market price we add Indirect taxes and deduct subsidies given by the government in Factor cost. Market Price = Factor cost + Indirect Taxes – Subsidy NNP at factor cost = NNP at market price – Indirect taxes + subsidy Usually, we called NNP at factor cost as National Income. Likewise, NNP at factor cost, we can also calculate GDP at factor cost. (D) Personal income- It is the sum of all the income received by the people of the country in one year. Personal Income = National Income + Transfer payments – Undisclosed profits of corporate + Payment for social security provisions Transfer Payments are the payments that are not against any productive work. (Example- Old Age Pension, Unemployment compensation etc.) Social Security Provisions- Payment made by employees towards PF, Insurance etc. (E) Disposable Personal Income- Income is available to individuals after deducting direct taxes. Disposable Personal Income = Personal Income – Direct Taxes Real Income and Nominal Income- If we use base year price for calculating National Income, this is called the real income. If we use a particular year (current year) price for calculating National Income, this income is called the Nominal income. GDP Deflator- Used to calculate overall price rise. Estimation of National Income in India In 1868, Dadabhai Naoroji wrote a book ‘Poverty and Un British Rule in India’. It was the first attempt at the calculation of National Income. The first person to estimate National Income scientifically was Dr V. K. R. V. Rao who estimated national income for the period 1925-29. After Independence National Income committee was formed in 1949 under the chairmanship of P.C. Mahalanobis. After some years Central Statistical Organisation (CSO) was formed.

विशेष- उपादान लागत- माल के उत्पादन एवं सेवा में लगने वाली लागत बाज़ार दर- बाजार दर ज्ञात करने के लिए हम अप्रत्यक्ष कर को जोड़ते हैं और उपादान लागत में सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुवृत्ति को घटाते हैं| बाजार दर = उपादान लागत + अप्रत्यक्ष कर – अनुवृत्ति उपादान लागत पर NNP = बाजार दर पर NNP – अप्रत्यक्ष कर + अनुवृत्ति सामान्यतया हम उपादान लागत पर NNP को राष्ट्रीय आय कहते हैं| उपादान लागत पर NNP के समान ही, हम उपादान लागत पर GDP भी ज्ञात कर सकते हैं| (D) निजी आय- यह एक वर्ष में देश की जनता द्वारा प्राप्त होने वाली कुल आय का योग है| निजी आय = राष्ट्रीय आय + भुगतान स्थानान्तरण – निगमित के अप्रकाशित लाभ + सामाजिक सुरक्षा प्रावधान हेतु भुगतान स्थानान्तरण भुगतान/अदायगी वह भुगतान है जो किसी उत्पादक कार्य के विपरीत नहीं होते हैं| (उदाहरण- वृद्धावस्था पेंशन, बेरोजगारी मुआवजा इत्यादि|) सामजिक सुरक्षा प्रावधान- कर्मचारियों द्वारा PF, बीमा इत्यादि के लिए भुगतान बनाना| (E) अवशिष्ट निजी आय- प्रत्यक्ष कर घटाने के बाद निजी व्यक्ति के पास उपलब्ध आय| अवशिष्ट निजी आय = निजी आय – प्रत्यक्ष कर| वास्तविक आय एवं सांकेतिक आय- यदि हम राष्ट्रीय आय की गणना हेतु आधार वर्ष मूल्य का प्रयोग करें, इसे वास्तविक आय कहते हैं| यदि हम राष्ट्रीय आय की गणना हेतु किसी विशेष वर्ष की बात करें(वर्तमान वर्ष), तो इस आय को नाममात्र/सांकेतिक आय कहते हैं| GDP अपस्फीतिकारक- कुल मूल्य वृद्धि की गणना हेतु प्रयुक्त होता है| GDP अपस्फीतिकारक = सांकेतिक GDP/वास्तविक GDP

