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Study with देव

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Tag line:- "Actions Speak Louder Than Words". Public Health Nursing Officer (Level-8)

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📈 Analytical overview of Telegram channel Study with देव

Channel Study with देव (@studywithdev978) in the English language segment is an active participant. Currently, the community unites 10 834 subscribers, ranking 18 375 in the Education category and 37 200 in the India region.

📊 Audience metrics and dynamics

Since its creation on невідомо, the project has demonstrated rapid growth, gathering an audience of 10 834 subscribers.

According to the latest data from 02 July, 2026, the channel demonstrates stable activity. Although there has been a change in the number of participants by -23 over the last 30 days and by -3 over the last 24 hours, overall reach remains high.

  • Verification status: Not verified
  • Engagement rate (ER): The average audience engagement rate is 21.68%. Within the first 24 hours after publication, content typically collects 13.20% reactions from the total number of subscribers.
  • Post reach: On average, each post receives 2 350 views. Within the first day, a publication typically gains 1 431 views.
  • Reactions and interaction: The audience actively supports content: the average number of reactions per post is 5.
  • Thematic interests: Content is focused on key topics such as nursing, officer, आयोग, अध्यक्ष, rrb.

📝 Description and content policy

The author describes the resource as a platform for expressing subjective opinions:
Tag line:- "Actions Speak Louder Than Words". Public Health Nursing Officer (Level-8)

Thanks to the high frequency of updates (latest data received on 03 July, 2026), the channel maintains relevance and a high level of publication reach. Analytics show that the audience actively interacts with content, making it an important point of influence in the Education category.

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प्रश्न 76:RCH चरण-1 में कौन-से दो अतिरिक्त घटक शामिल किए गए थे? (A) बाल उत्तरजीविता और मातृ मृत्यु दर (B) यौन संचारित और प्रजनन तंत्र संक्रमण (C) नवजात देखभाल और बाल कुपोषण (D) प्रजनन स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (B) यौन संचारित और प्रजनन तंत्र संक्रमण व्याख्या: RCH (प्रजनन और बाल स्वास्थ्य - Reproductive and Child Health) कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया था। RCH चरण-I (1997-2005): इस चरण में मौजूदा परिवार कल्याण कार्यक्रम को एक व्यापक प्रजनन और बाल स्वास्थ्य दृष्टिकोण में एकीकृत किया गया था। इसमें पारंपरिक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं (जैसे सुरक्षित मातृत्व, बाल उत्तरजीविता) के साथ-साथ यौन संचारित संक्रमणों (STI) और प्रजनन तंत्र संक्रमणों (RTI) की रोकथाम और प्रबंधन को भी एक अतिरिक्त घटक के रूप में शामिल किया गया था। RCH चरण-II (2005-2010): इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य में सुधार और गुणवत्ता पर अधिक ध्यान दिया गया।

प्रश्न 75:सुमन (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन) पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) (A) निःशुल्क शिक्षा (B) शून्य रोके जा सकने वाली मातृ और नवजात मृत्यु (C) परिवारों के लिए वित्तीय सहायता (D) महिलाओं के लिए निःशुल्क परिवहन (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (B) शून्य रोके जा सकने वाली मातृ और नवजात मृत्यु व्याख्या: जैसा कि ऊपर प्रश्न 74 में बताया गया है, सुमन (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन) पहल का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी माँ या नवजात शिशु गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण मृत्यु का शिकार न हो। इसका लक्ष्य शून्य रोके जा सकने वाली मातृ और नवजात मृत्यु दर प्राप्त करना है। इसमें निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ, पहचान, प्रबंधन और रेफरल जैसी सेवाएं शामिल हैं।

