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𝑴𝒊𝒅𝒏𝒊𝒈𝒉𝒕 𝑫𝒊𝒂𝒓𝒚 ✍️

𝑴𝒊𝒅𝒏𝒊𝒈𝒉𝒕 𝑫𝒊𝒂𝒓𝒚 ✍️

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𝑨 𝑫𝒊𝒂𝒓𝒚 𝒐𝒇 𝑼𝒏𝒔𝒂𝒊𝒅 𝑾𝒐𝒓𝒅𝒔. 𝑺𝒐𝒎𝒆 𝑺𝒕𝒐𝒓𝒊𝒆𝒔 𝑵𝒆𝒗𝒆𝒓 𝑬𝒏𝒅. 🌙✍️

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🌌 Good Night, Midnight Family! 🖤 आज जो अच्छा था, उसे याद रखिए, जो बुरा था, उसे रात के हवाले कर दीजिए। हर बात का जवाब आज मिलना ज़रूरी नहीं— कुछ चीज़ों को वक़्त पर छोड़ देना भी सुकून है। 🤍✨ अब फोन थोड़ा दूर रखो… 😂📱 क्योंकि “आख़िरी रील” का ये सिलसिला अक्सर सूरज निकलने तक चलता है! 😭 ईश्वर करे आज की रात आपकी सारी थकान अपने साथ ले जाए, नींद सुकून की हो, ख़्वाब प्यारे हों, और सुबह दिल हल्का-सा मुस्कुराए। 🌙✨ Good Night & Sweet Dreams, Family! 🖤🌌

❖ अपने ही घर से बिछड़ा हुआ ❖ वो लड़का कहीं खो गया है, अपने ही घर से बिछड़ गया है, जिस आँगन में कभी हँसा करता था, उसी आँगन से आज चुपचाप निकल गया है। उसे किसी से कोई शिकायत नहीं थी, बस थोड़ी-सी मोहब्बत चाहिए थी, अपनों के दो मीठे बोल, और उनके बीच थोड़ी-सी जगह चाहिए थी। पर उसी घर ने उसे इतना पराया कर दिया, कि उसने अपना होना ही भुला दिया, वो अपनों के बीच अपनापन ढूँढ़ता रहा, और आख़िर में ख़ुद को ही पीछे छोड़ आया। आज भी कहीं कोई उसे पुकारता होगा, तो उसका दिल वहीं ठहर जाता होगा, मगर लौटकर जाए भी तो किसके पास— जिस घर ने उसे ठुकराया, वही अब उसे अपना कैसे कह पाएगा। वो दुनिया की भीड़ में खोया नहीं है, बस अपनों की कमी में बिखरा हुआ है, जिसे अपने परिवार से सिर्फ़ प्यार चाहिए था, वही आज अपने ही परिवार से दूर खड़ा है। — 𝐈𝐧𝐝𝐫𝐚 🖋️🌸

मुझे नहीं चाहिए भीड़ दुनिया भर की, मेरे लिए काफी है मेरा कमरा,,,, *कुछ किताबें, कुछ पुराने गाने, कुछ अधूरे पूरे ख्वाब.....❣️🌻*

तस्वीर उनकी देखी तो चाहत उभर गई, रुख़ पर उनके महबूब की रंगत निखर गई। मेहंदी, जोड़ा, वो मंज़र शादी का याद आया, आँखों से अश्क़ छलके, ज़िंदगी बिखर गई। उन्हें तो बस अपना ही दर्द दिखता रहा, हमारी तन्हाई तो ख़ामोशी में ही मर गई। ᴡʀɪᴛᴇʀ×ʀᴇᴋʜᴀ

0 Rᴇᴘᴏʀᴛs ᴀʀᴇ Bʟᴏᴄᴋᴇᴅ ʙʏ @teleprotectorbot 416 Cʜᴀɴɴᴇʟs ᴀʀᴇ Sᴀᴠᴇᴅ Fʀᴏᴍ Rᴇᴘᴏʀᴛs ɪɴ Lᴀsᴛ 24 Hᴏᴜʀs

*सुनों लड़कीं,,* *तुम दूर जाने में भले माहिर हो...*💔 *मगर हम भी याद आने की काबिलियत रखते हैं!!*💪

