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🟣भारत मे मातृ और शिशु स्वास्थ्य की स्थिति मे आया सुधार 👍
🔹2021 के स्वास्थ्य सर्वें के आंकड़े जारी
प्रजनन दर 2.0 पर स्थिर
S-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली: भारत की वायु सुरक्षा का अभेद्य कवच
S-400 ट्रायम्फ (Triumf), जिसे भारत में "सुदर्शन चक्र" के नाम से जाना जाता है, रूस द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है। यह प्रणाली विभिन्न प्रकार के हवाई खतरों जैसे लड़ाकू विमान, ड्रोन, क्रूज़ मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलों को प्रभावी ढंग से निष्क्रिय करने में सक्षम है।
प्रमुख विशेषताएं:
बहु-लक्ष्य ट्रैकिंग: S-400 प्रणाली एक साथ 300 लक्ष्यों को ट्रैक कर सकती है और 36 लक्ष्यों पर एक साथ हमला कर सकती है।
लंबी दूरी की क्षमता: इसकी रडार प्रणाली 600 किमी तक के लक्ष्यों का पता लगा सकती है, और यह 400 किमी तक की दूरी पर हवाई लक्ष्यों को मार गिरा सकती है।
विविध मिसाइलें: S-400 प्रणाली विभिन्न रेंज की मिसाइलों का उपयोग करती है, जिसमें 40N6E (400 किमी), 48N6 (250 किमी), 9M96E2 (120 किमी) और 9M96E (40 किमी) शामिल हैं।
भारत में S-400 की तैनाती:
भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ $5.43 बिलियन का समझौता करके पांच S-400 यूनिट्स की खरीद की। वर्तमान में, भारत ने तीन स्क्वाड्रन प्राप्त कर लिए हैं, जिन्हें पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर तैनात किया गया है।
हालिया उपयोग:
मई 2025 में, पाकिस्तान द्वारा भारत के 15 शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के प्रयासों को भारतीय वायु सेना ने S-400 "सुदर्शन चक्र" प्रणाली की मदद से सफलतापूर्वक विफल किया। यह प्रणाली भारत की वायु सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
S-400 प्रणाली भारत की वायु रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले गई है। इसकी उन्नत तकनीक और बहुआयामी क्षमताएं भारत को संभावित हवाई खतरों से सुरक्षित रखने में सहायक हैं।
#S400 #rakhipandeyy #OperationSindoor #IndiaPakistanWar #pahalgam
S-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली: भारत की वायु सुरक्षा का अभेद्य कवच
S-400 ट्रायम्फ (Triumf), जिसे भारत में "सुदर्शन चक्र" के नाम से जाना जाता है, रूस द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है। यह प्रणाली विभिन्न प्रकार के हवाई खतरों जैसे लड़ाकू विमान, ड्रोन, क्रूज़ मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलों को प्रभावी ढंग से निष्क्रिय करने में सक्षम है।
प्रमुख विशेषताएं:
बहु-लक्ष्य ट्रैकिंग: S-400 प्रणाली एक साथ 300 लक्ष्यों को ट्रैक कर सकती है और 36 लक्ष्यों पर एक साथ हमला कर सकती है।
लंबी दूरी की क्षमता: इसकी रडार प्रणाली 600 किमी तक के लक्ष्यों का पता लगा सकती है, और यह 400 किमी तक की दूरी पर हवाई लक्ष्यों को मार गिरा सकती है।
विविध मिसाइलें: S-400 प्रणाली विभिन्न रेंज की मिसाइलों का उपयोग करती है, जिसमें 40N6E (400 किमी), 48N6 (250 किमी), 9M96E2 (120 किमी) और 9M96E (40 किमी) शामिल हैं।
भारत में S-400 की तैनाती:
भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ $5.43 बिलियन का समझौता करके पांच S-400 यूनिट्स की खरीद की। वर्तमान में, भारत ने तीन स्क्वाड्रन प्राप्त कर लिए हैं, जिन्हें पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर तैनात किया गया है।
हालिया उपयोग:
मई 2025 में, पाकिस्तान द्वारा भारत के 15 शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के प्रयासों को भारतीय वायु सेना ने S-400 "सुदर्शन चक्र" प्रणाली की मदद से सफलतापूर्वक विफल किया। यह प्रणाली भारत की वायु सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
S-400 प्रणाली भारत की वायु रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले गई है। इसकी उन्नत तकनीक और बहुआयामी क्षमताएं भारत को संभावित हवाई खतरों से सुरक्षित रखने में सहायक हैं।
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BSF का एक जवान बलिदान! पाकिस्तान की गोलीबारी में BSF के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज ने दिया अपना बलिदान। आर एस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान से लोहा लेते समय बलिदान हुए मोहम्मद इम्तियाज़।