प्रश्न 74:कॉलम-I को कॉलम-II से मिलाइए: कॉलम-I कॉलम-II a. पी एम एस एम ए 1. प्रसव में गुणवत्ता सुधार b. सुमन 2. हर महीने की 9 तारीख को प्रसवपूर्व देखभाल c. लक्ष्य 3. निःशुल्क परिवहन और प्रसव देखभाल d. जे एस एस के 4. शून्य मातृ और नवजात मृत्यु निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें: (A) a-2, b-4, c-1, d-3 (B) a-1, b-2, c-3, d-4 (C) a-3, b-1, c-4, d-2 (D) a-4, b-3, c-2, d-1 (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) a-2, b-4, c-1, d-3 व्याख्या: आइए प्रत्येक योजना और उसके उद्देश्य का मिलान करें: a. पीएमएसएमए (PMSMA - Pradhan Mantri Surakshit Matritva Abhiyan): इसका उद्देश्य हर महीने की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं को सुनिश्चित, व्यापक और गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व देखभाल (2) प्रदान करना है। b. सुमन (SUMAN - Surakshit Matritva Aashwasan): इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए निवारक और प्रोत्साहक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करके शून्य रोके जा सकने वाली मातृ और नवजात मृत्यु (4) सुनिश्चित करना है। यह निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा का आश्वासन देता है। c. लक्ष्य (LaQshya - Labour Room Quality Improvement Initiative): इसका उद्देश्य प्रसव कक्षों (लेबर रूम) में और मैटरनिटी ऑपरेशन थिएटर (MOT) में देखभाल की गुणवत्ता में सुधार (1) करना है ताकि मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम किया जा सके। d. जेएसएसके (JSSK - Janani Shishu Suraksha Karyakram): इस कार्यक्रम का लक्ष्य गर्भवती महिलाओं और बीमार नवजात शिशुओं को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में निःशुल्क परिवहन और प्रसव देखभाल (3) सहित विभिन्न सेवाएं प्रदान करना है, ताकि वित्तीय बाधाओं के कारण कोई भी घर पर प्रसव न करे या देरी से इलाज न करवाए। इस प्रकार, सही मिलान है: a - 2 (पीएमएसएमए - हर महीने की 9 तारीख को प्रसवपूर्व देखभाल) b - 4 (सुमन - शून्य मातृ और नवजात मृत्यु) c - 1 (लक्ष्य - प्रसव में गुणवत्ता सुधार) d - 3 (जेएसएसके - निःशुल्क परिवहन और प्रसव देखभाल)

प्रश्न 73: निम्न में से कौन-सा उपकेंद्र का कार्य नहीं होता है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) (A) मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल (B) राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाना (C) प्रशिक्षण (D) रेफरल (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (C) प्रशिक्षण व्याख्या: उप-केंद्र (Sub-Centre) ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने वाली सबसे बुनियादी स्वास्थ्य इकाई होती है। इसके मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं: मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल (Maternal and Child Health Care): इसमें गर्भावस्था की देखभाल, प्रसवोत्तर देखभाल, टीकाकरण, पोषण संबंधी सलाह और परिवार नियोजन सेवाएं शामिल हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाना (Implementing National Health Programs): उप-केंद्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों (जैसे टीबी, मलेरिया, कुष्ठ रोग, आदि के नियंत्रण और रोकथाम) को जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रेफरल (Referral): उप-केंद्र गंभीर मामलों या जटिलताओं वाले मरीजों को उच्च स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों (जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) में रेफर करते हैं।

प्रश्न 72: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) को किस वर्ष में स्वीकृत किया गया था? (A) 2000 (B) 2005 (C) 2010 (D) 2013 (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (B) 2005 व्याख्या: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission - NHM) को भारत सरकार द्वारा 2005 में अनुमोदित किया गया था। यह मूल रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) के रूप में शुरू किया गया था। बाद में, 2013 में, शहरी स्वास्थ्य को शामिल करने के लिए इसका विस्तार किया गया और इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) का नाम दिया गया, जिसमें NRHM और राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM) दोनों शामिल हैं। लेकिन इसकी स्वीकृति (शुरुआत) 2005 में हुई थी।