B) GNP (सकल राष्ट्रीय उत्पाद)- भारतीयों द्वारा भारत एवं विदेश में किसी न्सिचित समय अंतराल के दौरान उत्पादित होने वाले तैयार माल एवं सेवाओं के कुल मूल्य को GNP कहा जाता है| GNP में किसी देश के निवास करने वाले एवं निवास नहीं करने वाले नागरिकों द्वारा उत्पादित माल का मूल्य शामिल किया जाता है जबकि भारत में रहने वाले विदेशियों की आय को शामिल नहीं किया जाता है| उदाहरण- माना 100 करोड़ भारतीय हैं जिन्हें भारतीय क्षेत्र में 100 करोड़ रूपये प्राप्त होते हैं एवं भारतीय क्षेत्र में 1 करोड़ विदेशी हैं जिन्हें 10 करोड़ रूपये प्राप्त होते हैं और इसे वे क्रमशः देशों में भेजते हैं| उसी समय विदेशी देशों में रह रहे 10 करोड़ भारतीय 40 करोड़ प्राप्त करते हैं और इसे भारत भेजते हैं| यहाँ, GNP, (100 + 40 = 140 करोड़) है| हम कह सकते हैं GNP = GDP + विदेश से आने वाली शुद्ध कारक आय(निर्यात – आयात) GNP = 110 + (40 – 10) = 140 करोड़ रूपये (निर्यात में आवक विप्रेषण एवं आयात में जावक विप्रेषण)

(A) GDP (सकल घरेलू उत्पाद)- एक निश्चित समय अंतराल के दौरान देश की भौगोलिक सीमा के अंतर्गत उत्पादित समस्त माल एवं सेवाओं के कुल मूल्य को GDP कहते हैं(सामन्यतया एक वर्ष) इसमें निजी नागरीकों एवं विदेशी राष्ट्रों जो उस देश की सीमा के अन्दर रहते हैं, द्वारा उत्पादित सभी माल/सेवाओं को शामिल किया जाता है| उदाहरण- माना कि कुल 100 करोड़ भारतीय हैं जिन्हें भारतीय क्षेत्र में 100 करोड़ रुपयों की आय प्राप्त होती है और 1 करोड़ विदेशी हैं जिन्हें भारतीय क्षेत्र में 10 करोड़ रूपये प्राप्त होते हैं और वे उन्हें अपने क्रमशः देशों में भेजते हैं| उसी समय विदेश में रह रहे 10 करोड़ भारतीय 40 करोड़ रूपये प्रापर करते हैं और इसे भारत भेजते हैं| यहाँ, GDP (100 + 10 = 110 करोड़) है|

राष्ट्रीय आय राष्ट्रीय आय JOIN NOW @MP_PSC_NOTES JOIN NOW @MPEXAMGURUJIOFFICIAL सामान्यतया समस्त निर्मित माल एवं एक निश्चित समय अंतराल(सामान्यतया एक वर्ष) में देशभर में दी जाने वाली सेवाओं के कुल मूल्य को राष्ट्रीय आय के रूप में परिभाषित किया जाता है| राष्ट्रीय आय के मापांक निम्न प्रकार हैं- (A) GDP (सकल घरेलू उत्पाद) (B) GNP (सकल राष्ट्रीय उत्पाद) (C) NNP (कुल राष्ट्रीय उत्पाद) (D) PI (निजी आय) (E) DPI (अवशिष्ट निजी आय)

DAILY 1PM MPTET VARG 3 ki ENGLISH PEDAGOGY QUIZ @MPPSCPEB pr QUIZ CHAL RHI HAI NEXT QUIZ 2PM SANSKRIT KI HOGI English pedagogy previous years 2018-2019 ctet megh quiz @MPPSCPEB 🖊 122 questions · ⏱ 30 sec

DAILY 1PM MPTET VARG 3 ki ENGLISH PEDAGOGY QUIZ @MPPSCPEB PR kuch hi samay me hone wali hai jo quiz ke liye ready hai poll me vote krne bta de NEXT QUIZ 2PM SANSKRIT KI HOGI

