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UJJWAL IAS AYODHYA®™

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Welcome to Ujjwal IAS official Telegram channel.

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📈 Analytical overview of Telegram channel UJJWAL IAS AYODHYA®™

Channel UJJWAL IAS AYODHYA®™ (@ujjawaliasayodhya) in the Hindi language segment is an active participant. Currently, the community unites 19 822 subscribers, ranking 10 058 in the Education category and 21 331 in the India region.

📊 Audience metrics and dynamics

Since its creation on невідомо, the project has demonstrated rapid growth, gathering an audience of 19 822 subscribers.

According to the latest data from 08 July, 2026, the channel demonstrates stable activity. Although there has been a change in the number of participants by 158 over the last 30 days and by 9 over the last 24 hours, overall reach remains high.

  • Verification status: Not verified
  • Engagement rate (ER): The average audience engagement rate is 36.72%. Within the first 24 hours after publication, content typically collects 19.97% reactions from the total number of subscribers.
  • Post reach: On average, each post receives 7 278 views. Within the first day, a publication typically gains 3 957 views.
  • Reactions and interaction: The audience actively supports content: the average number of reactions per post is 22.
  • Thematic interests: Content is focused on key topics such as टेस्ट, सफलता, मेहनत, तैयारी, सीरीज.

📝 Description and content policy

The author describes the resource as a platform for expressing subjective opinions:
Welcome to Ujjwal IAS official Telegram channel.

Thanks to the high frequency of updates (latest data received on 09 July, 2026), the channel maintains relevance and a high level of publication reach. Analytics show that the audience actively interacts with content, making it an important point of influence in the Education category.

19 822
Subscribers
+924 hours
+487 days
+15830 days
Posts Archive
🔳 *भारत के प्रमुख तांबा क्षेत्र* ▪️सिक्किम – रँगपो , भोटांग, पाचेयखानी ▪️ आंध्र प्रदेश – अग्निकुंडल, गनी ▪️झारखंड – मोसाबानी, धोबानी, सूरदा, राखा, सोनामाखी ▪️राजस्थान – खेतड़ी, खो दरीबा, भगोनी ▪️ मध्य प्रदेश – तरेगांव, मलाजखंड 🔳 *भारत के प्रमुख बॉक्साइट क्षेत्र* ▪️उड़ीसा – बोलांगीर, पंचपतमाली पहाड़ियां ▪️मध्य प्रदेश – अमरकंटक ,कटनी ,जबलपुर ▪️ छत्तीसगढ़– फुटका पहाड़, कोंडागांव ▪️झारखंड – रिचुगुटा , बगरू, भुसर ▪️महाराष्ट्र – झांगडा , नगर तरावाड़ी ▪️तमिलनाडु – रकोड, कोली पहाड़िया ▪️गुजरात – कच्छ, जामनगर, अमरेल 🔳 *अभ्रक उत्पादक प्रमुख क्षेत्र* ▪️आंध्र प्रदेश – नेल्लौर, गुंटूर , खम्मम ▪️राजस्थान – जयपुर, उदयपुर, अजमेर ▪️झारखंड – हजारीबाग, सिंहभूमि, कोडरमा, गिरीडीह ▪️बिहार – गया, भागलपुर, मुंगेर, नवादा, जमुई

🔳 *भारत की खनिज पेटियां* ▪️ *छोटा नागपुर पेटी–* ▪️ यह झारखंड, बिहार ,उड़ीसा तथा पश्चिम बंगाल राज्यों में फैली है। ▪️ यह मुख्यता प्राचीन नीस तथा ग्रेनाइट शैलों से संयुक्त है। यह देश का समृद्धतम खनिज क्षेत्र है। ▪️ इस पेटी को भारत की लोह एवं इस्पात पेटी कहा जाता है। ▪️ *मध्यवर्ती पेटी–* यह पेटी आंध्र प्रदेश मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में विस्तृत है। ▪️ *दक्षिण पेटी–* ▪️ यह कर्नाटक एवं तमिलनाडु में विस्तृत है। ▪️ *उत्तर पश्चिम पेटी–* ▪️ यह राजस्थान गुजरात और महाराष्ट्र में विस्तृत है। ▪️ *दक्षिण पश्चिम पेटी–* ▪️ यह गोवा ,दक्षिणी कर्नाटक और केरल में विस्तृत है।