प्रश्न 71: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एक स्वास्थ्य बीमा योजना किस उम्र के लिए है? (A) सभी लोग जो 18 वर्ष और उससे ऊपर के हैं। (B) सभी लोग जो 70 वर्ष से और उससे ज्यादा हैं। (C) सभी लोग जो 40 से 70 वर्ष के बीच हैं। (D) सभी महिलाएँ जो उपर्युक्त उम्र और उससे ज्यादा हैं। (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) सभी लोग जो 18 वर्ष और उससे ऊपर के हैं। व्याख्या: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) एक स्वास्थ्य बीमा योजना है जिसका उद्देश्य कमजोर और गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच प्रदान करना है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं है। यह योजना सभी योग्य लाभार्थियों को, चाहे उनकी उम्र कुछ भी हो, कवर करती है। हालाँकि, प्रश्न में दिए गए विकल्पों में, विकल्प (A) "सभी लोग जो 18 वर्ष और उससे ऊपर के हैं" सबसे उपयुक्त है क्योंकि यह योजना परिवार के सभी सदस्यों को कवर करती है, भले ही वे बच्चे हों या वयस्क, यदि वे सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 के मानदंडों के अनुसार योग्य हैं। यह "आयुष्मान" (दीर्घायु) नाम के अनुरूप भी है, जिसका अर्थ है जीवन के किसी भी पड़ाव पर स्वास्थ्य सुरक्षा।

प्रश्न 70: ग्रामीण स्वास्थ्य यूनिट में निम्न में से कौन-सी सुविधा उपलब्ध नहीं है? (A) मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ (B) संक्रामक रोग नियंत्रण कार्य (C) स्वच्छ वातावरण कार्य (D) कैंसर इलाज की सुविधाएँ (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (D) कैंसर इलाज की सुविधाएँ व्याख्या: ग्रामीण स्वास्थ्य यूनिट (जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र - PHC, या उप-केंद्र - Sub-Centre) प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने के लिए स्थापित की जाती हैं। इनमें आमतौर पर निम्नलिखित सुविधाएँ उपलब्ध होती हैं: मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ (Maternal and Child Health Services): गर्भावस्था की देखभाल, प्रसवोत्तर देखभाल, टीकाकरण, पोषण सलाह। संक्रामक रोग नियंत्रण कार्य (Communicable Disease Control Activities): टीबी, मलेरिया, डायरिया जैसी बीमारियों की पहचान, रोकथाम और प्रारंभिक उपचार। स्वच्छ वातावरण कार्य (Environmental Sanitation Activities): सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता और साफ-सफाई के बारे में जागरूकता। सामान्य बीमारियों का इलाज: बुखार, जुकाम, छोटी चोटें आदि।

प्रश्न 69: 0-28 दिनों की अवधि के दौरान 1000 जीवित जन्मों प्रति बच्चों की मृत्यु की संख्या को क्या कहा जाता है? (A) शिशु मृत्यु दर (B) नवजात मृत्यु दर (C) बाल मृत्यु दर (D) प्रसवकालीन मृत्यु दर (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (B) नवजात मृत्यु दर व्याख्या: स्वास्थ्य और जनसांख्यिकी में, बच्चों की मृत्यु दर को विभिन्न अवधियों के अनुसार वर्गीकृत किया जाता है: नवजात मृत्यु दर (Neonatal Mortality Rate): यह जन्म के बाद पहले 28 दिनों (0-28 दिन) के भीतर प्रति 1000 जीवित जन्मों पर होने वाली मृत्यु की संख्या है। यह विशेष रूप से नवजात शिशुओं की प्रारंभिक जीवन चुनौतियों को दर्शाता है। शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate): यह एक वर्ष की आयु पूरी होने से पहले प्रति 1000 जीवित जन्मों पर होने वाली मृत्यु की संख्या है। इसमें नवजात मृत्यु भी शामिल होती है। बाल मृत्यु दर (Child Mortality Rate): यह 5 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले प्रति 1000 जीवित जन्मों पर होने वाली मृत्यु की संख्या है। प्रसवकालीन मृत्यु दर (Perinatal Mortality Rate): यह गर्भावस्था के 28वें सप्ताह से लेकर जन्म के बाद के 7 दिनों तक की अवधि में होने वाली भ्रूण और नवजात शिशु की मृत्यु की दर है।

