छत्तीसगढ़ दर्पण✍📚📖📖
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मेरी बस्तर यात्रा (श्रृंखला -2)
आज से लगभग 5 वर्ष पश्चात धरती का स्वर्ग "बस्तर" ने एक बार फिर से बुलावा भेजा और नियति की नीयत देखो तारीख वही निर्धारित हुआ 28 अगस्त 2026 पिछले बार भी 28 अगस्त 2021 को बस्तर की यात्रा का श्रीगणेश हुआ था।
इस बार केवल 5 दलीय सदस्य जिसमे केवल पुरुष मंडली शामिल थे, बहुत मान मनौती के बाद तैयार हुए और समय भी शाम का ही निर्धारित हुआ बस फर्क इतना था कि निर्गम का स्थान परिवर्तित था। जैसा कि हर एक ग्रुप में एक ऐसा सहचर जरूर होता है, जिसे सामने के सीट में जरूर बैठना होता क्योंकि ............... उन्हें गाड़ी का सफर सूट नहीं करता है। रात के लगभग 9 बजे थे, सामान पैक करने के पश्चात रात की हल्की - हल्की मन की प्रफुल्लित करने वाली कार की खिड़की से चलती ठंडी ठंडी हवा शरीर और मन को और भी रोमांचित कर रही थी। कार में बजती कांति कार्तिक का "बस्तर मोचो" मानो हमे जल्दी पहुंचने के लिए निर्देशित कर रही थी।
अभी तो हम थोड़े दूर पहुँचे ही थे कि राजधानी आ गया और सबने मेरे घर में जलपान (हाँ भाई वो जलपान ही है) लेने का निर्णय लिया। इतना लंबा रास्ता और शरीर अभी से थकने लगा था लेकिन हमने गांधी जी के "आराम हराम है" के नारे को चरितार्थ करते हुए करो या मरो के सिद्धांत का पालन करते हुए रथ को आगे बढ़ाने का साहसिक निर्णय लिया। थोड़ी दूर चलने के बाद याद आया कि गाड़ी भी तो किसी तरल पदार्थ से चलती है, फिर वही 80/20 वाला तरल पदार्थ अपनी रथ में डलवाए जिससे वो निर्बाध और द्रुतगति से गंतव्य स्थल तक पहुंच सके। हमारा सारथी अत्यंत अनुभवी तो था ही लेकिन शायद 120 किमी/घंटा की रफ्तार से शायद सबको डर लगता है क्योंकि "डर सबको लगता है गला सबका सूखता है" जरूरी थोड़ी है कि हर कोई" डर के आगे जीत है" वाला तरल पदार्थ का सेवन करे।
हमारे इस दल में एक कुम्भकर्ण का एक छोटा अवतार भी विराजमान था, जिन्हें अगर नींद आए तो श्मशान घाट में भी सो जाए। कुम्भकरण और इनमें एक ही अंतर था कि वो स्वीकार कर लेते थे कि हां मै 6 माह सोया था, लेकिन इनका जवाब होता था नहीं "में कहां सुते हव में तो पूरा बात ल सुन थव । रात के लगभग 1 बजे थे और हम घाटी पहुंच गए थे। जान हलक में था क्योंकि गहरी घाटी और इसी बीच एक दल वही फंसा था और उनकी गाड़ी की टायर पंचर हो गई थी। हमसे उन्होंने दबी हुई आवाज में मदद मांगी कि एक टायर और इंसान को हमारे साथ ले जाने का आग्रह किया लेकिन हमारी गाड़ी में तो साँस लेने तक की जगह नहीं थी क्योंकि हमारे रथ का आधा हिस्सा तो " रावण के मंझले भाई" के कब्जे में था। हमने पीछे पीछे आ रहे बस को उनके लिए रुकवाया और उनको बिठाया। उनको भी इस बात का शायद अहसास हुआ होगा कि" इंसानियत अभी भी जिंदा है।
अगला स्टॉपेज वही था, जहाँ हर किसी बस्तर जाने वाला यात्री रुकता जरूर है चाहे खीर खाए या मत खाए क्योंकि ये परम्परा, प्रतिष्ठा और अनुशासन की बात थी। इस पावन खीर वाले धरा से हमने केवल " राष्ट्रीय पेय पदार्थ" चाय से अपनी जिव्हा को लाभान्वित प्रदान करते हुए रथ को स्वर्ग की ओर जाने के लिए सारथी को दबे हुए स्वर में निवेदन किए कि हमे छत्तीसगढ़ का स्वर्ग ही जाना है। अगला स्टॉपेज शिल्प नगरी " कोंडागांव" में था अब दिल और दिमाक दोनों थक चुका था इसीलिए यही आराम करने का साहसिक निर्णय लिया और फिर लग गए होटल ढूंढो अभियान में। ये भी कोई अभियान से कम नहीं था। एक होटल कर्मी ने बोला कि रूम तो मिल जाएगा लेकिन 'खटमल काटता बहुत है वो भी काटता है ' भाई की ईमानदारी ने तो दिल तो जीत ही लिया लेकिन मन में एक सवाल भी आया कि "खटमल काटने से 5 आदमी अस्पताल में भर्ती, सभी बस्तर भ्रमण पर निकले थे, परिजन चिंतित" ये वाला न्यूज भी नहीं सुनना चाहता था। इसलिए हमने तुरंत से पहले दूसरे होटल का दरवाजा खटखटाया।
(आगे जारी....)
