𝑴𝒊𝒅𝒏𝒊𝒈𝒉𝒕 𝑫𝒊𝒂𝒓𝒚 ✍️
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𝑨 𝑫𝒊𝒂𝒓𝒚 𝒐𝒇 𝑼𝒏𝒔𝒂𝒊𝒅 𝑾𝒐𝒓𝒅𝒔. 𝑺𝒐𝒎𝒆 𝑺𝒕𝒐𝒓𝒊𝒆𝒔 𝑵𝒆𝒗𝒆𝒓 𝑬𝒏𝒅. 🌙✍️
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एक शहर हो, जहाँ बस
तुम और मैं हों। 🌙
ना कोई बंधन हो,
ना ही कोई जात-बिरादरी की दीवारें हों।
हवाओं में इश्क़ हो,
सामने बेइंतहा समंदर हो। 🌊🤍
तुम्हारी बेबाक-सी मोहब्बत हो,
और मेरी बाँहों में
तुम्हारी बाँहें हों। 🫂🥀
काश कहीं ऐसा
एक शहर हो... ❤️🩹✨
ㅤㅤㅤㅤㅤㅤ— 𝒀𝒂𝒔𝒉 ✍🏻🖤
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साँसें तो चलती रहती हैं शहर की भीड़ में,
बस वो मुस्कुराने वाला शख़्स कहीं छूट जाता है।"
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❖ कुछ अधूरी बातें ❖
कभी ख़ुद से भी मिलना हो, तो तन्हाई में आ जाना,
बहुत कुछ कह नहीं पाए, तो ख़ामोशी में आ जाना।
जिन्हें हम उम्र भर अपना समझकर साथ चलते थे,
अगर वो दूर हो जाएँ तो उनकी याद में आ जाना।
किसी के लौट आने की उम्मीदें छोड़ दी हमने,
मगर दिल कहता है अब भी, कभी बरसात में आ जाना।
हमारे पास खोने को बचा ही क्या है अब आख़िर,
जो कुछ था दे दिया तुमको, कभी एहसास में आ जाना।
न शिकवा है, न कोई ख़त, न मिलने की तमन्ना है,
मगर जब दर्द बढ़ जाए, मेरे अल्फ़ाज़ में आ जाना।
ये दुनिया भूल जाएगी हमारे बीच की बातें,
मगर तुम याद रखना बस, कभी मेरी दुआ बन जाना।
⸻ ✍️ 𝐈𝐍𝐃𝐑𝐀 ❦
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*मत कर वादा आखिरी पल तक साथ चलने का*
*हमारे "रीति रिवाजों " में औरते शमशान तक नहीं जाया करती..!!*
😢😢
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वह आए तो बस एक लम्हे को, मगर ज़माने को भुला कर आए, 🌙✨
न कोई ख़ौफ़-ए-जुदाई हो, न कोई शिकवा-ए-गुज़श्ता साथ लाए।
ख़ामोशियाँ ही रहें दरमियाँ, और सब गुफ़्तगू हो जाए, 🤫
वह साया बनके ठहरे, और मैं पलकें झुका कर सो जाऊँ। 😴💤
न अह्द-ए-वफ़ा की तलब हो, न ता-उम्र के वादे हों, 🕰️💍
वो जब हाथ थामे, तो बस मेरा ही होकर नज़र आए। 🤝💕
मैं रूठूँ तो मना ले मुझे अपनी ख़ामोश निगाहों से,
वह आख़िरी ही सही, पर एक मुकम्मल याद बन जाए। 📜🥀
ᴡʀɪᴛᴇʀ×ʀᴇᴋʜᴀ ✍️
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🌅 Good Morning, Midnight Family! ☕✨
Monday aa gaya… 😭😂
Ab weekend ki yaadon ko side karo aur week ki nayi शुरुआत karo. 💪🖤
Have a productive Monday! 🌸
Keep smiling & have a beautiful day ahead. 🤍🌙
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🌙 Good Night, Midnight Family! 🖤
दिनभर की थकान अब यहीं छोड़ दीजिए,
कुछ देर ख़ुद के लिए भी सुकून चुनिए। 🤍
और हाँ… 😂
सोने से पहले फोन रख देना,
क्योंकि नींद तो कब की आ चुकी है—
बस हमारी “एक आख़िरी रील” वाली आदत नहीं गई! 😭📱
दुआ है आज की रात
आपके हिस्से ढेर सारा सुकून लाए,
और सुबह एक प्यारी-सी मुस्कान के साथ हो। ✨
Good Night & Sweet Dreams! 🌌🖤
— 𝐈𝐍𝐃𝐑𝐀 🖤
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❖ वो जो चले गए... ❖
कभी किसी को अपना कहकर पुकारा था,
उसी नाम में मैंने जहाँ सारा उतारा था।
वो हँसते रहे मेरी हर ख़ामोश दुआ पर,
मैंने हर दर्द भी मुस्कुराकर ही गुज़ारा था।
वक़्त बदला...
