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बिखरते आसमान को शीशी में कौन ढालेगा
जिसने सबको संभाला हो, उसे आखिर कौन संभालेगा .... 🥂
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तेरी मुश्किल न बढ़ाऊॅंगा चला जाऊॅंगा
अश्क आँखों में छुपाऊॅंगा चला जाऊॅंगा
अपनी दहलीज़ पे कुछ देर पड़ा रहने दे
जैसे ही होश में आऊॅंगा चला जाऊॅंगा!
~हसन
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तुम स्मृति बन सकते हो मेरी
मगर अब मेरा संसार नहीं ...
विरह मंज़ूर है मुझे
मगर अब प्रेम स्वीकार नहीं ❤️
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वो फ़िकर ही नहीं करती उसके शर्ट के टूटे बटन की ....
मैंने सुना है
वो उसके बालों में हाथ भी नहीं फेरती
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ज़रा सा समझाया ज़माना मैंने ,
ज़रा सी निभायी मोहब्बत और उसे फरेबी बना दिया ,
मैंने सिखायी समझदारियां उसे ,
मैंने शायर को शराबी बना दिया ....😮💨
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कुदरत की नायाब नुमाइश है वो
काश कि उम्दा उसकी सीरत भी होती ,
खूबसूरत ख़्वाब कुछ और देखे थे मैंने
काश कि वैसी हकीकत भी होती .... 🌊
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तुम जो अब लौट कर आए हो .....
मगर...
रहोगे कहां ?
दिल तो तोड़ दिया था ना तुमने ... 🙂
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वक्त ने भर दिए कुछ ज़ख्म
और यादें भी अब कम खलती है
मगर किताबों पे धूल जमने से कहानियां कहां बदलती है।। 🍁
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हकीकत बने तू ज़रा, अब मुझे ना कोई वहम चाहिए
ना फूल , ना किताबें , ना ढलता सूरज , ना चढ़ता चंद्रमा
मुझे तुम चाहिए .... 🥺
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किस्मत की जीत का फ़ैसला था सबका , मन की हार का किसी ने सोचा ही नहीं
कहानी की परवाह रही हर किसी को , किरदार का किसी ने सोचा ही नहीं .... 🍂
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उसे लगता है जब चाहेगा , लौट आयेगा किरदार में ,
उसे मालूम ही नहीं कि कहानी ख़त्म हो चुकी है.... 🍂
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वो जादू , वो जज़्बात , वो सुकून , वो सिलसिला ही नहीं
किताबें लिखीं है जिस प्यार पे , वो तो खैर , मिला ही नहीं .... 🤷♀
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हर शाम एक बदला हुआ किस्सा ,
हर सुबह एक नई कहानी है ,
ये सितम्बर , ये सुकून , ये सर्द इश्क
कुछ मुझपे खुमार है उसका , कुछ मौसम की मेहरबानी है ।। ☘
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