uz
Feedback
RAJASTHANI

RAJASTHANI

Kanalga Telegram’da o‘tish
1 017
Obunachilar
Ma'lumot yo'q24 soatlar
-97 kun
-2930 kun
Postlar arxiv
♦️बीसलदेव रासो — इसके लेखक नरपति नाल्ह हैं। इसमें अजमेर के चौहान शासक विग्रहराज IV (बीसलदेव) और उनकी रानी राजमती की प्रेम कहानी, उनके विरह और पुनर्मिलन का वर्णन है। यह मुख्य रूप से 'श्रृंगार रस' की रचना है जो राजस्थानी की 'गोडवाड़ी' बोली में लिखी गई है। ♦️खुमाण रासो — इसके लेखक दलपत विजय हैं। इस ग्रंथ में मेवाड़ के शासक बापा रावल से लेकर महाराजा राजसिंह तक के वंशक्रम और विशेष रूप से 'खुमाण' के युद्धों का वर्णन है। यह पिंगल शैली में रचित एक वीर रस प्रधान काव्य है। ♦️वेली कृष्ण रुक्मणी री — इसके रचयिता पृथ्वीराज राठौड़ हैं। बीकानेर के राजकुमार पृथ्वीराज राठौड़ ने इसकी रचना डिंगल भाषा में 'गागरोन दुर्ग' में की थी। इसे 'पाँचवाँ वेद' और '19वाँ पुराण' (दुरसा आढ़ा के अनुसार) कहा जाता है, जिसमें भगवान कृष्ण और रुक्मणी के विवाह का वर्णन है। ♦️राव जैतसी रो छंद — इसके लेखक बीठू सूजा (Beethu Suja) हैं। इसमें बीकानेर के शासक राव जैतसी और मुगल शासक हुमायूं के भाई कामरान के बीच हुए युद्ध (1534 ई.) और जैतसी की विजय का वर्णन है। यह डिंगल साहित्य की एक ऐतिहासिक रचना है जो बीकानेर के प्रारंभिक इतिहास पर प्रकाश डालती है। ♦️पृथ्वीराज रासो: इसके लेखक चंदबरदाई हैं। यह हिंदी और राजस्थानी साहित्य का एक अत्यंत महत्वपूर्ण महाकाव्य है। ♦️अचलदास खींची री वचनिका: इसके रचयिता शिवदास गाडण हैं, जिसमें गागरोन के शासक अचलदास और मालवा के सुल्तान के बीच युद्ध का वर्णन है। ♦️वंश भास्कर एवं वीर सतसई: ये दोनों प्रसिद्ध कृतियाँ राजस्थान के राज्य कवि सूर्यमल मिश्रण द्वारा लिखी गई हैं। ♦️मुहणोत नैणसी री ख्यात: इसके लेखक मुहणोत नैणसी हैं, जिन्हें 'राजस्थान का अबुल फजल' भी कहा जाता है। ♦️बातां री फुलवारी: यह विजयदान देथा (बिज्जी) की प्रसिद्ध रचना है, जो 14 खंडों में विभाजित है। ♦️पाथल और पीथल एवं धरती धोरां री: ये कालजयी कविताएँ कन्हैयालाल सेठिया द्वारा रचित हैं। ♦️वीर विनोद: इसकी रचना कविराजा श्यामलदास ने की थी, जिसमें मेवाड़ के इतिहास का विस्तृत वर्णन है। ♦️एनाल्स एंड एंटीक्विटीज ऑफ राजस्थान: इसके लेखक कर्नल जेम्स टॉड हैं, जिन्होंने राजस्थान के इतिहास को पहली बार क्रमबद्ध तरीके से लिखा। ♦️कान्हड़दे प्रबन्ध: इसके रचयिता पद्मनाभ हैं। ♦️ढोला मारू रा दूहा: यह कवि कल्लोल की प्रसिद्ध प्रेम गाथा है।  ♦️चेतावनी रा चूंगट्या: इस प्रसिद्ध रचना के लेखक केसरी सिंह बारहट हैं। यह मेवाड़ के महाराणा फतेह सिंह को दिल्ली दरबार में जाने से रोकने के लिए लिखे गए 13 सोरठे थे। ♦️हम्मीर महाकाव्य: इसके लेखक नयनचन्द्र सूरी हैं। यह रणथंभौर के शासक हम्मीर देव चौहान के गौरवशाली इतिहास पर आधारित है। ♦️मारवाड़ रा परगना री विगत: इसके रचयिता मुहणोत नैणसी हैं। इस ग्रंथ को 'राजस्थान का गजेटियर' भी कहा जाता है। ♦️राजस्थानी शब्दकोश: इसके निर्माण का श्रेय सीताराम लालस को जाता है। ♦️हाला झाला री कुण्डलियां: इस वीर रस की रचना के लेखक ईसरदास बारहट हैं। ♦️किरतार बावनी और विरुद्ध छत्तरी: ये दोनों प्रसिद्ध कृतियाँ दुरसा आढ़ा द्वारा लिखी गई हैं। ♦️रणमल छन्द: इसके रचयिता श्रीधर व्यास हैं। ♦️पद्मावत: हालांकि यह अवधी में है, लेकिन चित्तौड़ के इतिहास से जुड़ी इस महत्वपूर्ण कृति के रचयिता मलिक मोहम्मद जायसी हैं। ♦️कुवलयमाला: इस प्राचीन ग्रंथ के लेखक उद्योतन सूरी हैं। ♦️चेतावनी रा गीत एवं बांकीदास री ख्यात: ये बांकीदास आसिया की महत्वपूर्ण रचनाएँ हैं।

+2
हमारा राजस्थान कक्षा-06 भाग-01
New Edition 2026

+7
राजस्थान - एक परिचय.pdf

Repost from Study RAS™
दिनेश विश्नोई बाड़मेर (1st रैंक) VDO से SDM तक का सफर टॉपर RAS 2024
दिनेश विश्नोई बाड़मेर (1st रैंक) VDO से SDM तक का सफर टॉपर RAS 2024

☞ खिलाड़ी – शिक्षा सारण (बीकानेर)
खिलाड़ी – शिक्षा सारण (बीकानेर)

photo content

673774306_18462129985102981_9123333258683136039_n.webp.jpg1.03 KB

670418417_18462129973102981_7234738836935639490_n.webp.jpg1.12 KB

670652063_18462129964102981_5557353164789994836_n.webp.jpg1.36 KB

670648892_18462129955102981_995947419962618568_n.webp.jpg1.05 KB

670214835_18462129943102981_1260641959088647749_n.webp.jpg2.18 KB

670425195_18462129934102981_1341731969362256632_n.webp.jpg1.87 KB

670636041_18462129925102981_1447117442924347962_n.webp.jpg1.50 KB

672968154_18462129916102981_860309089996971456_n.webp.jpg1.38 KB

672468636_18462129907102981_6855966787179299680_n.webp.jpg1.26 KB

670296385_18462129898102981_4833621914689564209_n.webp.jpg1.54 KB

670214819_18462129889102981_8561645884328445785_n.webp.jpg1.33 KB

670245953_18462129880102981_9122151089639268323_n.webp.jpg1.86 KB

658914573_18462129871102981_263437691261966392_n.webp.jpg1.38 KB