मोहब्बत से दूर... तेरे बाद रहा... 🥀 मैं जहाँ भी रहा, बरबाद रहा... 🖤 तुझसे बिछड़े एक और साल गुज़रने को है... 🌙 तुझको भूलने में अब तक मैं नाकाम रहा... ❤️‍🩹 ㅤㅤㅤㅤㅤㅤ— Unknown ✍🏻🖤

तीसरे शख्स की बातों से दिल को चुभ रहे हैं कांटे,🥀 मजबूरी तो देखो, उनके लबों से ग़ैरों के किस्से हम ही हैं बांटे।💔 𝘞𝘳𝘪𝘵𝘦𝘳×𝘙𝘦𝘬𝘩𝘢✍️

0 Rᴇᴘᴏʀᴛs ᴀʀᴇ Bʟᴏᴄᴋᴇᴅ ʙʏ @teleprotectorbot 579 Cʜᴀɴɴᴇʟs ᴀʀᴇ Sᴀᴠᴇᴅ Fʀᴏᴍ Rᴇᴘᴏʀᴛs ɪɴ Lᴀsᴛ 24 Hᴏᴜʀs

जिसने दर्द नहीं देखा उसे दर्द का कोई अफ़साना मालूम नहीं, उसकी आँखों ने कोई मातम देखा नहीं। फिर भी जब कोई ख़ामोश हो जाता है, वो उसके पास ठहरता है— बिना कुछ पूछे। उसे नहीं मालूम बिखरने के बाद इंसान कैसा होता है, मगर वो हर बिखरे हुए शख़्स में ख़ुद को थोड़ा-सा तलाशता है। उसने ज़ख़्म नहीं सहे, इसलिए शायद ज़ख़्मों की नुमाइश भी नहीं करता— बस इतना जानना चाहता है कि दुनिया में कोई इतना बेबस क्यों है जबकि उसके हिस्से में अभी तक कोई दर्द आया ही नहीं। शायद इंसान होने का मतलब यही है— हर दर्द अपना न हो, फिर भी किसी के दर्द के सामने दिल अपना-सा हो जाए। — Indra

*दुनियां मुझे अच्छा बनाने पर तुली है,,* *और एक तुम हो कि बुरा बताने में कोई कसर नही छोड़ रही!!*

𝑻𝒖𝒎𝒉𝒂𝒓𝒂 𝒛𝒊𝒌𝒓 𝒋𝒂𝒃 𝒍𝒂𝒕𝒊 𝒉𝒂𝒊 𝒅𝒖𝒏𝒊𝒚𝒂, 𝑻𝒖𝒎𝒉𝒂𝒓𝒂 𝒛𝒊𝒌𝒓 𝒋𝒂𝒃 𝒍𝒂𝒕𝒊 𝒉𝒂𝒊 𝒅𝒖𝒏𝒊𝒚𝒂, 🥀 𝑴𝒖𝒔𝒂𝒍𝒔𝒂𝒍 𝒃𝒐𝒍𝒕𝒊 𝒋𝒂𝒕𝒊 𝒉𝒂𝒊 𝒅𝒖𝒏𝒊𝒚𝒂... 🌙 𝑴𝒂𝒊𝒏 𝒖𝒔 𝒔𝒉𝒂𝒕𝒓𝒂𝒏𝒋 𝒌𝒂 𝒑𝒚𝒂𝒂𝒅𝒂 𝒉𝒐𝒐𝒏, 𝒋𝒊𝒔𝒎𝒆𝒊𝒏 𝒕𝒖𝒎𝒉𝒂𝒓𝒆 𝒔𝒂𝒂𝒕𝒉 𝒎𝒂𝒓 𝒋𝒂𝒂𝒕𝒊 𝒉𝒂𝒊 𝒅𝒖𝒏𝒊𝒚𝒂... ❤️‍🩹🖤 ㅤㅤㅤㅤㅤㅤ— प्रशांत भैया ✍🏻🥀