🔳 *अन्य प्रमुख परियोजनाएं* ▪️ संकोश परियोजना – भारत और भूटान ▪️चुखा परियोजना – भारत और भूटान ▪️पंचेश्वर परियोजना – भारत और नेपाल ▪️टनकपुर परियोजना – भारत और नेपाल ▪️शारदा बैराज – भारत और नेपाल ▪️ ताला परियोजना – भूटान और भारत ▪️रंगीत परियोजना – सिक्किम ▪️रतले परियोजना – जम्मू और कश्मीर ▪️उकाई परियोजना – गुजरात ▪️गिरना परियोजना – महाराष्ट्र ▪️कालागढ़ बंध – उत्तराखंड ▪️तीस्ता परियोजना – सिक्किम ▪️ बाणसागर परियोजना – मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार ▪️ उरी परियोजना – जम्मू कश्मीर ▪️श्रीसेलम – आंध्र प्रदेश ▪️ पाम्पा परियोजना – आंध्र प्रदेश ▪️ सुईल परियोजना – हिमाचल प्रदेश

🔳 *प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजना* ▪️ *रिहंद बांध परियोजना–* ▪️ यह उत्तर प्रदेश में सोन की सहायक नदी रिहंद पर सोनभद्र जिले में बनाया गया है। ▪️ बांध के पीछे गोविंद बल्लभ पंत सागर झील है जो भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है। ▪️ यह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित है। ▪️ *चंबल परियोजना–* ▪️ यह मध्य प्रदेश और राजस्थान की संयुक्त परियोजना है ▪️ मध्य प्रदेश में गांधी सागर बांध तथा राजस्थान में राणा प्रताप सागर बांध, जवाहर सागर बांध बनाए गए हैं। ▪️ *हीराकुंड परियोजना –* ▪️यह उड़ीसा राज्य की परियोजना है। ▪️ महानदी पर हीराकुंड, तीकरपाड़ा, नारजबैराज बाध बनाए गए है। ▪️ *गंडक परियोजना –* ▪️ यह गंडक नदी पर उत्तर प्रदेश तथा बिहार की संयुक्त परियोजना है। ▪️ *इंदिरा गांधी नहर परियोजना–* ▪️ यह विश्व की विशालतम सिंचाई परियोजना है। ▪️ यह राजस्थान के क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा प्रदान करती है। ▪️सतलज और रावी के संगम पर हरिके बैराज से यह नहर निकलती है। ▪️ *टिहरी बांध परियोजना–* ▪️ इसका निर्माण भागीरथी और विलंगना के संगम पर किया गया है। ▪️ बांध के पीछे स्वामी रामतीर्थ सागर सरोवर का निर्माण किया गया है।

🔳 *प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजनाएं* ▪️ *दामोदर घाटी परियोजना –* ▪️भारत की प्रथम बहुउद्देशीय परियोजना। ▪️ यह नदी छोटा नागपुर की पहाड़ियों से निकलकर पश्चिम बंगाल में हुगली नदी से मिल जाती है। ▪️ इसमें तिलैया ,कोनार, मैथान , पंचेत पहाड़ी, बोकारो ,बाल पहाड़ी, बर्मा तथा दुर्गापुर नमक आठ बांध बनाए गए हैं। ▪️ यह परियोजना झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों में फैली है। ▪️ *भाखड़ा नांगल परियोजना–* ▪️ यह सतलज नदी पर बनी देश की सबसे बड़ी बहुउद्देशीय परियोजना है। ▪️ यह पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान राज्य में फैली है। ▪️ इस परियोजना में भाखड़ा बाध तथा बांध के पीछे गोविंद सागर झील बनी है। ▪️ *कोसी परियोजना –* ▪️ यह नेपाल एवं बिहार की संयुक्त परियोजना है। ▪️ कोसी नदी जिसे बिहार का शोक कहा जाता है।