प्रश्न 68: स्वास्थ्य सेवाओं में महिलाओं और बालिकाओं की पहुँच को कौन-सी बाधा सीमित करती है? (A) उच्च साक्षरता (B) गतिशीलता प्रतिबंध (C) वित्तीय स्थिरता (D) बेहतर शिक्षा (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (B) गतिशीलता प्रतिबंध व्याख्या: आइए प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण करें: (A) उच्च साक्षरता (High Literacy): उच्च साक्षरता महिलाओं और बालिकाओं को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बनाने में बाधा नहीं डालती, बल्कि यह उन्हें सशक्त बनाती है और उन्हें अपने स्वास्थ्य अधिकारों के बारे में जानने में मदद करती है। (B) गतिशीलता प्रतिबंध (Mobility Restrictions): यह एक महत्वपूर्ण बाधा है। कई समाजों में, महिलाओं और बालिकाओं को घर से बाहर जाने, विशेष रूप से अकेले यात्रा करने या दूरदराज के स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुँचने पर प्रतिबंध हो सकते हैं। सांस्कृतिक मानदंड, सामाजिक अपेक्षाएं, सुरक्षा संबंधी चिंताएं, या परिवहन की कमी उनकी गतिशीलता को सीमित कर सकती हैं, जिससे वे आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक नहीं पहुँच पातीं। (C) वित्तीय स्थिरता (Financial Stability): वित्तीय स्थिरता का अर्थ है आर्थिक रूप से मजबूत होना। यह स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में बाधा नहीं डालती, बल्कि उसे सुगम बनाती है, क्योंकि व्यक्ति सेवाओं का खर्च उठा सकते हैं। वित्तीय अस्थिरता या गरीबी एक बाधा हो सकती है। (D) बेहतर शिक्षा (Better Education): बेहतर शिक्षा भी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में बाधा नहीं डालती, बल्कि यह महिलाओं और बालिकाओं को स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करती है, उन्हें बेहतर निर्णय लेने में मदद करती है, और स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग करने की क्षमता बढ़ाती है।

प्रश्न 67: नॉरप्लांट इसका उदाहरण है: (A) सबडर्मल इम्प्लांट (B) इंजेक्टेबल इम्प्लांट (C) योनि इम्प्लांट (D) ओरल गर्भनिरोधक (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) सबडर्मल इम्प्लांट व्याख्या: नॉरप्लांट (Norplant) एक प्रकार का हार्मोनल गर्भनिरोधक (contraceptive) था। यह सबडर्मल इम्प्लांट (Subdermal implant) का एक उदाहरण है। सबडर्मल इम्प्लांट एक छोटा, लचीला रॉड या कैप्सूल होता है जिसे त्वचा के नीचे, आमतौर पर ऊपरी बांह में डाला जाता है। यह धीरे-धीरे हार्मोन (जैसे लेवोनोर्गेस्ट्रेल) छोड़ता है जो गर्भावस्था को रोकता है। नॉरप्लांट अब आमतौर पर उपयोग में नहीं है, लेकिन इसके बाद के संस्करण, जैसे कि इम्प्लानन/नेक्सप्लानन, इसी सिद्धांत पर काम करते हैं।

प्रश्न 66: नवजात शिशु की _______ स्कोरिंग में शिशु की हृदय गति, श्वसन, मांसपेशियों की टोन, प्रतिवर्त प्रतिक्रिया और रंग की रिकॉर्डिंग शामिल होती है। (A) नवजात शिशु परीक्षण सूचकांक (B) महत्वपूर्ण आँकड़े (C) विकासात्मक सूचकांक (D) अपगार (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (D) अपगार व्याख्या: नवजात शिशु के जन्म के तुरंत बाद (आमतौर पर 1 मिनट और 5 मिनट पर) उसके स्वास्थ्य का त्वरित मूल्यांकन करने के लिए अपगार स्कोर (Apgar Score) का उपयोग किया जाता है। अपगार (APGAR) एक संक्षिप्त रूप है जो पाँच महत्वपूर्ण संकेतों को दर्शाता है, जिनमें से प्रत्येक को 0, 1 या 2 अंक दिए जाते हैं: Activity (मांसपेशियों की टोन) Pulse (हृदय गति) Grimace (प्रतिवर्त प्रतिक्रिया) Appearance (रंग) Respiration (श्वसन) इन पाँचों के स्कोर को जोड़कर कुल अपगार स्कोर (0-10) प्राप्त किया जाता है, जो शिशु की जन्म के बाद की स्थिति को इंगित करता है।