तोहफ़े और हीरे बस नज़रों को भाते हैं, 💎 सच्चे हमसफ़र ही दिल को सुकून दिलाते हैं।🤝 उम्र भर का सफ़र हो और तेरा साया हो,🌿 इससे बड़ी कोई मंज़िल हमने कहाँ चाही है।✨ ᴡʀɪᴛᴇʀ×ʀᴇᴋʜᴀ✍️

0 Rᴇᴘᴏʀᴛs ᴀʀᴇ Bʟᴏᴄᴋᴇᴅ ʙʏ @teleprotectorbot 611 Cʜᴀɴɴᴇʟs ᴀʀᴇ Sᴀᴠᴇᴅ Fʀᴏᴍ Rᴇᴘᴏʀᴛs ɪɴ Lᴀsᴛ 24 Hᴏᴜʀs

सावन का आख़िरी सोमवार है, दिल में आज भी तेरा इंतज़ार है। ❤️ भोलेनाथ से माँगा है तुझे उम्रभर, क्योंकि तू ही मेरा सबसे खूबसूरत प्यार है। 🕉️🌿❤️

✨ 𝐘𝐚𝐬𝐡 𝐊𝐢 𝐃𝐢𝐚𝐫𝐲 🖤 क्या एक ही चीज़ आपके जीने और टूटने का कारण हो सकती है...? हाँ, बिल्कुल हो सकती है। 🥀 मुझे ज़िंदा रखती हैं उसकी यादें, मुझे अंदर से तोड़ देती हैं उसकी यादें। 💔 मुझे सुकून देती हैं उसकी यादें, मुझे गुमसुम कर देती हैं उसकी यादें। 🌙 मैं मुस्कुराऊँ सोचकर उसकी यादें, मैं रो पड़ूँ सोचकर उसकी यादें। 🥺 मुझे परेशान करती हैं उसकी यादें, फिर भी मुझे खुश रखती हैं उसकी यादें। ❤️‍🩹 शायद उसको याद करते-करते ही मेरा ये जीवन उसके बगैर निकल जाएगा... 🍂 ख़ैर... मेरे ये फ़िज़ूल ख़याल। 🖤 — 𝐘𝐚𝐬𝐡 ✍🏻

हासिल करने की चाहत का सफ़र ख़त्म हुआ, 🛤️ अपने ही एक टुकड़े से आज रिश्ता ख़त्म हुआ। 💔 जिन पत्थरों में तुम्हें अब कोई नमी नहीं दिखती, समझो उनकी आँखों का आख़िरी दरिया भी ख़त्म हुआ।। 🌊 ᴡʀɪᴛᴇʀ×ʀᴇᴋʜᴀ

0 Rᴇᴘᴏʀᴛs ᴀʀᴇ Bʟᴏᴄᴋᴇᴅ ʙʏ @teleprotectorbot 708 Cʜᴀɴɴᴇʟs ᴀʀᴇ Sᴀᴠᴇᴅ Fʀᴏᴍ Rᴇᴘᴏʀᴛs ɪɴ Lᴀsᴛ 24 Hᴏᴜʀs

शहर रौशन बहुत है, मगर दिलों में अँधेरा है, हर कोई अपने ही मतलब का बसेरा है। अब रिश्ते भी हैसियत देखकर बनाए जाते हैं, गरीब के हिस्से में अक्सर फ़ासले आते हैं। सच कहने वाला यहाँ ख़ुद कटघरे में खड़ा है, झूठ बोलने वाला भीड़ में सबसे बड़ा है। चेहरों पर मुस्कानें हैं, भीतर सौ सवाल हैं, लोग खुश कम, खुश दिखने में ज़्यादा बेहाल हैं। किसी के गिरने पर तमाशा बहुत मिलता है, हाथ बढ़ाने वाला मगर मुश्किल से मिलता है। अजीब दौर है—इंसानियत किताबों में महफ़ूज़ है, और ज़िंदगी में उसकी तलाश अब भी जारी है। रचनाकार — Indra

मैं किसी को ख्वाब दिखा कर तन्हा नहीं छोड़ता *मैं जानता हूं रातों में नींद ना आने पर कितनी तकलीफ होती है !!*😢