छत्तीसगढ़ दर्पण✍📚📖📖
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सेवा में,
माननीय अध्यक्ष महोदय,
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC),
रायपुर (छत्तीसगढ़)
प्रतिलिपि :
1. सचिव महोदय, CGPSC
2. परीक्षा नियंत्रक महोदय, CGPSC
विषय : CGPSC मुख्य परीक्षा में हिंदी एवं अंग्रेज़ी माध्यम के अभ्यर्थियों के मूल्यांकन में गंभीर असमानता के संबंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित हालिया मुख्य परीक्षाओं के परिणामों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि हिंदी एवं अंग्रेज़ी माध्यम के अभ्यर्थियों के मूल्यांकन में गंभीर असंतुलन दिखाई दे रहा है, जो आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
विशेष रूप से निम्न तथ्य अत्यंत चिंताजनक हैं—
1. टॉप-10 चयनित अभ्यर्थियों में लगभग 8 अभ्यर्थी अंग्रेज़ी माध्यम से हैं, जबकि हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों का प्रतिनिधित्व अत्यंत सीमित है।
2. निबंध पत्र में अंग्रेज़ी माध्यम के अभ्यर्थियों को अधिकतम 157 अंक, जबकि हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को अधिकतम केवल 135 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि पाठ्यक्रम, प्रश्नपत्र एवं मूल्यांकन मानदंड समान हैं।
3. पेपर-6 में विशेष रूप से दर्शन (Philosophy) जैसे विषय, जो मूलतः हिंदी में उपलब्ध सामग्री से अंग्रेज़ी में रूपांतरित होकर पढ़ाए जाते हैं, वहाँ भी अंग्रेज़ी माध्यम के अभ्यर्थियों को अधिकतम 122 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि हिंदी माध्यम के अभ्यर्थी मुश्किल से 100 अंक का आँकड़ा पार कर पाए हैं। यह स्थिति अत्यंत असंगत एवं चिंताजनक प्रतीत होती है।
महोदय, जब दोनों माध्यमों के लिए—
- समान पाठ्यक्रम
- समान प्रश्नपत्र
- समान समय
- तथा समान मूल्यांकन मानक
निर्धारित हैं, तब अंकों में इतना स्पष्ट अंतर भाषा-आधारित मूल्यांकन पूर्वाग्रह की ओर संकेत करता है।
यह स्थिति विशेष रूप से हिंदी माध्यम के उन अभ्यर्थियों के साथ अन्यायपूर्ण प्रतीत होती है, जो ग्रामीण, हिंदी-भाषी एवं राज्य की सामाजिक पृष्ठभूमि से आते हैं। इससे न केवल अभ्यर्थियों का मनोबल टूटता है, बल्कि CGPSC जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
अतः आपसे विनम्र किंतु दृढ़ अनुरोध है कि—
- निबंध एवं पेपर-6 सहित अन्य विषयों की उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अपनाई गई प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा / मॉडरेशन कराई जाए,
- हिंदी एवं अंग्रेज़ी माध्यम के लिए समान, स्पष्ट एवं संतुलित मूल्यांकन दिशानिर्देश सुनिश्चित किए जाएँ,
- तथा भविष्य में भाषा के आधार पर किसी भी प्रकार की असमानता न हो, इसके लिए ठोस एवं पारदर्शी कदम उठाए जाएँ।
आशा है कि आयोग इस गंभीर विषय पर संवेदनशीलता एवं निष्पक्षता के साथ आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करेगा, जिससे सभी अभ्यर्थियों का आयोग पर विश्वास बना रहे।
सधन्यवाद।
भवदीय,
नाम-
CGPSC अभ्यर्थी
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दिनांक : __
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छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार बिलासपुर जिले के कोटा नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा प्रदान किया गया है।
महत्वपूर्ण तथ्य -
• अधिसूचना तिथि: 10 जून 2026
• प्रकाशन तिथि: 11 जून 2026
• कानूनी आधार: छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 5(1)(क)
• 2011 जनगणना के अनुसार जनसंख्या: 18,405
• नगर पालिका कोटा की सीमा वही होगी जो पूर्व में नगर पंचायत कोटा की थी।
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