1 733
订阅者
-124 小时
+17 天
-830 天
帖子存档
।। श्रीहरि ।।
🌸 भगवान् केवल एक बात देखते है--वह मुझे चाहता है कि नहीं । फिर वह चाहे जिस वर्ण का, कुल का, पद का, स्थिति का, एवं योग्यता का व्यक्ति हो, भगवान् उसे स्वीकार कर लेते हैं ।
'सत्संग वाटिका के बिखरे सुमन' पुस्तक से, पृष्ठ-संख्या- १९, गीतावाटिका प्रकाशन, गोरखपुर
नित्यलीलालीन श्रद्धेय श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दारजी
दुर्भाग्य की रेखा को मिटाकर जो सौभाग्य प्रदान करता है वही तंत्र का मूल स्वरूप है।दीन,हीन एवं रंक भिक्षुक को भी अनन्त ऐश्वर्य देकर राजा बना देता है वही तंत्र की अनिवर्चनीय शक्ति है।दान,मान तथा सभी प्राप्तव्य पदार्थ को प्रदान करे उसी को तंत्र कहते हैं उसी विशिष्टत तंत्र शक्ति को अपनी तपस्या के प्रभाव से सुशोभित करने वाले तंत्रावतार गुरु देव निखिल को मैं भावपूर्ण ह्रदय से नमन करता हूं।
现已上线!2025 年 Telegram 研究 — 年度关键洞察 
