UPPCS / यूपी पी सी एस, RO/ARO
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إظهار المزيد📈 نظرة تحليلية على قناة تيليجرام UPPCS / यूपी पी सी एस, RO/ARO
تُعد قناة UPPCS / यूपी पी सी एस, RO/ARO (@onlypcs1) في القطاع اللغوي الهندية لاعباً نشطاً. يضم المجتمع حالياً 19 884 مشتركاً، محتلاً المرتبة 10 021 في فئة التعليم والمرتبة 21 323 في منطقة الهند.
📊 مؤشرات الجمهور والحراك
منذ تأسيسه في невідомо، حقق المشروع نمواً سريعاً وجمع 19 884 مشتركاً.
بحسب آخر البيانات بتاريخ 04 يوليو, 2026، تحافظ القناة على نشاط مستقر. خلال آخر 30 يوماً تغيّر عدد الأعضاء بمقدار 696، وفي آخر 24 ساعة بمقدار 32، مع بقاء الوصول العام مرتفعاً.
- حالة التحقق: غير موثّقة
- معدل التفاعل (ER): يبلغ متوسط تفاعل الجمهور 26.09%. وخلال أول 24 ساعة من النشر يحصد المحتوى عادةً 14.54% من ردود الفعل نسبةً إلى إجمالي المشتركين.
- وصول المنشورات: يحصل كل منشور على متوسط 5 182 مشاهدة. وخلال اليوم الأول يجمع عادةً 2 889 مشاهدة.
- التفاعلات والاستجابة: يتفاعل الجمهور بانتظام؛ متوسط التفاعلات لكل منشور يبلغ 18.
- الاهتمامات الموضوعية: يركز المحتوى على مواضيع رئيسية مثل भारत, 2026, परीक्षा, भर्ती, प्रदेश.
📝 الوصف وسياسة المحتوى
يصف المؤلف القناة بأنها مساحة للتعبير عن الآراء الذاتية:
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بفضل وتيرة التحديث المرتفعة (أحدث البيانات بتاريخ 05 يوليو, 2026) تحافظ القناة على حداثتها ومستوى وصول مرتفع. وتُظهر التحليلات تفاعلاً نشطاً من الجمهور، ما يجعلها نقطة تأثير مهمة ضمن فئة التعليم.
◾️उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्राधिकरण - 2005 ◾️उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन -1993 ◾️उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग का गठन - 1994 ◾️राज्य मानव अधिकार आयोग का गठन - 2002 ◾️राज्य सूचना आयोग का गठन - 2005 ◾️राज्य महिला आयोग का गठन - 2004 ◾️राज्य सुरक्षा आयोग का गठन - 2013#Impfacts #HEO #UPPCSpre #Lowerpcs
▪️मंत्रिमंडल के किसी सदस्य द्वारा लाया जाता है। ▪️किसी भी सदन में। ▪️पारित होने की संभावना अधिक।🔳 गैर सरकारी विधेयक(Non Govt Bill)
▪️मंत्रिमंडल के अतिरिक्त संसद के किसी भी सदस्य द्वारा। ▪️किसी भी सदन में। ▪️पारित होने की संभावना नगण्य। ▪️अब तक केवल 14 गैर सरकारी विधेयक ही कानून बने हैं।🔳 साधारण विधेयक
▪️संसद के किसी सदस्य द्वारा। ▪️किसी भी सदन में। ▪️राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं। ▪️एक सदन से पारित होने के बाद दूसरा सदन 6 माह तक अपने पास रख सकता है। ▪️6माह की अवधि में पारित न करने पर संयुक्त बैठक का प्रावधान। ▪️राष्ट्रपति इसे सहमति, असहमति या पुनर्विचार हेतु वापस भेज सकता है।🔳 संविधान संशोधन विधेयक
▪️किसी भी सदस्य द्वारा। ▪️किसी भी सदन में। ▪️राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं। ▪️विवाद की स्थिति में संयुक्त बैठक नहीं। ▪️एक सदन द्वारा पारित नहीं करने पर विधेयक समाप्त हो जाता है। ▪️दोनों सदनों में विशेष बहुमत से पारित। ▪️राष्ट्रपति को अपनी सहमति देनी होती है।#Impfacts #HEO #UPPCSpre #Lowerpcs
◾️2018 में 126 मार्क्स (94+ प्रश्न) ◾️2019 में 117 मार्क्स ( 88 प्रश्न) ◾️2020 में 110 मार्क्स (82+ प्रश्न) ◾️2021 में 115 मार्क्स (86+ प्रश्न) ◾️2022 में 111 मार्क्स (83+ प्रश्न) ◾️2023 में 125 मार्क्स (94 प्रश्न) ◾️2024 में 101 मार्क्स (76 प्रश्न) ◾️2025 में 122 से 125 ( 92-94 प्रश्न ) अनाधिकारिक
▪️अनुच्छेद 63 - भारत के उपराष्ट्रपति ▪️अनुच्छेद 64 - उपराष्ट्रपति का राज्यसभा का पदेन सभापति होना ▪️अनुच्छेद 65 - उपराष्ट्रपति को राष्ट्रपति के रूप में कार्य करना ▪️अनुच्छेद 66 - उपराष्ट्रपति का चुनाव ▪️अनुच्छेद 67 - उपराष्ट्रपति का कार्यकाल ▪️अनुच्छेद 68 - उपराष्ट्रपति के पद की रिक्ति को भरने के लिए चुनाव कराने का समय ▪️अनुच्छेद 69 - उपराष्ट्रपति द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान ▪️अनुच्छेद 70 - अन्य आकस्मिकताओ में राष्ट्रपति के कार्यों का निर्माण#Impfacts #HEO #UPPCSpre #Lowerpcs
◾️ 20 जून, 2024 को भर्तृहरि महताब को 18वीं लोक सभा का अस्थायी अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) नियुक्त किया गया। ◾️प्रोटेम स्पीकर का प्राथमिक कार्य नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाना और अध्यक्ष के चुनाव तक निचले सदन की अध्यक्षता करना है।🔳 प्रोटेम स्पीकर को लेके संविधान में क्या प्रावधान है
◾️संविधान में स्पष्ट रूप से 'प्रोटेम स्पीकर' शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है। ◾️ प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। ◾️राष्ट्रपति प्रोटेम स्पीकर को पद की शपथ दिलाते हैं। ◾️सदन के नए अध्यक्ष के चुने जाने के बाद प्रोटेम स्पीकर का पद समाप्त हो जाता है । नोट - लोक सभा के पहले प्रोटेम स्पीकर जी.वी. मावलंकर थे #Impfacts #HEO #UPPCSpre #Lowerpcs
