शारीरिक शिक्षक समूह, राजस्थान
Open in Telegram
ऊर्जावान खेल प्रेमी साथियों का चैंनल पर स्वागत है,यहां पर आपको जैसे :- 1.पीटीआई भर्ती की सम्पूर्ण जानकारी! 2.खेल के स्टार खिलाड़ियों के जन्मदिवस Apdts! 3.खेल & शा.शिक्षा की सम्पूर्ण जानकारी! 4. Sports Qouta भर्ती नोटिफिकेशन! आदि खेल की हर अपडेट्स मिलेगी...
Show more6 543
Subscribers
-224 hours
-137 days
+3230 days
Posts Archive
शिक्षा निदेशालय के पूर्व एलडीसी बना रहे थे फर्जी डिग्री
प्रोफेशनल खिलाड़ियों को डमी बनाकर दिलवाते थे मेडल, पत्नी भी शारीरिक शिक्षक
जयपुर
एसओजी ने फर्जी डिग्री जारी करने के मामले में शिक्षा निदेशालय में पूर्व में कार्यरत दो एलडीसी और एक फर्जी डिग्री प्रिंट करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पूर्व एसडीसी मनदीप सांगवान पुत्र सत्यवीर सिंह अभी बीकानेर ऑफिस में यूडीसी के पद पर काम कर रहा है। वहीं, दूसरा पूर्व एलडीसी जगदीश पुत्र मदनगोपाल अब उच्च माध्यमिक विद्यालय देशनोक (बीकानेर) में यूडीसी है। दोनों के साथ फर्जी डिग्री प्रिंट करने वाले राकेश कुमार को सरदारशहर (चूरू) से गिरफ्तार किया गया है।
मामले में पहले से गिरफ्तार दलाल सुभाष पूनिया के जरिए मनदीप ने पत्नी सुमन को जेएस विश्वविद्यालय शिखोहाबाद से फर्जी डिग्री दिलवाई थी। इसके जरिए पीटीआई भर्ती भी दी थी। पहले जो फर्जी डिग्री मिली उसमें 15 अक्टूबर 2023 अंकित कर दिया गया था। इससे जॉइनिंग में दिक़्क़त होती। इस पर दोनों ने चर्चा कर दूसरी फर्जी डिग्री निकालकर तारीख बदलकर 13 सितंबर 2023 कर दी थी। दरअसल, पीटीआई परीक्षा की विज्ञप्ति अनुसार बीपीएड की डिग्री 25 सितंबर 2023 से पूर्व की होनी चाहिए थी। सुमन अभी वर्तमान में शारीरिक शिक्षक के पद पर तैनात है।
सुभाष पूनिया, मनदीप, जगदीश ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में खेल आरक्षण का लाभ लेने के लिए षड्यंत्र करते थे। मनदीप और जगदीश योग्य अभ्यर्थियों को ढूंढ कर पहले सौदा तय करते। उसके बाद सुभाष के माध्यम से ओपीजेएस यूनिवर्सिटी या अन्य विश्वविद्यालय में फर्जी एडमिशन करवाते।
प्रोफेशनल खिलाड़ियों को खिलवाकर मेडल दिलवाते
लाभांश पाने वाले खिलाड़ियों के एडमिशन के साथ साथ प्रोफेशनल खिलाड़ियों का भी एडमिशन करवाते। खेल प्रतियोगिता जैसे रस्साकसी, वुड बॉल, टारगेट बॉल इत्यादि खेलों में प्रोफेशनल खिलाड़ियों को विश्वविद्यालय की ओर से खिलाते। लाभांश पाने वाले अभ्यर्थियों को रिज़र्व में रखते। कई बार लाभांश पाने वाले अभ्यर्थियों की जगह प्रोफेशनल खिलाड़ी को डमी के रूप में भी खिलाकर मेडल दिलवाते। मेडल के अंक फायदा पाने वाले अभ्यर्थी को मिलते। इस पूरे षड्यंत्र में विश्वविद्यालय एडमिशन और एंट्री भेजने के नाम पर पैसे लेते थे। जो डिग्री की व्यवस्था सुभाष विश्वविद्यालय से नहीं कर पाता तो राकेश उसकी प्रिंटिंग प्रेस में छपवा देता था। राकेश द्वारा और भी कई जाली दस्तावेज प्रिंट किए गए हैं। इनकी जांच की जा रही हैं।
#sportsDuniya 💗
मंदीप सांगवान... जो सभी को रखते थे बेखबर मगर अंदर से देते थे खाश ख़बर 😄
बीकानेर निदेशालय में कार्यरत बाबू मंदीप सांगवान को फ़र्ज़ी /जाली डिग्री को लेकर किया गया गिरफ्तार...
पूर्व में PTIभर्ती की हर अपडेट्स देता था...😄
शारीरिक शिक्षक संघ के द्वारा कलेक्टर को दिए ज्ञापन से श्रीमान जिला कलेक्टर ने एसडीएम बोली को जांच के आदेश जारी किए हैं...
संगठन में ही शक्ति है 🙏
Available now! Telegram Research 2025 — the year's key insights 
