en
Feedback
Polity Notes Indian Constitution M Laxmikant PDF Notes

Polity Notes Indian Constitution M Laxmikant PDF Notes

Open in Telegram

✅ Polity Notes ☑️ Polity PDF ✅ Polity Mock Test ☑️ M Laxmikant Notes ✅ Previous Year Question Paper

Show more

📈 Analytical overview of Telegram channel Polity Notes Indian Constitution M Laxmikant PDF Notes

Channel Polity Notes Indian Constitution M Laxmikant PDF Notes (@polity_notes) in the Hindi language segment is an active participant. Currently, the community unites 12 440 subscribers, ranking 16 312 in the Education category and 34 153 in the India region.

📊 Audience metrics and dynamics

Since its creation on невідомо, the project has demonstrated rapid growth, gathering an audience of 12 440 subscribers.

According to the latest data from 14 June, 2026, the channel demonstrates stable activity. Although there has been a change in the number of participants by -137 over the last 30 days and by -12 over the last 24 hours, overall reach remains high.

  • Verification status: Not verified
  • Engagement rate (ER): The average audience engagement rate is 5.87%. Within the first 24 hours after publication, content typically collects N/A% reactions from the total number of subscribers.
  • Post reach: On average, each post receives 730 views. Within the first day, a publication typically gains 0 views.
  • Reactions and interaction: The audience actively supports content: the average number of reactions per post is 0.
  • Thematic interests: Content is focused on key topics such as अनुच्छेद, राज्य, tricks, संविधान, राष्ट्रपति.

📝 Description and content policy

The author describes the resource as a platform for expressing subjective opinions:
✅ Polity Notes ☑️ Polity PDF ✅ Polity Mock Test ☑️ M Laxmikant Notes ✅ Previous Year Question Paper

Thanks to the high frequency of updates (latest data received on 15 June, 2026), the channel maintains relevance and a high level of publication reach. Analytics show that the audience actively interacts with content, making it an important point of influence in the Education category.

12 440
Subscribers
-1224 hours
-337 days
-13730 days
Posts Archive
📕 PDF के लिए ज्वाइन करें

आपको किस Exam का Notes चाहिए?

📕 PDF के लिए ज्वाइन करें

आपको किस Exam का Notes चाहिए?

