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खेती की जानकारी मराठी और हिंदी में

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*अवजारांसाठी विविध योजना* राष्ट्रीय फलोत्पादन अभियानांतर्गत यांत्रिकीकरणावर भर देण्यात आला आहे. या अंतर्गत शेतकरी, उत्पादक संघ तसेच सार्वजनिक क्षेत्रातील संस्थांना अवजारे, उपकरणे व संयंत्रे अनुदानावर उपलब्ध करून देण्यात येत आहेत. दिवसेंदिवस शेती कामांमध्ये मजुरांची कमी होणारी संख्या, मजुरीवरील होणाऱ्या खर्चामुळे मशागतीची कामे वेळेवर होत नाहीत. पिकांचा उत्पादन खर्च वाढतो. यामुळे फलोत्पादन क्षेत्रामध्येही अवजारे आणि यंत्रांचा वापर महत्त्वाचा आहे. शेतकरी, उत्पादक संघ व सार्वजनिक क्षेत्रातील संस्थांना अवजारे, उपकरणे व संयंत्रे अनुदानावर उपलब्ध करून देण्यासाठी फलोत्पादन यांत्रिकीकरण हा घटक राबविण्यात येत आहे. योजनेची उद्दिष्टे1) शेतीची कामे वेळेवर करणे, शेतीकामाचा वेळ वाचविणे व मशागतीचा खर्च कमी करणे. 2) शेतीच्या यांत्रिकीकरणास प्रोत्साहन देणे. 3) फलोत्पादन पिकांची उत्पादकता व गुणवत्ता यामध्ये वाढ करणे. 4) फलोत्पादन पिकांच्या उत्पादन खर्चात बचत करणे. लाभार्थी निवडीचे निकष1) लाभार्थींच्या नावे शेतजमीन असावी, त्यांच्या नावे 7/12 व 8-अ चा उतारा असणे आवश्‍यक आहे. तसेच त्यांच्या 7/12 उताऱ्यावर फलोत्पादन पिकांची/ भाजीपाला पिकांची/ मसाला पिकांची/ पुष्पोत्पादन पिकांची नोंद किंवा मंडळ कृषी अधिकारी यांचे फलोत्पादन पीक लागवडीचे प्रमाणपत्र असणे आवश्‍यक आहे. सदर संबंधित पिकाचे क्षेत्र कमीत कमी 0.40 हे. असावे. 2) योजना राबविताना अनुसूचित जाती (16 टक्के), अनुसूचित जमाती (8 टक्के) आदिवासी महिला (30 टक्के) लहान शेतकरी इत्यादींना प्राधान्याने नियमाप्रमाणे लाभ देण्यात यावा. 3) लाभार्थी- वैयक्तिक शेतकरी नोंदणीकृत फलोत्पादन संघ, शेतकऱ्यांची नोंदणीकृत उत्पादक कंपनी. फलोत्पादनाशी निगडित स्वयंसाहाय्यता गट, शेतकरी गट, महिला शेतकरी गट (किमान 10 सदस्य असावेत.) देय अनुदान वगळता अवजारे/ उपकरणांच्या किमतीच्या उर्वरित 50 टक्के खर्च संबंधित लाभार्थी/ गटांनी स्वतः केला पाहिजे. नोंदणीकृत संस्था तसेच शेतकऱ्यांची उत्पादक कंपनी यांना बॅंक कर्जाची अट राहणार नाही. तथापि, त्यांची खर्च करण्याची पत योग्य कागदपत्राच्या आधारे तपासून घ्यावी. सदरची अवजारे / उपकरणे चालू स्थितीत ठेवणे आणि त्यांची देखभाल व दुरुस्ती करण्यासंदर्भात आवश्‍यक तो करारनामा संबंधित लाभार्थी/ गट/ संघ यांचबरोबर 100 रुपयांच्या स्टॅंप पेपरवर करून त्यांची हमी घेण्यात यावी. महत्त्वाचे घटकअ.क्र. 1 च्या यंत्रसामग्रीच्या अर्जासोबत तपासणी सूचीप्रमाणे खालील कागदपत्रे जोडणे आवश्‍यक ः अ) लाभार्थ्यांचा विहित नमुन्यातील अर्ज ब) 7/12, 8-अ उतारा- फलोत्पादन/ मसाला / भाजीपाला/ फूल पिके पिकाची नोंद असणे आवश्‍यक आहे. क) प्रस्तावित अवजारांचे दरपत्रक. ड) लाभार्थ्यांचे हमीपत्र (मार्गदर्शक सूचनेतील नमुन्याप्रमाणे) इ) सदर अवजारांसाठी केंद्र व राज्य शासनाच्या इतर योजनांमधून लाभ घेतला नसल्याबाबत लाभार्थ्यांचे हमीपत्र. फ) मार्गदर्शक सूचनेतील प्रपत्र-1 प्रमाणे "जिअकृअ' यांच्या बरोबर केलेला करारनामा (100 रु.च्या स्टॅम्प पेपरवर मूळ प्रतीत) अ. क्र. 2. च्या यंत्रसामग्रीच्या प्रस्तावासोबत तपासणी सूचीप्रमाणे खालील कागदपत्रे जोडणे आवश्‍यक ः अ) लाभार्थ्यांचा विहित नमुन्यातील अर्ज ब) 7/12, 8-अ उतारा- फलोत्पादन/ मसाला/ भाजीपाला पिकाची/ फुले पिके नोंद असणे आवश्‍यक आहे. क) जिअकृअ, यांचे पूर्व संमती पत्र. ड) जिल्हा अभियान समितीचे शिफारस पत्र इ) प्रस्तावित अवजारांचे दरपत्रक फ) प्रस्तावासोबत बॅंक कर्ज मंजुरी पत्राची मूळ प्रत जोडणे आवश्‍यक आहे. बॅंक कर्ज मंजुरी पत्रामध्ये पॉवर ऑपरेटेड मशिन व इतर किमान तीन अवजारांचा स्पष्ट उल्लेख केलेला असावा. ग) लाभार्थ्यांचे हमीपत्र (मार्गदर्शक सूचनेतील नमुन्याप्रमाणे) ह) सदर अवजारांसाठी केंद्र व राज्य शासनाच्या इतर योजनांमधून लाभ घेतला नसल्याबाबत लाभार्थ्यांचे हमीपत्र. ई) मार्गदर्शक सूचनेतील प्रपत्र- 1 प्रमाणे जिअकृअ यांच्या बरोबर केलेला करारनामा (100 रु.च्या स्टॅम्प पेपरवर मूळ प्रतीत) ज) यंत्राच्या प्रकारानुसार प्रकल्प खर्चाचे सविस्तर अंदाजपत्रक/ विवरणपत्रक. Follow the शेतकरी channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Va8gCugEquiWQfAXJg28 संपर्क - 020- 25534860 महाराष्ट्र राज्य फलोत्पादन आणि औषधी वनस्पती मंडळ, साखर संकुल, शिवाजी नगर, पुणे