प्रश्न 65: गर्भाशय की झिल्ली को कृत्रिम रूप से फाड़ने को क्या कहते हैं? (A) गर्भाशय से रक्तस्राव (B) गर्भाशय की जड़ता और फटना (C) अम्नियोटॉमी (D) गर्भाशय की झिल्ली को फाड़ना (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (C) अम्नियोटॉमी व्याख्या: गर्भाशय की झिल्ली (एमनियोटिक झिल्ली) को कृत्रिम रूप से फाड़ने की प्रक्रिया को अम्नियोटॉमी (Amniotomy) कहा जाता है। इसे आमतौर पर "पानी की थैली को तोड़ना" या "आर्टिफिशियल रप्चर ऑफ मेम्ब्रेन (AROM)" भी कहते हैं। यह प्रसव को प्रेरित करने (induction of labor) या उसकी गति बढ़ाने के लिए डॉक्टर द्वारा किया जाने वाला एक चिकित्सा हस्तक्षेप है। (A) गर्भाशय से रक्तस्राव (Uterine bleeding) एक लक्षण है, प्रक्रिया नहीं। (B) गर्भाशय की जड़ता और फटना (Uterine atony and rupture) गंभीर जटिलताएं हैं। (D) गर्भाशय की झिल्ली को फाड़ना एक सामान्य विवरण है, जबकि "अम्नियोटॉमी" इसका विशिष्ट चिकित्सा शब्द है।

प्रश्न 64: अंडाशय चक्र को निम्न में से किन दो भागों में बांटा गया है? (A) फॉलिक्यूलन चरण; यूटेरिन चरण (B) फॉलिकुलर चरण; मेन्स्ट्रुअल चरण (C) ल्यूटियल चरण; यूटेरिन चरण (D) फॉलिकुलर चरण; ल्यूटियल चरण (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (D) फॉलिकुलर चरण; ल्यूटियल चरण व्याख्या: अंडाशय चक्र (Ovarian Cycle) मासिक धर्म चक्र का वह हिस्सा है जो अंडाशय में होने वाले परिवर्तनों से संबंधित है। इसे मुख्य रूप से दो चरणों में बांटा जाता है: फॉलिकुलर चरण (Follicular Phase): यह चरण मासिक धर्म के पहले दिन से शुरू होकर ओव्यूलेशन (अंडा निकलने) तक चलता है। इस दौरान अंडाशय में फॉलिकल्स (अंडाणु-युक्त पुटिकाएं) विकसित होते हैं और उनमें से एक प्रमुख फॉलिकल बढ़ता है। ल्यूटियल चरण (Luteal Phase): यह चरण ओव्यूलेशन के बाद शुरू होता है और अगले मासिक धर्म की शुरुआत तक चलता है। इस दौरान, ओव्यूलेशन के बाद शेष फॉलिकल कॉर्पस ल्यूटियम (corpus luteum) में बदल जाता है, जो प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का उत्पादन करता है।

प्रश्न 63: कहानी को लिखित में दर्शाने वाले दृश्य सहायक जिसमें कहानी को कागज की पट्टियों से ढक दिया जाता है और सुनाते समय हटाते हैं: (A) फ्लो चार्ट (B) स्ट्रिप चार्ट (C) स्ट्रिप टीज चार्ट (D) स्ट्रिप ग्राफ (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (C) स्ट्रिप टीज चार्ट व्याख्या: "स्ट्रिप टीज चार्ट" (Strip Tease Chart) एक दृश्य सहायक (visual aid) का प्रकार है जिसका उपयोग प्रस्तुतियों या कहानियों में किया जाता है। इसमें जानकारी या कहानी के अलग-अलग हिस्सों को कागज की पट्टियों से ढक दिया जाता है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है या प्रस्तुति दी जाती है, इन पट्टियों को एक-एक करके हटाया जाता है, जिससे जानकारी या चित्र धीरे-धीरे उजागर होता है। यह दर्शकों की जिज्ञासा बनाए रखने और जानकारी को चरणबद्ध तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करता है। (A) फ्लो चार्ट (Flow Chart) एक प्रक्रिया या एल्गोरिदम को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है। (B) स्ट्रिप चार्ट (Strip Chart) आमतौर पर समय के साथ डेटा को प्लॉट करने के लिए उपयोग किया जाता है, जैसे कि लगातार रीडिंग रिकॉर्ड करना। (D) स्ट्रिप ग्राफ (Strip Graph) भी डेटा प्रतिनिधित्व से संबंधित है, न कि कहानी कहने की विधि से।