✍️भारतीय संविधान के महत्त्वपूर्ण संशोधन ╨──────────────────━❥ ●. पहला संशोधन (1951) — इस संशोधन द्वारा नौवीं अनुसूची को शामिल किया गया। ●. दूसरा संशोधन (1952) — संसद में राज्यों के प्रतिनिधित्व को निर्धारित किया गया। ●. सातवां संशोधन (1956) — इस संशोधन द्वारा राज्यों का अ, ब, स और द वर्गों में विभाजन समाप्त कर उन्हें 14 राज्यों और 6 केंद्रशासित क्षेत्रों में विभक्त कर दिया गया। ●. दसवां संशोधन (1961) — दादरा और नगर हवेली को भारतीय संघ में शामिल कर उन्हें संघीय क्षेत्र की स्थिति प्रदान की गई। ●. 12वां संशोधन (1962) — गोवा, दमन और दीव का भारतीय संघ में एकीकरण किया गया। ●. 13वां संशोधन (1962) — संविधान में एक नया अनुच्छेद 371 (अ) जोड़ा गया, जिसमें नागालैंड के प्रशासन के लिए कुछ विशेष प्रावधान किए गए। 1दिसंबर, 1963 को नागालैंड को एक राज्य की स्थिति प्रदान कर दी गई। ●. 14वां संशोधन (1963) — पांडिचेरी को संघ राज्य क्षेत्र के रूप में प्रथम अनुसूची में जोड़ा गया तथा इन संघ राज्य क्षेत्रों (हिमाचल प्रदेश, गोवा, दमन और दीव, पांडिचेरी और मणिपुर) में विधानसभाओं की स्थापना की व्यवस्था की गई। ●. 21वां संशोधन (1967) — आठवीं अनुसूची में ‘सिंधी’ भाषा को जोड़ा गया। ●. 22वां संशोधन (1968) — संसद को मेघालय को एक स्वतंत्र राज्य के रूप में स्थापित करने तथा उसके लिए विधानमंडल और मंत्रिपरिषद का उपबंध करने की शक्ति प्रदान की गई। ●. 24वां संशोधन (1971) — संसद को मौलिक अधिकारों सहित संविधान के किसी भी भाग में संशोधन का अधिकार दिया गया। ●. 27वां संशोधन (1971) — उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र के पाँच राज्यों तत्कालीन असम, नागालैंड, मेघालय, मणिपुर व त्रिपुरा तथा दो संघीय क्षेत्रों मिजोरम और अरुणालच प्रदेश का गठन किया गया तथा इनमें समन्वय और सहयोग के लिए एक ‘पूर्वोत्तर सीमांत परिषद्’ की स्थापना की गई। ●. 31वां संशोधन (1974) — लोकसभा की अधिकतम सदंस्य संख्या 545 निश्चित की गई। इनमें से 543 निर्वाचित व 2 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होंगे। ●. 36वां संशोधन (1975) — सिक्किम को भारतीय संघ में 22वें राज्य के रूप में प्रवेश दिया गया। ●. 37वां संशोधन (1975) — अरुणाचल प्रदेश में व्यवस्थापिका तथा मंत्रिपरिषद् की स्थापना की गई। ● 42वां संशोधन (1976) — इसे ‘लघु संविधान’ (Mini Constitution) की संज्ञा प्रदान की गई है। — इसके द्वारा संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’, ‘समाजवादी’ और ‘अखंडता’ शब्द जोड़े गए। — इसके द्वारा अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की व्यवस्था करते हुए नागरिकों के 10 मूल कर्त्तव्य निश्चित किए गए। — लोकसभा तथा विधानसभाओं के कार्यकाल में एक वर्ष की वृद्धि की गई। — नीति-निर्देशक तत्वों में कुछ नवीन तत्व जोड़े गए। — इसके द्वारा शिक्षा, नाप-तौल, वन और जंगली जानवर तथा पक्षियों की रक्षा, ये विषय राज्य सूची से निकालकर समवर्ती सूची में रख दिए गए। — यह व्यवस्था की गई कि अनुच्छेद 352 के अन्तर्गत आपातकाल संपूर्ण देश में लागू किया जा सकता है या देश के किसी एक या कुछ भागों के लिए। — संसद द्वारा किए गए संविधान संशोधन को न्यायालय में चुनौती देने से वर्जित कर दिया गया। ●. 44वां संशोधन (1978) — संपत्ति के मूलाधिकार को समाप्त करके इसे विधिक अधिकार बना दिया गया। — लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं की अवधि पुनः 5 वर्ष कर दी गई। — राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष्ज्ञ के चुनाव विवादों की सुनवाई का अधिकार पुनः सर्वोच्च तथा उच्च न्यायालय को ही दे दिया गया। — मंत्रिमंडल द्वारा राष्ट्रपति को जो भी परामर्श दिया जाएगा, राष्ट्रपति मंत्रिमंडल को उस पर दोबारा विचार करने लिए कह सकेंगे लेकिन पुनर्विचार के बाद मंत्रिमंडल राष्ट्रपति को जो भी परामर्श देगा, राष्ट्रपति उस परामर्श को अनिवार्यतः स्वीकार करेंगे। — ‘व्यक्ति के जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार’ को शासन के द्वारा आपातकाल में भी स्थगित या सीमित नहीं किया जा सकता, आदि। ●. 52वां संशोधन (1985) — इस संशोधन द्वारा संविधान में दसवीं अनुसूची जोड़ी गई। इसके द्वारा राजनीतिक दल-बदल पर कानूनी रोक लगाने की चेष्टा की गई है। ●. 55वां संशोधन (1986) — अरुणाचल प्रदेश को भारतीय संघ के अन्तर्गत राज्य की दर्जा प्रदान की गई। ●. 56वां संशोधन (1987) — इसमें गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा देने तथा ‘दमन व दीव’ को नया संघीय क्षेत्र बनाने की व्यवस्था है। ●. 61वां संशोधन (1989) — मताधिकार के लिए न्यूनतम आवश्यक आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई। ●. 65वां संशोधन (1990) — ‘अनुसूचित जाति तथा जनजाति आयोग’ के गठन की व्यवस्था की गई।

आपको किस Exam का Notes चाहिए?

