1 132
订阅者
-124 小时
无数据7 天
+330 天
帖子存档
1 132
पुरुष भी थक जाते हैं...
बस कहना मुश्किल होता है पुरुषों के पास मायक़ा नहीं होता,
ना कोई ऐसा आंगन,
जहां वे निःसंकोच लौट सकें,
जहां कोई माथा चूमकर कहे - थक गए हो न ? थोड़ा आराम कर लो...!
वे चलते रहते हैं निरंतर, एक पुत्र, एक पति, एक पिता होकर, अपने कंधे पर ज़िम्मेदारी का बोझ लिए, पर कभी...
खुद के लिए ठहर नहीं पाते..!
~✅
1 132
एक तरकीब मिली मुझे रूठा खुदा मनाने की
जब मिली कुछ मोहलत मां के साथ मुस्कुराने की
बिन कुछ कहे दिल के हाल जताने की
भरी पलकें उसके गोद में सर रख सो जाने की
ज़रा सी बची जान , ये ज़िंदगी और सौ बातें ज़माने की
मैं एक पल में भूल जाऊं सब जो मुझे दो घड़ी मिले मां के साथ मुस्कुराने की ❤️
1 132
एक जैसे लग रहे हैं अब सभी चेहरे मुझे!
ये इंतिहा होश की है या बहुत नशे में हूँ!!
~🌼🩷
1 132
लफ़्ज़ों के कारवाँ में चमकता सा तेरा नाम...
जब भी लिखा उँगलियों में ख़ुशबू सिमट गई..!!
~सुप्रभात🖼️
1 132
मुस्कुराएं उनके साथ जो आज है ,
छोड़ गए लोगों का सोचना बेकार है
आज जिएं हर पल जी भर कर
भविष्य बिल्कुल निराधार हैं ।। 🌺
Pray for the souls of plane crash and medical college ❤️
1 132
बेखौफ़ सी रह जाती है ये दिल की बस्ती ...
कितने चुपचाप चले जाते हैं, जाने वाले ...!!
~📱📱
1 132
हालात मैंने इस से भी बद्तर देखें हैं अब इनसे मैं रो नहीं सकता ,
लाख सुकून दे तेरी बाहें , अब मैं चैन से सो नहीं सकता
यकीनन तू किरदार से भी बेहद खूबसूरत हैं ,
मगर ये अदायें अपने पास रख , मैं अब खो नहीं सकता ।। 🍂
1 132
हां मैं नहीं उम्र के आख़िर तक तेरे साथ के लिए
मगर जब भी तुम मेरे नाम से टकरा जाओगे ,
एक पल के लिए ठहर जायेगा दिल
तुम मुस्कुरा जाओगे ।। 😁❤️
1 132
बातों बातों में बिछड़ने का इशारा करके..
खुद भी बहुत रोया होगा वो हमसे किनारा करके!
~🌀
1 132
मुनासिब नहीं अब मेरा, तुझे मोहब्बत करना!
मैं पहले ही इश्क़ की, उम्रकैद काट रहा हूँ!
माना तेरी आँखों पर लिखें है फ़साने हज़ारों,
वक़्त रहते समझ गया, खुद को दोस्ती में बांट रहा हूँ!
~अभिराइट्स🤝❤️
1 132
तुझे मुझपे यकीन आने से रहा!
तू मुझे मोहब्बत का सच बताने से रहा!
मैंने अच्छे अच्छे दरख़्त भी झुकते देखे है,
मेरा पुराना रिश्ता मयखाने से रहा!
ज़िद की ज़िद है जिद पर भारी,
मैं अब किसी गैर के पास जाने से रहा!
इसे ही आखिरी मंजिल बना लूँगा!
अब मैं नया कारंवा बनाने से रहा!
हर ठोकर में मैं संभलता रहा हूँ,
यकीनन मेरा दुश्मन ये जमाना रहा!
बैठा हूँ मैं भी थाम हथेली तेरी,
कसम तेरी मैं भी घर जाने से रहा!
~अभि🩵
1 132
मंज़िलें मिलने पर किसी सफ़ल औरत के बालों में गजरे लगाना तुम ,
मुझे अंदाज़ा है कि मेरे हिस्से सिर्फ तुम्हारी ज़िम्मेदारियां आयेंगी... 🦋