तो लहजे भी बदलते चले गए,
जो कल तक मेरे थे,
वो भी सँभलते चले गए।
मैं वहीं खड़ा रहा
उसी मोड़, उसी राह पर,
और वो किसी और की
मंज़िल में ढलते चले गए।
मैंने रिश्तों को
दिल की किताब समझा,
उन्होंने पन्नों की तरह
मुझे बदलते देखा।
मैंने वफ़ा को
इबादत का नाम दिया,
उन्होंने मोहब्बत को
बस एक अंजाम दिया।
अब न शिकवा है,
न किसी से सवाल है,
जो बचा है मेरे पास,
बस ख़ामोशियों का मलाल है।
कभी मेरी कमी
उन्हें भी महसूस होगी,
यही सोचकर हर रात
आँख फिर भी नम होगी।
मगर तब तक...
मैं किसी दुआ में नहीं,
किसी याद में रह जाऊँगा...
वो मुझे ढूँढेंगे शायद,
और मैं...
सिर्फ़ अल्फ़ाज़ बनकर
किसी किताब में रह जाऊँगा... 🖤
✍️ 𝑰𝒏𝒅𝒓𝒂 🥀
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सुकून मिलता है ,तुम्हारी आवाज सुनकर..!!
*वर्ना शोर तो बहुत है दुनिया में....!!!!*
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दिल में बहुत दर्द है, पर खुद को संभालना है 😔💔,
अब इस टूटते अहसास को अकेले ही ढालना है 🌧️।
जो थोड़ा सा करीब आकर दूर जा रहा है मुझसे,
उसके जाने का जख्म... मुझे उम्र भर संभालना है 🥀⏳।
ᴡʀɪᴛᴇʀ×ʀᴇᴋʜᴀ ✍️
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╔═══════════════════════ ❖ ═══════════════════════╗
❖ ग़ज़ल ❖
किसे अपना कहा हमने, किसे अपना बना बैठे,
उसी की बेरुख़़ी को हम मुक़द्दर का लिखा समझे।
हमें मालूम था आख़िर सफ़र तन्हा ही होना है,
मगर फिर भी किसी के साथ चलने की दुआ समझे।
न जाने कितने चेहरे उम्र भर मिलते रहे हमसे,
मगर इक मुस्कुराहट को ही दुनिया की वफ़ा समझे।
बड़ी मासूम थी चाहत, बड़ा नादान था दिल भी,
जो पत्थर को छुआ हमने, उसे धड़कन-भरा समझे।
अब इतनी देर से जागे कि नींदें रूठ बैठीं हैं,
जो बीता लौट आएगा, यही झूठी अदा समझे।
न शिकवा है किसी से अब, न कोई इल्तिज़ा बाक़ी,
जो टूटकर भी मुस्कुराए, बस उसी को हम ख़ुदा समझे।
❦═════✦═════❦
✍️ 𝐈𝐍𝐃𝐑𝐀
❦═════✦═════❦
╚═══════════════════════ ❖ ═══════════════════════╝
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हमें मत समझाइये
मायने इश्क़ के जनाब
जो आप किताब पढ़ रहे है
वो मेरी लिखी हुई है..
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🌙 "किसी के पास रहना हो, तो थोड़ा दूर रहना चाहिए।"
— जौन एलिया
मगर जौन साहब...
कितना दूर? 🖤
इतना दूर कि उसकी ख़बर
सिर्फ़ लोगों से मिले?
इतना दूर कि उसकी हँसी की आवाज़
याद रहे...
मगर चेहरा धीरे-धीरे
धुँधला पड़ जाए? 🥀
इतना दूर कि नज़र ही न आए?