📕 PDF के लिए ज्वाइन करें

आपको किस Exam का Notes चाहिए?

📕 PDF के लिए ज्वाइन करें

आपको किस Exam का Notes चाहिए?

📕 PDF के लिए ज्वाइन करें

Polity Previous Year Questions 1. संसद का सदस्य नहीं होने पर कोई मंत्री अपने पद पर कितना माह तक रहता है ? Ans - 6 माह तक 2. भारतीय संविधान कैसा है ? Ans - लचीला और अपरिवर्तनशील 3. दल-बदल विरोधी कानून संविधान के वें संशोधन द्वारा पारित हुआ है ? Ans - 52वें संशोधन 1985 4. किसी भी विधेयक को धन विधेयक होने का अंतिम निर्णय कौन देता है ? Ans - लोकसभा अध्यक्ष 5. राष्ट्रपति पर महाभियोग की प्रक्रिया को किस देश के संविधान से लिया गया है ? Ans - अमेरिका 6. राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों की अधिघोषणा कौन जारी करता है ? Ans - निर्वाचन आयोग 7. मौलिक कर्तव्यों का वर्णन किस अनुच्छेद में किया गया है ? Ans - अनुच्छेद 51 (क) 8. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन संबंधी विवादों का निपटारा किसके द्वारा किया जाता है ? Ans - उच्चतम न्यायालय 9. भारतीय संविधान में शामिल समवर्ती सूचि किस देश के संविधान की देन है ? Ans - ऑस्ट्रेलिया 10. पंचायती राज संस्थाओं का ढांचा कैसी है ? Ans - तीन स्तरीय 11. केंद्रीय सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं की कार्यप्रणाली और ढांचे में सुधार लाने के लिए किस समिति को नियुक्त किया गया है ? Ans - अशोक मेहता समिति 12. मुंबई और कोलकाता उच्च न्यायालयों की स्थापना कब हुई थी ? Ans - 1862 ई में 13. अशोक मेहता समिति का गठन कब किया गया था ? Ans - 1977 में (सदस्यों की संख्या -13) 14. 'सुपर कैबिनेट' कौन-सा आयोग कहलाता है ? Ans - योजना आयोग 15. केंद्र-राज्य के वित्त संबंध का निर्धारण कौन करता है ? Ans - वित्त आयोग

✅ 𝗡𝗖𝗘𝗥𝗧 𝗕𝗼𝗼𝗸𝘀 𝗖𝗹𝗮𝘀𝘀 𝟲, 𝟳, 𝟴, 𝟵, 𝟭𝟬, 𝟭𝟭, 𝟭𝟮 𝗣𝗗𝗙 𝗗𝗼𝘄𝗻𝗹𝗼𝗮𝗱 👇👇

📕 PDF के लिए ज्वाइन करें

आपको किस Exam का Notes चाहिए?

✅ 𝗡𝗖𝗘𝗥𝗧 𝗕𝗼𝗼𝗸𝘀 𝗖𝗹𝗮𝘀𝘀 𝟲, 𝟳, 𝟴, 𝟵, 𝟭𝟬, 𝟭𝟭, 𝟭𝟮 𝗣𝗗𝗙 𝗗𝗼𝘄𝗻𝗹𝗼𝗮𝗱 👇👇

आपको किस Exam का Notes चाहिए?

📕 PDF के लिए ज्वाइन करें

आपको किस Exam का Notes चाहिए?