#MPTET varg 3 Special संस्कृत भाषा कौशल) संस्कृत भाषा शिक्षण का यही उद्देश्य है कि छात्र को इन चार भाषायी कौशलों में निपुण बना दिया जाए। जिससे छात्र संस्कृत विषय अबोध तथा स्वयं रचनात्मक कार्य कर सकें। संस्कृत में भाषा के चार प्रमुख कौशल होते हैं। जो इस प्रकार है। (1) श्रवण कौशल ( सुनना) (2) पठन कौशल ( पढ़ना) (3) वाचन कौशल ( बोलना) (4) लेखन कौशल (लिखना) (1) श्रवण कौशल श्रवण कौशल प्रथम भाषा कौशल है। जिसका संबंध कान से होता है, एवं अच्छी तरह से विषय को सुनने के पश्चात ही उसका अनुकरण होता है। अतएव भाषा शिक्षण विषय में प्राथमिक कार्य श्रवण ही होता है। यही शेष तीनों कौशलों का आधार है। श्रवण कौशल का प्रमुख तत्व एकाग्रचित्तता एवं ध्यान से विषय को सुनना है। छात्र कहानी, कविता, भाषण, वार्तालाप इत्यादि का ज्ञान सुनकर ही करता है। उसके बाद उसके अर्थ को ग्रहण करते हुए भाव विनिमय में करता है। श्रवण कौशल संपादन के उपाय 1. मन की एकाग्रचितता 2. शारीरिक अविकलता 3 . शुद्ध उच्चारण का ज्ञान श्रवण कौशल के साधन 1 कक्षा कक्ष प्रक्रिया में वार्ता, कहानी, श्लोक इत्यादि सुनना। गुरुमुख, आकाशवाणी, दूरदर्शन, दूरवाणी इत्यादि का श्रवण करना। (2) वाचन कौशल वाचन वह क्रिया है। जिसमें प्रतीक, ध्वनि और अर्थ साथ साथ चलते हैं। अर्थात वाचन एक जटिल अधिगम प्रक्रिया है। जिसमें श्रवण, दृश्य का मस्तिष्क के अधिगम केंद्र से संबंध होता है। वस्तुतः लेखन में मौखिक भाषा को स्थाई रूप दिया जाता है। किंतु वाचन में इसका उल्टा होता है। वाचन में साधारण रूप से पढ़ने की अपेक्षा शुद्धता, स्पष्टता एवं प्रभावशालिता होती है। वाचन कौशल दो प्रकार के होते हैं। 1. मौन वाचन – लिखित भाषा का ध्वनि रहित वाचन मौन वाचन होता है। तथा इसमें अर्थ ग्रहण और भाव अनुभूति होती है। 2. सस्वर वाचन लिखित भाषा के ध्यानात्मक पाठ को सस्वर वाचन कहा जाता है। जिसमें लिपि प्रतीकों को वाणी प्रदान कर अर्थ ग्रहण किया जाता है। ईश वंदना, लोक पाठ, समा दूसरों को सुनाना सस्वर वाचन होते हैं। सस्वर वाचन के दो भेद होते हैं। 1. व्यक्तिगत वाचन – यह वाचन अध्यापक, छात्र के द्वारा होता है। (व्यक्तिगत सस्वर वाचन दो प्रकार के होते हैं। ) 2. सामूहिक वाचन – छात्रों द्वारा काव्य शिक्षण की दृष्टि से सस्वर वाचन तीन प्रकार का होता है। 