📑 7 अध्यायों के अंतर्गत सभी 39 धाराओं का क्रमानुसार विवरण
🔹 अध्याय - 1 : प्रारंभिक (धारा 1 व 2)
धारा 1: संक्षिप्त नाम, विस्तार (संपूर्ण भारत, जम्मू-कश्मीर सहित) व 1 अप्रैल 2010 से प्रारंभ।
धारा 2 (महत्वपूर्ण परिभाषाएँ):
समुचित सरकार (केंद्र + राज्य + UT)
बालक (6-14 वर्ष) व दिव्यांग बालक (6-18 वर्ष)
प्रारंभिक शिक्षा (कक्षा 1 से 8)
वंचित समूह व दुर्बल वर्ग (वार्षिक आय 2.50 लाख से कम)
अनुवीक्षण प्रक्रिया व कैपिटेशन शुल्क (डोनेशन) पर प्रतिबंध
🔹 अध्याय - 2 : निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (धारा 3 से 5)
धारा 3: 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निकटतम विद्यालय में निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (बहु-निःशक्तजन को घर पर शिक्षा)।
धारा 4: अनामांकित व ड्रॉप-आउट बच्चों का आयु के आधार पर उचित कक्षा में प्रवेश (जैसे: 6 वर्ष पर कक्षा 1, 13 वर्ष पर कक्षा 8) व विशेष प्रशिक्षण।
धारा 5: अन्य विद्यालयों में स्थानांतरण का अधिकार (टी.सी. तुरंत जारी करना)।
🔹 अध्याय - 3 : समुचित सरकार, स्थानीय प्राधिकारी और माता-पिता के कर्तव्य (धारा 6 से 11)
धारा 6: 3 वर्ष के भीतर बालक के आस-पास विद्यालय स्थापित करना।
धारा 7: वित्तीय जिम्मेदारी (सामान्य राज्यों में केंद्र:राज्य = 60:40, पहाड़ी/पूर्वोत्तर 8 राज्यों में = 90:10)।
धारा 8: समुचित सरकार के कर्तव्य (विद्यालय खोलना, आधारभूत सुविधा, गुणवत्ता, शिक्षक प्रशिक्षण आदि)।
धारा 9: स्थानीय प्राधिकारी के कर्तव्य (माइग्रेट बच्चों का प्रवेश, मॉनिटरिंग, शैक्षणिक कैलेंडर)।
धारा 10: माता-पिता या संरक्षक का कर्तव्य (बालक को शिक्षा केव अवसर दिलाना)।
धारा 11: पूर्व प्राथमिक शिक्षा (P.P. Education) की व्यवस्था (3 से 6 वर्ष के बालकों के लिए)।
🔹 अध्याय - 4 : स्कूल व शिक्षक के उत्तरदायित्व (धारा 12 से 28) - [सबसे बड़ा अध्याय]
धारा 12: स्कूलों के उत्तरदायित्व (निजी/विशेष श्रेणी स्कूलों की प्रवेश कक्षा में 25% सीटें दुर्बल/वंचित वर्ग के लिए निःशुल्क, फीस का पुनर्भरण सरकार द्वारा)।
धारा 13: प्रवेश के समय अनुवीक्षण प्रक्रिया (साक्षात्कार/छंटनी) व कैपिटेशन शुल्क पर प्रतिबंध (उल्लंघन पर 10 गुना तक जुर्माना)।
धारा 14: आयु का सबूत (जन्म प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज), प्रवेश के समय परीक्षा या शुल्क निषेध।
धारा 15: प्रवेश से इनकार नहीं (पूरे वर्ष प्रवेश, विस्तारित अवधि 6 माह)।
धारा 16: रोकने व निष्कासन का प्रतिषेध (संशोधन 2019 के तहत कक्षा 5वीं व 8वीं में नियमित परीक्षा व अनुत्तीर्ण होने पर पुनः अवसर)।
धारा 17: शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना (उत्पीड़न) पर प्रतिबंध व शिक्षक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई।
धारा 18: बिना मान्यता के विद्यालय का संचालन निषेध (जुर्माना: ₹1 लाख व प्रतिदिन ₹10,000)।
धारा 19 व 20: मानक व मान पूरे करना अनिवार्य; अनुसूची में संशोधन का अधिकार केवल केंद्र सरकार को।
धारा 21: विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) का गठन (15 सदस्य, 50% महिलाएँ, 75% अभिभावक)।
धारा 22: SMC द्वारा विद्यालय विकास योजना (SDP) तैयार करना।
धारा 23: शिक्षकों की न्यूनतम योग्यताएँ (NCTE द्वारा निर्धारित)।
धारा 24: शिक्षकों के कर्तव्य (समय पर आना, पाठ्यक्रम पूरा करना, प्रगति साझा करना)।
धारा 25: छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) \rightarrow प्राथमिक स्तर = 30:1 | उच्च प्राथमिक स्तर = 35:1।
धारा 26: शिक्षकों के रिक्त पद 10% से अधिक नहीं रखे जाएंगे।
धारा 27: गैर-शैक्षणिक कार्यों में प्रतिबंध (केवल 3 कार्य मान्य: चुनाव, 10-वर्षीय जनगणना, आपदा राहत)।
धारा 28: शिक्षक द्वारा प्राइवेट ट्यूशन/कोचिंग पर पूर्ण प्रतिबंध।
🔹 अध्याय - 5 : प्रारंभिक शिक्षा का पाठ्यक्रम (धारा 29 व 30)
धारा 29: पाठ्यक्रम व मूल्यांकन प्रक्रिया (राष्ट्रीय स्तर पर NCERT, राज्य स्तर पर SCERT; CCE मूल्यांकन पद्धति अपनाना)।
धारा 30: प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक प्राथमिक स्तर पर बोर्ड परीक्षा अनिवार्य नहीं; पाठ्यक्रम समाप्ति पर 'प्रारंभिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण-पत्र'।
🔹 अध्याय - 6 : बाल अधिकारों का संरक्षण (धारा 31 से 34)
धारा 31: बाल अधिकारों का संरक्षण (राष्ट्रीय/राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा)।
धारा 32: शिकायतों का निवारण (सर्वप्रथम स्थानीय प्राधिकारी के पास, 3 माह में निवारण)।
धारा 33: राष्ट्रीय सलाहकार परिषद का गठन (15 सदस्य, अध्यक्ष = केंद्रीय शिक्षा मंत्री, महिला 33%, कार्यकाल 2 वर्ष, कोरम 50%)।
धारा 34: राज्य सलाहकार परिषद का गठन (प्रावधान धारा 33 के समान)।