⭕️भारत के संविधान की अनुसूचियाँ की सूची 1) प्रथम अनुसूची :- इसके अंतर्गत भारत के 29 राज्य तथा 7 केंद्र शासित प्रदेशो का उल्लेख किया गया है| 2) दूसरी अनुसूची : इसमें भारतीय संघ के पदाधिकारियों (राष्ट्रपति ,राज्यपाल ,लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष , राजसभा के सभापति एवं उपसभापति ,विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष,विधान परिषद् के सभापति एवं उपसभापति,उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों और भारत के नियत्रंक महालेखा परीक्षक आदि ) को मिलने वाले वेतन, भत्ते तथा पेंशन का उल्लेख है | 3) तीसरी अनुसूची :- इसमें भारत के विभिन्न पदाधिकारियों(राष्ट्रपति , उप राष्ट्रपति , उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों ) की शपथ का उल्लेख है| 4) चौथी अनुसूची :- इसके अंतर्गत राज्यों तथा संघीय क्षेत्रो की राज्यसभा में प्रतिनिधित्व का विवरण दिया गया है| 5) पाँचवी अनुसूची :- इसमें अनुसूचित क्षेत्रों तथा अनुसूचित जनजाति के प्रशासन व नियंत्रण के बारे में उल्लेख है| 6) छठी अनुसूची :- इसमें असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के बारे में प्रावधान हैं| 7) सातवी अनुसूची :- इसके अंतर्गत केंद्र व राज्यों के बीच शक्तियों का बटवारे के बारे में दिया गया है| इसके अंतर्गत तीन सूचियां है :- i) संघ सूची :- इसके अंतर्गत 100 विषय है| इन विषयों पर कानून बनाने का अधिकार केवल केंद्र को है | संविधान के लागू होने के समय इसमे 97 विषय थे | ii) राज्य सूची :- इस सूची में 61 विषय है| जिन पर कानून बनाने का अधिकार केवल राज्य को है| लेकिन राष्ट्रहित से सम्बन्धित मामलो में केंद्र भी कानून बना सकता है | संविधान के लागू होने के समय इसमे 66 विषय थे | iii) समवर्ती सूची :- इसके अंतर्गत 52 विषय है| इन पर केंद्र व राज्य दोनों कानून बना सकते है|परन्तु कानून के विषय समान होने पर केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया कानून मान्य होता है|राज्य द्वारा बनाया गया कनून केंद्र द्वारा बनाने के बाद समाप्त हो जाता है| संविधान के लागू होने के समय इसमे 47 विषय थे | 8) आठवी अनुसूची :- इसमें भारतीय संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त 22 भाषाओं का उल्लेख किया गया है| मूल संविधान में 14 मान्यता प्राप्त भाषाए थी | सन 2004 में चार नई भाषाए मैथली, संथाली, डोगरी और बोडो को इसमें शामिल किया गया | 9) नौंवी अनुसूची :- यह अनुसूची प्रथम संविधान संसोधन अधिनियम 1951 द्वारा जोड़ी गयी थी| इस अनुसूची में सम्मिलित विषयों को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती| लेकिन यदि कोई विषय मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करे तो उच्चतम न्यायालय इस कानून की समीक्षा कर सकता है| अभी तक नौंवी अनुसूची में 283 अधिनियम है, जिनमे राज्य सरकार द्वारा सम्पति अधिकरण का उल्लेख प्रमुख है| 10) दसवी अनुसूची :- इसे 52वें संविधान संशोधन अधिनियम 1985 द्वारा मूल संविधान में जोड़ा गया| इस अनुसूची में दल-बदल सम्बन्धित कानूनों का उल्लेख किया गया है| 11) ग्यारहवी अनुसूची :- यह अनुसूची 73वें संविधान संशोधन अधिनियम 1992 द्वारा मूल संविधान में जोड़ा गया| यह अनुसूची पंचायती राज से सम्बन्धित है, जिसमे पंचायती राज से सम्बन्धित 29 विषय है| 12) बारहवी अनुसूची :- यह अनुसूची 74वें संविधान संशोधन अधिनियम 1992 द्वारा मूल संविधान में जोड़ा गया| इसमें शहरी क्षेत्रों के स्थानीय स्वशासन संस्थानों से सम्बन्धित 18 विषय है|