या इतना पास भी नहीं,
कि उसकी क़द्र ही ख़त्म हो जाए?
इतना दूर कि मोहब्बत ज़िंदा रहे,
मगर उम्मीदें बोझ न बन जाएँ। 🤍
इतना दूर कि याद हर रोज़ आए,
मगर आवाज़ देने का
हक़ न बचे...
तो बताइए, जौन साहब...
मोहब्बत को बचाने के लिए
आख़िर कितना दूर रहना चाहिए?
...कि मोहब्बत ही न मर जाए। 🌙🥀
ㅤㅤㅤㅤㅤㅤ— ʏᴀꜱʜ 🖤
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साँसें तो चलती रहती हैं, पर धड़कनों में वो बात नहीं होती 🌬️,
आँखें तो खुली रहती हैं, पर ख़्वाबों से मुलाक़ात नहीं होती 😴।
हादसे सिर्फ़ जिस्म को नहीं तोड़ते,
कुछ हादसे रूह को ख़ामोश कर जाते हैं 🤐।
चलते फिरते तो नज़र आते हैं लोग,
पर अंदर से ना जाने कब के ढह जाते हैं 🏚️।
न कोई शिकायत, न कोई मलाल बचता है,
बस एक अजीब सा ख़ालीपन साथ चलता है 🍂।
ज़िंदगी गुज़र तो रही है रोज़ की तरह,
पर अब जीने का वो शौक़ नहीं रहता... 🥀
कुछ हादसों के बाद इंसान मरता नहीं है,
बस ज़िंदा नहीं रहता... 🌑
ᴡʀɪᴛᴇʀ×ʀᴇᴋʜᴀ
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🌸 Good Morning! ☀️
नई सुबह नई उम्मीदें लेकर आई है।
मुस्कुराइए, खुश रहिए और आज का दिन बेहतरीन बनाइए। 🌿✨
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0 Rᴇᴘᴏʀᴛs ᴀʀᴇ Bʟᴏᴄᴋᴇᴅ ʙʏ @teleprotectorbot
101 Cʜᴀɴɴᴇʟs ᴀʀᴇ Sᴀᴠᴇᴅ Fʀᴏᴍ Rᴇᴘᴏʀᴛs ɪɴ Lᴀsᴛ 24 Hᴏᴜʀs
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❖ कुछ लोग अधूरे नहीं... अधूरा कर जाते हैं ❖
कभी किसी को
अपनी दुनिया बनाकर देखना,
फिर उसी दुनिया को
ख़ामोशियों में बिखरते देखना।
पहले बातें
हर शाम का उजाला थीं,
आज वही यादें
हर रात का अँधेरा हैं।
पहले इंतज़ार में
सुकून की ख़ुशबू आती थी,
आज उसी इंतज़ार में
तन्हाई की धूल उड़ती है।
हमने चाहा था
साथ उम्र भर का,
उन्हें मंज़ूर था
बस वक़्त भर का।
हम दिल लिखते रहे,
वो हिसाब लिखते रहे।
हम दुआ बनाते रहे,
वो विदा सुनाते रहे।
आख़िर में समझ आया...
मोहब्बत हारती नहीं,
बस...
जिस दिल में ठहरती है,
उसे ख़ामोश कर जाती है।
और फिर...
कुछ लोग
ज़िंदगी से नहीं जाते,
मगर...
ज़िंदगी को
पहले जैसा भी नहीं रहने देते... 🖤
✍️ 𝑰𝒏𝒅𝒓𝒂 🥀
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मेरी अर्थी को
कंधा अवश्य देना... ⚰️🖤
मुझे अग्नि को सौंपने से पूर्व,
एक बार मेरे समीप आना... 🍂
इतने निकट...
कि यदि मेरी पलकों में
तुम्हारा प्रतिबिंब कहीं शेष हो,
तो वह भी
तुम्हारे साथ चला जाए... 🤍
जब अग्नि
मेरे नाम, मेरी देह,
मेरी समस्त स्मृतियों को
एक-एक कर भस्म करने लगे... 🔥
तब लोग
अपनी आँखें फेर लेंगे...
किन्तु तुम
मत फेरना। 🌙
देखना...
प्रेम
अंततः किस रंग में
जलता है... 🖤🔥
— यश ✍️🖤