प्रश्न 62: कॉलम I को कॉलम II से मिलाइए: कॉलम-I कॉलम-II i. आई सी टी a. समाचार पत्र और पत्रिकाएँ ii. अभियान b. लोगों की आवाज iii. रेडियो c. विभिन्न संचार विधियों और सामग्रियों का उपयोग iv. प्रिंट मीडिया d. कंप्यूटर, दूरसंचार प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्रसारण निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें: (A) i-a, ii-b, iii-c, iv-d (B) i-b, ii-c, iii-d, iv-a (C) i-c, ii-d, iii-b, iv-a (D) i-d, ii-c, iii-b, iv-a (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (D) i-d, ii-c, iii-b, iv-a व्याख्या: आइए कॉलम I और कॉलम II के बीच सही मिलान करें: i. आई सी टी (ICT - Information and Communication Technology): यह सूचना और संचार के लिए उपयोग की जाने वाली विभिन्न तकनीकों को संदर्भित करता है। इसमें कंप्यूटर, दूरसंचर प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्रसारण (d) शामिल हैं। ii. अभियान (Campaign): एक अभियान एक संगठित प्रयास होता है जिसका उद्देश्य एक विशिष्ट लक्ष्य प्राप्त करना होता है, अक्सर जनता को शिक्षित या प्रभावित करके। इसमें विभिन्न संचार विधियों और सामग्रियों का उपयोग (c) शामिल होता है (जैसे विज्ञापन, सार्वजनिक भाषण, सोशल मीडिया)। iii. रेडियो (Radio): रेडियो एक श्रव्य माध्यम है। इसका उपयोग लोगों की आवाज (b) को प्रसारित करने और दर्शकों तक संदेश पहुंचाने के लिए किया जाता है, जैसे समाचार, संगीत और भाषण। iv. प्रिंट मीडिया (Print Media): यह वह माध्यम है जो मुद्रित सामग्री का उपयोग करता है। इसमें मुख्य रूप से समाचार पत्र और पत्रिकाएँ (a) शामिल होती हैं। इस प्रकार, सही मिलान है: i - d (आई सी टी - कंप्यूटर, दूरसंचर प्रौद्योगिकी और डिजिटल प्रसारण) ii - c (अभियान - विभिन्न संचार विधियों और सामग्रियों का उपयोग) iii - b (रेडियो - लोगों की आवाज) iv - a (प्रिंट मीडिया - समाचार पत्र और पत्रिकाएँ)

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प्रश्न 61: प्रसव का सही क्रम कौन-सा है? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें) (A) प्लेसेंटा का गर्भाशय से बाहर निकलना → पानी का टूटना → गर्भाशय ग्रीवा का फैलना → बच्चा गर्भाशय से बाहर निकलना (B) गर्भाशय ग्रीवा का फैलना → प्लेसेंटा का गर्भाशय से बाहर निकलना → बच्चा का गर्भाशय से बाहर निकलना → पानी का टूटना (C) प्लेसेंटा गर्भाशय से बाहर निकलना → गर्भाशय ग्रीवा का फैलना → पानी का टूटना → बच्चा गर्भाशय से बाहर निकलना (D) गर्भाशय ग्रीवा का फैलना → पानी का टूटना → बच्चा गर्भाशय से बाहर निकलना → प्लेसेंटा का गर्भाशय से बाहर निकलना (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (D) गर्भाशय ग्रीवा का फैलना → पानी का टूटना → बच्चा गर्भाशय से बाहर निकलना → प्लेसेंटा का गर्भाशय से बाहर निकलना व्याख्या: प्रसव (childbirth) की प्रक्रिया को सामान्यतः तीन चरणों में बांटा जाता है: पहला चरण (Stage 1): इसमें गर्भाशय ग्रीवा (cervix) का पतला होना और फैलना (dilation) शामिल है। यह सबसे लंबा चरण होता है। इस चरण के अंत में या सक्रिय श्रम के दौरान अक्सर पानी का टूटना (rupture of membranes) होता है, यानी एमनियोटिक थैली फट जाती है। दूसरा चरण (Stage 2): यह गर्भाशय ग्रीवा के पूरी तरह से फैलने से शुरू होता है और बच्चे के गर्भाशय से बाहर निकलने (delivery of the baby) पर समाप्त होता है। तीसरा चरण (Stage 3): यह बच्चे के जन्म के तुरंत बाद शुरू होता है और प्लेसेंटा (placenta) के गर्भाशय से बाहर निकलने (delivery of the placenta) पर समाप्त होता है।

