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🚨 Most Important for prelims...
“मध्यप्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव-2024”
खनिज भंडारों में राष्ट्रीय रैंकिंग में आगे मध्यप्रदेश
राष्ट्रीय रैंकिंग
पहला स्थान - तांबा, मैंग्रीज और हीरा उत्पादन में
दूसरा स्थान - रॉक फॉस्फेट में
तीसरा स्थान - चूना-पत्थर में
चौथा स्थान - कोयला उत्पादन में
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सुप्रीमकोर्ट ने 57 साल का वह फैसला पलट दिया जिसमें कहा गया था कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU )जैसे केंद्रीय विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा नहीं मिल सकता, क्योंकि इसकी स्थापना न मुस्लिम समुदाय ने की है और न इसे चलाते हैं।
AMU की स्थापना 1920 में केंद्रीय कानून से हुई थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2006 में इसी के आधार पर AMU को अल्पसंख्यक संस्थान नहीं माना था, इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
अब 7 जजों की संविधान पीठ ने 4:3 से अजीज बाशा मामले में 1966 में दिए फैसले को पलट दिया, साथ ही अल्पसंख्यक संस्थान के मानक तय कर दिए, अब तीन जजों की बेंच तय करेगी कि इनके आधार पर AMU को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा मिलेगा या नहीं।
Cji चंद्रचूड़ का कहना हैं कि अनुच्छेद 30 अल्पसंख्यकों से भेदभाव न करने की गारंटी देता है, हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि कोई धार्मिक समुदाय शिक्षण संस्थान स्थापित कर सकता है, पर वही समुदाय उसका प्रशासन देखें यह जरूरी नहीं,
किसी संस्थान की स्थापना सरकार द्वारा तय नियमों से होती है, AMU अल्पसंख्यक संस्थान होने का दावा दायर कर सकती है।