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◽️भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत निर्वाचन आयोग के बारे में उपबन्ध किया गया है। ◽️भारत का निर्वाचन आयोग एक स्थायी संवैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना 25 जनवरी, 1950 को की गई थी (जिसे 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' के रूप में मनाया जाता है)। ◽️आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। इसका प्रमुख कर्तव्य स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करना है। ◽️वह संसद और राज्य विधानमण्डलों के प्रत्येक सदन के लिए तथा राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति पदों के लिए होने वाले सभी निर्वाचनों का अधीक्षण , निर्देशन , और नियंत्रण करता है। ◽️अनु. 324 (2) में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग में एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा कुछ अन्य निर्वाचन आयुक्त होंगे, जिनकी संख्या राष्ट्रपति समय-समय पर निर्धारित करेगा। ◽️चुनाव आयोग के सभी सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति संसद द्वारा इस सम्बन्ध में निर्मित कानून के अनुसार करता है। अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति होने की दशा में मुख्य निर्वाचन आयुक्त चुनाव आयोग का अध्यक्ष होता है। ◽️राष्ट्रपति चुनाव आयोग के परामर्श से आयोग को सहायता देने के लिए प्रादेशिक निर्वाचन आयुक्त नियुक्त कर सकता है।🔳 UPPSC द्वारा चुनाव आयोग से संबंधित पूछे गए प्रश्न
◾️भारत के प्रथम मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुकुमार सेन थे, जो बाद में अफ्रीकन देश सूडान के पहले मुख्य चुनाव आयुक्त भी बने। ◾️तीसरे मुख्य निर्वाचन आयुक्त के कार्यकाल से 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक वाली व्यवस्था व्यवहार में आई। ◾️श्रीमती रमा देवी एकमात्र महिला मुख्य निर्वाचन आयुक्त (कार्यवाहक) रही हैं। ◾️भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त, जिन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ा, श्री टी.एन. शेषन हैं। ◾️ चुनाव आयोग को पहली बार (1989 में) जब 'तीन सदस्यीय' बनाया गया तब भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त आर.वी.एस. पेरीशास्त्री थे। ध्यातव्य है कि दूसरी बार (1993 में) श्री टी. एन. शेषन मुख्य चुनाव आयुक्त थे।नोट 👉 निर्वाचन आयोग के सभी महत्वपूर्ण फैक्ट्स को देख के जाना क्यों कि पूछे जाने की संभावना 100% #Impfacts #HEO #UPPCSpre #Lowerpcs
प्रथम संविधान संशोधन(1951)नौवीं अनुसूची जोड़ी गई।
7वां संशोधन(1956)▪️लोकसभा के सदस्यों की संख्या में वृद्धि। ▪️दो या दो से अधिक राज्यों के लिए एक उच्च न्यायालय प्रावधान।
31वां संशोधन(1972)लोकसभा सीटें 525 से बढ़ाकर 545 कर दी गईं।
36वां संशोधन(1975)सिक्किम को भारत का पूर्ण राज्य बनाया गया।
39वां संशोधन(1975)राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति , स्पीकर और प्रधानमंत्री के चुनाव को चुनौती नहीं दी जा सकती।
42वाँ संशोधन 1976इस संशोधन के तहत भारतीय संविधान में तीन नए शब्द 'समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष एवं अखंडता' जोड़े गए।
44वें संशोधन अधिनियम 1978मौलिकअधिकारों की सूची से संपत्ति के अधिकार को हटा दिया। संपत्ति का अधिकार कोई मौलिक अधिकार नहीं है, केवल कानूनी अधिकार है।
52वां संशोधन(1985)दल-बदल विरोधी कानूनों का प्रावधान( नई दसवीं अनुसूची जोड़ी गई)
58वां संशोधन(1987)संविधान के प्राधिकृत हिन्दी पाठ को प्रकाशित करने हेतु।
61वां संशोधन(1989)मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई।
69वां संशोधन(1991)दिल्ली को 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली' का विशेष दर्जा दिया गया।
70वां संशोधन(1992)राष्ट्रपति चुनाव के लिए पांडिचेरी और दिल्ली विधायिका के सदस्यों को निर्वाचक मंडल में शामिल करने का प्रावधान ।
73वां संशोधन(1992)पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया।
74वां संशोधन(1992)शहरी स्थानीय निकायों को संवैधानिक दर्जा दिया गया।
86वाँ संशोधन(2002)प्रारंभिक शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया गया।
89वांँ संशोधन 2003अनुच्छेद 338-A के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन।
91वाँ संशोधन(2003)मंत्रिपरिषद में प्रधान मंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं होगी। #Impfacts #HEO #UPPCSpre #Lowerpcs
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