प्रश्न 60: जल की स्थायी कठोरता को हटाया जा सकता है: (A) उबालकर (B) सोडा मिलाकर (C) क्लोरीनीकरण से (D) छानकर (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (B) सोडा मिलाकर व्याख्या: जल की कठोरता दो प्रकार की होती है: अस्थायी और स्थायी। अस्थायी कठोरता (Temporary Hardness): यह कैल्शियम और मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट की उपस्थिति के कारण होती है। इसे पानी को उबालकर या चूना (lime) मिलाकर हटाया जा सकता है, क्योंकि उबालने पर बाइकार्बोनेट अघुलनशील कार्बोनेट में बदल जाते हैं और अवक्षेपित हो जाते हैं। स्थायी कठोरता (Permanent Hardness): यह कैल्शियम और मैग्नीशियम के सल्फेट्स और क्लोराइड्स की उपस्थिति के कारण होती है। इसे उबालकर नहीं हटाया जा सकता। इसे हटाने के लिए रासायनिक विधियों का उपयोग किया जाता है: सोडा मिलाकर (Adding washing soda - सोडियम कार्बोनेट, Na 2 CO 3 ): जब पानी में वाशिंग सोडा मिलाया जाता है, तो यह कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों के साथ प्रतिक्रिया करके अघुलनशील कैल्शियम कार्बोनेट और मैग्नीशियम कार्बोनेट बनाता है, जो अवक्षेपित होकर पानी से अलग हो जाते हैं। यह स्थायी कठोरता को हटाने का एक सामान्य तरीका है। आयनों के आदान-प्रदान (Ion-exchange) विधि (जैसे परमुटिट या ज़ियोलाइट विधि): यह विधि भी स्थायी कठोरता को हटाती है। (C) क्लोरीनीकरण (Chlorination) पानी को कीटाणुमुक्त करने के लिए होता है, कठोरता हटाने के लिए नहीं। (D) छानना (Filtering) पानी में मौजूद निलंबित अशुद्धियों को हटाता है, घुले हुए कठोरता पैदा करने वाले लवणों को नहीं।

प्रश्न 59: नेत्र कंजक्टिवा की सूजन को कहा जाता है: (A) कंजक्टिवाइटिस (B) पेल कंजक्टिवा (C) कंजक्टिवल इन्फेक्शन (D) कंजक्टिवल जेरोसिस (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) कंजक्टिवाइटिस व्याख्या: कंजक्टिवाइटिस (Conjunctivitis), जिसे आमतौर पर "पिंक आई" (Pink Eye) भी कहा जाता है, नेत्र कंजक्टिवा (Conjunctiva) की सूजन होती है। कंजक्टिवा आँख की सफेद परत (स्क्लेरा) और पलकों की अंदरूनी सतह को ढँकने वाली एक पतली, पारदर्शी झिल्ली होती है। सूजन से आँख लाल हो जाती है, खुजली होती है, पानी आता है, और कभी-कभी चिपचिपा स्राव भी होता है। यह अक्सर बैक्टीरिया, वायरस या एलर्जी के कारण होता है। (B) पेल कंजक्टिवा (Pale Conjunctiva) एनीमिया (रक्ताल्पता) जैसी स्थिति का संकेत है, जहाँ कंजक्टिवा का रंग पीला पड़ जाता है, सूजन नहीं। (C) कंजक्टिवल इन्फेक्शन (Conjunctival Infection) सूजन का कारण बन सकता है, लेकिन "कंजक्टिवाइटिस" सूजन के लिए अधिक सटीक और व्यापक चिकित्सा शब्द है। (D) कंजक्टिवल जेरोसिस (Conjunctival Xerosis) विटामिन A की कमी के कारण कंजक्टिवा में सूखापन आना है, सूजन नहीं।