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• भारत में सर्वप्रथम पंचायतीराज की शुरुआत – 2 अक्टूबर 1959 नागौर (राजस्थान)
समिति – बलवंतराय मेहता समिति
उद्घाटनकर्ता - प. जवाहर लाल नेहरू
राजस्थान में पंचायतीराज की शुरुआत द्वितीय पंचवर्षीय योजना के अन्तर्गत की गई।
• राजस्थान के बाद आंध्रप्रदेश में पंचायतीराज व्यवस्था प्रारम्भ 21 अक्टूबर 1959 को की गई।
पंचायतीराज से संबंधित भारत सरकार की समितियाँ
• बलवन्तराय मेहता समिति (1957)
• अशोक मेहता समिति (1977)
• GKV राव समिति (1985)
• एल एम सिंघवी समिति (1986)
• पी. के. थूंगन समिति (1988)
• गाडगिल समिति (1988)
राजस्थान सरकार की समितियाँ -
• सादिक अली समिति (1964)
• गिरधारी लाल व्यास समिति (1973)
• हरलाल खर्रा समिति (1988)
• गुलाबचन्द कटारिया समिति (2011)
73 वें संविधान संशोधन के बाद सर्वप्रथम पंचायतीराज अधिनियम कर्नाटक (1993) में लागू किया गया।
13 वें संविधान संशोधन के बाद सर्वप्रथम पंचायतीराज चुनाव मध्यपदेश (1994) कराये गए।
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◾️ शेखावाटी का पहला रॉप- वे🔹 जीण माता मंदिर, रेवासा (सीकर) में काजल की पहाड़ी पर शेखावाटी के पहले रोप- वे का उद्घाटन किया गया। 🔹 उद्धघाटन - 10 अप्रैल 2024 को 🔹 लंबाई - 500 मीटर 🔹 यह राजस्थान का सातवा रोप - वे हैं।
Smart fact:🔹राजस्थान का पांचवा रोपवे - अन्नपूर्णा माता रोप वे - जयपुर (प्रथम स्वचालित रोप वे) 🔹राजस्थान का छठा रोप वे - निमज माता (उदयपुर)
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तना (stem)🌴
पौधों का वह भाग जो बीज के प्रांकुर से विकसित होता है उसे तना कहते है।
तना का प्रमुख कार्य भोज्य पदार्थों का तथा जल का संवहन करना होता है।
तना धनात्मक प्रकाशानुवर्ती तथा ऋणात्मक गुरुत्वावर्ती होता है।
तना दो प्रकार के होते है-
1-भूमिगत तना-(Grandular Stem)-
Exam-आलू , अदरक, हल्दी, लहसुन, व्याज, वण्डा, अरबी
2- वायुवीय तना- (Arealar stem)
जो जमीन के ऊपर जैसे आम, नीबू आदि \