आधे से कम कीमत पर किसान लगवाएं सोलर पंप, फसलों की सिंचाई के साथ-साथ कमाई का भी मौका प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत सरकार किसानों को 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी पर सोलर पंप मुहैया कराती है. किसानों के साथ-साथ ये पंप पंचायतों और सहकारी समितियों को इसी अनुदानित कीमत पर दिए जाते हैं. फसलों की सिंचाई सही वक्त पर नहीं होने से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है. इसका असर किसानों के मुनाफे पर भी पड़ता है. किसान इस स्थिति से निपट सके इसके लिए सरकार की तरफ से कई विकल्प भी उपलब्ध कराए गए हैं. इन्हीं विकल्पों में से एक विकल्प है पीएम कुसुम योजना के तौर पर भी उभर कर सामने आया है. इस योजना के तहत किसानों को सब्सिडी पर सोलर पंप दिए जाते हैं. 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी पर सोलर पंप WhatsApp channel join kare https://whatsapp.com/channel/0029Va8wGW35q08lZPu04909 प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत सरकार किसानों को 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी पर सोलर पंप मुहैया कराती है. किसानों के साथ-साथ ये पंप पंचायतों और सहकारी समितियों को इसी अनुदानित कीमत पर दिए जाते हैं. इसके अलावा सरकार अपने खेतों के आसपास सोलर पंप संयंत्र स्थापित करने के लिए लागत के 30 प्रतिशत तक का लोन उपलब्ध कराती है. इस हिसाब से किसानों को इस प्रोजेक्ट का केवल 10 प्रतिशत राशि खर्च करना होता है. इस योजना का लाभ लेने की वजह से किसानों की सिंचाई की समस्या खत्म हो सकती है. वहीं, बिजली या डीजल के पंपों के जरिए सिंचाई करने पर किसान की लागत बढ़ जाती है.

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सोयबीन की फसल में लगने वाले पत्ती भक्षक कीट से बचाव के उपाय – पत्ती भक्षक कीट की केवल सुंडी ही फसल को हानि पंहुचाती है। इस कीट की सुंडी लंबी एवं भूरे रंग की होती है जिसके शरीर पर गहरे भूरे  एवं पीले रंग की धारियां पायी जाती हैं। इसकी सूंडियां पत्तियों को खाकर नुकसान पहुँचाती हैं। पत्ती भक्षक कीट यह बहुभक्षी कीड़ा हैं इसके वयस्क पंतगों के अगले पंख सुनहरे, भूरे रंग के सफ़ेद धारीदार होते हैं। सूंडियाँ मटमैले हरे रंग की होती हैं जिनके शरीर पर पीले, हरे व नारंगी रंगों की लंबवत धारियां होती हैं। सोयबीन की फसल को पत्ती भक्षक कीट से बचाने के उपाय ·        फ्लूबेन्डामाइड 39.35 प्रतिशत एस.सी. 150  मि.ली/हे. से छिड़काव करें। ·        या स्पायनोसेड 45  एस.सी.125  मि.ली. प्रति हे. या रायनेक्सीपीर 20 एस.सी. 100 मि.ली प्रति हे. से छिड़काव करें। ·       या इन्डोक्साकार्ब 15 ई.सी.300 मि.ली. प्रति हे. के हिसाब से छिड़काव करें।

