Shaktipeeth
Open in Telegram
एकैवाहम् जगत्यत्र द्वितीया का मामापरा। पश्यैता दुष्ट मय्येव विशन्त्यो मद्विभूतयः।। अहमेवास्मि सकलं मदन्यो नास्ति कश्चन।।
Show more361
Subscribers
+124 hours
+27 days
+730 days
Posts Archive
एकैवाहम् जगत्यत्र द्वितीया का मामापरा। पश्यैता दुष्ट मय्येव विशन्त्यो मद्विभूतयः।। अहमेवास्मि सकलं मदन्यो नास्ति कश्चन।।
Show more