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ख्वाइश-ए-वफ़ा शहर से निकली तो गांव गांव चली
कुछ यादें संग मेरे हर ओर पांव पांव चली
धूप में बिताए को कुछ पल तो समझ आया
वो ज़िन्दगी ही क्या , जो छांव छांव चली ❤️✨
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किसी का आना और जाना , अब मुझे ज़्यादा हैरान नहीं करता
तेरे जाने कुछ यूं सम्भल चुका है मेरा दिल कि
अब किसी के भी जाने से कोई फ़र्क नहीं पड़ता ।। 🤧🙂
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ख्वाहिशें त्याग दी सब , निष्काम बनने के लिए
'राम' को बहुत कुछ सहना पड़ा , ' श्री राम ' बनने के लिए ❤️
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निकले थे घर से ख़ाली दिल लिए
सिखाया कुछ रास्तों ने , कुछ लगी ठोकरें
और हम चलते चले गये
मां के पास खरोंच की भी आदत न थी
वक्त ने दिए ज़ख्म ऐसे ,
और हम दर्द में भी ढलते चले गये
एकदम से आसमां बदला ज़मीं बदली
कुछ गिरे , कुछ उठे , कुछ देखा , कुछ सीखा
नए से ज़माने में , पुराने से हम
बस संभलते चले गये
मंजिलों के इस सफ़र में हम बदलते चले गए
सिखाया कुछ रास्तों ने , कुछ लगी ठोकरें
और हम चलते चले गये 🐣🌸
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तुम मुझसे मुझसा निभा के तो देखो
यकीं मानो इश्क हो या दोस्ती
मैं जान तक देने वाली लड़की हूं 🫠
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धड़कन संभालूं या सांसे काबू में करूं
तुम्हे नज़र भर देखने में आफ़त बहुत है 🤧🫠
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यकीन हो रहा है तुम्हे बातों से इश्क़ होने में
या मैं फ़िर से कुछ बताना शुरू करूं ? 🥲😁
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तुमसे एक बार मिली नज़रों की कदर इस कदर है मुझे
सिवा चांद के मेरी नजरें किसी की ओर उठाना भी गुनाह समझूं मैं .... 🫠
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तुम black पहनते हो , मुझे फिर से प्यार हो जाता है
तुम मुस्कुराते हो , मेरा फिर से इज़हार हो जाता है
इस बार मिलते हो तुम
मुझे अगली बार का इंतजार हो जाता है।। 🙊🥹😅
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आज महफ़िल में भी कैद होने का जी चाहता है
कल जिस दिल को आसमां में उड़ा संवारा था
तेरे आने से इश्क़ सीखा , तहज़ीब सीखी ,
तेरे जाने से ये दिल आवारा है ।। 💔
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मुश्किलें होंगी थोड़ी मगर मुमकिन तो होगा ही
आराम छोड़ो , तुम जलना तो शुरू करो
मंजिले खुद–ब–खुद मिलने आयेंगी
ख्वाबों के रास्ते पे तुम चलना तो शुरू करो।। 🩶🤗
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