🔳 *भारत के प्रमुख जलप्रपात* ▪️ कुचिकल – कर्नाटक ▪️ जोग/ महात्मागांधी – शरावती नदी ( कर्नाटक) ▪️चित्रकूट – इंद्रावती नदी (छत्तीसगढ़) ▪️हुंडरू – स्वर्णरेखा नदी (झारखंड) ▪️चुलिया – चंबल नदी ( राजस्थान) ▪️शिवसमुद्रम – कावेरी नदी ( कर्नाटक) ▪️कपिल धारा – नर्मदा नदी ( मध्य प्रदेश) ▪️ पंचघाघ – झारखंड ▪️चचाई – मध्य प्रदेश ▪️दुग्ध धारा – नर्मदा नदी ( मध्य प्रदेश) ▪️ बूढ़ाघाघ – झारखंड ▪️रजत प्रपात – मध्य प्रदेश ▪️देव धारा – हंसदेव नदी ( छत्तीसगढ़) ▪️गोकक – घाटप्रभा ( कर्नाटक) ▪️डूडूमा – उड़ीसा

#QuickRevisionSeries 🔳 *नदियों के किनारे स्थित नगर* ▪️ *गंगा* – हरिद्वार ,फतेहपुर, कानपुर, वाराणसी भागलपुर ,पटना ▪️ *यमुना* – नई दिल्ली ,आगरा, मथुरा, इटावा ▪️ मुसी – हैदराबाद ▪️गोदावरी – नासिक, नांदेड़ ▪️ झेलम – श्रीनगर ▪️सिंधु – लेह ▪️सतलज – लुधियाना ▪️साबरमती – अहमदाबाद , गांधीनगर ▪️ गोमती – लखनऊ ▪️ताप्ती – सूरत, बैतूल ▪️नर्मदा – जबलपुर ▪️शिप्रा – उज्जैन ▪️रामगंगा – बरेली ▪️सरयू – अयोध्या ▪️राप्ती – गोरखपुर ▪️चंबल – कोटा ▪️महानदी – कटक ▪️मंदाकिनी – गौरीकुंड, गुप्तकाशी ▪️ इंद्रावती – जगदलपुर

🟥 गंगा में बाएं से मिलने वाली प्रमुख नदियाँ ▪️रामगंगा ▪️गोमती नदी ▪️घाघरा नदी ▪️गंडक नदी ▪️बूढ़ी गंडक ▪️कोसी नदी ▪️महानंदा नदी ▪️ब्रह्मपुत्र नदी 🔳 गंगा में दाएं से मिलने वाली प्रमुख नदियाँ (i) यमुना नदी (ii) टोंस नदी (iii) सोन नदी 🔳 गंगा की सहायक नदियों का पश्चिम से पूर्व की ओर क्रमः यमुना → टोंस → गोमती → घाघरा→ सोन→ गंडक → बूढ़ी गंगा → कोसी → महानंदा →हुगली → ब्रह्मपुत्र

🟥 लोक सभा में राज्यों के सीटों की संख्या ▪️उत्तर प्रदेश - 80 ▪️महाराष्ट्र - 48 ▪️पश्चिम बंगाल - 42 ▪️बिहार - 40 ▪️तमिलनाडु - 39 ▪️मध्य प्रदेश - 29 ▪️कर्नाटक - 28 ▪️गुजरात - 26 ▪️आंध्र प्रदेश - 25 ▪️राजस्थान - 25

प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत अध्यापकों के लिये विशेष तीसरा नया बैच दिनांक-29 सितम्बर 2025 शाम 04.30 बजे से प
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत अध्यापकों के लिये विशेष तीसरा नया बैच दिनांक-29 सितम्बर 2025 शाम 04.30 बजे से प्रारम्भ हो रहा है। प्रतिदिन सभी विषयों की क्लास संचालित की जा रही है। साथ में सभी विषयों के नोट्स भी दिये जा रहे है।

प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत अध्यापकों के लिये संस्थान में 02 नये बैच प्रारम्भ हो गये है। तीसरा नया बैच दिनांक- 29 सितम्बर से प्रारम्भ हो रहा है। समय- 04.30 बजे से 07.30 बजे तक

प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत अध्यापकों के लिये संस्थान में टीईटी प्राथमिक व जूनियर स्तर का नया बैच प्रारम्भ
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत अध्यापकों के लिये संस्थान में टीईटी प्राथमिक व जूनियर स्तर का नया बैच प्रारम्भ हो गया है। क्लास के साथ-साथ नोट्स भी दिये जा रहे है।