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न्यायमूर्ति कृष्न राम महापात्र ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 16वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में ली शपथ
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मंडपम् में न्यायाधिपति श्री कृष्न राम महापात्र को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई। इससे पहले वे उड़ीसा हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, न्यायाधीशगण एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्य न्यायाधीश श्री महापात्र को शुभकामनाएं देते हुए उनके कार्यकाल के लिए सफलता की कामना की।
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महोदय CGPSC की कार्यशैली में सुधार के लिए हम सभी अभ्यर्थियों की निम्नलिखित मांग हैं l जिसका प्रारूप संलग्न हैं l मुख्य परीक्षा में प्रश्नों की कठिनाई का स्तर, सिलेबस से बाहर के प्रश्न, उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में असमानता, ऑफिशियल मॉडल आंसर का प्रयोग आदि ना करने से मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करना लगभग असम्भव सा प्रतीत हो रहा हैं l
इसलिए आपसे निवेदन हैं कि अभ्यार्थियों के हित में इस msg को आप अपने ग्रुप तक पहुंचाने की कृपा करें l
धन्यवाद l CGPSC अभ्यर्थी
CGPSC में सुधार हेतु ग्रुप का लिंक:- https://t.me/cgpsc2025mainsrechecking
👉 इसके साथ जितने Rti कॉपी है सेंड कीजिए, सभी करेंगे l यह नहीं सोचेंगे कि कोई न कोई कर देगा l
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कल कुछ सुधार के लिए कुछ लोग निवेदन करने आयोग जा रहे है।
इच्छुक अभ्यर्थी जुड़ जाए
https://t.me/cgpsc2025mainsrechecking/1
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इतनी कड़ाई से पेपर चेकिंग करना छात्रों के साथ अन्याय हैं l कम से कम जितने लोगों को लेना हैं उतने लोग सेलेक्ट हो जाए ऐसे मूल्यांकन पद्धति होनी चाहिए l
छत्तीसगढ़ में क्या 700-800 अभ्यर्थी भी ऐसे नहीं हैं जो इंटरव्यू के लिए ना जाए पाए? यह बात तर्कसंगत नहीं लगती हैं l
आवाज तो उठानी पड़ेगी, नहीं तो भविष्य में परीक्षा प्रणाली ओर जटिल हो जाएगा l सभी साथ आइए ओर मिलकर शांतिपूर्वक अपनी मांगो को आयोग के सामने रखिए l
इसके पूर्व मेंस डेट आगे बढ़ाने के लिए जब हम सभी ने मिलकर प्रयास किया तब कई साथियों को लगता था कि क्या यह संभव हैं? हर दिन 20-30 dm इसी पर आते थे l लेकिन आखिरकार अंत में आवाज सरकार तक पहुंची l
संगठन में शक्ति हैं, सही मांग सही तरीके से रखिए l
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क्या 2-3 साल से mains के अभ्यर्थी पढ़ाई कम रहे है क्या ??
लगभग 200 अभ्यर्थी फिर से नहीं मिले इस बार