सोयाबीन अनुसंधान संस्थान द्वारा जारी किए गए सोयाबीन फसल में जैविक टीकाकरण करने के उपाय – सोयाबीन अनुसंधान संस्थान इंदौर द्वारा सोयाबीन के किसानों को जौविक टीकाकरण की सलाह दी गई है।सोयाबीन की बोवनी करते समय बीज को जैविक कल्चर ब्रेडीरायबियम + पी.एस.एम् प्रत्येकी 5 ग्राम/किग्रा. बीज कि दर से करे।  किसान रासायनिक फफूंद नाशक के स्थान पर जैविक फफूंद नाशक ट्रायकोडर्मा ( 10 ग्राम/किग्रा बीज) का भी उपयोग कर सकते  हैं  जिसको जैविक कल्चर के साथ मिलकर प्रयोग किया जा सकता है।  जॉईन करे @kisan

पीएम किसान सम्मान निधि पर बड़ी जानकारी, जून में नहीं इस तारीख को आएगी 14वीं किस्त पीएम किसान सम्मान निधि पर बड़ी जानकारी, जून में नहीं इस तारीख को आएगी 14वीं किस्त आपको बता दें इससे पहले देश के करोड़ों किसानों के खाते में 13वीं किस्त 27 फरवरी 2023 को आई थी. इस किस्त को जारी करने की घोषणा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. https://t.me/kisan पीएम किसान सम्मान निधि पर बड़ी जानकारी, जून में नहीं इस तारीख को आएगी 14वीं किस्त पीएम किसान सम्मान निधि 14 किस्त प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) योजना का लाभ देश भर में लगभग 10 करोड़ किसानों को मिलता है. हालांकि, बीते कुछ समय से किसान सम्मान निधि की 14वीं किस्त रुकी हुई है, जिसे लेकर किसान परेशान हैं. लेकिन अब जो जानकारी निकल कर सामने आ रही है उसके मुताबिक, पीएम किसान सम्मान निधि की राशि 30 जून तक नहीं बल्कि जुलाई के पहले हफ्ते में किसानों के अकाउंट में आ सकती है. आपको बता दें, इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि केंद्र सरकार किसानों को किसान सम्मान निधि का पैसा 30 जून तक दे देगी. कब आई थी 13वीं किस्त आपको बता दें इससे पहले देश के करोड़ों किसानों के खाते में 13वीं किस्त 27 फरवरी 2023 को आई थी. इस किस्त को जारी करने की घोषणा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी. दरअसल, पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत भारत सरकार हर साल किसानों को 6000 रुपये की आर्थित सहायता देती है. ये पैसा मोदी सरकार 2000-2000 रुपये की 3 किस्तों में जारी करती है. हालांकि, 14वीं किस्त को लेकर किसान अब परेशान हैं और सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चा भी तेज हो गई है. किन लोगों के अकाउंट में नही आएंगे पैसे कई लोगों को पीएम किसान सम्मान निधि की 14वीं किस्त नहीं मिलेगी. दरअसल, ये वो लोग हैं जिनकी अभी तक 13वीं किस्त भी नहीं आई है या फिर जिन लोगों का अब तक ई-केवाईसी नहीं हुआ है. अगर आपके आधार कार्ड में कोई गलती है तो भी आपकी 14वीं किस्त रुक सकती है. वहीं अगर आपकी ई-केवाईसी नहीं हुई है तो उसे करा लें. इसके साथ ही आपके आधार कार्ड में कोई गलती है तो उसमें तुरंत सुधार करा लें. जबकि, कई किसान ऐसे भी हैं जिनके बैंक अकाउंट में कुछ गड़बड़ी के चलते पीएम किसान सम्मान निधि के पैसे समय पर नहीं आ रहे हैं, ऐसे लोगों को भी अपने बैंक अकाउंट की टेक्निकल गलतियों को जल्द से जल्द ठीक करा लेनी चाहिए क्या पति पत्नी दोनों के खाते में पैसे आएंगे? कई लोगों का सवाल ये रहता है कि अगर पति पत्नी दोनों खेती करते हैं तो क्या दोनों के अकाउंट में पीएम किसान सम्मान निधि की 14वीं किस्त आएगी. अगर आप भी ऐसा सोचते हैं तो रुक जाइए. क्योंकि इस योजना का लाभ एक परिवार में सिर्फ एक ही व्यक्ति को ही मिलता है. वहीं अगर आपने किसी धोखे से किसान सम्मान निधि के पैसे खाने की गलती की तो आप पर पुलिस केस भी हो सकता है.

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ठिबक सिंचनाद्वारे मिरचीसाठी खत व्यवस्थापन (प्रति एकर) #marathi #chilli #fertilizer जॉईन करा @kisan
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जीवनसत्त्व, लोहयुक्त बाजरी पोषणमूल्यांचे प्रमाण #MARATHI जॉईन करा @kisan
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