❣__ख़याल-ए-दिल__♥️
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चलो ना एक रिश्ता पक्का कर लेते हैं,
तुम्हारी सुबह का मेरी चाय के साथ...❤️🌹😊✍
सुप्रभात..🌻☺️
सुना था जैसे अपनो के बारे मे… .
वैसा कुछ नही होता… .
सब कहते मुँह पर अपने है… .
पिठ पिछे रंगत भी खोट है… .
मौहब्बत मे भी तोट है… .
किताबो कहानियो से जिंदगी अलग है… .
ये मारती भी नही… .
और जीने भी नही देती… .
@Sanaya_10_13✨
दफनाए हुए हसरतो का… .
केहेर होना चाहिए… .
ना चाहते हुए जुदा होने का… .
करा़र होना चाहिए… .
दिल के एक कोने मे कही बसा… .
वो ख्वाबो का कब्रिस्तान होना चाहिए… .
@Sanaya_10_13✨
•
हम रस्म नहीं जो एक बार हो
हम रिवाज हैं बस चलते रहेंगे...!!
❤️🇮🇳🤞
~ आजाद भगत सिंह
•
आज़ादीदो शब्दों के कहने से, आजादी नहीं मिली होगी। बहुओं की सेज उजड़ी होगी भाइयों की लाश सड़ी होगी। झांसी के मैदानों में , महारानी जंग लड़ी होगी। भगत सिंह की सेना में , धन की कमी पड़ी होगी। दो शब्दों के कहने से, आजादी नहीं मिली होगी। ऊधम सिंह ने उधम मचाया , नालों रक्त बहा होगा। सुखदेव की फांसी पर , मां ने दुःख सहा होगा । भारत के टुकड़े हों पहले, जिन्ना साहब कहां होगा। दो शब्दों के कहने से , आजादी नहीं मिली होगी। बाबा की कलम चली होगी, तात्या की लाश जली होगी। वायसराय लॉर्ड बेटन की , अंतिम रात रही होगी। गांधी की कमर झुकी होगी, लाल-बाल-पाल की सभा रुकी होगी। दो शब्दों के कहने से , आजादी नहीं मिली होगी। राजगुरु को बली हुई , आजाद को गोली लगी होगी। मेरे वतन के दरिंदों ने, टेडी चाल चली होगी। जलियांवाला कांड हुआ जब, कितनी गिर्वा कटी होगी। दो शब्दों के कहने से , आजादी नहीं मिली होगी। सागर गोपा की,चाम खिंची होगी, नाना की आंख मिची होगी। माताएं अश्रु धारा से , पत्थर पत्थर सींची होगी। दो शब्दों के कहने से , आजादी नहीं मिली होगी। कतरा कतरा खून दिया था , अरियों की ललकार पर । लालाजी ने प्राण भूखे थे , फिरंगियों की मार पर । आजादी के गीत सुने थे, अंग्रेजों की हार पर । दो शब्दों के कहने से , आजादी नहीं मिली होगी। 🇮🇳Independence Day🇮🇳
𝚳𐍂...MEET...✍🏻
🇮🇳15 अगस्त को सब भारतीय होंगे 16 अगस्त को सब अपनी अपनी जातियों में लौट जाएंगे...!!
🇮🇳
💌तेरे ख्वाबों में रहूँ तो ही निखर पाऊँगा, तू जो मुड़ जाए तो मैं भी बिखर जाऊँगा तू हवा बनके यूँ छू ले अगर रूह मेरी, मैं तेरी खुशबू में हर सू ही उतर जाऊँगा छूना मत दर्द को, जज़्बात बहुत नाज़ुक हैं, एक आह लगी तो मैं भी सिमट जाऊँगा रोक ले एक दफा, आज भी ये चाहत है, वरना खामोश सा मिट्टी में उतर जाऊँगा तेरी आँखों के किनारों पे जो ठहरा आँसू, उसकी हर बूँद में मैं बनके ठहर जाऊँगा मेरे अल्फ़ाज़ भी दरिया की तरह बहते हैं, तू जो चाहे तो ग़ज़ल बन के निखर जाऊँगा...!!
🌸
💌✍🏻
Happy रक्षाबंधनजिंदगी उजाड़कर,किसी बहन के भाई की तू किस मुँह से अपने भाई को राखी बांधेगी...?
खुदा से किस मुंह से अपने भाई की सलामती मांगेंगी 🤲
❤️🩹🤌
𝚳𐍂...MEET...✍🏻
🌸🙌🏻मैं जिसे ओढ़ता बिछाता हूं, वो ग़ज़ल आपको सुनाता हूं। —१ एक जंगल है तेरी आँखों में, मैं जहाँ राह भूल जाता हूं। —२ तू किसी रेल सी गुज़रती है, मैं किसी पुल सा थरथराता हूं। —३ हर तरफ एतराज़ होता है, मैं अगर रोशनी में आता हूं। —४ एक बाजू उखड़ गया जबसे, और ज़्यादा वज़न उठाता हूं। —५ मैं तुझे भूलने की कोशिश में, आज कितने करीब पाता हूं। —६ कौन ये फ़ासला निभाएगा, मैं फ़रिश्ता हूं, सच बताता हूं। —७
🙌🏻
🔥🔥
दुष्यंत कुमार त्यागी ✍🏻
💌
तुम गिला न करनालोग साथ छोड़ जाएंगे, तुम गिला न करना दिल भी तोड़ जाएंगे, तुम गिला न करना लंबा है जिंदगी का सफर, और सफर के दौरान बहुत सारे मोड़ आएंगे तुम गिला न करना खता करके खुद, वो हर एक खता से। नाम तुम्हारा जोड़ जाएंगे, तुम गिला न करना तोड़ भी दें अगर, वो तुम्हारे सपनों का महल तुम्हारी हिम्मत न तोड़ पाएंगे, तुम गिला न करना बस खुद पे और खुदा पे, रखना भरोसा कायम तुम्हारे वो इरादे न झुका पाएंगे, तुम गिला न करना लोग साथ छोड़ जाएंगे, तुम गिला न करना दिल भी तोड़ जाएंगे, तुम गिला न करना...!!
💌✍🏻
🌸🙌🏻🔥
🤌🏻✨
तुम ही मेरी पूरी दुनियां हो ये कहना वाजिब नहीं लगा मुझे क्यूंकि ये दुनियां उतनी सुन्दर नहीं है जितनी खूबसूरत .......तुम हो🌸✨
ये नफरतो का आशीयाना… .
बाहर से काफी खुशहाल सा दिखता है… .
हम नये थे यहा ये बडा अच्छा सा लगता था… .
तुम जो बद्दल गए ये चिडाता सा दिखता है… .
चलो ये तो तुम्हारे झुटी मौहब्बत का शहर है… .
हमे ही अपने शहर लौट जाना होगा… .
@Sanaya_10_13✨
