IPAPER CLASSES
Open in Telegram
Join our Telegram and youtube channel for the Best content by most efficient video and topper faculty.. https://youtube.com/channel/UCOQirEwMbzgzec355QduE-A (Subscribe) Disclaimer-We Don't Own any Materials Posted Here. Pdf for evaluation purpose only.
Show more7 988
Subscribers
-424 hours
-217 days
-10430 days
Posts Archive
7 988
Dear All Students Attention
Net Problem Ho Gyi Hai
Jaise Hi Net Proper Ho Hoga Aapki Class Continue Ki Jaayegi 👍
7 988
DFCCIL वाले जितने भी Students CBT-2 की Classes का Wait कर रहे है उन्हें बता दे आपकी Complete Classes शुरू होने वाली है
कुछ Strategy & तैयारी करनी जरूरी होती ही Arrange कराने से पहले तो वही चल रही है।
तैयार रहे सभी Special Classes भी आएंगी जैसे :-
DFCCIL History Details For CBT-2
Customer Relationship Management For CBT-2 Special
& All Subjects तो सभी तैयार रहे और ये न सोचें कि classes नही होने वाली
जब कोई साथ नही दे रहा था तब CBT-1 में iPaper Classes ने 3 महीने दिए है तो अब तो अपने Students Result देने वाले है
जान लगा देंगे। 😊😊
जय हिंद जय भारत 🇮🇳🇮🇳🇮🇳
7 988
जजिया कर का इतिहास कुछ महत्वपूर्ण बिंदु।
📝📝📝📝📝📝📝📝
जज़िया ( Jizya or Jizyah ) एक प्रकार का धार्मिक कर है। इसे मुस्लिम राज्य में रहने वाली गैर मुस्लिम जनता से बसूल किया जाता है। क्योंकि इस्लामिक राज्य में सिर्फ मुस्लिमों को ही रहने की इजाजत थी यदि इस धर्म के सिवाय कोई और रहेगा तो उसे धार्मिक कर देना होगा। इसे देने के बाद गैर मुस्लिम लोग इस्लामिक राज्य में अपने धर्म का पालन कर सकते थे।
ऐसा नहीं है कि मुस्लिमों ने ही गैर मुस्लिमों से इस प्रकार का धार्मिक कर बसूला। गहड़वालों ने भी अपने राज्य में तुरुष्कदण्ड नामक एक कर लगाया। जोकि उनके राज्य में रहने वाले मुस्लिमों पर लगाया गया था।
भारत में इसका प्रथम साक्ष्य मुहम्मद बिन कासिम के आक्रमण के बाद देखने को मिलता है। सर्वप्रथम मुहम्मद बिन कासिम ने ही भारत में सिंध प्रांत के देवल में जजिया कर लगाया। इसके बाद जजिया कर लगाने वाला दिल्ली सल्तनत का प्रथम सुल्तान फिरोज तुगलक था। इसने जजिया को खराज (भूराजस्व) से निकालकर पृथक कर के रूप में बसूला। इससे पूर्व ब्राह्मणों को इस कर से मुक्त रखा गया था। यह पहला सुल्तान था जिसने ब्राह्मणों पर भी जजिया कर लगा दिया। फिरोज तुगलक के ऐसा करने के विरोध में दिल्ली के ब्राह्मणों ने भूख हड़ताल कर दी। फिर भी फिरोज तुगलक तुगलक ने इसे समाप्त करने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। अंत में दिल्ली की जनता ने ब्राह्मणों के बदले स्वयं जजिया देने का निर्णय लिया। इसके बाद लोदी वंश के शासक सिकंदर लोदी ने जज़िया कर लगाया।
सल्तनत के बाहर के राज्यों में भी जजिया का प्रचलन हो गया था। कश्मीर में सर्वप्रथम जजिया कर सिकंदरशाह द्वारा लगाया गया। यह एक धर्मांध शासक था और चार किये। इसके बाद इसका पुत्र जैनुल आबदीन (1420-70 ईo) शासक बना और पिता द्वारा लगाए गए जजिया को समाप्त कर दिया। जजिया कर को समाप्त करने वाला यह पहला शासक था। यह अत्यंत उदार शासक था। इसकी उदारता के लिए ही इसे कश्मीर का अकबर कहा गया। गुजरात में जजिया सर्वप्रथम अहमदशाह (1411-42 ईo) के समय लगाया गया।
शेरशाह के समय जजिया को नगर-कर की संज्ञा दी गयी। जजिया कर को समाप्त करने वाला पहला मुग़ल शासक अकबर था। अकबर ने 1564 ईo में जज़िया कर समाप्त किया, 1575 ईo में पुनः लगा दिया। इसके बाद 1579-80 ईo में पुनः समाप्त कर दिया। औरंगजेब ने 1679 ईo में जजिया कर लगाया। 1712 ईo में जहाँदारशाह ने अपने वजीर जुल्फिकार खां व असद खां के कहने पर विधिवत रूप से समाप्त कर दिया। इसके बाद फर्रूखशियर ने 1713 ईo में जज़िया कर को हटा दिया और 1717 ईo में इसने जजिया पुनः लगा दिया। अंत में 1720 ईo में मुहम्मद शाह रंगीला ने जयसिंह के अनुरोध पर जजिया कर को सदा के लिए समाप्त कर दिया।
7 988
Last Date है Objection Raise करने की सभी करदे ज्यादा से ज्यादा ताकि जो प्रश्न गलत है उनके Number सभी को मिल सके।
आज रात 11:45 तक का समय है सभी के पास 👍👍👍
7 988
Delhi Police Constable Male & Female Complete Details
हमारे सभी Defence Student के लिए एक और बड़ी भर्ती आ गयी है
जल्दी देखे और शेयर करे 👍👍👍
Available now! Telegram Research 2025 — the year's key insights 