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विश्व की प्रमुख मुद्रा.pdf1.82 KB

विश्व_के_प्रमुख_मरुस्थल_एवं_ज्वालामुखी.pdf5.26 KB

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दिग्‍गज अभिनेता मोहनलाल को वर्ष 2023 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार दिग्गज फिल्म अभिनेता मोहनलाल को 55वें दादा साहब फाल्के पुरस्कार (55th Dadasaheb Phalke Award) से सम्मानित किया जाएगा. उन्हें वर्ष 2023 का दादा साहब फाल्के सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. उन्हें यह पुरस्कार 23 सितम्बर 2025 को 71वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार समारोह के दौरान दिया जाएगा. छोटी उम्र में ही अपना फ़िल्मी सफ़र शुरू करने वाले मोहनलाल ने मलयालम, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ सहित हिंदी फ़िल्मों में काम किया है. अभिनेता मोहन लाल को उनकी प्रतिभा की वजह से पहले वर्ष 2001 में पद्मश्री और बाद में वर्ष 2019 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया. फिल्म निर्माता के रूप में उन्हें वनप्रस्थम के लिए सर्वश्रेष्ठ फीचर फ़िल्म का पुरस्कार भी मिला. दादा साहब फाल्‍के पुरस्‍कार: एक दृष्टि दादा साहब फाल्के पुरस्कार भारत सरकार की ओर से दिया जाने वाला एक वार्षिक पुरस्कार है. यह भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है, जो भारतीय सिनेमा के विकास में उत्‍कृष्‍ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है. यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा के जनक धुंदीराज गोविंद फाल्‍के (दादा साहब फाल्के) के नाम पर दिया जाता है. इस पुरस्कार का प्रारम्भ दादा साहब फाल्के के जन्म शताब्दि-वर्ष 1969 में हुआ था. फाल्के ने 1913 में इंडिया की पहली फीचर फिल्म ‘राजा हरिशचंद्र’ का निर्देशन किया था. पहली बार यह सम्मान 1969 में 17वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार समारोह में अभिनेत्री देविका रानी को प्रदान किया गया था. अब तक 53 बार ये पुरस्कार दिया जा चुका है. मिथुन चक्रवर्ती को 54वें दादा साहब फाल्के सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. 54वां दादा साहब फाल्के सम्मान वहीदा रहमान को (वर्ष 2021 के लिए) दिया गया था. इस पुरस्कार में 10 लाख रुपये और स्वर्ण कमल दिये जाते हैं.

भावनगर में ‘समुद्र से समृद्धि’ कार्यक्रम: प्रधानमंत्री ने कई परियोजनाओं को शुरू किया गुजरात के भावनगर में 20 सितम्बर को ‘समुद्र से समृद्धि’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस कार्यक्रम को संबोधित किया. इस इस दौरान उन्होंने 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य बिन्दु देश का लक्ष्य 2047 तक वैश्विक समुद्री व्यापार में हिस्सेदारी को तीन गुना करना है. दूसरे देशों पर भारत की निर्भरता उसके सबसे बड़े दुश्‍मनों में से एक है. वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश को आत्मनिर्भर बनना होगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का समुद्री क्षेत्र अगली पीढ़ी के सुधारों के दौर से गुजर रहा है. कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. श्री मोदी ने 7.8 हजार करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की कई प्रमुख समुद्री परियोजनाओं के साथ-साथ मुंबई अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल का भी उद्घाटन किया. उन्होंने अहमदाबाद के पास प्राचीन शहर लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (NMHC) की प्रगति की समीक्षा की. NMHC का विकास 4.5 हजार करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है. लोथल सिंधु घाटी सभ्यता का महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र था. NMHC दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री संग्रहालय होगा.

संस्थान में सुपर टेट का नया बैच प्रारम्भ हो गया है। प्रतिदिन क्लास के साथ फुल प्रैक्टिस
संस्थान में सुपर टेट का नया बैच प्रारम्भ हो गया है। प्रतिदिन क्लास के साथ फुल प्रैक्टिस

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