1. आदर्श वाचन – शिक्षक द्वारा 2. अनुकरण वाचन – छात्र द्वारा 3. सामूहिक वाचन – छात्रों के द्वारा सस्वर वाचन के उद्देश्य छात्रों को शुद्ध उच्चारण का ज्ञान( अभ्यास) कराना। छात्रों को विराम, लय , ताल व गति के साथ उच्चारण का ज्ञान कराना। अर्थ ग्रहण की क्षमता का विकास कराना। अधिगम में कमजोर छात्रों को व्यक्तिगत रूप से सहायता करना। छात्रों को क्रियाशील बनाना। आत्मविश्वास उत्पन्न कर आना। वाचन शिक्षण की विधियां 1. देखो और कहो विधि JOIN NOW @MPEXAMGURUJIofficial 2. अक्षर बोध विधि\ शब्द निर्माण विधि 3. ध्वनि साम्य विधि\ स्वरोच्चारण विधि 4. आक्षरिक खंड विधि 5. यंत्र विधि 6. संगीत विधि ( मांटेसरी) 7. अनुध्वनि\ अनुकरण विधि (सुनो और कहो विधि) शुद्ध वाचन हेतु अध्यापक के द्वारा किए जाने वाले कार्य छात्र को संस्कृत में वचन व पठन का अधिक अवसर देना। अध्यापन का अभ्यास कराना। छात्रों को सूक्तियां एवं श्लोक याद करवाना। वाद विवाद, कविता पाठ इत्यादि प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाना। विषय का ज्ञान प्रदान करना। आदर्श वाचन, अनुकरण वाचन, समवेत वाचन का अधिक प्रयोग करना। अशुद्ध उच्चारण के कारण अज्ञान ध्वनि का लोप कर देना। ध्वनि का अल्प या अति उच्चारण करना। दोषपूर्ण श्रवण प्रक्रिया। ध्वनि का उल्टा कर देना। स्थानीय बोलियों का प्रभाव। अध्यापक के निर्देशन का अभाव। उच्चारण सुधार के उपाय अध्यापक स्वयं अपना उच्चारण सुधारें। छात्रों को शुद्ध उच्चारण के लिए प्रेरित करें। अशुद्ध संशोधन करना एवं अभ्यास कराना। छात्रों को व्याकरण के नियमों की जानकारी देना। प्रतियोगिताओं का आयोजन कराना। बाल सभा व प्रार्थना सभा का आयोजन कराना। शारीरिक विकलता हेतु चिकित्सीय परामर्श। संस्कृत के विसर्ग,अनुस्वार, बलाघात, हलंत का ज्ञान कराना। श्लोक याद कराना। (3) पठन कौशल किसी लिखित या मुद्रित पाठ्यवस्तु या चित्र को देखकर उसके भाव आशय को समझना पठन कहलाता है। क्रमवृद्ध एवं विधि पूर्वक बालकों को पठन करने का अभ्यास कराना ही पठन शिक्षण है। जहां वाचन में लिखित भाषा के वर्णों, लिपि, रूप को पहचान कर उचित विराम, गति, आरोह- अवरोह सहित शुद्ध उच्चारण किया जाता है। उसमें यह जरूरी नहीं है कि वाचन करने वाला अर्थ समझ रहा हो। लेकिन पठन में अर्थ समझते हुए वाक्य के भावों का अधिगम करते हुए पठन किया जाएगा। वाचन का विकसित रूप पठन है। @MPEXAMGURUJIofficial

मध्य प्रदेश रोजगार कार्यालय में जीवंत पंजीयन के संबंध में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के द्वारा सूचना पत्र जारी किया गया है 👉र
मध्य प्रदेश रोजगार कार्यालय में जीवंत पंजीयन के संबंध में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के द्वारा सूचना पत्र जारी किया गया है 👉रोजगार पंजीयन का जीवंत होना उस समय आवश्यक है जिस समय आपने वह फॉर्म भरा हुआ👈👈 बाद में यदि वह एक्सपायर भी हो जाता है तो इससे आपको कोई समस्या नहीं होगी

बिना इंटरनेट के यूपीआई ट्रांजैक्शन UPI 123PAY
बिना इंटरनेट के यूपीआई ट्रांजैक्शन UPI 123PAY

विज्ञान प्रगति march.pdf17.66 MB